आज की बात आपके साथ - विजय निगम

            ।ॐ गं गणपतये नमः।।


 गुरूर-ब्रह्मा, गुरूर-विष्णू ,गुरूर-देव महेश्वरा


 गुरूर- साक्षात परब्रह्म तस्मैश्री गुरूर-नम:


ॐयमाय धर्मराजाय श्री चित्रगुप्ताय नमो नमः।।.   


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प्रिय साथियो। 


🌹राम-राम🌹 


🌻 नमस्ते।🌻


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का दिनांक 05 नवम्बर 2020 गुरूवार की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।


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आज की बात आपके साथ अंक मे है 


A. कुछ रोचक समाचार


B.आज केदिनजन्मे भारतीय राष्ट्रिय वकील.चितरंजन


 दास का.जीवन परिचय.लेख.


C.आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ


D.आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण    


    व्यक्तित्व


E.आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।


F. आज का दिवस का नाम ।


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     (A) कुछ रोचक समाचार(संक्षिप्त)


❤(A/1)इस बार ग्वालियर विधानसभा का परिणाम इतिहास बनेगा:प्रद्युम्न सिंह तोमर ❤


❤(A/2)सयुंक्त राज्य अमेरिका चुनाव:-अब सभी की नजर फ्लोरिडा पर डोनाल्ड ट्रम्प व बिडेन के बिच कांटे की टक्कर❤।


❤(A/3)मुकेशअंबानी दुनिया के टॉप 10 अमीरों की फोब्र्स लिस्ट से बाहर जानिए क्या कारण रहा।❤


❤(A/4)आज के दिन जन्मी प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री जेबा बख्तियार का जीवन परिचय।❤


 


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        (A)कुछ रोचक समाचार(विस्तृत)


❤(A/1)इस बार ग्वालियर विधानसभा का परिणाम इतिहास बनेगा:प्रद्युम्न सिंह तोमर ❤


ग्वालियर। मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर चल रहे उपचुनावों में से एक सीट ग्वालियर विधानसभा से चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी व प्रदेश के उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दावा किया है कि इस बार विधानसभा का परिणाम इतिहास बनेगा। वहीं आज सिंधिया ने भी पहली बार बीजेपी की तरफ से मतदान करने के बाद सभी 28 सीटों पर जीत का दावा किया है।


तोमर ने आज अपनी पत्नी व बेटे के साथ तानसेन रोड स्थिति शिक्षा महाविद्यालय मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अपना वोट डालने के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि ये चुनाव मैं नहीं लड़ रहा हूं। ये चुनाव ताक जनता लड़ रही है, अत: परिणाम जनता के पक्ष में ही आएगा। उनके अनुसार मप्र की 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में इस बार ग्वालियर विधानसभा का परिणामइतिहास बनेगा। ये बोले सिंधिया।


वहीं इनके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी आज मतदान किया है। वे वोट डालने ग्वालियर के एमआई शिशु मिंदिर स्थित मतदान केंद्र नंबर 259 पहुंचे। सिंधिया ने पहली बार बीजेपी की तरफ से मतदान करने के बाद सभी 28 सीटों पर जीत का दावा किया है। सिंधिया ने कहा कि कमलनाथ चाहे जितने भी आरोप लगा लें, जनता बीजेपी को पूरा समर्थन दे रही है।


सिंधिया ने कहा कि हार के डर से कांग्रेस किसी भी तरह के मुद्दे बनाती है, कांग्रेस पार्टी देश का नहीं, सिर्फ स्वयं का विकास चाहती है। वोट डालने के बाद सिंधिया ने कहा कि पहली बार बीजेपी की तरफ से वोट डालने पर गर्व महसूस कर रहा हूं मतदान के बाद सिंधिया ने जिस तरह से बीजेपी के पक्ष में किए मतदान का बखान किया वो आचार संहिता और चुनाव आयोग की गाइडलाइन के खिलाफ नजर आया, क्योंकि मतदान केंद्र के 100 मीटर के अंतर इस तरह की बयानबाजी नियमों के खिलाफ होती है। फिलहाल कांग्रेस ने इस मामले को लेकर कोई आपत्ति अब तक दर्ज नहीं कराई है।


वहीं दूसरी ओर ग्वालियर से ही ग्वालियर पूर्व विधानसभा के वर्तमान भाजपा प्रत्याशी व पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस के प्रत्याशी पर क्षेत्र को पिछले तीन दिनों से मयखाने में बदलने का गंभीर आरोप लगाया है।


