आप खुद का सैँटा बने, खुद को खुश रखें, ध्यान रखें और खुद को ही बहुत सारे गिफ्ट्स दें..!

युक्ति कपूर (‘मैडम सर’ में करिश्मा)


ब मैं बच्ची थी तो, मैं सैँटा पर विश्वास करती थी, और मैं आमतौर पर अपने तकिए के नीचे ये सोचकर मोज़े रखकर सोती थी कि सैँटा आएगा और मेरे लिए गिफ्ट्स छोड़कर जाएगा। वह दिन बहुत मस्ती भरे थे। अब इस बार क्रिसमस पर, मैं मेरे दोस्तों से मिलूंगी, हम खाना खाएंगे और मुंबई के बांद्रा में बने माउंट मेरी चर्च जाएंगे। मुझे क्रिसमस के मौके पर वहां जाना बहुत पसंद है क्योंकि इस समय पर वहां की ऊर्जा बहुत सकारात्मक होती है। इस साल भी मेरे क्रिसमस पर यही प्लान्स हैं।

मैं अपने भाइयों के लिए उनकी सीक्रेट सैँटा बनती हूं क्योंकि मुझे उन्हें गिफ्ट्स देना बहुत पसंद है। इसलिए इस बार भी, मैं उन्हें क्रिसमस के गिफ्ट्स भेजने वाली हूं ताकि मैं उनके चेहरे पर वो मुस्कराहट देख सकूं। मैं खुद के लिए भी सैँटा हूं। मुझे लगता है यह बहुत ज़रूरी है कि आप खुद का सैँटा बने, खुद को खुश रखें, ध्यान रखें और खुद को ही बहुत सारे गिफ्ट्स दें।

येशा रूघानी (हीरो-गायब मोड ऑन में ज़ारा)

मुझे याद है कि स्कूल में हम क्रिसमस के मौके पर एक बहुत बड़ा आयोजन किया करते थे और मैं हमेशा स्किट्स और गायक-मंडली में हिस्सा लेती थी।

मुझे दूसरों के लिए सीक्रेट सैँटा बनना बहुत पसंद है और मेरे पिता वास्तव में मेरे सैँटा हैं। जब भी मेरे मन में कोई इच्छा होती थी, वह तुरंत ही पूरी हो जाती थी। ज़्यादातर समय मुझे वो बतानी भी नहीं पड़ती थी। मैं उन्हें सुपर क्यूट सैँटा के रूप में पाकर बहुत ही आभारी हूं क्योंकि वह मुझे बहुत स्पेशल महसूस करवाते हैं। यह भी एक वजह है जो मुझे दूसरों के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करता है और दूसरे शब्दों में कहूं तो उनका सैँटा होने के नाते उन्हें खास महसूस करवाता है। मुझे उन्हें गिफ्ट्स देने में मज़ा आता है।

पारस अरोड़ा (काटेलाल एंड संस में डॉ. प्रमोद)

चूंकि मैं बरेली से हूं, क्रिसमस के दौरान वहां बहुत ठंड पड़ती थी और दिन छोटे होते जाते थे। मुझे ये बहुत पसंद था और यही वजह है कि मैं क्रिसमस का बेसब्री से इंतज़ार करता था। बचपन के दौरान, हमारी सोसाइटी में हर कोई क्रिसमस पार्टी के लिए उत्साहित रहता था, जहां पर हम अपने दोस्तों से मिलते थे, स्वादिष्ट केक खाते थे और बहुत मस्ती करते थे। मैं सैँटा के आने और मेरे सपनों को पूरा होने का ब्रेसब्री से इंतज़ार करता था।

हालांकि, मुझे वास्तव में ये लगता है कि मेरी मां मेरी ज़िंदगी की सैँटा है। उनके बिना मैं अपनी ज़िंदगी की कल्पना भी नहीं कर सकता। वह एक ऐसी व्यक्ति हैं जो मुझे समझती हैं, ज़िंदगी के हर दौर में मेरा सहयोग करती हैं और मेरे बिना कहे ही वो मेरी सभी इच्छाओं को पूरा करती हैं।

देव जोशी (‘बालवीर रिटर्न्‍स’ में बालवीर)


मुझे क्रिसमस का उत्साह बहुत पसंद हैं और मैंने बचपन से ही हमेशा इसके जश्‍न का पूरा आनंद लिया है। मुझे अभी भी सैँटा क्लॉज़ में विश्वास है और मैं हर क्रिसमस पर उनसे गिफ्ट लेने का इंजतार करता हूं। मुझे कई वो छोटी-छोटी चीज़ें मिलती हैं जिसकी मुझे ज़रूरत होती हैं, या तो वो मेरी पसंदीदा पेन्सिल या फिर मेरा पसंदीदा कम्पास बॉक्स होता है। मेरे सैँटा मुझे बहुत महंगी चीज़ें नहीं देते, लेकिन हां, ये उपहार हर साल मुझे बहुत खुश कर देते हैं। ये वो छोटी-छोटी चीज़ें हैं जो आमतौर पर हमारे चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान लाती है।

इस साल, हमने ‘बालवीर रिटर्न्स’ की शूटिंग पर ढेर सारी मस्ती की जहां हम क्रिसमस की कहानी की शूटिंग कर रहे थे। दर्शकों के लिए बहुत सारे सरप्राइज़ेज हैं क्योंकि उन्हें आगामी एपिसोड्स में क्रिसमस का पूरा उत्‍साह मिलेगा। हम नॉर्थ पोल भी जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसे ज़रूर पसंद करेंगे।

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