आज की बात आपके साथ - विजय निगम


प्रिय साथियो।  
 💐राम-राम 💐
💐नमस्कार💐


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का दिनांक  18  फरवरी  2020 मंगलवार की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।
💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐0💐
आज की बात आपके साथ  अंक मे है।
A कुछ रोचक समाचार 
B आज के दिन भारत के प्रसिद्ध सन्त स्वामी रामकृष्ण परमहंस जीवन परिचय  लेख. ।
Cआज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व
E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
F आज का दिवस का नाम ।
💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐0💐


     💐(A) कुछ रोचक समाचार (शीर्षक )💐


  💐(A/1)बिग बॉस से निकलते ही आसिम की खुली किस्मत, शाहरुख की बेटी के साथ करेंगे फिल्म💐
💐(A/2)कोरोना पर भारत की जीत, दूसरा मरीज भी हुआ ठीक, 252 छात्रों के भी रिजल्ट आए नेगेटिव💐
💐(A/3)निर्भया के दादा से CMO ने की बदसलूकी, पूछा- दिल्ली क्यों भेजा?💐
💐 (A/4)नयी दिल्लीः नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दो महीने से ज्यादा दिनों से जारी दिल्ली के शाहीन बाग में धरना-प्रदर्शन मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है💐
💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐0💐


      💐(A) कुछ रोचक समाचार (विस्तृत)💐


💐(A/1)बिग बॉस से निकलते ही आसिम की खुली किस्मत, शाहरुख की बेटी के साथ करेंगे फिल्म!💐


सिद्धार्थ शुक्ला भले ही बिग बॉस 13 के विनर बन गए हों लेकिन फर्स्ट रनर अप रहे आसिम रियाज के चर्चे भी उनसे कम नहीं है। जिस तरह आसिम ने बिग बॉस के घर में अपने प्रदर्शन से लोगों को दिल जीता, उसकी खूब तारीफ हुई। फास्ट एंड फ्यूरियस से लेकर जॉन सीना तक ने उनके समर्थन में ट्वीट किया। अब लगता है कि घर से निकलने के बाद आसिम की किस्मत चमक गई है।
बिग बॉस की जानकारी देने वाले मिस्टर खबरी के मुताबिक, आसिम रियाज को फिल्म मिल गई है। और, इस फिल्म में उनके अपोजिट कोई और नहीं बल्कि बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान नजर आएंगी। ये आसिम और सुहाना की डेब्यू फिल्म होगी। फिल्म करण जौहर की फ्रेंचाइजी स्टूडेंट ऑफ द ईयर का चौथा पार्ट होगी।
 हालांकि इस खबर की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है  लेकिन अगर इसमें सच्चाई है तो आसिम रियाज और उनके फैंस के लिए ये बहुत बड़ी खुशखबरी है। बिग बॉस के घर में आने से पहले आसिम को चुनिंदा लोग ही जानते थे लेकिन अब उनकी फैन फॉलोइंग में जबरदस्त इजाफा हुआ है।
💐🎂@💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂


💐(A/2)कोरोना पर भारत की जीत, दूसरा मरीज भी हुआ ठीक, 252 छात्रों के भी रिजल्ट आए नेगेटिव💐


