कलेक्टर ने पीपीई किट पहनकर माधव नगर अस्पताल का निरीक्षण किया, कहा अस्पताल में बेड की कमी नहीं आने दी जाएगी


उज्जैन।
कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने आज सुबह 10:30 बजे  माधवनगर कोविड  अस्पताल  का निरीक्षण किया। उन्होंने  पीपीई  किट पहनकर  कोरोना पॉजीटिव वार्ड में जाकर मरीजों का हालचाल पूछे एवं अस्पताल द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया । कलेक्टर ने ड्यूटी पर मौजूद डॉ.एचपी सोनानिया से  कोरोना मरीजो की चिकित्सा  व्यवस्थाओं के बारे में चर्चा की। कलेक्टर ने  कहा है कि सामान्य लक्षण वाले मरीजों को अस्पताल में रहकर इलाज कराने की आवश्यकता नहीं है। वे होम  क्वारन्टीन  में रहकर भी उपचार एवं इंजेक्शन लगवा सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि अमलतास हॉस्पिटल में अतिरिक्त ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की गई है।

कलेक्टर ने कोविड संदिग्ध वार्ड का निरीक्षण भी किया तथा मरीजों को दिये जा रहे उपचार के बारे में चिकित्सकों से जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना के संक्रमण की दर बहुत तेजी से बढ़ रही है। इसके मद्देनजर प्रशासन द्वारा ऑक्सीजन बेड की संख्या भी उतनी ही तेजी से बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में हमारे पास 800 से अधिक ऑक्सीजन बेड हैं और गत दिवस से अमलतास हॉस्पिटल में भी मरीजों को भर्ती कराना प्रारम्भ कर दिया गया है। माधव नगर चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि यहां जो क्षमता है वह लगभग पूरी हो चुकी  है।

कलेक्टर ने कहा कि राजेन्द्र सूरि शोध संस्थान का उपयोग भी प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। इसमें हमेशा डॉक्टर मौजूद रहेंगे। जिन मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं है, उन्हें सूरि शोध संस्थान में भी शिफ्ट किया जा सकता है। अभी अमलतास अस्पताल में भी लगभग 200-250 ऑक्सीजन के बेड उपलब्ध हैं। फिर भी प्रशासन का यही प्रयास है कि उज्जैन के अस्पतालों में कोविड मरीजों की संख्या का पर्याप्त रूप से प्रबंधन हो सके। कई मरीज ऐसे भी हैं, जो रेमडीसिविर लगवाकर अपने घर दो-तीन घंटे के बाद जा सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी हालत में अस्पतालों में बेड की कमी नहीं आने दी जायेगी।

पॉजीटिव मरीजों की रफ्तार बढ़ने का कारण

बेरिकेटिंग व कंटेनमेंट तोड़कर बाहर घूमना


कलेक्टर ने कहा कि पॉजीटिव मरीजों की रफ्तार बढ़ी है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि जो लोग पॉजीटिव आ रहे हैं, उनके घरा के बाहर बेरिकेटिंग और पोस्टर लगाये जाते हैं तथा कंटेनमेंट एरिया बनाया जाता है, लेकिन कंटेनमेंट एरिया को हटाकर, पोस्टर को फाड़कर मरीज के परिजन बाहर निकल जाते हैं और वे आसपास के लोगों को संक्रमित कर देते हैं। कलेक्टर ने कहा कि यह बहुत ही गैर-जिम्मेदार तरीका है। इसीलिये प्रशासन की ओर से सख्त कदम उठाते हुए बाहर निकलने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आवश्यकता पड़ने पर और कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

कलेक्टर ने आमजन से अपील की है कि कोरोना की संक्रमण की रफ्तार को कम करने में सभी प्रयास करें तथा भागीदारी दें। किसी भी प्रकार का ऐसा काम न करें, जिससे संक्रमण को बढ़ावा मिले। यदि क्षेत्र में कंटेनमेंट बना हुआ है तो 10 दिन वहीं रहें। पॉजीटिव मरीजों के रिश्तेदार बाहर न निकलें। क्योंकि लापरवाही बरतकर हम लॉकडाउन को दोबारा आमंत्रित कर रहे हैं। इस वजह से और ज्यादा समस्या उत्पन्न हो सकती है।

निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री एसएस रावत, सीएमएचओ डॉ.महावीर खंडेलवाल, डॉ.एचपी सोनानिया एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद थे। कलेक्टर ने माधव नगर अस्पताल के दवा वितरण केन्द्र, आईसीयू और कोविड आइसोलेशन वार्ड का भी निरीक्षण किया।