परिवहन के साथ अन्य सुविधा भी हो रही है मुहैया

श्रमिकों, छात्रों एवं आम नागरिकों के प्रति मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध


      उज्जैन। राज्य शासन द्वारा कोरोना संकट के चलते श्रमिकों, छात्रों एवं अन्य नागरिकों को उनके गृह जिले में लाने के लिये निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार सभी जिलों के प्रशासकीय एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से व्यवस्थाएँ एवं आवश्यक इंतजाम किये गये हैं। सड़क मार्ग से आने वाले श्रमिकों के लिये परिवहन विभाग द्वारा आवश्यक बसों की उपलब्धता सुनिश्चित की है, वहीं प्रदेश सरकार ने विशेष ट्रेनों की व्यवस्था कर श्रमिकों को परिवहन की नि:शुल्क व्यवस्था उपलब्ध करवाई है।


      परिवहन विभाग द्वारा 22 अप्रैल से 15 मई तक प्रदेश भर में लगभग 11,300 वाहन विभिन्न जिलों में उपलब्ध करवाये गये, जिनके माध्यम से श्रमिकों को वापस लाया गया। लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिये परिवहन विभाग रोजाना 400 से 450 बसें स्थानीय प्रशासन को उपलब्ध करवा रहा है। ट्रेन से आने वाले श्रमिकों के लिये अभी तक 3650 वाहन उपलब्ध करवाये जा चुके हैं, जिनसे एक लाख से अधिक लोगों को उनके घर पहुँचाया जा चुका है। सड़क मार्ग से आने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिये 7650 वाहन उपलब्ध करवाये गये। इन व्यवस्थाओं के तहत तीन लाख से अधिक श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुँचाया गया।


      कोटा में फँसे बच्चों को वापस लाने का फैसला होते ही परिवहन विभाग हरकत में आया। 22 अप्रैल, 2020 को विभाग ने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में लगभग 3000 बच्चों को सुचारु व्यवस्था कर सड़क मार्ग से सुरक्षित रूप से लाना सुनिश्चित किया। कोटा अभियान के लिये 148 बसों को उपयोग में लाया गया।


      लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिये रोजाना लगभग 400-450 बसें उपलब्ध्श कराई जा रही हैं। दिनांक 22 अप्रैल, 2020 से 15 मई, 2020 की अवधि में परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश भर में लगभग 11300 वाहन उपलब्ध कराये गये हैं। इसके लिये अब तक 31.2 करोड़ रुपये का व्यय किया गया है।


      विशेष श्रमिक ट्रेनों के शुरू होने के बाद रोजाना औसतन 10 ट्रेनें 1250 से 1300 यात्रियों को लेकर पहुँच रही हैं। पिछले कुछ दिनों में यह क्षमता बढ़कर 1600 हो गयी है। प्रत्येक आने वाली ट्रेन के लिये डे-बोर्डिंग स्टेशनों पर 45 से 50 बसों को आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराया  जा रहा है। दिनांक 15 मई, 2020 तक म.प्र. में विभिन्न जिलों के लिये 82 ट्रेनें पहले ही निर्धारित की जा चुकी हैं, जिसके माध्यम से सिर्फ रेलगाड़ियों से ही एक लाख से अधिक लोगों को लाया जा चुका है।


      विगत तीन-चार दिन में ही सेंधवा (बड़वानी), मुरैना, गुना, देवास, सीहोर, राजगढ़ से लगभग 1890 वाहनों की व्यवस्था कर 85 हजार से अधिक लोगों को बॉर्डर चेक-प्वाइंट से उनके गंतव्य स्थान पर पहुँचाया गया। दूसरे राज्यों के लोगों को भी हमारी बसों द्वारा उनके राज्यों में भेजा जा रहा है। (जैसे कि राजस्थान, उत्तरप्रदेश, जम्मू)


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