ट्रैफिक कंट्रोल के लिए जवानों को ट्रैफिक सिग्नल वाली जैकेट

रायपुर के ट्रैफिक जवान अब स्मार्ट एलईडी सिग्नल वाले जैकेट के साथ दिखाई देंगे



      छत्तीसगढ़। रायपुर की सड़कों पर अब सिग्नल के साथ रंग बदलने वाली स्मार्ट जैकेट दिखाई देगी। ट्रैफिक पुलिस ने जैकेट लॉन्च कर दिया है। शहर के दस चौक पर ट्रैफिक जवान जैकेट के साथ दिखाई देगें। हाईटेक जैकेट में छोटी-छोटी एलईडी लाइट लगी हैं, जो ट्रैफिक सिग्नल के कलर की हैं। जैसे सिग्नल रेड होती है, जैकेट भी रेड हो जा रही है। सिग्नल ग्रीन होने पर जैकेट भी ग्रीन हो रही है।


     ट्रायल के तौर पर यह जैकेट एसआरपी चौक पर तैनात जवान काे दिया गया है। इसी तरह से शहर के 9 अन्य चौक पर तैनात जवानों को भी बुधवार को जैकेट दिया गया। पुलिस का दावा है कि स्मार्ट ट्रैफिक जैकेट रोड पर सिग्नल के नीचे खड़े होने वालों के लिए होगा। ऐसे लोगों को सिग्नल की स्क्रीन दिखाई नहीं देती। इस वजह से वे सिग्नल ग्रीन होने के बाद भी तुरंत आगे नहीं बढ़ पाते। इससे पीछे खड़े रहने वाले परेशान होते हैं। कई बार तो पीछे खड़े वाहनों के चालक तेज आवाज में हार्न बजाते हैं। कई बार विवाद की स्थिति भी पैदा होती है। जिन चौक पर सिग्नल नहीं हैं, वहां पर यह जैकेट बैटरी से काम करेगा। वहां अस्थाई सिग्नल की भूमिका निभाएगा।


      अधिकारियों ने बताया कि जहां पर वीआईपी मूवमेंट या कार्यक्रम होगा। वहां जैकेट वाले जवानों खड़ा किया जाएगा। ताकि वहां की ट्रैफिक को कंट्रोल किया जा सके।


बारिश, ठंड, धूप और कोहरे में भी काम करेगा जैकेट
अफसरों के अनुसार जैकेट इस तरह डिजाइन किया गया है कि धूप के अलावा बारिश और ठंड में भी काम करेगा। कोहरे में भी इसकी लाइट दूर से नजर अाएगी। जैकेट में रिचार्जेबल बैटरी लगी है तथा बटन और सेंसर दोनों से काम करता है। पुलिस ने एक जैकेट में लाइट लगवाकर परीक्षण किया। उसके बाद जैकेट का डेमो किया गया। उसके बाद दस जैकेट तैयार किए गए। एक जैकेट तैयार करने में लगभग दो हजार खर्च आया है। इस जैकेट में माइक्रो एलईडी लाइट का इस्तेमाल हुआ है, जिसमें करंट का खतरा भी नहीं है। सेफ्टी फीचर देखकर बनाया गया है।


अफसरों के अनुसार ज्यादा संख्या में तैयार करने पर इसकी लागत और कम हो रही है। रायपुर में सफल होने पर जैकेट का पूरे राज्य में इस्तेमाल होगा।