आज की बात आपके साथ - विजय निगम

           ॐ गं गणपतये नमः।।

 गुरूर-ब्रह्मा, गुरूर-विष्णू ,गुरूर-देव महेश्वरा  गुरूर- साक्षात परब्रह्म  तस्मैश्री गुरूर-नम:

  ॐयमाय धर्मराजाय श्री चित्रगुप्तवे नमो नमः   

🌸🌸🌲🌹💐💐🌸🌲🌹💐। 🌻प्रिय साथियो। 

🙏🌹राम-राम🌹 🙏,

🌻 नमस्ते।🌻

दिनांक 03दिसंबर 2020 गुरुवार प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।

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आज की बात आपके साथ  अंक मे है 

A. कुछ रोचक समाचार

B.आज के दिन जन्मे भारत के प्रथम राष्ट्रपति एवं महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी.डॉ राजेन्द्र प्रसाद.का .जीवन परिचय  लेख। 

C. आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

D. आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण    

    व्यक्तित्व

E. आज के दिन निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।

F. आज का दिवस का नाम ।

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       (A) कुछ रोचक समाचार(संक्षिप्त)

🌻(A/1)न्यूयॉर्क। अमरीका में भारतीय मूल के एक अपराधी पर लाखों रुपये के इनाम घोषित🌻

🌻(A/2)अपनी गर्लफ्रेंड की डिमांड पूरी करने के लिए अपनी किडनी बेची।बाद मे रेल्वे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी,पूलिस ने किया गिरफ्तार।🌻

🌻(A/3)फर्जीवाड़ाकरने वालेसाइबर ठगों ने एटीएम  से लाखों रूपए निकाल बैंक को लगाया चूना।🌻

🌻(A/4)बॉलीवुड सिंगर व एक्टर आदित्य नारायन ने अपनी गर्लफ्रेंड श्वेता अग्रवाल से की शादी।आदी ने कहा ये सब एक सपने जैसा है। 🌻

🌸🌲🌹💐💐🌸🌸🌲🌹💐💐(A)कुछ रोचक समाचार(विस्तृत)

🌻(A/1)न्यूयॉर्क। अमरीका में भारतीय मूल के एक अपराधी पर लाखों रुपये के इनाम घोषित🌻

अमरीका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI)ने ऐलान किया है कि जो भी

भारतीय मूल के अपराधी भद्रेशकुमार चेतनभाई पटेल

की सूचना देगा उसे 100,000 डॉलर का इनाम मिलेगा।

दरअसलFBI ने 2017 में टॉप 10 मोस्ट वांटेड अपरा

-धियों की एक सूची जारी की थी, जिसमें भद्रेशकुमार चेतनभाई पटेल का नाम भी शामिल था। तब से लेकर अब तक भद्रेशकुमारके बारे में FBI को कोई सूचना नहीं मिली। लिहाजा FBI ने एक बार फिर से इनामी राशि को दोहराया है।FBI के अनुसार,भद्रेश कुमार का जन्म गुजरात के कन्त्रोदीता विरमगाम में हुआ था।भद्रेश कुमार चेतनभाई पटेल पर अपनी पत्नी की हत्या करने का आरोप है।पुलिस के मुताबिक,2015 में भद्रेशकुमार ने कथित तौरपर अपनीपत्नीपलक की हनोवर के मैरीलैंड राज्यमें डंकिन डोनट्स कॉफी शॉप के अंदर चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से वह फरार है।

     🌺भद्रेशकुमार पर 1 लाख डॉलर का इनाम🌺

FBI जब 2017 तक भद्रेशकुमार को नहीं पकड़ पाई तोमोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में डाल दिया और उसपर एक लाख डॉलर की इनाम की घोषणा कर दी।कर्षित होऔर भद्रेशकुमार के बारे में कोई सूचनामिले।

जानकारी के अनुसार,इसघटना के एक महीनेपहले ही दोनों के वीजाकी अवधि खत्म होगईथीऔरजांचकता

र्ओं का मानना है कि पलक पटेल भारत वापस लौटना चाहती थीलेकिनउसके पति ने इसका विरोध कियाथा।

