हिम्मत है तो कांग्रेस ऐलान करे कि हर पाकिस्तानी को भारत की नागरिकता देगी- पीएम मोदी



रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बरहेट में चुनावी सभा की। नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस देश के मुस्लिमों में भय का माहौल बना रही है। उन्होंने चुनौती दी कि नागरिकता बिल और एनआरसी पर विपक्षी पार्टियां झूठ बोल रही हैं और लोगों को भ्रमित कर रही है। प्रधानमंत्री ने चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो कांग्रेस खुलेआम यह ऐलान करे कि वह पाकिस्तान के हर नागरिक को भारत की नागरिकता देगी। वह घोषणा करे और भारत की जनता उनका हिसाब कर देगी।


शांति से काम होता है तो विपक्षियों के पेट में चूहे दौड़ते हैं- मोदी


जनसभा में मोदी ने कहा, "सारे काम शांति से होते हैं तो विपक्षियों के पेट में चूहे दौड़ते हैं। यही डर आर्टिकल 370 को लेकर भी दिखाया गया था। तब भी कह रहे थे कि हाथ लगाया तो करंट लग जाएगा, बवाल हो जाएगा, देश के टुकड़े हो जाएंगे। जम्मू-कश्मीर में अलगववाद, आतंकवाद बढ़ता गया। ये लोग देखते रहे, लेकिन निर्णय नहीं किया। अनुच्छेद 370 भी हट गया है और कश्मीर शांति से आगे बढ़ रहा है। देश ने कांग्रेस और उसके साथियों की नकारात्मक सोच को नकार दिया। लेकिन, इन लोगों ने लोगों को डराने और झूठी बातें फैलाने को अपनी राजनीति का आधार बना लिया है।


 


मोदी ने कहा, "ये लोग नागरिकता संशोधन कानून को लेकर झूठ बोलने लगे है। लोगों को डराने में लगे हैं। कांग्रेस और उसके साथियों ने पूरी ताकत झोंक दी है, भारत के मुसलमानों को डराने की। ये लोग देश में झूठ और भ्रम का माहौल बना रहे हैं। ये बात पत्थर की लकीर की तरह साफ है कि इस कानून से भारत के किसी भी नागरिक, भले ही वह हिंदू हो, मुसलमान हो, ईसाई हो या पारसी... किसी की नागरिकता पर असर नहीं पड़ेगा।'


 


"यहां मेरा हेलिकॉप्टर पहले आ गया और मैं बाद में आया। आप लोग सोच रहे होगे कि मैं क्यों नहीं आया? मैं पहले अमर शहीद सिद्धो कानो चांद भैरव को श्रद्धांजलि देने गया था। यह सौभाग्य है कि झारखंड विधानसभा चुनाव की आखिरी सभा वीरों की माटी और बाबा बागेश्वर नाथ के सानिध्य में हो रही है।'


 


मोदी ने कहा- मुझे आपका स्नेह और आशीर्वाद मिलता है। यह झामुमो, कांग्रेस, राजद, वामपंथियों को परेशान करता है और उनकी नींद हराम कर देता है। मोदी और भाजपा को मिल रहा देश का प्यार इनको पच नहीं रहा है। 


 


उन्होंने कहा, "भगवान राम 14 साल का वनवास आदिवासियों के बीच गुजारा और इसीलिए यहां राम मंदिर सबकी श्रद्धा का केंद्र है। अयोध्या में रामजन्मभूमि का मामला इतना साल से लटकता रहा, इसका समाधान होना चाहिए था कि नहीं? यह मसला शांति से सुलझना चाहिए था कि नहीं? यह तब क्यों नहीं हुआ? ऐसा इसलिए, वो (कांग्रेस) वही काम करते थे जिसमें उनकी राजनीति की रोटियां सिंकती रहें।"