आज की बात आपके साथ - विजय निगम

           ॐ गं गणपतये नमः।।

ॐ मंगलम भगवान विष्णु मंगलम गरुड़    ध्वजमंगलमपुण्डरीकाक्षमंगलायतनोहरी

ॐयमायधर्मराजायश्रीचित्रगुप्तायनमो नमः          

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प्रिय साथियो। 

🌹राम-राम🌹 

🌻 नमस्ते।🌻

आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का दिनांक 23 दिसंबर 2020 

 बुधवार की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।

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आज की बात आपके साथ  अंक मे है 

 A कुछ रोचक समाचार

Bआज के दिनजन्मेभारत केपांचवेंप्रधान

मन्त्रीचौधरी चरणसिंह का जीवनपरिचय

लेख 

C आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण    

    व्यक्तित्व

E आज के दिन निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।

F आज का दिवस का नाम ।

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  (A) कुछ रोचक समाचार(संक्षिप्त)

🌹(A/1)पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा 

का हुआ निधन।अंत्येष्टि में शामिल होने के लिये,मुख्यमंत्रीशिवराज सिंहचौहानरायपुर

जायेंगे।🌹

🌹(A/2)ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने से नए केस तेजी से बडे, 31दिसम्बर तक फ्लाइट के संचालन पर  लगी रोक।🌺

🌺(A/3) कार के खाई मे गिरने से चार दोस्तों की दर्दनाक मौत🌺

🌹(A/4)कभी पाई पाई को मोहताज थी कामेडी क्वीन भारती सिंह आज करोडो के बंगलेंरह्ती हे।,🌺

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     (A)कुछ रोचक समाचार(विस्तृत)

🌹(A/1)पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा 

का हुआ निधन।अंत्येष्टि में शामिल होने के लिये,मुख्यमंत्रीशिवराज सिंहचौहानरायपुर

जायेंगे।🌹

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज, पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिये रायपुर जायेंगे। शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक के बाद भोपाल से विमान द्वारा रायपुर रवाना होंगे, जहां वे पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।

     🌺तीन दिन का राजकीय शोक🌺

भूतपूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा के निधन परउनके सम्मान में प्रदेश में3दिनोंका राज

कीय शोक घोषित किया गया है। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में 21 दिसम्बर से 23 दिसम्बर, 2020 तक राजकीयशोक के दौरान प्रदेश-भर में राष्ट्रीय ध्वज झुका रहेगा। राजकीय शोक के दौरान प्रदेश में कोई भी शासकीय मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जायेगा।

  🌺सीएम ने व्यक्त किया था शोक🌺

मुख्यमंत्रीशिवराजसिंहचौहान ने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया।चौहानने कहा- भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने तथा परिवारजनों को इस गहन दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्वर्गीय वोरा अजातशत्रु राजनेता थे। मध्यप्रदेश नेअपने

पूर्वमुख्यमंत्री को खोया है।मैं वरिष्ठराजनेता

कोश्रद्धा सुमन अर्पित कर रहा हूं। एक युग का अंत हुआ है।वोरा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करने वाले राजनेता थे। वे गुण-दोष का विचार कर निर्णय लेते थे। उनका जाना प्रदेश के लिये अपूरणीय क्षति है।

🌺1985 में बने थे पहली बार सीएम🌺

मोतीलाल वोरा पहली बार 13मार्च 1985

को मध्यप्रदेश के सीएम बने थे।13 फ़रवरी 1988 तक वो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उसके बाद वो 25 जनवरी 1989 से 8 दिसंबर 1989 तक मध्यप्रदेश के दोबारा सीएम बने।

🌻🌲🌱🌸🌲🌹💐💐🌻🌹(A/2)ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिलने से नए केस तेजी से बडे । 31दिसम्बर तक फ्लाइट के संचालन प्र लगी रोक।🌻 

ब्रिटेनमेंकोरोना वायरसका नया स्ट्रेनमिलने

से नए केस तेजी से बढ़ रहे हैं।इस वजह से सरकारने वहां सेआने-जाने वालीफ्लाइट्स

के संचालन पर 31 दिसंबर तक पूरी तरह से रोक लगा दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी ट्वीट कर दी है। 22 दिसंबरतक 

