सौमिक सुवृष्टि अनुष्ठान (अग्निष्टोम सोमयाग) के तृतीय दिवस भी 2 बार प्रवर्ग्य विधि सम्पन्न हुई

सोमयाग में वेदिकरण पश्यात तृतीय दिवस का पूजन संपन्न हुवा


उज्जैन। 
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा पूर्व में समय-समय पर उत्तम जलवृष्टि के लिए पर्जन्य अनुष्ठान के आयोजन किये गये हैं। इसी तारतम्य में जन कल्याण हेतु सौमिक सुवृष्टि अग्निष्टोम सोमयाग का आयोजन श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा 04 मई से 09 मई 2024 तक (क्रोधीनाम संवत्सर, चैत्र कृष्ण एकादशी से वैशाख शुद्ध द्वितीया तक) श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रागंण में किया जा रहा है।

सोमयाग के तृतीय दिवस सोम-याग के विघन्कारी असुरों की पराभव-कामना से यजमान द्वारा "उपसद" नामक यज्ञ किया गया| उसमे प्रात: और सायं के समय सोम और विष्णु देवता के नाम पर घी की आहुतियों से होम किया गया। बाद में प्रात: 10 से 11:30 के मध्य दिव्य प्रवर्ग्य विधि को सम्पन्न कराया गया। सोमयाग के तृतीय दिवस भी प्रवर्ग्य विधि 02 बार संपन्न की गई। सायं 05 से 07 बजे के मध्य द्वितीय प्रवर्ग्य किया गया।

द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ दिवस प्रतिदिन यज्ञ की प्रमुख देवता इन्द्र को सोमयाग के प्रधान आहुति सोमरस पान के लिये सुब्रह्यण्याव्हान नाम के विधि से भगवान इन्द्र का आवाहन का किया जा रहा है। यह प्रक्रिया तृतीय दिवस भी संपन्न की गई।

तृतीय दिवस वेदिकरण (वेदी का मापन वैदिक उपकरणों के माध्यम से) किया गया।


सोमयाग में द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ दिवस प्रतिदिन दो-दो प्रवर्ग्य होगे। सम्पूर्ण याग के दौरान कुल 06 प्रवर्ग किये जायेगे। 

सोम याग के चतुर्थ दिवस दोनों प्रवर्ग्य प्रात: ही किये जायेगे | जो क्रमशः प्रातः 08:00 से 09:00 के मध्य व प्रातः 10:00 से 11:00 के मध्य होंगे।

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति उज्जैन की धर्मप्रिय जनता को सोमयाग के दर्शन हेतु आमंत्रित करती हैं। सोमयाग विहार स्थान पर परिक्रमा पथ का भी निर्माण किया गया है। जिससे श्रद्धालु याग की परिक्रमा कर पुण्य अर्जित के इस पुनीत कार्य में सहभागी हो सकेगे।

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