सर्दियों में रूखे हाथों की देखभाल - शहनाज़ हुसैन
मौसम कोई भी हो लेकिन हाथ दिन रात लगातार काम करते है। हाथों की त्वचा मौसम की मार, धूल, साबुन, पानी  को लगातार सहते हुए रूखी और बेजान हो जाती है और सर्दियों में यह समस्या सबसे ज्यादा गंभीर रूप धारण कर लेती है। गृहणी और कामकाजी दोनों महिलाओं के हाथ दैनिक दिनचर्या के दौरान बार बार साबुन और डिटर्जेंट के सम्पर्क में आते है। आजकल कोरोना काल में बार बार  सैनीटाइजर के सम्पर्क में आने से हाथों को दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है जिसकी बजह से हाथों की त्वचा रूखी और बेजान  हो जाती है।
सर्दियाँ शुरू हो चुकी हैं और तापमान अपने न्युनतम स्तर पर जा रहा है। सर्दियों में हम जहाँ शरीर के बाकि हिसों को ढक कर रखते हैं तथा गर्म कपड़े , स्वेटर ,शाल आदि ओढ़ लेते हैं   लेकिन हमारे हाथ लगातार मौसम की मार झेलते हैं  जिससे हमारे हाथ   लाल , खुरदरे ,सूखे , बेजान और मुरझाये  दिखने लगते हैं।
 आप चाहे  कामकाजी महिला हों या होम मेकर ,आपके हाथ हर मौसम में  सबसे ज्यादा खुले रहते हैं  जिससे अन्य अंगों की बजाय हाथ सबसे ज्यादा सूखे होते हैं / सर्दियों में बाताबरण में नमी और बर्फीली हवाओं से आप के हाथ शुष्क  और खुरदरे हो जाते हैं /वातावरण में अचानक बदलाव से हाथों की त्वचा   प्रभावित होती हैं। सर्द ऋतु की तेज  बर्फीली हवाओं से त्वचा शुष्क  होने के साथ ही हाथों  का फटना भी शुरू हो जाता है।ऐसे में सवाल उठता है की इस ठन्डे मौसम में हाथों      की  बाहरी  संवेदनशील त्वचा में जलन , खुजली , सूखापन ,एक्जिमा , डर्मेटाइटिस आदि बिमारियों को कैसे रोका जाये /  मेरा यह मानना है की  साबुन , केमिकल , डिटर्जेंट और अलकोहल आधारित सैनी टाईज़र  का हाथों पर बार बार प्रयोग करने से  हाथों की  ऊपरी त्वचा  में प्रोटीन को नुकसान पहुँचेगा जिससे हाथ लाल , खुरदरे ,सूखे , बेजान और मुरझाये  दिखने लगते हैं / इनके ज्यादा प्रयोग से आपके हाथों में कट/ घाब  लग सकते हैं जिससे बैक्टीरिया हमारी त्वचा में प्रवेश कर सकता है जिससे ‘‘एक्जिमा’’ जैसे रोग घर कर सकते हैं।आपके हाथों में झुनझुनी  का अहसास हो सकता है और त्वचा फफोलेदार और पीड़ा दायक हो सकती है /वास्तव में हाथों की पिछली ओर की त्वचा काफी पतली होती है तथा इसमें तैलीय ग्रन्थियों की कमी रहती है जिसकी वजह से हाथों में झुर्रियां पड़ जाती हैं। आजकल कोरोना काल  में बार-बार साबुन/ सैनी टाइज़र  से हाथ धोने से नाखुन भी शुष्क होकर भुरभुरे हो जाते हैं तथा नीरस होकर आसानी से टूट जाते हैं।
 