                 🌺क्या है पूरा मामला🌺

FBIने लोगों से एक बार फिर कहा है कि यदि वे भद्रेश

कुमारके बारे में कुछ भी जानते हैं या उनकेबारे में कोई सूचना हो तो तत्काल एजेंसी या निकटतम अमरीका वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर इसकी जानकारी दें।अधिकारियों के हवाले से डब्ल्यूटीओपी रेडियो ने बताया 'घटना के दौरान पटेल 24 साल का था, उसने कथित तौर पर अपनी 21 वर्षीय पत्नी पर दुकान के पिछलेहिस्सेमें रसोई के चाकू से कई बार वारकियाथा, उस दौरान वहां ग्राहक भी मौजूद थे।वे दोनों वहां काम करते थे।’रिपोर्ट केअनुसार, ऐनी अरुंडेल काउंटी के तत्कालीन पुलिस प्रमुख टिम अल्टोमारे ने डब्ल्यूटी

ओपी रेडियोको बताया की इस मामले में हिंसा भड़की 

थी। यह दिल दहला देने वाला था और यह पुलिस विभागके लिए झटकाथा'।भद्रेशकुमार ने आखिरी बार 

न्यू जर्सी के एक होटल से राज्य केनेवार्क में एक ट्रेन स्टेशन के लिए टैक्सी ली थी। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं है।

🌸💐🌹🌲🌱🌸🌸🌹💐🌻(A/2)अपनी गर्लफ्रेंड की डिमांड पूरी करने के लिए अपनी किडनी बेची।बाद मे रेल्वे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी,पूलिस ने किया गिरफ्तार।🌻 

कानपुर-रेलवे के कानपुर सेंट्रल स्टेशन,झकरकटी बस अड्डा आदि को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले जेल में बंदअरशद अली उर्फ राहुल सिंह से पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ हैकि उसने अपनी गर्लफ्रेंड कीडिमांड

पूरी करने के लिए अपनी किडनी 3.50 लाख रुपये में बेची थी।किडनी मामले को लेकर पुलिस कादावाहैकि अरशद की किडनी सौदा करने वाले गैंग का शहर के किडनी कांड गैंग से कोई कनेक्शन नहीं है। बाबूपुरवा थानाप्रभारी जर्नादन सिंह ने बताया कि 25 अक्तूबर को अरशद अली को झकरकटी के पास एक होटल से गिरफ्तार किया गया था।

अरशदने पुलिस को धोखा देने के लिए राहुलसिंह नाम से फर्जी आईडी बनवा रखी थी।जब उसे होटल से गिर

फ्तार किया गया था। उस समय भी उसने अपना नाम राहुल बताया था। बताया गया कि अरशद बाबूपुरवा में रहनेवालीअपनी गर्लफ्रेंड सेमिलने आया था।जबउसने

मिलने की बात कही तो गर्लफ्रेंड ने मिलने से इंकारकर 

दिया।इससे दोनों में विवाद हो गया। तो उसने रेलवे स्टेशन व झकरकटी को बम से उड़ाने की धमकी देकर सभी को सकते में डाल दिया था।पुलिस के अनुसार सालोंपहले वो परिवार के साथ कानपुर छोड़करप्रयाग

राज में बस गया था। बताया गया कि साल 2011 में प्रयागराज में भी बम से स्टेशन को उड़ाने की धमकी देने पर अरशद जेल गया था। पुलिस का कहना है कि आशंकाहै कि देश में कई किडनी बेचनेवालेगैंग सक्रिय हैं। इनका दिल्ली और जयपुर के अस्पतालों से तो संपर्क हो सकता है लेकिन आपस में कोई कनेक्शन नहीं है।🌱🌸🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹🌲🌹🌻(A/3)फर्जीवाड़ाकरने वालेसाइबर ठगों ने एटीएम  से लाखों रूपए निकाल बैंक को लगाया चूना।🌻

फर्जीवाड़ा करने वाले साइबर ठगों ने एटीएम 7 युक्ति से लाखों रूपए निकाल बैंक को चूना लगायूज नेटवर्क

कानपुर-फर्जीवाड़ा करने वाले साइबर ठगों ने एटीएम से अनोखी युक्ति से लाखों रूपए निकाल बैंक को चूना लगा दिया। इस फर्जीवाड़ा कारनामे में एक महिला समेत दो पुरुष शामिल हैं। जिन्होंने कानपुर में एटीएम मशीन में तकनीकी गड़बड़ी कर 61 बार में 11 लाख 72 हजार रुपए निकाल लिए। जिस एटीएम मशीन से पैसे निकाले गए, उसके फुटेज चेक करने पर तीनो आरोपी कैमरे में कैद पाए गए। जिन्हे बैंक ने सबूत के रूप में पुलिस को दिए हैं। पैसे निकालने वाले तीन साइबर ठगों के खिलाफ कोतवाली में केस दर्ज हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कोतवाली इंस्पेक्टर ने बताया कि एसबीआई मॉल रोड शाखा के मैनेजर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