जानकारी के अनुसार ग्वालियर पूर्व विधानसभा से चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस प्रत्याशी शराब, पैसा बांट रहे हैं। उनके अनुसार लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पडत्रने वाला क्योंकि जनता मन बना चुकी है और उन्होंने ये भीक हा कि मेरे क्षेत्र की जनता पैसे और शराब से बिकने वाली नहीं है। उनका आरोप है कि कांग्रेस प्रत्याशी गुडाबर्दी और फर्जी मतदान के सहारे जीतना चाहते हैं, लेकिन जनता का मत भाजपा के पक्ष मे दिखाई देता हे।


🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹🌲🌸🌲🌹💐💐💐❤(A/2)सयुंक्त राज्य अमेरिका चुनाव:-अब सभी की नजर फ्लोरिडा पर डोनाल्ड ट्रम्प व बिडेन के बिच कांटे की टक्कर❤।


नई दिल्ली। अमरीका में मतगणना के बाद अब दुनिया के देशों की नजर चुनाव परिणाम पर है। कई राज्यों से मतगणना के रुझान आ गए हैं। खास बात यह है कि अभी तक 12 राज्यों में ट्रंप और 12 राज्यों में बिडेन चुनाव जीत चुके हैं। लेकिन सियासी हार-जीत के लिहाज से अहम राज्य फ्लोरिडा में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और जो बिडेन के बीच मुकाबला कांटे की है। दोनों में से यहां कौन जीतेगा अभी कहना मुश्किल है। लेकिन अमरीकी राज्य कैलिफोर्निया और फ्लोरिडा की हार-जीत को काफी अहम माना जाता है ।


US Election : मतगणना अंतिम चरण में, ट्रंप और बिडेन में कांटे की टक्कर


12-12 राज्यों में ट्रंप और बिडेन जीते चुनाव


अभी तक के चुनाव परिणामों के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप अरकंसास, वेस्ट वर्जीनिया, इंडियाना, मिसिसिपी, अलबामा, दक्षिण कैरोलिना टेनिसी सहित 12 राज्यों में चुनाव जीत चुके हैं। जबकि प्रतिद्वंद्वी और डेमोक्रैट चैलेंजर जो बिडेन न्यूयॉर्क, वर्जीनिया, वर्मोंट इलिनोइस, मैरीलैंड और मैसाचुसेट्स पर कब्जा जमा चुके हैं। इस टाइम दोनों के लिए फ्लोरिडा जंग का मैदान बना हुआ है। ऐसा इसलिए कि यहां के परिणाम दोनों दावेदारों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।


बता दें कि इस बार अमरीकी चुनाव में मतदाता मतदान पिछले एक सदी में सबसे ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अमरीकी चुनाव आयोग के मुताबिक कोलोराडो, हवाई, मोंटाना, ओरेगन, टेक्सास और वाशिंगटन राज्य में मतदान 2016 के चुनावों में हमने जो देखा उससे कहीं अधिक है।


🌻💐🌹🌲🌸🌲🌹🌲🌸🌲🌹💐💐💐🌻💐❤(A/3)मुकेशअंबानी दुनिया के टॉप 10 अमीरों की फोब्र्स लिस्ट से बाहर जानिए क्या कारण रहा।❤


नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों में लगतार गिरावट आने के कारण मुकेश अंबानी दुनिया के टॉप 10 अमीरों की फोब्र्स लिस्ट से बाहर हो गए हैं। सर्जी ब्रिन और स्टीव बॉल्मर ने उन्हें पछाड़ते हुए 11 वें स्थान पर धकेल दिया है। वास्तव में 2 नवंबर और तीन नवंबर को मिलकार मुकेश अंबानी की संपत्ति में करीब 7 बिलियन से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। यह गिरावट आरआईएल के शेयरों के लुढ़कने से देखने को मिली है। दूसरी तिमाही नतीजे आने के बाद मुकेश अंबानी की स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 2 नवंबर को 9 फीसदी और 3 नवंबर को 1.40 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी।


        ❤मुकेश अंबानी 11 स्थान पर लुढ़के❤


मुकेश अंबानी जो भारत ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे अमीर इंसान अब वो दुनिया की टॉप 10 की सूची से बाहर हो गए हैं। अब वो 11 वें स्थान पर हैं और उनकी संपत्ति 70.1 बिलियन डॉलर हो गई है। जबकि गूगल के को-फाउंडर सर्जी ब्रिन 71 बिलियन डॉलर के साथ 9 वें पायदान हैं। जबकि माइक्रोसॉफ्ट के स्टीव बॉल्मर 10वें पायदान पर आ गए हैं। उनकी संपत्ति 70.7 बिलियन डॉलर हो गई हैं। इससे पहले मुकेश अंबानी 2 नवंबर को चार पायदान खिसकर 9 वें पायदान पर आ गए थे।


