कुटुंब न्यायालयों के साथ-साथ अधीनस्थ न्यायालयों में लिमिटेड फिजिकल/वर्चुअल फंक्शनिंग प्रारम्भ करने हेतु कार्य अवधि बढ़ाई

उज्जैन। उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा परिपत्र जारी कर कुटुंब न्यायालयों के साथ-साथ अधीनस्थ न्यायालयों में लिमिटेड फिजिकल/वर्चुअल फंक्शनिंग प्रारम्भ करने हेतु कार्य अवधि में वृद्धि करते हुए इसे 12 दिसम्बर तक किया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश उज्जैन श्री नरेन्द्रप्रताप सिंह ने उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्देश अनुसार विविध आदेश जारी कर समय-समय पर जारी कोविड-19 की गाईड लाइन का पालन करते हुए जिले के न्यायालयों/अनुविभागों का कार्य सम्पादित करने के लिये कहा गया है।

उल्लेखनीय है कि लिमिटेड फिजिकल फंक्शनिंग की सुनवाई में रिमांड, जमानत एवं सुपुर्दगीनामा प्रकरण, अपील, रिविजन (सिविल एवं आपराधिक दोनों), विचाराधीन बन्दियों से सम्बन्धित मामले, पांच वर्ष से अधिक समय से लम्बित आपराधिक प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों के सम्बन्ध में जमा राशि के भुगतान सम्बन्धी मामले, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-125 एवं 128 के अन्तर्गत मामले, किशोर न्यायालय बोर्ड सम्बन्धी मामले, दत्तक ग्रहण प्रकरण सम्बन्धी मामले, ऐसे मामले जिसमें याचिका दायर की गई हो, ऐसे प्रकरण जिसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के द्वारा समय-सीमा में निराकरण हेतु निर्देश दिये गये हों तथा अन्य अतिआवश्यक प्रकृति के सिविल एवं आपराधिक प्रकरण जिसमें न्यायालय द्वारा अतिआवश्यक सुनवाई योग्य हो, के आदि प्रकरणों की सुनवाई की जायेगी।