दरअसल बताया गया कि कानपुर के न्यू आजाद नगर की प्रीती, बारादेवी के दीपक और राजकुमार ने पिछले साल जुलाई में बैंक में खाता खुलवाया था। जिसके बाद एक साल के भीतर प्रीती ने 19 बार, राजकुमार व दीपक ने 21-21 बार एटीएम से रुपये निकाले। 11.72 लाख की रकम मुंबई के एक एटीएम से निकाली गई हैं। आरोपी एटीएम मशीन में चिमटी फंसाते थे और एक नोट एटीएम में वापस चले जाने देने की तकनीकी गड़बड़ी करते थे। इससे बैंक की लिखापढ़ी में ट्रांजेक्शन दर्ज नहीं होता था। बाद में आरोपी बैंक में शिकायत कर रुपये वापस ले लेते थे। यानी रुपये निकल जाते लेकिन उनके खाते में रकम बनी रहती। विभागीय जांच में यह फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद मैनेजर ने तीन के खिलाफ केस दर्ज कराया है। कोतवाली इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता और पर्याप्त साक्ष्य हैं।

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🌻(A/4)बॉलीवुड सिंगर व एक्टर आदित्य नारायन ने अपनी गर्लफ्रेंड श्वेता अग्रवाल से की शादी।आदी ने कहा ये सब एक सपने जैसा है। 🌻

नई दिल्ली: बॉलीवुड सिंगर व एक्टर आदित्य नारायण ने अपनी गर्लफ्रेंड श्वेता अग्रवाल संग 1 दिसंबर को शादी कर ली है। दोनों की ग्रैंड शादी की तस्वीरें और वीडियोज़ सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। श्वेता के साथ सात फेरे लेने के बाद आदित्य की खुशी सातवें आसमान पर है। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह सब एक सपने जैसा है, जो अब सच हो चुका है।दरअसल, मिडिया से बातचीत में आदित्य ने कहा, 'श्वेता और मैं अब शादीशुदा हैं। यह एक सपने जैसा लगता है।यह एक सपने जैसा है, जो अब पूरा हो चुका है।मैं श्वेता के अलावा किसी और इंसान के साथअपनी 

जिंदगी बिताने के बारे में सोच भी नहीं सकता हूं।श्वेता ने मुझे एक अच्छा इंसान बनने में काफी मदद की है। श्वेता वह शख्स हैं, जिनके साथ में वैसा ही होता हूं जैसा मैं हूं।'

आदित्य नारायण और श्वेता अग्रवाल की शादी की तस्वीरेंऔर वीडियोज़ सोशल मीडिया पर जमकर वाय

-रल हो रही हैं। एक वीडियो में आदित्य नारायण ढोल पर बैठकर डांस करते नजर आ रहे हैं। उनके चेहरे पर खुशी साफ तौर पर देखी जा सकती है। इसके अलावा एक वीडियो में आदित्य और श्वेता एक-दूसरे के गले में जयमाला डालते हुए नजर आ रहे हैं। एक तरफ जहां आदित्य आराम से अपने गले में जयमाला डलवा लेते हैं तो वहीं श्वेता को उनके दोस्त उठा देते हैं। ऐसे में आदित्य के दोस्तों ने भी उन्हें उठाया और उसके बाद उन्होंने श्वेता के गले में जयमाला डाली। दोनों का यह वीडियो काफी पसंद किया जा रहा है।

अपनी शादी की जानकारी खुद आदित्य नारायण ने अपने फैंस को दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी मुलाकात श्वेता से फिल्म शापित के सेट पर हुई थी। यहीं सेदोनों के प्यार की शुरुआत हुई थी। वहीं,बेटे की शादी के बारे में बात करते हुए उदित नारायण ने कहा था, 'दोनों की शादी मंदिर में होगी। इसमें केवल 50 ही लोग शामिल होंगे।उसके बाद एक रिसेप्शन पार्टी रखी जाएगी।उदितनारायणने बताया कि उन्होंनेपीएममोदी, अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा जी, धर्मेंद्र जी, रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण और माधुरी दीक्षित को न्योता भेजा है।'

🌸🌸🌲🌹🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹(B)आज के दिन जन्मे भारत के प्रथम राष्ट्रपति एवं महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी.डॉ राजेन्द्र प्रसाद

.का .जीवन परिचय  लेख।

       भारत के प्रथम राष्ट्रपति एवं 

                महान भारतीय    

                स्वतंत्रता सेनानी                  

                डॉ राजेन्द्र प्रसाद 

                        का

            जीवन परिचय  लेख. 

