गरीब जरूरमन्दों को राशन सामग्री वितरित की गई


     उज्जैन। आज पूरा देश कोरोना वायरस के महासंकट से जूझ रहा है। देश और दुनिया के समस्त डॉक्टर्स वैज्ञानिक विशेषज्ञ कोरोना महामारी के इलाज को ढूंढने में लगे हुए है। किंतु अभी तक दुनिया मे इसका कोई इलाज नही मिला, बस सोशल डिस्टेनसिंग एवं लॉक डाउन ही कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने का सही उपाय है। लॉक डाउन के दौरान सभी अपने अपने घरों में बंद है, सभी के काम-काज बन्द है, आवागमन पूर्णतः बन्द है, रोजमर्रा की सामग्री उपलब्ध होना मुश्किल हो गया है। गरीब मजदूरों की मजदूरी बन्द हो गई है। और जो लोग रोज कमा कर रोज खाना व राशन रोज खरीदते है और खाते है, उनके लिए जीवन जीना मुश्किल होता जा रहा है।


      देश की इस विकट परिस्थितियों में सभी देशवासी अपने अपने स्तर पर देश सेवा के भाव से इस महासंकट का सामना करने में अपना योगदान अलग-अलग तरीके से दे रहे है। देश में गरीब जरूरमन्दों को राशन व रोजमर्रा की सामग्री वितरण में समस्त देश के सामाजिक कार्यकर्ता व सामाजिक संस्थाएं लगी हुई है।



     उज्जैन के पिपली नाका स्थित झरण कॉलोनी के युवा साथियो पंकज पांचाल, महेंद्र (गोलू) कच्छावा, वीरेन्द्र  विष्णु गहलोत, धर्मेंद्र  ने अपनी कॉलोनी के 150  परिवारो के बीच जाकर 2 घंटे मे 2.50 क्विंटल गेहूं,  80 किलो आटा दान के रूप में प्राप्त कर क्षेत्र के निराश्रित, विकलांग, विधवा और वे परिवार जिनका का गरीबी रेखा का  कार्ड नहीं है ऐसे परिवारों को  5-10 किलो आटा दिया जा रहा है।  



      इस व्यवस्था में सत्यनारायण कच्छावा, नन्दकिशोर पांचाल, शेरू बालवानी, नरसिंह वर्मा, आशा कार्यकर्ता संगीता, लखन माली के माध्यम से वितरण किया जा रहा है। गेहूँ की पिसाई विजय भाटी, कालू श्रीवास्तव अपनी आटा चक्की पर निशुल्क पीसकर दे रहे है।


      यह व्यवस्था जारी रहेगी। सहयोग के लिए मो. 8518888021, 96694 72215 सम्पर्क कर सकते हैं।