वहां सेआने वाले सभी यात्रियों को आरटी

-पीसीआर टेस्ट भी करवाना होगा।

स्वास्थ्यमंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहाकिसरकार

सतर्क है। घबराने की जरूरत नहीं है। हम जानते हैं कि सुरक्षा के लिए हमें क्याकरना जरूरी है। कोरोना का बुरा समय टल गया, अगलेमहीने से टीकाकरण शुरू होजाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संयुक्त निगरानी समूह(जेएमजी)कीआपात बैठकबुलाई है।

🌺70फीसदी तेजीसे फैलता हैवायरस🌺

ब्रिटिशसरकार केमुख्यवैज्ञानिकसलाहकार

पैट्रिक वालेंस ने कहा कि दिसंबर में लंदन मेंसामनेआए60फीसदी मामलेइस वायरस

से जुड़ेहुए थे।कोरोना वायरस का नयारूप

70 प्रतिशत ज्यादातेजी से फैलता है ब्रिटेन

में इसकाफैलाव नियंत्रण के बाहर हो चुका है इसलिए ब्रिटेन की सरकार ने सख्तलॉक

डान लगा दिया है।इस वायरसमेंआए बद

लाव उसमें मौजूद स्पाइक प्रोटीन से जुड़े होते हैं।येवायरस का वह हिस्सा हैजोकोशि

काओंको संक्रमित करता है।इसमेंसंक्रमण कीतीव्रता ज्यादा है।

🌺वेकसीनपूरीतरहनिष्प्रभावीनहींहोगी🌺

नॉटिंघम यूनिवर्सिटी में मॉलिक्यूलर वायरो

लॉजी केप्रोफेसर जॉनाथन बॉल का कहना है कि मौजूदा वैक्सीन के इस नए वायरस पर प्रभावी होने की संभावना कम है, लेकिन इसके अक्षम होने की आशंका भी नहीं है। हालांंकि जब तक वायरस में आए बदलाव व उसके प्रभाव का अध्ययन नहीं करलेते तब तक कोईभी दावाकरना जल्द

बाजी होगी। कोरोना वायरस की वैक्सीन इसीको ध्यान में रखते हुएतैयार की गई है। यह वायरस वैक्सीन के असर को तो नहीं प्रभावित करेगा,यह देखना होगा।

🌻12 देशों ने भी प्रतिबंधित किया🌻

एक दिनमें नए स्ट्रेन के35 हजार सेअधिक

 मामले मिलने के बाद यूरोपीय संघ के कई देशोंने ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर रोक लगादी है अभी कई अन्य देश प्रतिबंधों को लेकर विचार कर रहे हैं। इसमें नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, आयरलैंड, जर्मनी, इटली, फ्रांस, इजरायल,टर्की,कुवैत,सऊदी

अरब शामिल हैं। जहां एक सप्ताह तक प्रतिबंधित कर दिया है।कनाडानेअगलेतीन

दिन के लिए प्रतिबंधित किया है।

7 दिन क्वारंटीन : ग्रीस ने ब्रिटेन से आने यात्रियों के लिए 7 दिन क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया है।

   🌻इटली में भी मिला एक मरीज🌻

इस नए स्ट्रेन का एक मरीज इटली में भी मिला है।इटली के स्वास्थ्यमंत्रालयनेबताया

है कि मरीज और उसकी पार्टनर कुुछ दिनों पहल ब्रिटेन से फ्लाइट से रोम पहुंचे थे।उन्हेंआइसोलेशन में रखा गया है।

🌻💐🌹🌸🌲🌹💐💐🌻🌺(A/3) कार के खाई मे गिरने से चार दोस्तों की दर्दनाक मौत🌺

डबरा. जौरासी पर रविवार, सोमवार रात को सडक हादसे में चार दोस्तों की दर्दनाक मौत के बाद सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। चारों जिगरी दोस्तों की अर्थियां लगभग एक साथ उठीं, इस दर्दनाक मंजर से डबरा में मातम रहा। सुबह लोग सोकर उठे तो हादसे की खबर ने उन्हें सन्न कर दिया। चारों जवान लडकों के शव अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए तो उनके परिजन बदहवास हो गए। उन्हें संभालना मुश्किल हो गया।