डॉ राजेन्द्र प्रसाद (3 दिसम्बर 1884 – 28 फरवरी 1963) भारत के प्रथम राष्ट्रपति एवं महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे।[1] वे भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से थे और उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में प्रमुख भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया था। राष्ट्रपति होने के अतिरिक्त उन्होंने भारत के पहले मंत्रिमंडल में 1946 एवं 1947 मेें कृषि और खाद्यमंत्री का दायित्व भी निभाया था। सम्मान से उन्हें प्रायः 'राजेन्द्र बाबू' कहकर पुकारा जाता है।

            🌀प्रारंभिक जीवन 🌀

राजेन्द्र बाबू का जन्म 3 दिसम्बर 1884 को बिहार के तत्कालीन सारण जिले (अब सीवान) के जीरादेई नामक गाँव में हुआ था। उनके पिता महादेव सहाय संस्कृत एवं फारसी के विद्वान थे एवं उनकी माता कमलेश्वरी देवी एक धर्मपरायण महिला थीं।

राजेन्द्र प्रसाद के पूर्वज मूलरूप से कुआँगाँव, अमोढ़ा (उत्तर प्रदेश) के निवासी थे। यह एक कायस्थ परिवार था। कुछ कायस्थ परिवार इस स्थान को छोड़ कर बलिया जा बसे थे। कुछ परिवारों को बलिया भी रास नहीं आया इसलिये वे वहाँ से बिहार के जिला सारण (अब सीवान) के एक गाँव जीरादेई में जा बसे। इन परिवारों में कुछ शिक्षित लोग भी थे। इन्हीं परिवारों में राजेन्द्र प्रसाद के पूर्वजों का परिवार भी था। जीरादेई के पास ही एक छोटी सी रियासत थी - हथुआ। चूँकि राजेन्द्र बाबू के दादा पढ़े-लिखे थे, अतः उन्हें हथुआ रियासत की दीवानी मिल गई। पच्चीस-तीस सालों तक वे उस रियासत के दीवान रहे। उन्होंने स्वयं भी कुछ जमीन खरीद ली थी। राजेन्द्र बाबू के पिता महादेव सहाय इस जमींदारी की देखभाल करते थे। राजेन्द्र बाबू के चाचा जगदेव सहाय भी घर पर ही रहकर जमींदारी का काम देखते थे। अपने पाँच भाई-बहनों में वे सबसे छोटे थे इसलिए पूरे परिवार में सबके प्यारे थे।

उनके चाचा के चूँकि कोई संतान नहीं थी इसलिए वे राजेन्द्र प्रसाद को अपने पुत्र की भाँति ही समझते थे। दादा, पिता और चाचा के लाड़-प्यार में ही राजेन्द्र बाबू का पालन-पोषण हुआ। दादी और माँ का भी उन पर पूर्ण प्रेम बरसता था।

बचपन में राजेन्द्र बाबू जल्दी सो जाते थे और सुबह जल्दी उठ जाते थे। उठते ही माँ को भी जगा दिया करते और फिर उन्हें सोने ही नहीं देतेथे।अतएव माँ भी उन्हें प्रभातीकेसाथ-साथ 

रामायण महाभारत की कहानियाँ और भजन कीर्तन आदि रोजाना सुनाती थीं।पाँच वर्ष की 

उम्र में ही राजेन्द्र बाबू ने एक मौलवी साहब से फारसीमें शिक्षाशुरूकिया।उसकेबाद वे अपनी प्रारंभिक शिक्षा के लिए छपरा के जिला स्कूल गए।राजेन्द्रबाबू काविवाहउस समय की परी-

पाटी के अनुसार बाल्यकाल में ही, लगभग 13 वर्ष की उम्र में, राजवंशी देवी से हो गया। विवाह के बाद भी उन्होंने पटना की टी० के० घोष अकादमी से अपनी पढाई जारी रखी। उनका वैवाहिक जीवन बहुत सुखी रहा और उससे उनके अध्ययन अथवा अन्य कार्यों में कोई रुकावट नहीं पड़ी।

लेकिन वे जल्द ही जिला स्कूल छपरा चले गये औरवहीं से18 वर्षकी उम्र मेंउन्होंनेकोलकाता

विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा दी। उस प्रवेश परीक्षामेंउन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। सन् 1902 में उन्होंने कोलकाता के प्रसिद्ध प्रेसि