                ❤कोई खास अंतर नहीं❤


सर्जी ब्रिन, स्टीव बॉल्मर और मुकेश अंबानी की संपत्ति में खास अंतर नहीं है। अगर आज यानी बुधवार को आरआईएल के शेयरों में लिवाली देखने को मिलती है और शेयर 2 फीसदी की तेजी के साथ बंद होते हैं तो अंबानी दोनों पीछे भी धकेल सकते हैं। वहीं दूसरी ओर अमरीकी यूएस इलेक्शन रिजल्ट भी जारी है। ऐसे में अमरीकी बाजारों में भी हलचल देखने को मिल सकती है। अगर ट्रंप ने बाजी मारी तो बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। वर्ना बाइडन के जीतने पर बाजार गिर सकता है। ऐसे में विदेशी उद्योगपतियों की संपत्ति आज के विदेशी बाजारों के रुख पर ही तय करेगी।


    ❤अच्छे नहीं रहे मुकेश अंबानी के कुछ दिन❤


कंपनी के शेयरों में गिरावट का सिलसिला 12 अक्टूबर से शुरू हुआ उससे पहले 9 अक्टबर को कंपनी का शेयर 2,236.60 रुपए पर बंद हुआ था। जबकि मंगलवार को कंपनी का शेयर 1849.45 रुपए पर बंद हुआ। ऐसे में 17 कारोबारी दिन में कंपनी के शेयर में 387.15 रुपए की गिरावट देखने को मिली है। जबकि मंगलवार और बुधवार को मिलाकर कंपनी के शेयर में 204.90 रुपए की गिरावट देखने को मिल चुकी है।


- 26 से 30 अक्टूबर के बीच कंपनी के मार्केट कैप में 39,355.06 करोड़ रुपए की गिरावट।


- 19 से 23 अक्टूबर के बीच कंपनी के मार्केट कैप में 23 42,567.02 करोड़ रुपए की गिरावट।


- 12 से 16 अक्टूबर के बीच कंपनी के मार्केट कैप में 39,355.06 करोड़ रुपए की गिरावट।


- अक्टूबर के आखिरी 15 कारोबारी दिनों में कंपनी के मार्केट कैप में 1,21,277.14 करोड़ रुपए का नुकसान।


- जबकि नवंबर के पहले कारोबारी दिन कंपनी के मार्केट में 1,19,721.88 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।


- अक्टूबर से अब तक कंपनी के मार्केट में 2.50 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।


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❤(A/4)आज के दिन जन्मी प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री जेबा बख्तियार का जीवन परिचय।❤


                ❤ व्यक्तिगत जीवन❤


जेबा का जन्म 5 नवंबर 1965 को पाकिस्तान में हुआ था, जेबा का असली नाम शाहीन था। उन्होंने लाहौर और कतार से अपनी पढ़ाई पूरी की।


पढ़ाई के बाद जेबा ने पाकिस्तान में छोटे पर्दे से अपने करियर की शुरुआत की और अनारकली में अहम रोल निभाया। अनारकली में जेबा के अभिनय को खूब सराहा गया। इन्‍हें राज कपूर की आखिरी हिरोइन कहना भी गलत नहीं होगा। राज कपूर जेबा को फिल्‍म 'हिना' से इंट्रोड्यूस करना चाहते थे, लेकिन अचानक उनकी मृत्‍यु हो गई। उनकी मृत्‍यु के बाद फिल्‍म का निर्देशन रणधीर कपूर ने किया और हिना के तौर पर जेबा भारत में पहचानी गईं।इस फिल्म में ऋषि कपूर और अश्विनी भावे मुख्य भूमिका में थे। जेबा का करियर बॉलीवुड में नहीं चला था तो वो वापस पाकिस्तान चली गईं और वहां कई फिल्मों में काम किया।जेबा बख्‍तियार ने चार बार शादियां की जिनमें सबसे पहले उन्होंने सलमान वालियानी से शादी की और उसके बाद उन्हें एक बेटी हुई और कुछ समय बाद पति से तलाक हो गया।इसके बाद जेबा बख्‍तियार ने फेमस सिंगर अदनान सामी से शादी की और एक लड़के को जन्म दिया लेकिन दो साल बाद उनसे भी अलग हो गई।अदनान के बाद जेबा बख्‍तियार ने जावेद जाफरी से शादी की और उसके बाद सोहेल खान लेगरी से। जेबा अदनान से तलाक और उसके बाद बेटे अजान की कस्‍टडी को लेकर भी सुर्खियों में रहीं।