केरल में कोरोना वायरस से संक्रमित दूसरे मरीज की स्थिति में सुधार होने के बाद उसे भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. इस मरीज का इलाज उत्तरी केरल के कसारगोड जिला के कंझनगढ़ के एक सरकारी अस्पताल में चल रहा था.
कोरोना वायरस का दूसरा मरीज भी डिस्चार्ज
केरल के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने पुष्टि की
एक ओर जहां चीन में कोरोना वायरस का कहर जारी है तो वहीं भारत ने इस जानलेवा बीमारी से जंग में दोहरी जीत हासिल की है. केरल में कोरोना वायरस से संक्रमित दूसरी मरीज की स्थिति में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से छु्ट्टी दे दी गई है. इस बात की पुष्टि केरल के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने की. वहीं हरियाणा के मानेसर में निगरानी केंद्र में रखे गए चीन के वुहान शहर से आए 252 छात्रों में कोरोना वायरस को लेकर उनका टेस्ट निगेटिव आया है.
केरल के मरीज का इलाज उत्तरी केरल के कसारगोड जिला के कंझनगढ़ के एक सरकारी अस्पताल में चल रहा था. मंत्री ने पुष्टि की है कि इस रोगी की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है.
वहीं, इससे पहले कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए केरल के एक छात्र को अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज अस्पताल से छुट्टी दी गई थी. वह चीन के वुहान विश्वविद्यालय का छात्र है. उसे अस्पताल में अलग वार्ड में रखा गया था. छात्र के दो नमूने जांच के लिए पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान भेजे गए थे. दोनों नमूने नेगेटिव पाए जाने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई थी.
 भारत में अब तक कोरोना वायरस के तीन मामले पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसमें से दो की हालत में सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. केरल सरकार ने कहा, अब तक संदिग्ध कोरोना वायरस (COVID-19) मामले के 418 नमूने परीक्षण के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को भेजे गए, जिनमें से 405 के रिजल्ट नेगेटिव आए हैं. वहीं कोरोना वायरस से संक्रमित तीन लोगों की पुष्टि हुई थी, उनमें से दो लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
💐💐^🎂^💐^🎂💐^🎂💐🎂@&*^💐🎂


💐(A/3)निर्भया के दादा से CMO ने की बदसलूकी, पूछा- दिल्ली क्यों भेजा?


बलिया के CMO ने निर्भया के परिजनों से कहा कि आज तक निर्भया के गांव में किसी ने डॉक्टर की पढ़ाई तो की नहीं और यहां के लोगों को डॉक्टर चाहिए. उन्होंने कहा कि पहले डॉक्टर की पढ़ाई करें फिर इसी अस्पताल में डॉक्टर बन जाएं. इस गांव में डॉक्टर तो बनाया नहीं तो अस्पताल क्यों खुलवाया.
बलिया के CMO पर बदसलूकी का आरोप
अस्पताल में डॉक्टर की मांग पर धरने पर बैठे परिजन
बलिया के CMO पर परिजनों से बदसलूकी का आरोप
दिल्ली की निर्भया के परिजनों से बदसलूकी का मामला सामने आया है. आरोप बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) पर है. दरअसल, निर्भया के पैतृक गांव बलिया में निर्भया के नाम पर अस्पताल बना है. अस्तपाल में डॉक्टर की मांग के लिए निर्भया के परिजन धरने पर बैठे थे. मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जिस गांव में किसी ने भी डॉक्टर की पढ़ाई नहीं की हो वहां के अस्पताल में हम डॉक्टर नहीं देंगे. मुख्य चिकित्सा अधिकारी के रवैये से आहत निर्भया के दादा ने कहा निर्भया का कोई अपमान ना करे.
                  💐 क्या कहा CMO ने💐
परिजनों के मुताबिक, बलिया के CMO ने कहा कि आज तक निर्भया के गांव में किसी ने भी डॉक्टर की पढ़ाई तो की नहीं और यहां के लोगों को डॉक्टर चाहिए. उन्होंने कहा कि पहले डॉक्टर की पढ़ाई करें फिर इसी अस्पताल में डॉक्टर बन जाएं. इस गांव में डॉक्टर तो बनाया नहीं तो अस्पताल क्यों खुलवाया. हम कहां से डॉक्टर लाएं, जितने पद हैं उतने डॉक्टर हैं नहीं।
परिजनों के मुताबिक, सीएमओ ने कहा कि अस्पताल हमने नहीं बनवाया. जिसने बनवाया है उससे डॉक्टर की मांग की जाए. CMO ने निर्भया को भी नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा कि निर्भया कौन है. अगर वह डॉक्टर की पढ़ाई कर रही थी तो दिल्ली क्यों गई।.
 निर्भया के पैतृक गांव मड़ावरा कला में निर्भय के नाम पर सरकार ने अस्पताल बनवाया था, ताकि निर्भया का सपना पूरा हो सके।. निर्भया का सपना था कि वह डॉक्टर की पढ़ाई कर गांव में अस्पताल खोले, ताकि गांववालों को बाहर न जाना पड़े।. पांच साल पहले अस्पताल तो आधा-अधूरा बन गया मगर वहां आज तक डॉक्टर और नर्स तक नहीं पहुंचे।.
इसी से नाराज होकर निर्भया के दादा की अगुवाई में गांववाले धरने पर बैठे थे और CMO उनको आश्वासन देने पहुंचे थे।. मगर वह परिजनों और गांव वालों को बेइज्जत कर गए।
💐🎂&💐🎂💐^🎂💐🎂^💐🎂^💐🎂💐