डेंसी कॉलेज में दाखिला लिया।उनकी प्रतिभा नेगोपालकृष्ण गोखलेतथा बिहार-विभूति अनु

ग्रह,नारायणसिन्हाजैसेविद्वानोंका ध्यानअपनी

 ओर आकर्षित किया। 1915 में उन्होंने स्वर्ण पद केसाथ विधि परास्नातक(एलएलएम) की परीक्षा पास की और बाद में लॉ के क्षेत्र में ही उन्होंने डॉक्ट्रेट की उपाधि भी हासिल की। राजेन्द्र बाबू कानून की अपनी पढाई का अभ्यास भागलपुर, बिहार में किया करते थे।

   🔶हिन्दी एवं भारतीय भाषा-प्रेम🔶

यद्यपि राजेन्द्र बाबू की पढ़ाई फारसी और उर्दू से शुरू हुई थी तथापि बी० ए० में उन्होंने हिंदी ही ली।वेअंग्रेजी,हिन्दी, उर्दू, फ़ारसी व बंगाली भाषा और साहित्य से पूरी तरह परिचित थे तथा इन भाषाओं में सरलता से प्रभावकारी व्याख्यान भी दे सकते थे। गुजराती का व्याव

हारिक ज्ञान भी उन्हें था। एम० एल० परीक्षा के लिए हिन्दू कानून का उन्होंने संस्कृत ग्रंथों से हीअध्ययन किया था। हिन्दी के प्रति उनका अगाध प्रेम थाहिन्दी पत्र-पत्रिकाओं जैसेभारत मित्र,भारतोदय, कमला आदि में उनके लेख छपते थे।उनके निबन्ध सुरुचिपूर्ण तथा प्रभावकारीहोते थे।1912 ईमें जब अखिल भारतीयसाहित्य सम्मेलन का अधिवेशन कलकत्ते में हुआ तब स्वागतकारिणी समिति के वे प्रधान मन्त्री थे।1920 ई. में जब अखिल भारतीय हिंदी साहित्य सम्मेलन का 10वाँ अधिवेशन पटनामें हुआ तबभी वे प्रधान मन्त्री थे।1923 ई.में जब सम्मेलन का अधिवेशन काकीनाडा में होनेवाला था तब वे उसके अध्यक्ष मनोनीत हुए थेपरन्तु रुग्णता के कारण वे उस उपस्थित नहोसकेअतःउनका भाषजमनालालबजाज 

ने पढ़ा था।1926 ई० में वे बिहार प्रदेशीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन के और 1927 ई० में उत्तर प्रदेशीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति थे। हिन्दी में उनकी आत्मकथा बड़ी प्रसिद्ध पुस्तक है। अंग्रेजी में भी उन्होंने कुछ पुस्तकें लिखीं। उन्होंने हिन्दी के 'देश' और अंग्रेजी के 'पटना लॉ वीकली' समाचार पत्र का सम्पादन भीफ किया था।

        💥स्वतंत्रता आंदोलन 💥

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनका पदार्पण वक़ील के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत करते ही हो गया था। चम्पारण में गान्धीजी ने एक तथ्य अन्वेषण समूह भेजे जाते समय उनसे अपने स्वयंसेवकों के साथ आने का अनुरोध किया था। राजेन्द्र बाबू महात्मा गाँधी की निष्ठा, समर्पण एवं साहस से बहुत प्रभावित हुए और 1921 में उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय के सीनेटर का पदत्याग कर दिया। गाँधीजी ने जब विदेशी संस्थाओं के बहिष्कार की अपील की थी तो उन्होंने अपने पुत्र मृत्युंजय प्रसाद, जो एक अत्यंत मेधावी छात्र थे, उन्हें कोलकाता विश्वविद्यालय से हटाकर बिहार विद्यापीठ में दाखिल करवाया था। उन्होंने 'सर्चलाईट' और 'देश'जैसीपत्रिकाओं में इस विषय पर बहुत से लेखलिखे थेऔर इनअखबारों के लिए अक्सर वे धन जुटाने का काम भी करते थे। 1914 में बिहार

और बंगाल मेआई बाढ़ में उन्होंनेकाफीबढ़चढ़करसेवा

कार्य किया था।बिहारके1934 के भूकंप के समय राजेन्द्र बाबू कारावास में थे।जेल से दो वर्ष में छूटने के पश्चात वे भूकम्प पीड़ितों के लिए धनजुटाने में तन-मन से जुटगयऔर उन्होंने वायसराय के जुटाये धन सेकहीं अधिक अपने व्यक्तिगत प्रयासों से जमा किया। सिंध और क्वेटा के भूकम्प के समय भी उन्होंने कई राहत