पाकिस्तान की इस खूबसूरत एक्ट्रेस को राज कपूर ले आए थे बॉलीवुड, गुमनाम होकर भी खूब कमा रहीं दौलतआज हम आपको पाकिस्तान की एक ऐसी एक्ट्रेस के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने बॉलीवुड में तहलका मचा दिया था। ये एक्ट्रेस थीं जेबा बख्तियार। जेबा को राज कपूर की खोज माना जाता है। जेबा ने फिल्म 'हिना' से बॉलीवुड में कदम रखा था। 


ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। एक हिट फिल्म देने के बाद अचानक जेबा गुमनाम हो गईं। सालों से उन्हें किसी फिल्म में नहीं देखा गया तो आइए जानते आखिर ये एक्ट्रेस कहां हैं और क्या कर रही हैं । मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज कपूर, जेबा की खूबसूरती से इतने प्रभावित हो गए थे कि उन्होंने जेबा को फिल्म 'हिना' का ऑफर दिया। 


ये फिल्म 1991 में रिलीज हुई थी । इस फिल्म में जेबा को ऋषि कपूर के लीड रोल मिला। फिल्म में जेबा के अलावा एक्ट्रेस अश्विनी भावे भी थीं लेकिन जेबा की एक्टिंग के आगे सब फीके पड़ गए । फिल्म में जेबा ने लीड रोल 'हिना' नाम की लड़की का किरदार निभाया था ।


                           फिल्म का गाना 'मैं हूं खुशरंग हिना' उस समय बहुत हिट हुआ था। इस फिल्म से जेबा को बॉलीवुड में पहचान मिली थी। रणधीर कपूर के निर्देशन में बनी ये फिल्म सुपरहिट हुई थी। इस फिल्म के बाद जेबा ने गिनी-चुनी फिल्में की लेकिन एक भी हिट नहीं हुई।


फिल्में ना मिलने से जेबा को फैंस भुलाने लगे। उनका चार्म कम हो गया। धीरे-धीरे उन्हें बॉलीवुड में काम मिलना भी बंद हो गया। इसके बाद जेबा ने घर बसाने के बारे में सोचा । मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेबा ने चार शादियां की हैं। 


जेबा ने सबसे पहले सलमान वालियानी से निकाह किया और उनकी एक बेटी भी हुई लेकिन दोनों का जल्द ही तलाक हो गया। इसके बाद जेबा ने सिंगर अदनान सामी से शादी की। अदनान और जेबा का एक बेटा अजान भी है। 


जेबा की ये शादी भी दो साल से ज्यादा टिक नहीं पाई। 1997 में दोनों का तलाक हो गया । इसके बाद जेबा ने एक्टर जावेद जाफरी से तीसरी शादी की। हालांकि जेबा ने इस शादी से इंकार किया लेकिन जावेद के निकाहनामा दिखाने पर सच्चाई सामने आ गई।


बॉलीवुड में करियर खत्म होने के बाद जेबा ने फिर से पाकिस्तान का रुख कर लिया। वहां उन्होंने सोहेल खान लेगारी से शादी की। सोहेल कौन हैं इस बारे में ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है। इस समय जेबा पाकिस्तान में डेली सोप डायरेक्ट कर रही हैं।


 🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐🌲🌸🌲🌹💐💐💐(B)आज के दिनजन्मे.चितरंजन दास का.जीवन परिचय.लेख.


                 जीवन परिचय लेख. 


चितरंजनदास का जन्म 5 नवंबर 1870 को कोलकाता में हुआ। उनका परिवार मूलतःढाका केबिक्रमपुर का प्रसिद्ध परि


वारथा।चितरंजन दास के पिता भुबन


मोहन दास कलकत्ता उच्च न्यायालय के जाने-माने वकीलों में से एक थे। वेबँगला में कविता भी करते थे। उनका परिवार वकीलों का परिवार थiसन्‌ 1890 ई. में बी.ए. पास करने के बाद चितरंजन दास आइसी.एस्‌. होने के लिएइंग्लैंड गएऔर


सन्‌ 1892 ई. में बैरिस्टर होकर स्वदेश लौटे।शुरू में तो वकालत ठीक नहीं चली


परकुछसमयबाद खूब चमकीऔरइन्होंने 


अपना तमादी कर्ज भी चुका दिया।


वकालत में इनकी कुशलता का परिचय लोगोंकोसर्वप्रथम वंदेमातरम्‌'केसंपादक


श्री अरविंद घोष पर चलाए गए राजद्रोह के मुकदमे में मिला और मानसिकतला बाग षड्यंत्र के मुकदमे ने तो कलकत्ता हाईकोर्टमें इनकी धाक अच्छी तरह जमा दी।इतना ही नहीं, इस मुकदमे में उन्होंने जोनिस्स्वार्थ भाव सेअथक परिश्रमकिया और तेजस्वितापूर्ण वकालत का परिचय दिया उसके कारण समस्त भारतवर्ष में 'राष्ट्रीय वकील' नाम से इनकी ख्याति फैल गई। इस प्रकार के मुकदमों में ये पारिश्रमिक नहीं लेते थे।