 💐 (A/4)नयी दिल्लीः नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दो महीने से ज्यादा दिनों से जारी दिल्ली के शाहीन बाग में धरना-प्रदर्शन मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है💐


.  सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि कुछ लोग एक कानून को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन, ये जनजीवन को ठप करने की समस्या से जुड़ा मामला है. आप दिल्ली को जानते हैं और दिल्ली के ट्रैफिक को भी. इस मामले की सुनवाई जस्टिस संजय कौशल, जस्टिस के.एम. जोसेफ की बेंच कर रही है. देश की शीर्ष अदालत ओर से कहा गया कि हमारी चिंता सीमित है, अगर हर कोई सड़क पर उतरने लगेगा तो क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले में दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को हलफनामा दायर करने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने वकील संजय हेगड़े को शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए कहा है. इस दौरान  हेगड़े ने अपील करते हुए कहा कि उनके साथ रिटायर्ड जस्टिस कुरियन जोसेफ को उनके साथ भेज सकते हैं. हेगड़े की ओर से सॉलिसिटर जनरल से पुलिस प्रोटेक्शन की अपील की. कोर्ट ने कहा कि पिछले 64 दिन से प्रदर्शन जारी है, लेकिन आप उन्हें हटा नहीं पाए. अब बातचीत से हल नहीं निकलता है तो हम अथॉरिटी को एक्शन के लिए खुली छूट देंगे।.  सुप्रीम कोर्ट आज फिर उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा जिसमें शाहीन बाग से सीएए का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है. 10 फरवरी को जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने इस मुद्दे पर केंद्र और दिल्ली सरकार तथा पुलिस को नोटिस जारी किया था. । आज वे अपना पक्ष कोर्ट में रख रहे हैं।.
💐🎂💐🎂💐🎂@💐🎂💐🎂💐💐🎂💐


   💐(B)आज के दिन जन्मे स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जीवन परिचय💐


            💐  स्वामी रामकृष्ण परमहंस  💐


स्वामी रामकृष्ण जी परमहंस भारत के एक महान संत,
आध्यात्मिक गुरु एवं विचारक थे।इन्होंने सभी धर्मों की एकता पर जोर दिया। आपको बचपन से ही विश्वास था कि ईश्वर के दर्शन हो सकते हैं अतः ईश्वर की प्राप्ति के लिए उन्होंनेकठोर साधनाऔरभक्ति का जीवनबिताया।
स्वामी राम-कृष्ण मानवता के पुजारीथे।साधना के फल
-स्वरूप वह इसनिष्कर्ष पर पहुँचे किसंसार केसभी धर्म सच्चेहैं और उनमें कोई भिन्नता नहीं।वे ईश्वर तकपहुँचने
केभिन्न-भिन्न साधन मात्र हैं।


            💐 स्वामी रामकृष्ण परमहंस💐
                रामकृष्ण दक्षिणेश्वर में 
जन्म नाम ;-      गदाधर चट्टोपाध्याय
जन्मदिनांक:-   18 फ़रवरी 1836
जन्मदिनांक;-   कामारपुकुर, बंगाल
मृत्यु;              16 अगस्त 1886 (उम्र 50)
मृत्यु स्थल:-     कोलकाता
खिताब/सम्मान- परमहंस
धर्म[-                सनातन धर्म (हिन्दू)]
राष्ट्रीयता-         भारतीय