हमारे हाथों  की  बाहरी परत की त्वचा वाॅटरप्रूफ बैरियर की तरह काम करती है । यह परत समतल कोशिकाओं से बनी होती है जोकि त्वचा की सामान्य नमी को बनाए रखते हुए त्वचा की बाहरी पदार्थों से रक्षा प्रदान करती है। जब हम हाथों को साबुन को झाग/ 
सैनी टाइज़र
 से बार-बार धोते हैं तो यह प्रकृतिक बैरियर टूट जाता है तथा हाथों की त्वचा को नुकसान पहुँचना शुरु हो जाता है तथा ऐसे में हाथों की त्वचा की रक्षा करना अनिवार्य हो जाता है। सबसे पहले यह  सुनिश्चित करें की  हाथ धोने के बाद उन्हें अच्छी तरह सूखने दें  तथा हाथ सूखने के बाद ही हैंड क्रीम लगाएं / हाथों के अच्छी तरह सूखने से बैक्टीरिया और वायरस दोनों मर जाते हैं  जबकि गीली त्वचा से इनके फैलने का खतरा बढ़ जाता है / इसके इलाबा सिंगल यूज़ नैपकिन का प्रयोग करें क्योंकि एक ही कपडे से बार बार हाथ पोंछने से बैक्टीरिया के फैलने का खतरा बढ़ सकता हैं / हाथ सूखने के बाद त्वचा पर जैल या खुशबू रहित हैंड क्रीम उपयोग में लाएं या आप मॉइस्चराइजिंग मास्क भी अप्लाई कर सकते हैं /शर्दियों में शावर जैल  या  ग्लिसरीन युक्त साबुन का प्रयोग बेहतर होगा /
 सबसे पहले सुबह के स्नान के समय हाथों को आयॅल तथा माईस्चराईज करने की शुरुआत करनी चाहिए।
  कच्चे दूध की मालिश हाथों को कोमल बनाये रखने में काफी मददगार साबित होती है / कच्चे दूध को निकालकर  फ्रिज में रख लीजिये और जब भी समय मिले तो हाथों पांवों पर मल कर धीरे धीरे मालिश करें /इससे त्वचा मुलायम होगी तथा त्वचा पर जमी मैल, गन्दगी दूर होगी /आप इस  प्रक्रिया को रोजाना दुहरा सकते हैं या 1 -2 दिन के अंतराल के बाद उपयोग कर सकते हैं।
स्नान से पहले हाथों पर गुनगुना तेल लगाकर हाथों पर अच्छी तरह मालिश कीजिए जिससे हाथों की त्वचा मुलायम/कोमल  हो जाती है । इसके लिए आप नाॅरियल तेल/ तिल /जैतून  या बादाम तेल का उपयोग करे तो ज्यादा बेहतर होगा। नहाने के तत्काल बाद जब आपकी त्वचा गीली हो तो हाथों पर माॅइस्चराईजर/क्रीम   लगा लीजिए जिससे त्वचा में नमी को बनाए रखने में मदद मिलेगी।  
  बादाम, दही और चुटकी भर हल्दी डालकर बने मिश्रण को हाथों पर लगाकर 30 मिनट बाद हाथों को ताजे ठण्डे पानी से धो डालिए। इस प्रक्रिया को आप हफ्ते में दो बार अपना सकते हैं। रात्रि को सोने से पहले हाथों पर पौष्क क्रीम की हल्के मालिश करने के बाद सो जाइए।
हाथों की त्वचा को मुलायम बनाए रखने के लिए आप कुछ घरेलू हर्बल प्रसाधनों की मदद भी ले सकती है। आजकल बाजार में कई तरह के माॅइस्चराईजर, हैंड क्रीम आदि उत्पाद उपलब्ध है। बाॅडी लोशन की बजाय हैंड क्रीम हमेशा बेहतर साबित होती है क्योंकि हैंड क्रीम ज्यादा पौषक होती है। पानी पर अधारित लोशन लगाने से त्वचा में सुखापन बढ़ जाता है क्योंकि पानी हवा में उड़ जाता है। इसके मुकाबले आयॅल पर आधारित क्रीम लगाना कहीं ज्यादा प्रभावी तथा लाभप्रद रहता है। जब भी आपके हाथ शुष्क हों तो तत्काल हैंड क्रीम लगाना कतई ना भूलें । हाथों को धाने के लिए उपयोग किए जाने वाले साबुन हल्के तथा सुगन्धरहित होने चाहिए।
चार चम्मच बादाम तेल, एक चम्मच गुलाब जल तथा आधा चम्मच टिनचर बेंज़ोइन को मिलकार बने मिश्रण को हाथों पर लगाकर हाथों पर सूती कपड़ा लपेटकर हाथों को ढक लें तथा इसे रात भर हाथों पर लगा रहने के बाद सुबह हाथों को    ताजे  सामान्य पानी से धो डालिए। इससे आपके हाथ कोमल तथा मुलायम हो जायेंगे।
लोशन की बजाय अगर आप क्रीम/आयॅन्टमैंट को प्राथमिकता दीजिए क्योंकि यह ज्यादा प्रभावी होते हैं।
नींबू जूस और चीनी को हाथों पर रगड़ने से त्वचा मुलायम होती है। 
 हाथों की त्वचा की रंगत को निखारने/मुलायम करने  के लिए थोड़ी सी चीनी में निम्बू रश मिलाकर हलके से मालिश करके थोड़ी देर बाद गुनगुने पानी से धो डालिये 
 
दो चम्मच सूर्यमुखी तेल, 2 चम्मच नींबू जूस तथा तीन चम्मच चीनी को मिलाकर बनाये मिश्रण को हाथों पर लगाकर आधे घण्टे बाद हाथों को ताजे साफ पानी से धो डालिए। इसे हफ्ते में तीन बार प्रयोग 
 कर सकते हैं।
ताजे संतरे की फांकों को एक फार्क से भेदकर इन्हें अपने हाथों पर आहिस्ता-आहिस्ता रगड़िये।
चोकर, बेसन, हल्दी तथा दूध को मिलाकर इसका पेस्ट बना लीजिए।  इस मिश्रण को 20 मिनट तक हाथों पर लगाने के बाद हाथों को ताजे साफ पानी से धो डालिए।
घर से बाहर निकलने से पहले हाथों पर सनस्क्रीन लोशन का लेप करना न भूलें  ताकि सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणों से हाथों को सुरक्षित रखा जा सके।
सर्दियों में नारियल तेल हाथों की कोमलता बनाये रखने में काफी सहायक होता है। नारियल तेल से हाथों की मालिश करने से त्वचा का रूखापन खत्म हो जाता है और हाथ नरम ,मुलायम और कोमल दिखने लगते हैं।
सर्दियों में हाथों को हमेसा गुनगुने या सामान्य पानी से धोएं। ज्यादा गर्म या अत्यधिक ठन्डे पानी से हाथों को धोने से हाथों की नमी कम हो जाती है, जिससे हाथों की  बाहरी त्वचा को नुकसान पहुँचता है।

यदि आपकी त्वचा कैमिकलयुक्त साबुन,डिटरजैंट के प्रति संवेदनशील है तो आप बर्तन धोते समय हाथों पर दस्ताना पहनना कतई न भूलें। आप सब्ज़ी धोती बार और कपडे धोती बार भी हाथों पर दस्ताना जरूर पहने, एक चम्मच खमीर को एक गिलास ताजे जूस में डालकर पीने से नाखुन तथा त्वचा बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक रहती है।


(लेखिका - शहनाज़ हुसैन, अन्र्ताष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौन्दर्य विशेषज्ञ हैं तथा हर्बल क्वीन के रूप में लोकप्रिय हैं)
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