नगर निगम उज्जैन सीमा में आमजन का घर से निकलना पूर्णत: प्रतिबंधित


      उज्जैन। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष सिंह ने उज्जैन नगर निगम क्षेत्र अन्तर्गत कोरोना वायरस संक्रमण की वर्तमान स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने हेतु गत दिवस आदेश जारी करके 6 मई के पूर्व के कलेक्टर कार्यालय तथा नगर निगम कार्यालय द्वारा विभिन्न व्यक्तियों को जारी किये गये लॉकडाउन एवं कर्फ्यू पास व वाहन पास निरस्त कर दिये हैं। उज्जैन नगर निगम सीमा क्षेत्र में आमजन का घर से निकलना पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है।


      जारी किये गये आदेश में निर्देश दिये गये हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में जिन अधिकारी, कर्मचारियों, चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी आदि की ड्यूटी लगाई है, उन्हें उनके कार्यालय प्रमुख द्वारा जारी परिचय-पत्र धारण करना अनिवार्य होगा। उक्त कर्मचारियों को पृथक से लॉकडाउन या कर्फ्यू पास जारी नहीं किये जायेंगे। इसी प्रकार निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम, मेडिकल स्टोर्स के स्टाफ को उनके परिचय-पत्र के आधार पर उनके निवास से कार्यक्षेत्र तक आवागमन की अनुमति होगी। इन्हें भी पृथक से लॉकडाउन पास की आवश्यकता नहीं होगी।


      मीडियाकर्मियों को उनके संस्थान द्वारा जारी परिचय-पत्र के आधार पर प्रेस/मीडिया सम्बन्धी कार्य हेतु आवागमन की अनुमति होगी। इन्हें भी पृथक से पास की आवश्यकता नहीं होगी।


      आवश्यक वस्तुओं जैसे किराना, खाद्यान्न, गैस सिलेण्डर, पेयजल, दूध आदि घर पहुंच सेवा में लगे व्यापारियों एवं उनके कर्मचारियों तथा अनुमति प्राप्त गतिविधियों से सम्बन्धित व्यक्तियों को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के हस्ताक्षर से जारी कर्फ्यू पास से आवागमन की अनुमति रहेगी। इन सेवाओं तथा गतिविधियों के लिये प्रयुक्त वाहनों को जिला दण्डाधिकारी के हस्ताक्षर से जारी वाहन पास विंड स्क्रीन या वाहन के सामने स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर रखते हुए चस्पा करना होगा। 


      आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकता हेतु समीपस्थ नर्सिंग होम तक जाने की अनुमति रहेगी - कलेक्टर द्वारा जारी किये गये आदेश के अनुसार आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकता हेतु आमजन समीपस्थ नर्सिंग होम, चिकित्सालय, मेडिकल स्टोर तक आ-जा सकेंगे, किन्तु ऐसे व्यक्ति को अपना परिचय-पत्र, चिकित्सा सम्बन्धी कागजात साथ में रखना होंगे तथा पुलिस अधिकारी या अन्य कर्मचारी द्वारा चेकिंग हेतु मांगे जाने पर दिखाना अनिवार्य होगा। उक्त जारी किये गये आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 तथा डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट-2005 की धारा-51 के तहत दण्डनीय अपराध होगा। उक्त आदेश आगामी आदेशपर्यन्त प्रभावशील रहेगा।


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