                      💐जीवनी।💐         
जन्म कामारपुकुर में स्थित छोटी से घर में श्रीरामकृष्ण रहते थे।
मानवीय मूल्यों के पोषक संत रामकृष्ण परमहंस का जन्म18 फ़रवरी 1836को बंगाल प्रांत स्थित कामार
पुकुर ग्राममें हुआथा।इनकेबचपन का नाम गदाधरथा।
पिताजी के नाम खुदीराम और माताजी के नाम चन्द्रा देवी था।उनके भक्तों के अनुसार रामकृष्ण केमातापिता 
को उनके जन्म से पहले ही अलौकिक घटनाओं और दृश्यों का अनुभव हुआ था।गया में उनके पिताखुदीराम
ने एक स्वप्न देखा था जिसमें उन्होंने देखा की भगवान गदाधर ( विष्णु के अवतार ) ने उन्हें कहा की वे उनके पुत्र के रूप में जन्म लेंगे। उनकी माता चंद्रमणि देवी को भी ऐसाएक अनुभव हुआ थाउन्होंनेशिव मंदिर मेंअपने
गर्भ में रोशनी प्रवेश करते हुए देखा।
इनकी बालसुलभ सरलता और मंत्रमुग्ध मुस्कान से हर कोई सम्मोहित हो जाता था।
                    💐   परिवार।  💐
सात वर्ष की अल्पायु में ही गदाधर के सिर से पिता का साया उठ गया। ऐसी विपरीत परिस्थिति में पूरे परिवार का भरण-पोषण कठिन होता चला गया।आर्थिक कठिनाइयां आईं। बालक गदाधर का साहस कम नहीं हुआ।इनके बड़े भाई रामकुमार चट्टोपाध्याय कलकत्ता (कोलकाता)में एक पाठशाला के संचालक थे।वेगदाधर 
को अपनेसाथ कोलकाता ले गए।रामकृष्ण काअन्तर्मन
अत्यंत निश्छल, सहज और विनयशील थासंकीर्णताओं 
से वह बहुत दूर थे। अपने कार्यों में लगे रहते थे।
                 💐दक्षिणेश्वर आगमन💐
              💐दक्षिणेश्वर काली मंदिर💐
सतत प्रयासों के बाद भी रामकृष्ण का मन अध्ययन
अध्यापन में नहीं लग पाया।1855 में रामकृष्नपरमहंस
के बड़े भाई रामकुमारचट्टोपाध्याय को दक्षिणेश्वरकाली 
मंदिर ( जो रानी रासमणि द्वारा बनवाया गया था ) के मुख्य पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया थारामकृष्ण 
और उनके भांजे ह्रदय रामकुमार कोसहायता करते थे। रामकृष्ण को देवी प्रतिमा को सजाने का दायित्व दिया गयाथा।1856 में रामकुमार के मृत्यु के पश्चातरामकृष्ण
को कालीमंदिरमें पुरोहित के तौर पर नियुक्तकियागया।
रामकुमार की मृत्यु के बाद श्री रामकृष्ण ज़्यादा ध्यान मग्न रहने लगे। वे काली माता के मूर्ति को अपनी माता और ब्रम्हांड की माता के रूप में देखने लगे। कहाजाता 
हैं की श्री रामकृष्ण को काली माता के दर्शन ब्रम्हांड की माता के रूप में हुआ था। रामकृष्ण इसकी वर्णना करते हुए कहते हैं " घर ,द्वार ,मंदिर और सब कुछ अदृश्य हो गया , जैसे कहीं कुछ भी नहीं था! और मैंने एक अनंत तीर विहीन आलोक का सागर देखा, यह चेतना का सागर था। जिस दिशा में भी मैंने दूर दूर तक जहाँ भी देखा बस उज्जवल लहरें दिखाई दे रही थी, जो एक के बाद एक ,मेरी तरफ आ रही थी।
                       💐   विवाह  💐  