इन्होंने सन्‌ 1906 ई. में कांग्रेस में प्रवेश किया। सन्‌ 1917 ई. में ये बंगाल की प्रांतीय राजकीय परिषद् के अध्यक्ष हुए। इसी समय से वे राजनीति में धड़ल्ले से भाग लेने लगे। सन्‌ 1917 ई. के कलकत्ता कांग्रेस के अध्यक्ष का पद श्रीमती एनी बेसंट को दिलाने में इनका प्रमुख हाथ था। इनकी उग्र नीति सहन न होने के कारण इसी साल श्री सुरेंद्रनाथ बनर्जी तथा उनके दल के अन्य लोग कांग्रेस छोड़कर चले गए और अलग से प्रागतिक परिषद् की स्थापना की। सन्‌ 1918 ई. की कांग्रेस में श्रीमती एनी बेसंट के विरोध के बावजूद प्रांतीय स्थानिक शासन का प्रस्ताव इन्होंने मंजूर करा लिया और रौलट कानून का जमकर विरोध किया। पंजाब कांड की जाँच के लिए नियुक्त की गई कमेटी में भी इन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया। इन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह का समर्थन किया। लेकिन कलकत्ते में हुए कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में इन्होंने उनके असहयोग के प्रस्ताव का विरोध किया। नागपुर अधिवेशन में इन्होंने उनके असहयोग के प्रस्ताव का विरोध किया। नापुर अधिवेशन में ये 250 प्रति


निधियों का एक दल इस प्रस्ताव का विरोध करने के लिए ले गए थे, लेकिन अंत में इन्होंने स्वयं ही उक्त प्रस्ताव सभा के सम्मुख उपस्थित किया। कांग्रेस के निर्णय के अनुसार इन्होंने वकालत छोड़ दी और अपनी सारी सपत्ति मेडिकल कॉलेज तथा स्त्रियों के अस्पताल को दे डाली।इनके इस महान्‌ त्याग को देखकर जनता इन्हें 'देशबंधु' कहनेलगी।


असहयोग आंदोलन में जिन विद्यार्थियों ने स्कूल कॉलेज छोड़ दिए थे उनके लिए इन्होंने ढाका में 'राष्ट्रीय विद्यालय' की स्थापना की। आसाम के चाय बागानों के मजदूरों की दुःस्थिति ने भी कुछ समय तक इनका ध्यान आकर्षित कर रखा था।


सन्‌ 1921 ई. में कांग्रेस ने असहयोग आंदोलन के लिए दस लाख स्वयंसेवक माँगे थे। उसकी पूर्ति के लिए इन्होंने प्रयत्न किया और खादी विक्रय आदि कांग्रेस के कार्यक्रम को संपन्न करना आरंभ कर दिया। आंदोलन की मजबूत होते देखकर ब्रिटिश सरकार ने इसे अवैध करार दिया। ये सपत्नीक पकड़े गए और दोनों को छह छह महीने की सजा हुई। सन्‌ 1921 ई. में अहमदाबाद कांग्रेस के ये अध्यक्ष चुने गए। लेकिन ये उस समय जेल में थे अतएव इनके प्रतिनिधि के रूप में हकीम अजमल खाँ ने अध्यक्ष का कार्यभार सँभाला। इनका अध्यक्षीय भाषण श्रीमती सरोजिनी नायडू ने पढ़कर सुनाया। ये जब छूटकर आए उस समय आंदोलन लगभग समाप्त हो चुका था। बाहर से आंदोलन करने के बजाए इन्होंने कांउसिलों में घुसकर भीतर से अड़ंगा लगाने की नीति की घोषणा की। गया कांग्रेस में ये अध्यक्ष थे लेकिन इनका यह प्रस्ताव वहाँ स्वीकार न हो सका। अतएव इन्होंने अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया और स्वराज दल की स्थापना की। कांग्रेस को उनकी नीति माननी पड़ी और उनका कांउसिल प्रवेश का प्रस्ताव सितंबर, 1923 ई. में दिल्ली में हुए कांग्रेस के अतिरिक्त अधिवेशन में स्वीकार हो गया।