चारों युवक एक दूसरे के बेहद करीबी थी। इनमें रविवार को नवजोत ढिल्लन का जन्मदिन और सोमवार को कार्तिक पालीवाल का जन्म दिन था। परिवार और मिलने वालों ने रविवार को दिन में नवजोत को लंबी उम्र की दुआएं और जन्मदिन की बधाई दी थीं। दोस्तों की टोली ने इसे सेलीब्रेट करने के लिए इस प्लानिंग से पार्टी का इंतजाम किया था कि नवजोत के साथ कार्तिक का बर्थ डे भी एडवांस सेलीब्रेट करेंगे।। शिवम खांगट के सिटी सेंटर फलैट पर पार्टी रखी थी चारों वहीं आए थे। दोस्तों की टोली ने दोनों साथियों के जन्मदिन पर जमकर धमाल किया था। रात को चारों मस्ती करते हुए वापस लौट रहे थे। परिजन से कहा था कि थोड़ी देर में डबरा पहुंच जाएंगे, लेकिन ग्वालियर से उनके रवाना होने के कुछ देर बाद ही परिवार को उनकी मौत की खबर मिली।

परिजन वदहवास, पिता नहीं समझ पा रहे थे किआखिर किसकी नजर उनके परिवार और इन दोस्तों को लग गई। हादसे कापता चलनेपर उनके घर आनेजाने वाले भी नहीं समझपारहेथे किआखिर कैसेउनकेपरिवार

 को ढांढस बंधाया जाए। चारों के परिजन बिलखते हुए सिर्फ यही दुहाई दे रहे थे कि उनकी दुनिया उजड़ गई। बेटों को लेकर उनके अरमान खत्म हो गए। ऐसा क्या गुनाह किया था जिसकी यह सजा मिली है। नवजोत ढिल्लन के परिजन को हादसे के बाद ग्वालियर पहुंच गए थे। उन्होंने बेटे के शव का परीक्षण कराने से भी इंकार दिया था। उसके शव को रात में ही डबरा ले गए थे।

🌺20 दिन पहले शहनाई, मातम में बदल गई खुशियां🌺

मृतक शिवम शर्मा 30 के पिता राजेन्द्र लोक निर्माण विभाग में एसडीओ हैं। शिवम भी इसी महकमे में ठेकेदारी करता था। 20 दिन पहले शिवम के बडे भाई की शादी हुई थी। घर में नई बहू के आने की खुशियां थीं। परिवार की प्लानिंग थी कि एक बहू आ गई, शिवम की शादी भी जल्दी हो जाए तो दूसरी बहू आ जाएगी। दर्दनाक हादसे ने घर में शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया।

     🌺डेढ महीने बाद बंधना था सेहरा🌺

नवजोत ढिल्लन के माता पिता काअरमान

भी उसकी मौत के साथ खत्म हो गया। नवजोत खेती बाडी करता था।15 फरवरी को उसकी बारात अशोकनगर जाना थी। बेटेकी शादी की तैयारियों में मातापिताजुटे

थे।उसकी शादी की खरीदारी औरतैयारियों 

कीप्लानिंग कर रहे थे। रात को जबबेटे की मौत का पता चला तो माता पिता सुधबुध खो गए।नवजोत के परिवार में उसका बडा भाईऔर बडी बहन इटली में हैं।छोटी बहन और नवजोत माता पिता के साथ रहते थे।

    🌺10 महीने पहले बना था दूल्हा🌺

कार्तिकपालीवार पिता की मौत के बादपरि

वारकीजिम्मेदारी उठा रहाथा।वहएलएनटी

कंपनी इंदौर में डिवीजन में एरिया मैनेजर था। दो बहनों के बीच इकलौता बेटा था। लॉकडाउन से कुछ दिन पहले फरवरी में उसकी शादी हुई थी।उसकी मौत नेपूरे परि

