यातायात सुधार के लिए लागू किया वन-वे सिस्टम

खरगोन। शहर की चरमराई यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए सोमवार को शहर के श्रीकृष्ण टॉकिज तिराहे से बस स्टेंड की ओर आने वाले मार्ग को वन-वे कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था को अमल में लाने के लिए यातायात पुलिसकर्मियों ने एमजी रोड़, जवाहर मार्ग से आने वाले वाहनों की जहां फारेस्ट कार्यालय की ओर से आवाजाही की, वहीं बस स्टेंड से एमजी रोड़ और जवाहर मार्ग जाने वाले वाहन चालको के लिए सब्जी मंडी से आवाजाही की है। अब तक लोग बेतरतीब तरीके से दोनों मार्गों का इस्तेमाल करते आए थे लेकिन अब वनवे करने के लिए मार्ग पर बेरिकेट लगा दिए गए है, दिनभर यातायात पुलिसकर्मी नियम का पालन कराने के लिए तैनात रहे ।


                             यातायात थाना प्रभारी मुकेश हायरी ने बताया कि दीपावली से पूर्व हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उक्त निर्णय लिया गया था, जिसको अब अमल में लाया जा रहा हैयह शहरवासियों की सुविधा के लिए है। पार्किंग में लगाएं वाहन -व्यापारियों को सामान दकान के अंदर रखने और वाहन पार्किंग लाइन के भीतर करने की समझाईश दी। नपा कार्यालय के सामने मुख्य मार्ग पर ठेला लगाने वाले फल व्यवसायियों को भी ठेले व्यवस्थित जगह लगाने की समझाईश दी गई हैइससे बाहर समान होने पर जब्ती की जाएगी।


           इन स्थानों पर कि है पाकिंग व्यवस्था - नपा ने पूर्व में यातायात व्यवस्था सुधार के लिए पुराना हॉस्पिटल के सामने, राधावल्लभ व्यवस्था की थी, लेकिन इनका इस्तेमाल न के बराबर हो रहा है। अब दोबारा वाहन चालकों सहित व्यापारियों से इनका इस्तेमाल करने के लिए कार्रवाई की जाएगी। 



   बुरी नियत से हाथ पकड़ने वाले को 1 वर्ष का कारावास खरगोन। -


       बुरी नियत से महिला का हाथ पकड़ने वाले आरोपी को न्यायालय ने एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। हायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अमरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि 10 जून 2016 को पीड़िता मायका में थी। वह रात्रि में करीब 1 बजे पाने उठी, तभी ग्राम सोमला निवासी अनिल पिता लक्ष्मण आया और बुरी नियत से पीडिता को पकड़ लिया। पीडिता के चिल्लाने पर अनिल वहां से भाग गया। इस आशय की रिपोर्ट पीडिता ने पुलिस थाना भीकनगांव में दर्ज कराई। भीकनगांव पुलिस द्वारा आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। यहां भीकनगांव जेएमएफसी श्रीमती ज्योत्सना आर्य ने आरोपी को धारा 354 तथा 457 भादवि में 1.1 वर्ष का कारावास तथा 500-500 रूपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।