प्रस्ताव के अनुसार ये काउंसिल में घुसे। इनका दल बंगाल काउंसिल में निर्विरोध चुना गया। इन्हांने मंत्रिमंडल बनाना अस्वीकार कर दिया और मंत्रियों के वेतनों को मान्यता देना नामंजूर कर मांटफोर्ड सुधारों की दुर्गति कर डाली। सन्‌ 1924-25 में इन्होंने कलकत्ता नगर महापालिका में अपने पक्ष के काफी लोग घुसाए और स्वयं मेयर हुए।


इन दिनों कांग्रेस पर इनके स्वराज्य दल का पूरा कब्जा था और ये स्वयं उसके कर्ता-धर्ता थे। पटना के अधिवेशन में इन्होंने कांग्रेस की सदस्यता के लिए सूत कातने की अनिवार्य शर्त को ऐच्छिक करार दिया। लगभग इसी समय गोपीनाथ साहा नामक एक बंगाली व्यक्ति ने एक अंग्रेज की हत्या की और सरकार तथा इनके दल में झगड़ा शुरू हुआ। सरकार ने एक विज्ञप्ति प्रकाशित की और संदेह में 80 लोगों की पकड़ा। कलकत्ता कार्पोरेशन ने भी सरकार की इस नीति का विरोध किया।


सन्‌ 1924 में बंगाल की प्रांतीय परिषद् ने गोपीनाथ साहा के त्याग की प्रशंसा की तथा अभिनंदन का प्रस्ताव स्वीकार किया और इन्होंने उसे मान्यता दी। लेकिन इनकी इस नीति का भारत में तथा इंग्लैंड में गलत अर्थ लगाया गया।


सन्‌ 1925 में उपर्युक्त सरकारी विज्ञप्ति की मुख्य धाराएँ बंगाल क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट बिल में सम्मिलित की गईं। स्वराज्य दल ने बिल अस्वीकार कर दिया किंतु सरकार ने अपने विशेष अधिकार से कानून पास करा लिया। इन्होंने राजनीतिक शस्त्र के रूप में हिंसा का प्रयोग करने की कटु आलोचना की और इस संबंध में दो पत्रक प्रकाशित किए। साथ ही इसी प्रकार का एक पत्रक इन्होंने सरकार के पास भी भेजा। सरकार ने इसे सहयोग की ओर पहला कदम समझा। इस दृष्टि से दोनों पक्षों में कुछ वार्ता शुरू होने की संभावना समझी जा रही थी कि 6 जून 1925 को इनका देहावसान हो गया।


श्री चितरंजनदास के व्यत्तित्व के कई पहलू थे। वे उच्च कोटि के राजनीतिज्ञ तथा नेता तो थे ही, वे बँगला भाषा के अच्छे कवि तथा पत्रकार भी थे। बंगाल की जनता इनके कविरूप का बहुत आदर करती थी। इनके समय के बंग साहित्य के आंदोलनों में इनका प्रमुख हाथ रहा करता था। 'सागरसंगीत', 'अंतर्यामी', 'किशोर किशोरी' इनके काव्यग्रंथ हैं। 'सांगरसंगीत' का इन्होंने तथा श्री अरविंद घोष ने मिलकर अंग्रेजी में 'सांग्ज़ आव दि सी' नाम से अनुवाद किया और उसे प्रकाशित किया। 'नारायण' नामक वैष्णव-साहित्य-प्रधान मासिक पत्रिका इन्होंने काफी समय तक चलाई। सन्‌ 1906 में प्रारम्भ हुए 'वंदे मातरम्‌' नामक अंग्रेजी पत्र के संस्थापक मंडल तथा संपादकमंडल दोनों के ये प्रमुख सदस्य थे और बंगाल स्वराज्य दल का मुखपत्र 'फार्वर्ड' तो इन्हीं की प्रेरणा और जिम्मेदारी पर निकला तथा चला। आपने "इंडिया फार इन्डियन" नामकप्रसिद्ध ग्रन्थ की रचना भी की थी।


राजनीतिक नेता के लिए आवश्यकसतत


जूझते रहने का गुण इनमें प्रचुर मात्रा में विद्यमान था।ये परम त्यागी वृत्ति के महा


पुरुष थे। इन्होंने कवि का संवेदनक्षम हृदयऔर सज्जनोचित उदारता पाई थी। विरुद्ध पक्ष का मर्म-स्थान ढूँढ निकालने की असाधारण कुशलता इनमें थी। एक बार निश्चय कर लेने के बाद उसे कार्यान्वित करने के लिए ये निरंतर प्रयत्नशील रहते थे। इन्हें असाधारण लोकप्रियता मिली। बेलगाँव कांग्रेस में इन्होंने यह इच्छा व्यक्त की थी कि 148 नंबर, रूसा रोड, कलकत्ता वाला इनका मकान स्त्रियों और बच्चों का अस्पताल बन जाए तो उन्हें बड़ी शांति मिलेगी। उनकी मृत्यु के बाद महात्मा गांधी ने सी.आर. दस स्मारक निधि के रूप में दस लाख रुपए इकट्ठे किए और भारत के इस महान्‌ सुपुत्र की यह अंतिम इच्छा पूर्ण की।