वार को झकझोर कर रख दिया। हादसे का पता चलने पर कार्तिक की मां और पत्नी बेहोश हो गईं।

       🌺बेटे से बोला था आ रहा हूं🌺

शिवमखांगट खेतीबाडी के सामानकाकारो

बारकरता था।धंधा उसके पिता काथा, शिवमउनके साथ कारोबार करता था। करीब ढाई साल पहले उसकी शादी हुई थी। उसके डेढ साल का बेटा है। रात को ग्वालियर से डबरा रवाना होने से पहले उसने बेटे से फोन पर बात की थी, उससे कहा था कि थोडी देर में उसके पास पहुंच जाएगा। लेकिन बात करने के कुछ देरबाद उसकीमौतकी खबर पत्नी को मिलीशिवम

शर्मा, नवजोत, कार्तिक व शिवम खांगट की स्कूलसे हीगहरी दोस्ती थी।चारों पहले मंगला स्कूलऔर इसके बाद संत कंवरराम

स्कूल में एक साथ पढ़े हैं। चारों अक्सर साथ आते जाते थे ।

🌺अज्ञात वाहन पर एक्सीडेंट का मामला दर्ज🌺

रविवारशामको चारोंदोस्तकार से ग्वालियर दोस्तों की बथेर्ड पार्टी मनाने आए थे। यहां रातको वापसलौटते वक्त जौरासी घाटी पर वनचौकी के सामने पहुंचने पर उनकी कार अंनियंत्रित होकर सडक छोडकर खंदक में चली गई। कार चालने वाला स्टेयरिंग और ब्रेक पर काबू नहीं कर पाया। गाडी करीब 25मीटर अंदर घुसकर पेड से टकराई और वहीं लटक गई।हादसे में तीन लोगोंकी वही मौत हो गई जबकि चौथे साथी नेअस्पताल पहुंचकर दम तोड दिया। परिजन ने पुलिस कोबताया कि उनकी कार को किसी वाहन से टक्कर मारी थी इससे गाडी अनंकट्रोल हुई है। बिलौआ पुलिस ने हादसे में अज्ञात वाहन पर एक्सीडेंट का केस दर्ज किया है।

इनकी हुई मौत

शिवम शर्मा 30 पुत्र राजेन्द्र शर्मा निवासी ऊषा कालोनी,

नवजोत 27 पुत्र धर्मवीर ढिल्लन निवासी ठाकुरबाबा रोड

कार्तिक 30 पुत्र देवकीनंदन पालीवाल 30 निवासी कमलेश्वर कालोनी गीता टाकीज के पीछेसुभाषगंज

🌻💐🌹🌸🌲🌹💐💐🌻🌹(A/4)कभी पाई पाई को मोहताज थी कामेडी क्वीन भारती सिंह आज करोडो के बंगलेंरह्ती हे1,🌺  

नई दिल्ली कॉमेडी क्वीन भारतीसिंह आज

एक ऐसा नामबन चुका है जो किसी भी

पहचान की मोहताज नहीं है।भारतीने एक कॉमेडियनके रूप में जो नए आयाम बनाए हैं। एक वक्त था जब सिर्फ पुरुष ही बढ़िया कॉमेडी किया करते थे लेकिन भारती ने ये साबित कर दिया कि महिलाएं भी किसी से कम नहीं है। हालांकि ये साल भारती और उनकेफैंस के लिए बेहद मुश्किल भरा रहा। भारती और उनके पति हर्ष लिंबाचिया  का ड्रग्सकेस में नाम आने से हरकोई हैरान रह गया।दोनोंजमानत के बादजेल से बाहर आ गए और भारती को फिर से लोगों ने उसी प्यार के साथ अपनाया। भारती ने टीवी पर वापसी कर ली है और खूब कमाई कर रही हैं।लेकिनएक वक्त ऐसा भी था जब भारती केपासखानेतक को पैसेनहीं हुआकरते थे।

