फोन की लोकेशन ट्रेस कर डायल-100 पहुँचाती है सहायता

जनरल फीचर फोन से भी कॉलर की लोकेशन ट्रेस कर डायल - 100 पहुँचाती है सहायता


सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति के नोडल अधिकारियों ने समझा डायल - 100 सिस्टम



      उज्जैन। जनरल फीचर फोन से 100 डायल करने पर भी पुलिस कॉलर की लोकेशन ट्रेस कर उसे सहायता पहुँचाती है। अभी तक डायल-100 ने 52 हजार से ज्यादा वरिष्ठ नागरिकों की भी सहायता की है। यह जानकारी आज डायल-100 के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में मध्यप्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति के नोडल अधिकारियों को दी गई। राज्य सड़क सुरक्षा सेल के कार्यालय पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान से आज नोडल अधिकारियों को कंट्रोल रूम का भ्रमण करवाया गया।


      डायल-100 की टीम द्वारा अधिकारियों को डिस्पैचर कक्ष, कॉल-ट्रैकर कक्ष का भ्रमण करवाया गया और उन्हें डायल-100 वाहन एफआरव्ही में रखी जाने वाली सामग्री का अवलोकन कराकर सिस्टम से अवगत करवाया गया। यह भ्रमण मध्यप्रदेश पुलिस की लोकप्रिय जनकल्याणकारी डायल-100 सेवा द्वारा सड़क दुर्घटना की सूचना पर की जाने वाली कार्यवाही से अवगत करवाने के लिये किया गया। पी.टी.आर.आई सहायक पुलिस महानिरीक्षक कुमार सौरभ और उनकी टीम को पुलिस अधीक्षक डायल-100 वीना सिंह ने डायल-100 सेवा की जानकारी दी।


      इस मौके पर बताया गया कि दुर्घटना की सूचना पर 100 प्रतिशत रिस्पांस होता है। कंट्रोल रूम में 110 कॉल ट्रेकर्स हैं। इनमें से 24 डिस्पेचर और 6 सुपरवाइजर्स सहायता के लिये 24 घंटे काम कर रहे हैं। प्रदेश में 1000 एफआरव्ही और 150 एफआरव्ही मोटर-साईकल काम कर रही हैं। किसी भी प्रकार की अनहोनी होने पर एसएमएस सिस्टम के जरिये ऑफिसर्स को सूचना दी जाती है। साथ ही की गई कार्यवाही से कॉलर को अवगत करवाया जाता है। बताया गया कि डायल-100 के कॉल सेंटर में शाम 4 से रात 10 बजे तक कॉल वाल्यूम बढ़ जाते हैं। डायल-100 लगातार पेट्रोलिंग भी करती रहती है।


      इस मौके पर सहायक पुलिस महा‍निरीक्षक अनीता मालवीय, प्रशांत शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ट्रेनिंग शिवकुमार गुप्ता सहित संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।