अफवाह फ़ैल गयी थी की दक्षिणेश्वर में आध्यात्मिक साधना के कारण रामकृष्ण का मानसिक संतुलन ख़राब हो गया था। रामकृष्ण की माता और उनके बड़े भाई रामेश्वर रामकृष्ण का विवाह करवाने का निर्णय लिया। उनका यह मानना था कि शादी होने पर गदाधर का मानसिक संतुलन ठीक हो जायेगा, शादी के बाद आये ज़िम्मेदारियों के कारण उनका ध्यान आध्यात्मिक साधना से हट जाएगा। रामकृष्ण ने खुद उन्हें यह कहा कि वे उनके लिए कन्या जयरामबाटी(जो कामारपुकुर से 3 मिल दूर उत्तर पूर्व की दिशा में हैं) में रामचन्द्र मुख़र्जी के घर पा सकते हैं। 1859 में 5 वर्ष की शारदामणि मुखोपाध्याय और 23 वर्ष के रामकृष्ण का विवाह संपन्न हुआ। विवाह के बाद शारदा जयरामबाटी में रहती थी और 18 वर्ष के होने पर वे रामकृष्ण के पास दक्षिणेश्वर में रहने लगी।
    💐 रामकृष्ण तब संन्यासी का जीवन जीते थे।💐
              💐  वैराग्य और साधना  💐
कालान्तर में बड़े भाई भी चल बसे। इस घटना से वे व्यथित हुए। संसार की अनित्यता को देखकर उनके मन में वैराग्य का उदय हुआ। अन्दर से मन ना करते हुए भी श्रीरामकृष्ण मंदिर की पूजा एवं अर्चना करने लगे। दक्षिणेश्वर स्थित पंचवटी में वे ध्यानमग्न रहने लगे। ईश्वर दर्शन के लिए वे व्याकुल हो गये। लोग उन्हे पागल समझने लगे।
चन्द्रमणि देवी ने अपने बेटे की उन्माद की अवस्था से चिन्तत होकरगदाधर काविवाहशारदा देवी से करदिया। 
इसके बादभैरवी ब्राह्मणी का दक्षिणेश्वर मेंआगमनहुआ
। उन्होंने उन्हें तंत्र की शिक्षा दी। मधुरभाव में अवस्थान करतेहुए ठाकुर ने श्रीकृष्ण का दर्शन किया।उन्होंनेतोता
पुरी महाराज से अद्वैत वेदान्त की ज्ञान लाभ कियाऔर 
जीवन्मुक्त की अवस्था को प्राप्त किया। सन्यास ग्रहण करने केवाद उनकानया नाम हुआ श्रीरामकृष्णपरमहंस
इसके बाद उन्होंने ईस्लाम और क्रिश्चियन धर्म की भी साधना की।
                💐 भक्तों  का  आगमन  💐
समय जैसे-जैसे व्यतीत होता गया,उनके कठोर आध्या
त्मिकअभ्यासोंऔर सिद्धियों के समाचार तेजीसे फैलने
लगे और दक्षिणेश्वर का मंदिर उद्यान शीघ्र ही भक्तों एवं भ्रमणशील संन्यासियों का प्रिय आश्रयस्थान हो गया। कुछ बड़े-बड़े विद्वान एवं प्रसिद्ध वैष्णव और तांत्रिक साधक जैसे-पंनारायण शास्त्री, पं॰पद्मलोचन तारकाल
कार, वैष्णवचरण और गौरीकांत तारकभूषण आदि उनसे आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त करते रहे। वह शीघ्र ही तत्कालीन सुविख्यात विचारकों के घनिष्ठ संपर्क मेंआए 
जो बंगाल में विचारोंकानेतृत्व कर रहे थेइनमें केशवचंद्र 
सेन,विजयकृष्ण गोस्वामी, ईश्वरचंद्र विद्यासागर के नाम लिए जा सकते हैं।इसके अतिरिक्त साधारण भक्तों का एक दूसरावर्ग था जिसकेसबसेमहत्त्वपूर्ण व्यक्तिरामचंद्र 
दत्त, गिरीशचंद्र घोष, बलराम बोस, महेंद्रनाथ गुप्त
(मास्टर महाशय) और दुर्गाचरण नाग थे।
   💐 स्वामी विवेकानन्द उनके परम शिष्य थे। 💐
रामकृष्ण के अंतिम संस्कार के समय उनके शिष्यों की 
             💐बीमारी और अन्तिम जीवन💐
रामकृष्ण परमहंस जीवन के अंतिम दिनों में समाधि की स्थिति में रहने लगे।अत: तन से शिथिलहोनेलगे।शिष्यों 
द्वारा स्वास्थ्य पर ध्यान देने कीप्रार्थना परअज्ञानताजान
कर हँस देते थे।इनके शिष्य इन्हें ठाकुर नाम से पुकारते
थे। रामकृष्ण के परमप्रिय शिष्य विवेकानन्द कुछ समय हिमालय केकिसीएकान्त स्थान पर तपस्या करनाचाहते