..भारती कई बार अपने बचपन के गरीबी के दिनों को नेशनल टीवी पर याद करके रोचुकीहैं।भारती का बचपन बहुत मुश्किलें से गुजरा।वोअपनीमांऔर भाई-बहनों के साथ एक ही कमरे में रहा करती थी।एक वक्त का खाना भी कई बार नसीब नहीं हो पाताथा।हालांकिभारती को हमेशासेलगता था किवोजीवन में कुछ बड़ा जरूर करेंगी। भारती को उनका मोटापा देखकर भी रोना आता था। लेकिन उन्होंने इसे ही अपनी ताकत बना लिया और लल्ली बनकर सभी के दिलो मेंजगह बना ली।भारतीनेधीरे-धीरे

अपनीमेहनत केबल पर कॉमेडी की दुनिया में एक बड़ा नामबनालियामहै।आजभारती 

एकबड़े बंगलेमें रहती हैं जिसेउन्होंनेफेमस

इंटीरियर डिजाइनर से बनवाया है।भारती कानया घर एल शेप में बना हुआ है। इसके अलावा उनके पास कई बड़ी गाड़ियां भी हैं जिसमें ऑडी से लेकरमर्सिडीज शामिल है।भारतीकिसी भीशो केएकएपिसोड के लिए मोटीरकमचार्ज करती हैं।वो 25 से 30 लाख रुपए लेतीहैंभारती की सालाना आय 8 करोड़ हे।भारती ने राइटर हर्ष लिंबाचिया से साल2017में शादी की थी। ड्रग्स केस में फंसने के दौरान दोनों एक दूसरे के साथ डंटकर खड़े रहे।

🌻💐🌹🌲🌸🌲🌹💐💐 💐(B)आजकेदिनजन्मेभारत के पूर्व

प्रधानमन्त्री चौधरी चरणसिंहकाजीवन

परिचयलेख. 

चौधरी चरण सिंह (23 दिसम्बर 1902 - 29 मई 1987) भारत के पांचवें प्रधानमन्त्री थे। उन्होंने यह पद 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक सम्भाला। चौधरी चरण सिंह ने अपना सम्पूर्ण जीवन भारतीयता और ग्रामीण परिवेश की मर्यादा में जिया।

             चौधरी चरण सिंह

     भारत के पाँचवें प्रधानमंत्री

                  कार्यकाल

28 जुलाई 1979–14 जनवरी 1980 पूर्ववर्ती:-मोरारजी देसाई

परवर्ती:-इन्दिरा गाँधी

जन्म:-23 दिसम्बर 1902

गांव:-नूरपुरपश्चिमउत्तरप्रदेश,ब्रिटिश भारत

मृत्यु:-29 मई 1987

राष्ट्रियता:-भारतीय

राजनैतिक दल:-जनता पार्टी

जीवन संगी:-गायत्री देवी

संतान:-अजीत सिंह (पुत्र)

पौत्र:-   जयंतचौधरी 

धर्म:-वैदिक धर्म हिन्दू

               ❤️  किसान नेता।      ❤️

23 दिसंबर 2020 को उनकी119 वीं जयंती मनायी जाएगी। यूपी में ‘जो जमीन को जोते-बोये वो जमीन का मालिक है’ का क्रियान्वयन चरण सिंह ने किया।

               ❤️   जीवनी।     ❤️

चरण सिंह का जन्म एक जाट परिवार मे हुआथा। स्वाधीनता के समय उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया।इस दौरान उन्होंने बरेली कि जेल से दो डायरी रूपी किताब भी लिखी। स्वतन्त्रता के पश्चात् वह राम मनोहरलोहियाकेग्रामीण सुधारआन्दोलन