-शिविरोंका इंतजाम अपने हाथों मे लिया था।

1934 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुंबई अधिवेशन में अध्यक्ष चुने गये। नेताजी सुभाषचंद्र बोस के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देने पर कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार उन्होंने एक बार पुन: 1939 में सँभाला था।

भारत के स्वतन्त्र होने के बाद संविधान लागू होने पर उन्होंने देश के पहले राष्ट्रपति का पदभार सँभाला। राष्ट्रपति के तौर पर उन्होंने कभी भी अपने संवैधानिक अधिकारों में प्रधानमंत्री को दखलअंदाजी का मौका नहीं दिया और हमेशा स्वतन्त्र रूप से कार्य करते रहे। हिन्दू अधिनियम पारित करते समय उन्होंने काफी कड़ा रुख अपनाया था। राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने कई ऐसे दृष्टान्त छोड़े जो बाद में उनके परवर्तियों के लिए उदाहरण बन गए।

भारतीय संविधान के लागू होने से एक दिन पहले 25 जनवरी 1950 को उनकी बहन भगवती देवी का निधन हो गया, लेकिन वे भारतीय गणराज्य के स्थापना की रस्म के बाद ही दाह संस्कार में भाग लेने गये। 12 वर्षों तक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करने के पश्चात उन्होंने 1962 में अपने अवकाश की घोषणा की। अवकाश ले लेने के बाद ही उन्हें भारत सरकार द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाज़ा गया।

                🔶 सरलता🔶

राजेन्द्र बाबू की वेशभूषा बड़ी सरल थी। उनके चेहरे मोहरे को देखकर पता ही नहीं लगता था कि वे इतने प्रतिभासम्पन्न और उच्च व्यक्तित्ववाले सज्जन हैं। देखने में वे सामान्य किसान जैसे लगते थे।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें डाक्टर ऑफ ला की सम्मानित उपाधि प्रदान करते समय कहा गया था - "बाबू राजेंद्रप्रसाद ने अपने जीवन में सरल व नि:स्वार्थ सेवा का ज्वलन्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। जब वकील के व्यवसाय में चरम उत्कर्ष की उपलब्धि दूर नहीं रह गई थी, इन्हें राष्ट्रीय कार्य के लिए आह्वान मिला और उन्होंने व्यक्तिगत भावी उन्नति की सभी संभावनाओं को त्यागकर गाँवों में गरीबों तथा दीन कृषकों के बीच काम करना स्वीकार किया।"

सरोजिनी नायडू ने उनके बारे में लिखा था - "उनकी असाधारण प्रतिभा, उनके स्वभाव का अनोखा माधुर्य, उनके चरित्र की विशालता और अति त्याग के गुण ने शायद उन्हें हमारे सभी नेताओं से अधिक व्यापक और व्यक्तिगत रूप से प्रिय बना दिया है। गान्धी जी के निकटतम शिष्यों में उनका वही स्थान है जोईसा मसीह के निकट सेंट जॉन का था।"

                 💢विरासत 💢

सितम्बर 1962 में अवकाश ग्रहण करते ही उनकी पत्नी राजवंशी देवी का निधन हो गया। मृत्यु के एक महीने पहले अपने पति को सम्बो

धित पत्र में राजवंशी देवी ने लिखा था - "मुझे लगताहै मेराअन्तनिकट है,कुछ करने कीशक्ति

का अन्त, सम्पूर्ण अस्तित्व का अन्त।" राम! राम!! शब्दों के उच्चारण के साथ उनका अन्त 28फरवरी1963कोपटना के सदाक़त आश्रम में हुआ।उनकी वंशावली को जीवित रखने का कार्य उनके प्रपौत्र अशोक जाहन्वी प्रसाद कर रहे हैं। वे पेशे से एक अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति-प्राप्त वैज्ञानिकएवं मनोचिकित्सक हैं।उन्होंने बाई-

पोलर डिसऑर्डरकी चिकित्सा में लीथियम के

सुरक्षित विकल्प के रूप में सोडियम वैलप्रोरेट कीखोजकी थी।अशोक जीप्रतिष्ठितअमेरिकन अकैडमीऑफआर्टऐण्डसाइंस के सदस्यभी हैं।

                   🔶कृतियाँ🔶

राजेन्द्र बाबू ने अपनी आत्मकथा (1946) के अतिरिक्त कई पुस्तकें भी लिखी जिनमें बापू के कदमों में बाबू (1954), इण्डिया डिवाइडेड (1946),सत्याग्रहऐटचम्पारण(1922), गान्धी

