रात 3 बजे कलेक्टर पहुंचे माधव नगर हॉस्पिटल इसके बाद सुबह 5 बजे आर.डी.गार्डी


उज्जैन।
कलेक्टर श्री आशीष सिंह निरंतर विभिन्न  कोविड अस्पतालों में जाकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं तथा भर्ती मरीजों से चर्चा कर उनकी दुख तकलीफों को कम करने के प्रयास में  लगे हुए हैं। कई बार रात में अस्पतालों की व्यवस्था, मरीजों को अटेंड नहीं करने की शिकायत को लेकर उनके पास ढेरों फोन आते हैं जिनका वे यथोचित निराकरण भी करते हैं।

          कोविड अस्पतालों की  व्यवस्था का  जायजा लेने के लिए  कलेक्टर श्री आशीष सिंह 18 अप्रैल की सुबह 3:00 बजे अचानक माधवनगर  हॉस्पिटल पहुंच जाते हैं। यहां पर मौजूद चिकित्सकों से चर्चा कर उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया परिसर में घूम रहे परिजनों से चर्चा की तथा वार्ड में जाकर  कोविड मरीजों की स्थिति का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान पाया कि यहां पर चिकित्सकों की कमी दिखाई दे रही है इसकी  भरपाई करने के लिए  निर्देशित किया है । निरीक्षण  में  यह पाया गया कि माधवनगर में  कोरोना पॉजिटिव सभी मरीजों को 15 लीटर प्रति मिनट की दर से ऑक्सीजन सेट की हुई है जबकि नियमानुसार जिस मरीज को जितनी  ऑक्सीजन की आवश्यकता है उसी के हिसाब से मशीन सेट होना चाहिए। इससे मरीजों को तो कोई नुकसान नहीं है लेकिन ऑक्सीजन की खपत कम होगी। प्राणवायु अन्य लोगों के लिए बचाई जा सकेगी। कलेक्टर के निर्देश पर कम से कम 30 प्रतिशत ऑक्सीजन की बचत होगी। निरीक्षण में अपर कलेक्टर  श्री एस एस रावत   उनके साथ थे।


    कलेक्टर श्री आशीष सिंह इसके बाद लगभग सुबह 5:00 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे तथा यहां पर कोविड-19 उपचार की   व्यवस्था  को देखा  तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। यहां पर कलेक्टर ने ऑक्सीजन सप्लाई के बारे में जानकारी प्राप्त की तो पाया कि मेडिकल कॉलेज में आवश्यकता अनुसार ही ऑक्सीजन सप्लाई की सेटिंग की गई है। इस पर उन्होंने आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की  प्रशंशा की। कलेक्टर को बताया गया कि यहां पर लगभग 100 नए ऑक्सीजन बेड तैयार किये जा रहे है जो शीघ्र प्रारम्भ होंगे। कलेक्टर ने अस्पताल में कुछ व्यवस्थाएं सुधारने के लिए निर्देश दिए हैं। दोनों अस्पतालों का निरीक्षण कर कर कलेक्टर को सुबह 7:00 बजे लौटे।

       कलेक्टर ने बताया है कि वर्तमान में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के उपचार को लेकर स्थिति बेहतर है लेकिन आमजन को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने आमजन से आग्रह है कि यदि कोरोना के लक्षण प्रकट होते हैं तो सबसे पहले जांच कराएं जिससे प्रारंभिक अवस्था में भी मरीज का समुचित उपचार हो हो सके।