कविता - सुबह-सुबह चाय की महक तो आए....
सुबह-सुबह चाय की महक तो आए 

फिर भींगे बालों की गमक तो आए 

 

वही नजर आऊंगा पुराना आशिक

चूड़ियों की कान में खनक तो आए 

 

झट उठ कर बैठ ना जाऊं तो कहना

जगाने पाजेब की झनक तो आए 

 

टटोलते हर कोना फिर दिखें नजरें 

मदभरे निगाहों की सनक तो आए 

 

ठहाके फिर दौड़ पड़ें पीछे तेरे

पटक रहे पाँवों की धमक तो आए

 

-डॉ एम डी सिंह, पीरनगर

Popular posts
श्रमजीवी पत्रकार संघ उज्जैन सम्भाग मिडिया प्रभारी बने भरत शर्मा
Image
महाकाल दर्शन हेतु महाकाल एप्प की लिंक एवं वेब साइट
Image
ऑटो पार्ट रिटेलर्स और वर्कशाप की दिक्कतें अब दूर हुईं; ऑटोमोबाइल सर्विस प्रोवाइडर गोमैकेनिक ने वापी में नया स्पेयर पार्ट्स फ्रैंचाइज़ी आउटलेट शुरू किया
Image
पियाजियो व्ही।कल्सऔ ने जयपुर में राजस्था न के अपनी तरह के पहले इलेक्ट्रिक व्हीजकल (ईवी) एक्सेपीरियेंस सेंटर का उद्घघाटन किया
Image
देश की एम्प्लॉयी फ्रेंडली कंपनी में शुमार हुआ पीआर 24x7; फीमेल स्टाफ के मासिक धर्म के लिए उठाया सार्थक कदम
Image