नाबालिग दो बेटियों का विवाह रोका गया, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए समझाईश दी गई

उज्जैन। गत दिवस उज्जैन जनपद के ग्राम ब्यावरा में रहने वाले श्री मेहरबानसिंह पंवार अपनी दो बेटियों का विवाह 26 दिसम्बर को करने जा रहे थे। दोनों ही बेटियां नाबालिग हैं। यह जानकारी बाल विवाह निरोधक दल के संज्ञान में आई। जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी के निर्देश पर सामाजिक कार्यकर्ता श्री गौरव मित्तल, रेखा वासनिक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, प्रधान आरक्षक श्री मंशाराम मुझाल्दे मौके पर पहुंचे एवं दोनों बेटियों के पिता को समझाईश दी।

टीम द्वारा परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बालिका की उम्र 18 वर्ष और बालक की उम्र 21 वर्ष पूर्ण होने के पूर्व विवाह नहीं करने की समझाईश दी गई। इसके अन्तर्गत यह भी बताया गया कि बाल विवाह करने पर परिजनों एवं सम्मिलित लोगों के विरूद्ध उक्त अधिनियम की धारा-10 एवं 11 के तहत दो वर्ष का कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा की कार्यवाही की जायेगी। इसके बाद बालिका के परिजनों द्वारा बालिकाओं का विवाह निरस्त करते हुए उसके बालिग होने के पश्चात ही विवाह किये जाने की लिखित में स्वीकृति दी गई। इस प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गठित संयुक्त दल की सजगता से घट्टिया में बाल विवाह सफलतापूर्वक रोका गया।