जी की देन, भारतीय संस्कृति व खादी काअर्थ

शास्त्र इत्यादि उल्लेखनीय हैं।

               💢भारत रत्न 💢

सन 1962 में अवकाश प्राप्त करने पर राष्ट्र ने उन्हें भारत रत्‍न की सर्वश्रेष्ठ उपाधि से सम्मा-

नित किया।यह उस भूमिपुत्र के लिये कृतज्ञता काप्रतीक थाजिसने अपनीआत्मा की आवाज़ सुनकर आधी शताब्दी तक अपनी मातृभूमि की सेवा की थी।

                    💥निधन💥

अपनेजीवन के आख़िरी महीनेबिताने के लिये उन्होंने पटना के निकट सदाकत आश्रम चुना। यहाँ पर 28 फ़रवरी 1963 में उनके जीवन की कहानी समाप्त हुई।  यह कहानी थी श्रेष्ठ भारतीय मूल्यों और परम्परा की चट्टान सदृश्य आदर्शों की। हम सभों को इन पर गर्व है और ये सदा राष्ट्र को प्रेरणा देते रहेंगे

🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐🌻(C) आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ💐

1790 – लार्ड कार्नवालिस ने आपराधिक मामलों में न्याय की ताकत मुशिर्दाबाद के नवाब से छीन कर अपने हाथ में कर ली और सदर निजामत अदालत को कोलकाता स्थानांतरित कर दिया।

1796 – बाजी राव द्वितीय को मराठा साम्राज्य का पेशवा बनाया गया। वे मराठा साम्राज्य के अंतिम पेशवा थे।

1829 – वायसराय लार्ड विलियम बेंटिक ने भारत में सती प्रथा पर रोक लगायी।

1824 – अंग्रेज़ों ने मद्रास और मुंबई से कुमुक मंगा कर फिर कित्तूर का किला घेर लिया।

1828 – एंड्रयू जैक्सन अमेरिका के सातवें राष्ट्रपति चुने गए।

1829 – वायसराय लॉर्ड विलियम बैंटिक ने भारत में सती प्रथा पर रोक लगायी।

1860 – मारगाओ निवासी अगस्टिनो लोउरेंको ने पेरिस से रसायन शा में डॉक्टरेट की डिग्री पूरी की। संभवतः वे प्रथम भारतीय थे, जिन्होंने विदेश से अपनी डाक्टरेट की डिग्री पूरी की थी।

1910 – फ्रांसीसी भौतिकशास्त्री जॉर्जेज क्लाउड द्वारा विकसित विश्व के पहले नियोन लैम्प का पहली बार पेरिस के मोटर शो में प्रदर्शन।

1912 – तुर्की, बुल्गारिया, सर्बिया, यूनान और मोंटेगरो ने युद्धविराम समझौता किया।

1943 – द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति फेंकलिन डी रूजवेल्ट, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल और तुर्की के राष्ट्रपति इस्मत इनोनु द्वितीय काईरो सम्मेलन में मिले।

1948 – पूर्वी चीन सागर में चीनी शरणार्थी जहाज को ले जा रहे जहाज कियांग्या में विस्फाेट हाेने से 1,100 लाेगों की माैत हुई।

1959 – भारत और नेपाल ने गंडक सिंचाई और विद्युत परियोजना के समझौते पर हस्ताक्षर किये।

1967 – भारत का पहला रॉकेट रोहिणी आर एच ७५ को थुम्बा से प्रक्षेपित किया गया।

1967 – इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो नजरबंद किये गए।

1971 – भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद देश में आपातकाल लागू हुआ।

1972 – होन्डुरान के सेना जनरल ओस्वाल्डो लोपेज अरेलानो ने राष्ट्रपति रमोन क्रुज का तख्ता पलट किया।

1974 – एक हालैंड (डच) यात्री विमान श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में सभी 191 यात्रियों की मौत हो गई।

1975 – लाओस गणराज्य घोषित।

1977 – जीन बेडेल बोकासा ने स्वयं को मध्य अफ्रीकी साम्राज्य का सम्राट घोषित किया।

1980 – पुर्तगाल के प्रधानमंत्री फ्रांसिसको साकाल्नरो की लिस्बन में विमान दुर्घटना में मौत हो गई।

1984 – भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से विषैली गैस लीक होने से कम से कम 3000 लोग मारे गए और कई हजार व्यक्ति शारीरिक विकृति के शिकार हो गए।

1989 – रूस के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्वाच्योव और अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने शीत युद्ध खत्म होने की घोषणा की।