थे।यही आज्ञा लेने जब वे गुरु के पास गये तो रामकृष्ण ने कहा-वत्स हमारे आसपास के क्षेत्र के लोग भूख से तड़प रहे हैं। चारों ओर अज्ञान का अंधेरा छाया है। यहां लोग रोते-चिल्लाते रहेंऔर तुम हिमालय की किसीगुफा
 में समाधि केआनन्द में निमग्न रहो।क्या तुम्हारीआत्मा
स्वीकारेगी? इससे विवेकानन्द दरिद्र नारायण की सेवा में लग गये।रामकृष्ण महान योगी, उच्चकोटि के साधक व विचारक थे। सेवा पथ को ईश्वरीय, प्रशस्त मानकर अनेकता में एकता का दर्शन करते थे। सेवा से समाज की सुरक्षा चाहते थे। गले में सूजन को जब डाक्टरों ने कैंसर बताकर समाधि लेनेऔर वार्तालाप से मना किया तब भी वे मुस्कराये। चिकित्सा कराने से रोकने पर भी विवेकानन्दइलाजकराते रहे।चिकित्साके वाबजूदउनका 
स्वास्थ्य बिगड़ता ही गया।
                        💐 मृत्यु  💐
सन् 1886 ई. में श्रावणी पूर्णिमा केअगले दिनप्रतिपदा 
को प्रातःकाल रामकृष्ण परमहंस ने देह त्याग दिया।16 अगस्त का सवेरा होने के कुछ ही वक्त पहलेआनन्दघन
विग्रह श्रीरामकृष्णइस नश्वर देह कोत्यागकरमहासमाधि
द्वारास्व-स्वरुप में लीन हो गये।रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय बेलूर मठ में स्थित श्रीरामकृष्ण की मार्बल प्रतिमा।
                💐  उपदेश  और  वाणी 💐
रामकृष्णछोटी कहानियों के माध्यम से लोगों को शिक्षा 
देते थे।कलकत्ता के बुद्धिजीवियों पर उनके विचारों ने ज़बरदस्त प्रभाव छोड़ा था;हांलाकिउनकी शिक्षायेंआधु
निकता और राष्ट्र के आज़ादी के बारे में नहीं थी। उनके आध्यात्मिक आंदोलन ने परोक्ष रूप से देश में राष्ट्रवाद की भावना बढ़ने का काम किया, क्योंकि उनकी शिक्षा जातिवाद एवं धार्मिक पक्षपात को नकारती है।
रामकृष्ण के अनुसार ही मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य हैं। रामकृष्ण कहते थे की कामिनी -कंचन ईश्वर प्राप्ति के सबसे बड़े बाधक हैं। श्री रामकृष्ण परमहंस की जीवनी केअनुसार, वे तपस्या,सत्संग और स्वाध्याय आदिआध्यात्मिक साधनों पर विशेष बल देते थे।वेकहा 
करते थे,यदिआत्मज्ञान प्राप्त करने की इच्छा रखते हो, तो पहलेअहम्भाव को दूर करो।क्योंकिजब तकअहंकार
दूर न होगा, अज्ञान का परदा कदापि न हटेगा। तपस्या, सत्सङ्ग, स्वाध्याय आदि साधनों से अहङ्कार दूर कर आत्म-ज्ञान प्राप्त करो, ब्रह्म को पहचानो ।
रामकृष्ण संसार को माया के रूप में देखते थे। उनके अनुसारअविद्या मायासृजन के काले शक्तियोंकोदर्शाती
 हैं (जैसे काम, लोभ ,लालच ,क्रूरता स्वार्थी कर्मआदि ), यह मानव को चेतना के निचले स्तर पर रखती हैं। यह शक्तियां मनुष्य को जन्म और मृत्यु के चक्र में बंधने के लिए ज़िम्मेदार हैं। वही विद्या माया सृजन की अच्छी शक्तियों के लिए ज़िम्मेदार हैं जैसे निःस्वार्थ कर्म,आध्या
त्मिक गुण,ऊँचे आदर्श, दया, पवित्रता,प्रेम और भक्ति। यह मनुष्य को चेतन के ऊँचे स्तर पर ले जाती हैं।
                  💐 अध्ययन के लिए💐
स्वामी सारदानन्द, श्रीरामकृष्ण लीलाप्रसंग, श्रीरामकृष्ण मठ, नागपुर।महेन्द्रनाथ गुप्त, 
श्रीरामकृष्ण वचनामृत, श्रीरामकृष्ण मठ, नागपुर।


💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐0💐


💐(C)आज के दिनकीऐतिहासिक प्रमुख घटनाएँ 💐


1614 - जहांगीर ने मेवाड़ पर कब्जा किया। 
1695 - फ़्रांसीसी खोजी ला सेले ने टेक्सास में बस्ती बसाई। 
1884 - चार्ल्स गोल्डेन के नेतृत्व में ब्रिटिश फ़ौजें सुडान पहुँची।
 1900 - दक्षिण अफ़्रीकी युद्ध में पाई क्रोन्स ने ब्रिटिश फ़ौजों के सामने हथियार डाल दिए।
 1905- शामजी कृष्णवर्मा ने इंडिया होमरूल सोसायटी की स्थापना लंदन में की।
 1911 - एयर मेल की पहली आधिकारिक उड़ान इलाहाबाद में हुई, जो 10 कि.मी. की थी। विमान से पहली बार डाक पहुँचाने का काम भारत में हुआ, जिसमें 6500 पत्र नैनी ले जाए गये।
 1915 - प्रथम विश्वयुद्ध में जर्मनी ने इंग्लैंड की नाकेबन्दी की।
 1930 - लंबे वक्त तक हमारे सौरमंडल के नौवे ग्रह रहे प्लूटो की खोज क्लाइड टाॅमबामग ने किया। बाद में प्लूटो से ग्रह का दर्जा वापस ले लिया । 
1941 - अमेरिका के गायक इमा थॉमस का जन्म हुआ। 
1943 - नाजी सेना ने व्हाइट रोज आन्दोलन के सदस्यों को गिरफ़्तार किया। 
1945 - द्वितीय विश्वयुद्ध में इवा जिमा के लिए लड़ाई शुरू हुई।।
1946 - शाही नौसेना विद्रोह मुंबई में हुआ। 
1954 - पहले चर्च आफ़ साइंटोलॉजी की स्थापना कैलिफ़ोर्निया में की गई। 
1965 - द गांबिया युनाइटेड किंगडम के शासन से स्वतंत्र हुआ।
 1970 - फ़िलिपीन्स में युवकों ने अमेरिकी सैन्य अड्डों के विरोध में अमेरिकी दूतावास पर धावा बोला। 
1971 - भारत और ब्रिटेन के बीच उपग्रह सम्पर्क क़ायम हुआ।
 1977 - अमेरिकी अभिनेता एंडी डिवाइन की मृत्यु हो गई।
 1979 - सहारा रेगिस्तान में पहली और अब तक के रिकार्ड में अंतिम बार हिमपात की घटना हुई। अमेरिका ने भारत को 1664 करोड़ रुपये का चेक दिया जो कि दुनिया में सबसे बड़ी रकम का चेक माना जाता है। 1983 - यू.एस. के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी लूट की ऐसी घटना हुई, जिसमें 13 लोग मारे गये। 1988 - बोरिस येल्तसिन सत्तारूढ़ कम्यूनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो से हटा दिये गए। 
1989 अफ़ग़ान सरकार ने आपात स्थिति की घोषणा की। 
1991 - आयरिश रिपब्लिकन आर्मी ने विक्टोरिया स्टेशन पर हुए विस्फोट की ज़िम्मेदारी ली, जिसमें अनेक लोग हताहत हुए। 
1998 - सी. सुब्रह्मणयम भारत रत्न से सम्मानित। 1999 - भारत और बांग्लादेश के बीच बस सेवा पर समझौता हुआ। 
1999 - सं.रा. अमेरिका हथियार निर्यातक देशों की सूची में प्रथम स्थान पर घोषित। महाराष्ट्र के पोल्ट्री फ़ार्म में भारत का पहला फ़्लू केस दर्ज हुआ। भारत व पाकिस्तान के बीच थार एक्सप्रेस आरम्भ।
 2001 - एफबीआई एजेंट रॉबर्ट हैनसेन को सोवियत संघ के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोषी ठहराये जाने के बाद उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गयी।
 2002 - फिजी के विद्रोही नेता जार्ज स्पेट की फ़ांसी की सज़ा को राष्ट्रपति ने उम्रक़ैद में बदला।
 2003 - दक्षिण कोरिया के प्रमुख शहर ताएगु में एक मेट्रो ट्रेन में आग लग जाने से 134 लोग मारे गये। 2006 - फ़िलिस्तीन के राष्ट्रपति ने हमास के नेता इस्माइल हीनया को नई सरकार का गठन करने को कहा। महाराष्ट्र के पोल्ट्री फ़ार्म में भारत का पहला फ़्लू केस दर्ज हुआ। भारत व पाकिस्तान के बीच थार एक्सप्रेस आरम्भ।
 2007 - दिल्ली से लाहौर जा रही समझौता एक्सप्रेस में बम धमाके में 68 लोग मारे गए।
 2008 - भारतीय रिजर्व बैंक ने स्विस बैंक यूडीएक एजी को देश में कारोबार करने की अनुमति दी। आठ साल के सैन्य शासन के बाद पाकिस्तान में आम चुनाव सम्पन्न हुए। 
2009 - लोकसभा में केन्द्रीय विश्वविद्यालय विधेयक 2009 पेश हुआ। 
2014 - यूक्रेन की राजधानी कीव में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में कम से कम 76 लोगों की मौत और सैंकड़ों लोग घायल।
💐🎂💐🎂💐🎂#@#💐🎂💐🎂💐🎂💐