में लग गए।

बाबूगढ़ छावनी के निकट नूरपुर गांव, तह

सील हापुड़,जनपदगाजियाबाद, कमिश्नरी

मेरठ में काली मिट्टी के अनगढ़ और फूस केछप्पर वाली मढ़ैया में 23 दिसम्बर,1902 को आपका जन्म हुआ। चौधरी चरण सिंह के पिता चौधरी मीर सिंह ने अपने नैतिक मूल्यों को विरासत में चरण सिंह को सौंपा था। चरण सिंह के जन्म के 6 वर्ष बाद चौधरी मीर सिंह सपरिवार नूरपुर से जानी खुर्द के पास भूपगढी आकर बस गये थे। यहीं के परिवेश में चौधरी चरण सिंह के नन्हें ह्दय में गांव-गरीब-किसान के शोषण के खिलाफ संघर्ष का बीजारोपण हुआ। आगरा विश्वविद्यालय से कानून की शिक्षा लेकर 1928 में चौधरी चरण सिंह ने ईमानदारी, साफगोई और कर्तव्यनिष्ठा पूर्वक गाजियाबाद में वकालत प्रारम्भ की। वकालत जैसे व्यावसायिक पेशे में भी चौधरी चरण सिंह उन्हीं मुकद्मों को स्वीकार करते थे जिनमें मुवक्किल का पक्ष न्यायपूर्ण होता था। कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन 1929 में पूर्ण स्वराज्य उद्घोष से प्रभावित होकर युवा चरण सिंह ने गाजियाबाद में कांग्रेस कमेटी का गठन किया। 1930 में महात्मा गाँधी द्वारा सविनय अवज्ञा आन्दोलन के तहत् नमक कानून तोडने का आह्वान किया गया। गाँधी जी ने ‘‘डांडी मार्च‘‘ किया। आजादी के दीवाने चरण सिंह ने गाजियाबाद की सीमा पर बहने वाली हिण्डन नदी पर नमक बनाया। परिणामस्वरूप चरण सिंह को 6 माह की सजा हुई। जेल से वापसी के बाद चरण सिंह ने महात्मा गाँधी के नेतृत्व में स्वयं को पूरी तरह से स्वतन्त्रता संग्राम में समर्पित कर दिया। 1940 के व्यक्तिगत सत्याग्रह में भी चरण सिंह गिरफतार हुए फिर अक्टूबर 1941 में मुक्त किये गये। सारे देश में इस समय असंतोष व्याप्त था। महात्मा गाँधी ने करो या मरो का आह्वान किया। अंग्रेजों भारत छोड़ों की आवाज सारे भारत में गूंजने लगी। 9 अगस्त 1942 को अगस्त क्रांति के माहौल में युवक चरण सिंह ने भूमिगतहोकर गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, मवाना, सरथना, बुलन्दशहर के गाँवों में गुप्त क्रांतिकारी संगठन तैयार किया। मेरठ कमिश्नरी में युवक चरण सिंह ने क्रांतिकारी साथियोंके साथ मिलकर ब्रितानियाहुकूमत को बार-बार चुनौती दी। मेरठ प्रशासन ने चरणसिंहको देखते हीगोलीमारनेकाआदेश दे रखा था। एक तरफ पुलिस चरण सिंह की टोह लेती थी वहीं दूसरी तरफ युवक चरण सिंह जनता के बीच सभायें करके निकल जाता था। आखिरकार पुलिस ने एक दिन चरण सिंह को गिरफतार कर ही लिया। राजबन्दी के रूप में डेढ़ वर्ष की सजा हुई। जेल में ही चौधरी चरण सिंह की लिखित पुस्तक ‘‘शिष्टाचार‘‘, भारतीय संस्कृति और समाज के शिष्टाचार के नियमों का एक बहुमूल्य दस्तावेज है।

                  राजनीति

उनकी विरासत कई जगह बंटी. आज जितनी भी जनता दल परिवार की पार्टियाँ हैं, उड़ीसा में बीजू जनता दल हो या बिहार में राष्ट्रीय जनता दल हो या जनता दल यूनाएटेड ले लीजिए या ओमप्रकाश चौटाला का लोक दल , अजीत सिंह का ऱाष्ट्रीय लोक दल हो या मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी हो, ये सब चरण सिंह की विरासत हैं.