              💖मृत्यु 💝


जिस वक्त देशबंधु चितरंजन दास का राजनैतिक जीवन चरम पर था, उसी वक्त काम के बोझ तले उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया। मई 1925 में वो स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए दार्जिलिंग चले गए, लेकिन उनका स्वास्थ्य बिगड़ता ही चला गया। इस बीच महात्मा गांधी भी खुद उनसे मिलने दार्जिलिंग आए थे। 16 जून 1925 को को तेज बुखार के कारण उनका निधन हो गया।


चितरंजन दास की अंतिम यात्रा कोलकाता में निकाली गई, जिसका नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया। गांधी जी ने कहा, ”देशबंधु एक महान आत्मा थे। उन्होंने एक ही सपना देखा था… आजाद भारत का सपना… उनके दिल में हिंदू और मुसलमानों के बीच कोई अंतर नहीं था।”


देशबन्धु चितरंजन दास के निधन पर विश्वकवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने लिखा-


एनेछिले साथे करे मृत्युहीन प्रान।


मरने ताहाय तुमी करे गेले दान॥


अपने निधन से कुछ समय पहले देशबन्धु ने अपना घर और सारी जमीन राष्ट्र के नाम कर दी। जिस घर में वे रहते थे, वहां अब चितरंजन दास राष्ट्रीय कैंसर संस्थान है। वहीं दार्जिलिंग वाला उनका निवास अब मातृ एवं शिशु संरक्षण केंद्र के रूप में राज्य सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। दिल्ली का प्रसिद्ध आवासीय क्षेत्र 'सीआर पार्क' का नाम भी देशबंधु चितरंजन दास के नाम पर रखा गया है और यहाँ बड़ी संख्या में बंगालियों का निवास है, जो बंटवारे के बाद भारत आ गए थे। देशभर में उनके नाम पर कई बड़े संस्थानों का नाम रखा गया है। देशबंधु कॉलेज हो या फिर चितरंजन अवेन्यू ऐसे कई संस्थान हैं, जिनका देश को एक सूत्र में पिरोने वाले देशबंधु चितरंजन दास के नाम से पहचान मिली।


🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐🌲🌸🌲🌹💐💐🌻(C) आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ💐


1556 द्वितीय पानीपत युद्ध में मुगल शासक अकबर ने हेमू को पराजित किया।


1639 अमेरिकी शहर मैसाच्युसेट्स में पहले डाकघर की स्थापना हुई।


1743 बुध के पारगमन के समन्वित वैज्ञानिक टिप्पणियों का आयोजन यूसुफ-निकोलस ड्यूसेलेल ने किया।


1773 जॉन हेनकॉक बोस्टन शहर की बैठक में मध्यस्थ के रूप में चुने गए, जो यह हल करता है कि जो कोई चाय अधिनियम का समर्थन करता है वह "अमेरिका का शत्रु है "।


1780 कर्नल लाबाल्म के तहतफ्रांसीसी


-अमेरिकन बल को मियामीचीफ लिटिल टर्टल द्वारा पराजित किया गया।


1781 जॉन हंसन ने अमेरिका के पहले संकलित कांग्रेस राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज की।


1812 अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में जेम्स मैडिसन ने डेविट क्लिंटन को हराया।


1824 में रेंससेलयर पॉलिटेक्निक इंस्टी


ट्यूटअंग्रेजीभाषी दुनिया में पहला तक-


नीकी विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क के ट्रॉय, में स्थापित किया गया।


1829 तकनीकी विश्वविद्यालय डेनमार्क (डीटीयू) खोला गया।


1862 एम्ब्रोस बर्नासस ने मैक्केलेन को पोटोमैक की सेना के प्रमुख के रूप में स्थान दिया।


