जिस उत्तर भारत का कर रहे अपमान, सोनिया भी वहीं से सांसद: स्मृति ईरानी

कॉंग्रेस सांसद राहुल गाँधी के उत्तर और दक्षिण भारत की तुलना वाले बयान पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. राहुल गांधी का कहना है कि उनकी उत्तर भारत के लोगों से एक अलग प्रकार की राजनीति की आदत हो गई है. न्यूज़18 इंडिया से ख़ास बातचीत में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गांधी को उत्तर भारत के लोग बहुत खोखले लगते हैं. ईरानी ने कहा, एक कहावत है कि अंगुर खट्टे हैं लेकिन लोकतंत्र में एक नेता को जनता के प्रति इतनी घृणा है. एक लोकसभा क्षेत्र (अमेठी) की जनता ने बिना काम के भी राहुल गांधी के प्रति 15 साल तक उदारता दिखाई. उस लोकसभा क्षेत्र के लोगों का राहुल गांधी ने अपमान किया है।

ये पूछे जाने पर की क्या राहुल गाँधी के बयान की वजह स्मृति ईरानी हैं, उन्होने कहा, “मैं ये मानती हूँ की अगर आपके मन मे जनता के प्रति इतनी घृणा हो, इतनी नफ़रत हो तो क्या उसका कारण बीजीपी की एक उम्मीदवार बन सकती है? ये वो जनता है जिसने ग़रीबी झेली, ये वो जनता है जिसने अपने कॉंग्रेस की युवराज को 5 साल मे एक ही बार देखा और फिर भी इस जनता ने विश्वास किया राहुल गाँधी पर. और इस विश्वास के सहारे उसके परिवार को इस जनता ने बार-बार जीता कर भेजा. हां, चुनाव मे राहुल गाँधी हारे और उस हार का कारण सिर्फ़ राहुल गाँधी थे. जनता नही थी.”

उन्होने आगे कहा कि वायनाद भी राहुल गाँधी की पहली पसंद नहीं थी पर जब हार उनको साफ़ दिखी अमेठी मे तब वो भागे वायनाद. लेकिन वायनाद जा कर भी जनता को भ्रमित करने का निरंतर उन्होने काम किया.

कॉंग्रेस का आरोप है कि उत्तर और दक्षिण के बीच में विभाजन की राजनीति बीजीपी कर रही है क्योंकि राहुल गाँधी ने अपने बयान में ऐसा कुछ कहा ही नही.

इस पर स्मृति ईरानी ने कहा की ये विभाजन तो तब उत्पन्न हो गया था जब राहुल गाँधी ने स्वयं कहा की वो उत्तर भारत से छूट कर जब निकले हैं तो अपने आप को कितना फ्रेश महसूस कर रहे हैया. “और सिर्फ़ उत्तर-दक्षिण की फूट तक सीमित क्यों रहें? ये तो वो व्यक्ति है जिन्होने आसाम मे जा कर गुजरात पेर के व्यापारीओं के बारे मे अनाप शनाप बातें कही. ये आदि हो चुके हैं इस प्रकार की राजनीति करने के.”

स्मृति ईरानी ने भी राहुल गाँधी को अपने बयानों में एहसान फारमोश ठहरा दिया. इस पर स्पष्टीकरण देते हुए उन्होने कहा, “बार बार चुनाव मे जब वोट माँगने जाते थे तब जनता से कहते थे की वो उनका परिवार है. परिवार को कोई इस प्रकार से अपमानित करता है क्या? 15 साल अमेठी की जनता ने ऐसे सांसद को देखा जो गायब रहे. जो सत्ता मे रह कर भी जनता का विकास नई कर रहा था.

अमेठी की जनता ने एहसान काइया कॉंग्रेस के ऐसे नेता पर और ये एहसान चुकाने की बजाए अगर वो अपमानित करते हैं अमेठी की जनता को तो हां मेरी नज़रों में वो एहसान फारमोश हैं.”

स्मृति ईरानी के अनुसार राहुल गाँधी का बयान घर घर पहुँच गया है. उनका मानना है की एक नेता काम है की वो एक संविधान के नीचे सबको जोड़ के रखने की बात करे पर राहुल गाँधी एक ऐसे नेता हैं जो भारत के टुकड़े होने के नारे का समर्थन करते हैं.