         ❤️  राजनीतिक जीवन❤️

कांग्रेस के लौहर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुआ था, जिससे प्रभावित होकर युवा चौधरी चरण सिंह राजनीति में सक्रिय हो गए। उन्होंने गाजियाबाद में कांग्रेस कमेटी का गठन किया। 1930 में जब महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन का आह्वान किया तो उन्होंने हिंडन नदी पर नमक बनाकर उनका साथ दिया। जिसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा।

वो किसानों के नेता माने जाते रहे हैं। उनके द्वारा तैयार किया गया जमींदारी उन्मूलन विधेयक राज्य के कल्याणकारी सिद्धांत पर आधारित था। एक जुलाई 1952 को यूपी में उनके बदौलत जमींदारी प्रथा का उन्मूलन हुआ और गरीबों को अधिकार मिला। उन्होंने लेखापाल के पद का सृजन भी किया। किसानों के हित में उन्होंने 1954 में उत्तर प्रदेश भूमि संरक्षण कानून को पारित कराया। वो 3 अप्रैल 1967 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 17 अप्रैल 1968 को उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। मध्यावधि चुनाव में उन्होंने अच्छी सफलता मिली और दुबारा 17 फ़रवरी 1970 के वे मुख्यमंत्री बने। उसके बाद वो केन्द्र सरकार में गृहमंत्री बने तो उन्होंने मंडल और अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना की। 1979 में वित्त मंत्री और उपप्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय कृषि व ग्रामीण विकास बैंक [नाबार्ड] की स्थापना की। 28 जुलाई 1979 को चौधरी चरण सिंह समाजवादी पार्टियों तथा कांग्रेस (यू) के सहयोग से प्रधानमंत्री बने ।

🌻💐🌹🌲🌸🌲🌹💐💐🌻(C) आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ 

1465 - विजयनगर के शासक वीरूपक्ष द्वितीय तेलीकोटा की लडाई में अहमदनगर, बीदर, बीजापुर और गोलकुंडा की संयुक्त मुस्लिम सेना से पराजित हुए।

1672 - खगोलविद जियोवनी कैसिनी ने शनि के उपग्रह ‘रिया’ की खोज की

1894 - रवीन्द्रनाथ टैगोर ने पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में पूस मेले का उद्घाटन किया।

1901 - शांतिनिकेतन में ब्रह्मचर्य आश्रम को औपचारिक रूप से खोला गया।

1902 - चौधरी चरण सिंह, भारत के  प्रधानमन्त्री।

 1912 - नई दिल्ली को देश की राजधानी घोषित करने के वास्ते वायसराय लार्ड हार्डिंग द्वितीय ने हाथी पर बैठकर शहर में प्रवेश किया लेकिन इस दौरान एक बम विस्फोट में वह घायल हो गए।

 1914 - प्रथम विश्व युद्ध: ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की सेना मिस्र की राजधानी काहिरा पहुंची।

1921 - विश्व-भारती विश्वविद्यालय का उद्घाटन हुआ। 

1922 - बीबीसी रेडियो ने दैनिक समाचार प्रसारण शुरू किया।

1926 - आर्य समाज प्रचारक एवं विद्वान् स्वामी श्रद्धानंद की हत्या।

1968 - मौसम संबंधी देश के पहले रॉकेट ‘मेनका’ का सफल प्रक्षेपण। 

1969 - चांद पर से लाए गए पत्थरों को राजधानी में आयोजित एक प्रदर्शनी में रखा गया।

1976 - सर शिवसागर रामगुलाम द्वारा मॉरिशस में मिली जुली सरकार का गठन

1995 - हरियाणा के मंडी डाबवाली इलाके में स्थित एक स्कूल में कार्यक्रम के दौरान आग लगने से 360 लोगों की मौत।  

 2000 - न्यूजीलैंड ने आस्ट्रेलिया को हराकर विश्व महिला क्रिकेट ख़िताब जीता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कलकत्ता का नाम आधिकारिक तौर बदलकर कोलकाता किया गया।

2002 - इस्रायली सेना के हटने तक फ़िलिस्तीन का चुनाव स्थगित।

भार ग्रहण किया। 

2003 - इस्रायल ने गाजा पट्टी पर हमला किया।.

