उज्जैन में शीघ्र पहुँचेगी भारत सरकार की स्वच्छता सर्वेक्षण टीम

स्वच्छता सर्वेक्षण के लिये अतिशीघ्र पहुंचेगी टीम नागरिकों से 7 प्रश्नों के उत्तर लिये जायेंगे, इसी के आधार पर तय होगी रैकिंग



      उज्जैन। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिये भारत सरकार की ओर से टीम शीघ्र ही उज्जैन शहर में पहुंचने वाली है। विगत वर्ष उज्जैन शहर स्वच्छता सर्वेक्षण में चौथे पायदान पर था। इस बार रैकिंग बढ़ाने के लिये नगर निगम द्वारा प्रयास प्रारम्भ कर दिये गये हैं। उज्जैन शहर का कचरा एवं वेस्ट का ट्रिटमेंट गोंदिया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउण्ड पर किया जा रहा है। यहां पर अत्याधुनिक मशीनों से कचरे से खाद बनाया जा रहा है। इसी तरह मक्सी रोड पर वेस्ट सब्जियों फल आदि से मिथेन गैस का निर्माण किया जा रहा है। उज्जैन नगर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त ऋषि गर्ग ने आमजन से अपील की है कि वे इस  अभियान में अपना योगदान देते हुए घर के आसपास स्वच्छता बनाये रखें। घर के सूखे एवं गीले कचरे को अलग-अलग करके प्रतिदिन कचरा संग्रहण के लिये आने वाली गाड़ी के सुपुर्द करें। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कामों से शहर की स्वच्छता की रैंकिंग बढ़ सकती है।


      नगर पालिक निगम आयुक्त ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के लिये आने वाली टीम प्रत्यक्ष अवलोकन के माध्यम से नागरिकों की प्रतिक्रिया लेगी। इसके तहत नागरिकों से सात प्रश्न किये जायेंगे। प्रत्येक प्रश्न के लिये अलग-अलग अंक निर्धारित हैं। पूछे जाने वाले प्रश्नों में “क्या आप जानते हैं कि आपका शहर स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग ले रहा है” के 100 अंक, “नागरिक अपने शहर को पड़ोस के शहर की तुलना में 200 में से कितने अंक देना चाहेंगे”, अपने शहर के वाणिज्यिक एवं सार्वजनिक क्षेत्रों स्वच्छता के स्तर पर 200 में से कितने अंक देंगे, क्या कचरा संग्रहण करने वाले अलग-अलग सूखा एवं गीला कचरा लेते हैं, इसके 200 अंक। क्या नागरिकों को लगता है कि शहर की सड़कों पर डिवाईडर उचित रूप से पौधों से ढंके हैं, इसके 100 अंक। शहर के सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की स्वच्छता के स्तर के लिये 200 अंक। शहर ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) और जीएफसी (कचरामुक्त स्थिति) के बारे में भी 200 अंक निर्धारित किये गये हैं। साथ ही क्या उज्जैन शहर ओडीएफ प्लस प्लस अथवा ओडीएफ वाटर प्लस सिटी है।


      उल्लेखनीय है कि उज्जैन शहर स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में भाग ले रहा है। यहां पर कचरा संग्रहण करने वाले सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग प्रत्येक घर से प्राप्त करते हैं। शहर की सड़कों पर डिवाईरों में उचित रूप से पौधे लगाये गये हैं। इसी आधार पर उज्जैन शहर के निवासी यदि प्रश्नों के उत्तर देंगे तो शहर की रैंकिंग में सुधार हो सकता है।