1870 बंगाल में स्वराज पार्टी के संस्था-


-पक राजनीतिज्ञचितरंजनदास का जन्म हुआ।


1872 उल्येसेस एस ग्रांट अमेरिका के दूसरी बार राष्ट्रपति निर्वाचित हुए।


1895 अमेरिकी राज्य ने यूटा में महिला मताधिकार की शुरुआत की गयी।


1909 पहला वूलवर्थ डिपार्टमेंटल स्टोर ब्रिटेनकेलिवरपूल में खोला गया, क्योंकि 


अमेरिकी श्रृंखला यूरोप में अपने डिपार्ट


मेंटलस्टोर का विस्तार कर रही थी।1918 योरोपीयदेशों सेशुरु हुई महामारी


इन्फ़लूएन्ज़ा की महामारी ने दुनिया में 10 लाख लोगों की जान ली।


1920 इंडियन रेडक्रास सोसाइटी की स्थापना हुई।


1944 फ़्रांस के चिकित्सक, जीव वैज्ञा-


निक और दार्शनिक डॉक्टर एलेक्सेस कार्ल का निधन हुआ।


1945 भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) के कैदियों के मामलों की सुनवाई लाल किले में शुरू हुई।


1961 देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू अमेरिका यात्रा पर न्यूयार्क पहुंचे।


1976 सोवियत संघ ने परमाणु परीक्षण किया।


1981 मधुमेहवाले रोगियों के रक्तशर्करा


के स्तरको मापने के लिए पहला पोर्टेबल मीटर ग्लूकोमीटर"बाजार में उतारा गया।


1991 संयुक्त राज्य अमेरिका के सीनेट रॉबर्ट गेट्स को केंद्रीय खुफिया विभाग के निदेशक के रूप में नियुक्ति किया।


2006 इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को फांसी की सजा सुनाई गई।


2007 चीन का पहला अंतरिक्ष यान चेंज 1 चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा।


2007 लंदन में हाई स्पीड पहला चैनल सुरंग यात्रियों के लिए खोला गया।


2012 नाइजीरिया में बाढ़ के कारण 363 लोगों की मौत हो गई और 21 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए।


2013 विधायक डे ब्लासिओ न्यूयॉर्क शहर के मेयर चुने गए।


🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐🌲🌸🌲🌹💐💐(D)आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व


1870 भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी चित्तरंजन दास 


1917 भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ बनारसी दास गुप्ता 


1930 भारत के प्रसिद्धराजनीतिज्ञ, एवं भूतपूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रीअर्जुन सिंह 


1962 भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री ज़ेबा बख्तियार  


1988 भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री गाइलिन मेंडोन्का  


1992 भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री अथिया शेट्टी 


🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐🌲🌸🌲🌹💐💐(E)आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।


1915 – फ़िरोजशाह मेहता - भारतीय राजनेता तथा बंबई नगरपालिका के संविधान (चार्टर) के निर्माता।


1950 – साही, प्रसिद्ध कवि एवं आलोचक।


1998- नागार्जुन प्रगतिवादी विचारधारा के लेखक और कवि


2008 – बी. आर. चोपड़ा - हिन्दी फ़िल्म निर्माता-निर्देशकफ़ैयाज़ ख़ाँ - ध्रुपद तथा ख़याल गायन शैली के श्रेष्ठतम गायक


1982 – विजय देव नारायण


2011 – भूपेन हज़ारिका - भारत के ऐसे विलक्षण कलाकार, जो अपने गीत खुद लिखते थे, संगीतबद्ध करते थे और गाते थे।


🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐🌲🌸🌲🌹💐💐🌻(F) आज का दिवस का नाम


1.भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी चित्तरंजन दास थे उन जयंती दिवस


2.भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ बनारसी दास गुप्ता थे उनका जयंती दिवस


3. भारत के प्रसिद्धराजनीतिज्ञ, एवं भूतपूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रीअर्जुन सिंह थे उनका जयंती दिवस


4.भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री ज़ेबा बख्तियार थी उनका जयंती दिवस।


5 – फ़िरोजशाह मेहता - भारतीय राजनेता तथा बंबई नगरपालिका के संविधान (चार्टर) के निर्माता थे उनका


पुण्यतिथि दिवस।


6. साही, प्रसिद्ध कवि एवं आलोचक थे उनका पुण्यतिथि दिवस।


7.नागार्जुन प्रगतिवादी विचारधारा के लेखक और कवि थे उनका पुण्यतिथि दिवस।


8.बी.आर.चोपड़ा -हिन्दी फ़िल्म निर्माता


-निर्देशक थे उनका पुण्यतिथि दिवस।


9.फ़ैयाज़ ख़ाँ - ध्रुपद तथा ख़याल गायन शैली के श्रेष्ठतम गायक थे उनका पुण्य


तिथि दिवस।


🌻💐🌹🌲🌱🌸🌲🌲🌸🌲🌹💐💐💐💐   


आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।


      आज जन्म लिये सभी व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई। बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।


💐।जय चित्रांश।💐


💐जयमहाकाल,बोलेसोनिहाल💐


💐।जय हिंद जय भारत💐


💐 निवेदक;-💐


💐 चित्रांश ;-विजय निगम।💐


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