कानून एवं शान्ति व्यवस्था हेतु निषेधाज्ञा लागू, आदेश आगामी 2 माह के लिये प्रभावशील रहेगा

उज्जैन। कलेक्टर श्री आशीष सिंह के निर्देश पर एडीएम ने आगामी त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुए जिले की कानून एवं शान्ति व्यवस्था आदि आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की दृष्टि से दण्ड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा-144(1) के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। इस दौरान सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति प्राप्त किये बिना विभिन्न मुद्दों को लेकर विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन, धरना, रैली, जुलूस आदि पर प्रतिबंध रहेगा। बिना अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा। रैली, जुलूस आदि में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र धारण करने एवं प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहेगा। बिना अनुमति पांडाल आदि निर्माण पर प्रतिबंध रहेगा। इलेक्ट्रॉनिक संसाधन जैसे मोबाइल कम्प्यूटर आदि एवं सोशल मीडिया के माध्यम से विधि-विरूद्ध मैसेज/चित्र, कमेंट, पोस्टर, साम्प्रदायिक टिप्पणी आदि पर प्रतिबंध रहेगा। इसी तरह होटल, लॉज, विश्राम गृह आदि में ठहरने वाले व्यक्तियों की सूचना सम्बन्धित थाना प्रभारी को अनिवार्य रूप से लिखित में प्रदान करेगा। आदेश का उल्लंघन भादंसं 1860 की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। उक्त आदेश दो माह तक की अवधि के लिये प्रभावशील रहेगा।


 


एडीएम श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी ने बताया कि उज्जैन जिले के सम्पूर्ण क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था या अन्य पक्ष सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के धारदार या अन्य आग्नेय अस्त्र-शस्त्र इत्यादि लेकर नहीं चलेगा और न ही उनका दुरूपयोग करेगा और न ही प्रदर्शन करेगा। कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक कार्यक्रम आदि का आयोजन नहीं करेगा और न ही किसी स्थान पर सभा, धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली करेगा। कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था या अन्य पक्ष डीजे अथवा बैंड का संचालन ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग नहीं करेगा। मप्र कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के प्रावधानों का पूर्णत: पालन करना आवश्यक होगा। धरना, प्रदर्शन, जुलूस में एसिड, पेट्रोल, केरोसीन आदि ज्वलनशील पदार्थ अपने पास नहीं रखेगा या लेकर नहीं चलेगा और न ही उपयोग करेगा। इसी तरह फटाखा विस्फोटक सामग्री का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी व्यक्ति समूह, संस्था किसी भी स्थान पर किसी प्रयोजन हेतु टेन्ट, पांडाल आदि का स्थाई या अस्थाई निर्माण नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति सड़क, हाईवे आदि पर एकत्रित होकर यातायात में व्यवधान नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक संसाधन या अन्य प्रकार के संचार साधनों पर किसी दल, धर्म, जाति, संस्था, व्यक्ति विरोधी एवं आमजन की भावना भड़काने वाले या किसी को बुरा लगने या आहत करने वाले व कानून व्यवस्था की विपरीत स्थिति निर्मित करने वाले आपत्तिजनक मैसेज, कमेंट अपलोड नहीं करेगा या प्रदर्शित नहीं करेगा।


 


शान्ति, कानून व्यवस्था तथा आमजन की सुरक्षा व सुविधा में संलग्न शासकीय कर्त्तव्य पर उपस्थित एवं ड्यूटीरत पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के लिये यह निर्देश लागू नहीं होंगे। कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु उन्हें आवश्यक वैधानिक छूट प्राप्त होगी। साथ ही वैवाहिक एवं सामाजिक संस्कार के सम्बन्ध हेतु आवश्यक छूट रहेगी। जिले में पदस्थ अनुविभागीय दण्डाधिकारी आवश्यक होने पर किसी पक्ष के आवेदन पर अपने-अपने क्षेत्र में सम्बन्धित नगर पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस से परामर्श कर आवश्यक प्रतिबंध/शर्तों सहित किसी कार्यक्रम की अनुमति प्रदान करने हेतु अधिकृत होंगे।