2005 - वामपंथी विरोधी लेक काकजिंस्की ने पौलैंड के राष्ट्रपति का पद 

2007 - पाकिस्तान में लगे आपातकाल को वहाँ की अदालत ने सही ठहराया। 

2008 सॉफ्टवेयर कम्पनी सत्यम पर विश्व बैंक ने प्रतिबंध लगाया। 

2009 विख्यात कथाकार गोविन्द मिश्र को उनके उपन्यास कोहरे के क़ैद रंग के लिए हिन्दी भाषा के साहित्य अकादमी पुरस्कार 2008 से नवाज़ा गया।

🌻💐🌹🌲🌱🌸🌲🌹💐💐(D)आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व

1845 - रास बिहारी घोष - भारतीय राजनीतिज्ञ, जानेमाने अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता थे।  ·

1888 - सत्येन्द्र चंद्र मित्रा - कुशल राजनीतिज्ञ एवं स्वतंत्रता सेनानी थे।

 1889 - मेहरचंद महाजन - भारत के सर्वोच्च न्यायालय के तीसरे मुख्य न्यायाधीश थे।

 1899 - रामवृक्ष बेनीपुरी - भारत के प्रसिद्ध उपन्यासकार, कहानीकार, निबंधकार, नाटककार, क्रान्तिकारी, पत्रकार और संपादक

1902 - चौधरी चरण सिंह - भारत के पाँचवें प्रधानमंत्री, जो किसानों की आवाज़ बुलन्द करने वाले प्रखर नेता माने जाते थे

1923 - अवतार सिंह रिखी - लोक सभा के भूतपूर्व महासचिव थे।       

🌻💐🌹🌲🌸🌲🌹💐💐🌻(E)आज के दिन निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।

1926 - स्वामी श्रद्धानन्द - भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, दलितों के हितैषी तथा स्त्री शिक्षा के समर्थक।

1941 - अर्जुन लाल सेठी - भारत के स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे।

2000 - नूरजहाँ - प्रसिद्ध अभिनेत्री और गायिका, जिन्होंने भारतीय और पाकिस्तानी सिनेमा में कार्य किया।

2004 - पामुलापति वेंकट नरसिंह राव - भारत के दसवें प्रधानमंत्री

2010 - के. करुणाकरन - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ और केरल के भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे।

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  (F) आज का दिन/दिवस का नाम

1. चौधरी चरण सिंह - भारत के पाँचवें प्रधानमंत्री, जो किसानों की आवाज़ बुलन्द करने वाले प्रखर नेता माने जाते थे। इनका आज जयंती दिवस हे ,जो की किसान दिवस के रूप मे मनाया जाता हे।

2.सत्येन्द्र चंद्र मित्रा - कुशल राजनीतिज्ञ एवं स्वतंत्रता सेनानी थे इनका आज जयंती दिवस हे।

3. मेहरचंद महाजन - भारत के सर्वोच्च न्यायालय के तीसरे मुख्य न्यायाधीश थे। इनका आज जयंती दिवस हे।

4.रामवृक्ष बेनीपुरी - भारत के प्रसिद्ध उपन्यासकार, कहानीकार, निबंधकार, नाटककार, क्रान्तिकारी, पत्रकार और संपादक थे। इनका आज जयंती दिवस हे।

5.अर्जुन लाल सेठी - भारत के स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे आज इनका पुण्यतिथि दिवस हे।

6.नूरजहाँ - प्रसिद्धअभिनेत्री और गायिका, जिन्होंने भारतीय और पाकिस्तानी सिनेमा में कार्य किया,था आज इनका पुण्यतिथि दिवस हे।

7. पामुलापति वेंकट नरसिंह राव भारत

केदसवें प्रधानमंत्री थेआजइनकापुण्यतिथि 

दिवस हे।

8-के.करुणाकरनभारतीयराष्ट्रीयकांग्रेस के

राजनीतिज्ञ और केरल केभूतपूर्व मुख्यमंत्री

थे,आज इनका पुण्यतिथि दिवस हे।

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आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।

      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।

💐।जय चित्रांश।💐

💐जय महाकाल,बोले सो निहाल💐

💐।जय हिंद जय भारत💐

💐  निवेदक;-💐

💐 चित्रांश ;-विजय निगम।💐