  💐 (D)आज के दिन  जन्मे  महत्वपूर्ण व्यक्तित्व💐


 1927 - अब्दुल हलीम जाफ़र ख़ाँ - संगीत की दुनिया में प्रसिद्ध सितार वादक थे। 
1926 - नलिनी जयवंत - भारतीय सिनेमा की सुन्दर व प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक। 
1925 - कृष्णा सोबती, हिन्दी कवियित्री 
1933 - निम्मी - भारतीय हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक। 
1883 - मदन लाल ढींगरा - भारतीय क्रांतिकारी 1899 - जयनारायण व्यास, स्वतन्त्रता सेनानी
1836 - रामकृष्ण परमहंस उर्फ गदाधर चटर्जी - भारत के महान् संत एवं विचारक तथा स्वामी विवेकानन्द के गुरु।
 1894- रफ़ी अहमद क़िदवई, स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ
 1486 - चैतन्य महाप्रभु - भक्तिकाल के प्रमुख संतों में से एक थे।
 1927 - ख़य्याम - बॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकार


 💐@💐💐🎂💐🎂💐🎂#@#💐🎂💐🎂


💐(E)आज के दिननिधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व💐   


1266 - मोहम्मद शाह -मामलुक साम्राज्य (गुलामवंश) के आठवें सुल्तान नसीरुद्दीन। 
1294 - क़ुबलय ख़ान, मंगोल सेनापति 
1405 - तैमूर लंग
 1546 - मार्टिन लूथर, जर्मन धर्मसुधारक 
1977 - अमेरिकी अभिनेता एंडी डिवाइन की मृत्यु हो गई। 
2016 - अब्दुल राशिद ख़ान- पद्म भूषण से सम्मानित हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक।


 💐@💐💐🎂💐🎂💐🎂#@#💐🎂💐🎂


  💐(F) आज के दिन के उत्सव/ अवसर💐


    1   उत्पादकता सप्ताह।
    2   जरमिन धर्म सुधारक# मार्टिन लूथर#  की     
         पुण्यतिथि। 
    3  पद्म भूषण से सम्मानित हिंदुस्तानी शास्त्रीय 
        गायक  अब्दुल राशिद ख़ान पुण्यतिथि दिवस।
   4  भारतीय सिनेमा की सुन्दर व प्रसिद्ध अभिनेत्रि
       नलिनी जयवंत की जयंती दिवस।
   5  स्वामी विवेकानंद जी के आध्यात्मिक गुरु 
       स्वामी  रामकृष्ण परमहंस की जयंती दिवस।
   6.भक्तिकाल के प्रमुख संतों में से एक चैतन्य 
      महाप्रभु  की जयंती दिवस।
 💐@💐💐🎂💐🎂💐🎂#@#💐🎂💐🎂
     आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।
💐।जय चित्रांश।💐
💐जय महाकाल,बोले सो निहाल।💐
💐जय हिंद जय भारत💐


 💐 निवेदक;💐-


 💐  चित्रांश ;-विजय निगम।💐


Comments