1994 – ताइवान में पहला स्वतंत्र स्थानीय चुनाव सम्पन्न।

1999 – विश्व प्रसिद्ध गिटार वादक चार्ली ली बर्ड का निधन,

1999 – चेचेन्या के छापामारों ने 250 रूसी सैनिकों को मार गिराया।

2000 – विसिट फ़ॉक्स मैक्सिको के नये राष्ट्रपति निर्वाचित

2000 – आस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को टेस्ट मैच में हराकर लगातार 12 टेस्ट मैच जीतने का रिकार्ड बनाया।

2001 – गाजा पर इस्रायल के हमले में यासर अराफात के हैलीकॉप्टर नष्ट।

2002 – यूएनईपी ने भारत समेत सात उष्णकटिबंधीय देशों में जैव विविधता के अध्ययन के लिए 2 करोड़ 60 लाख डालर जारी किया।

2004 – पुर्तग़ाल के सर्वोच्च न्यायालय में मोनिका की अर्जी खारिज।

2004 – ईराक में पुलिस थानों पर हुए हमले में 30 लोगों की मौत।

2004 – भारत और पाकिस्तान 40 वर्षों के बाद मुनाबाव और खोखरापार के बीच रेल संपर्क फिर से बहाल करने के लिए सहमत हुए।

2008 – मुंबई में हुई 26 नवंबर की आतंकवादी घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री विलासराव देशमुख ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।

2012 – फिलीपींस में ‘भूफा’ तूफान से कम से कम 475 लोगों की मौत।

🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌸🌸🌲🌹💐💐🌹💐💐(D)आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व

1882 – नंदलाल बोस - भारत के एक प्रसिद्ध चित्रकार

1884 – डॉ राजेन्द्र प्रसाद, भारत के प्रथम राष्ट्रपति

1888 – रमेशचन्द्र मजुमदार, प्रसिद्ध भारतीय इतिहासकार

1889 – खुदीराम बोस - स्‍वतंत्रता सेनानी

1903 – यशपाल - हिन्दी के यशस्वी कथाकार और निबन्ध लेखक

1910 – आर वेंकटरामन, भारत के आठवें राष्ट्रपति का जन्म हुआ।

1913 – शिवनारायण श्रीवास्तव - हिन्दी साहित्य के अध्ययनशील एवं मननशील रचनाका।

1937 – विनोद बिहारी वर्मा - भारतीय भाषाविद।

1957 – रमाशंकर यादव 'विद्रोही' - जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय रहे जनकवि थे।

1982 – मिताली राज - टेस्ट क्रिकेट मैच में दोहरा शतक बनाने वाली पहली भारतीय महिला,।

🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌸🌲🌹💐💐🌲🌹💐💐(E)आज के दिन निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।

1971 – लांस नायक अलबर्ट एक्का, परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक

1979 – मेजर ध्यानचंद- भारत के ख्याति प्राप्त हॉकीखिलाड़ी।

1980 – फ्रांसिसको साकाल्नरो, पुर्तगाल के प्रधानमंत्री

2000 – हेंक एरोन, सूरीनाम को 1975 में नीदरलैंड की दासता से मुक्त कराने वाले नेता

2011 – देव आनंद - फ़िल्म अभिनेता और निर्माता।

🌻💐🌹🌲🌱🌸🌲🌹💐💐🌻🌲🌹💐💐🌻    (F) आज का दिन/दिवस का नाम

1.भोपाल गैस काण्ड वायू प्रदूषण दिवस

2. नंदलाल बोस - भारत के एक प्रसिद्ध चित्रकारथे आज उनका जयंती दिवस।

3.डॉ राजेन्द्र प्रसाद, भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे आज उनका जयंती दिवस।

4.रमेशचन्द्र मजुमदार, प्रसिद्ध भारतीय इतिहासकार

थेआज उनका जयंती दिवस।

5. खुदीराम बोस - स्‍वतंत्रता सेनानी थे आज उनका जयंती दिवस।

6. लांस नायक अलबर्ट एक्का, परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक थे आज उनका पुण्यतिथि दिवस।

7.मेजर ध्यानचंद-भारत के ख्याति प्राप्तहॉकीखिलाड़ी

थे आज उनका पुण्यतिथि दिवस।

8.फ्रांसिसको साकाल्नरो,पुर्तगाल के प्रधानमंत्री  थे

आज उनका पुण्यतिथि दिवस।

🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐 🌸🌸🌲🌹  

आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।

      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।

💐।जय चित्रांश।💐

💐जय महाकाल,बोले सो निहाल💐

💐।जय हिंद जय भारत💐

💐  निवेदक;-💐

💐 चित्रांश ;-विजय निगम।💐

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