कोरोना काल में देश आज 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है... आत्मनिर्भर हर भारतवासी के मन में है - पीएम मोदी


नई दिल्ली। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7वीं बार लालकिले पर झंडा फहराया। उन्होंने अपने भाषण में आत्मनिर्भर, आत्मनिर्भर भारत, कोरोना संकट, आतंकवाद, रिफॉर्म, मध्यमवर्ग और कश्मीर का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत पर ज्यादा जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना इतनी बड़ी विपत्ति नहीं कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को रोक पाए।




उन्होंने कहा कि अब कोरोना के बीच 130 करोड़ लोगों ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया है। हम यह करके रहेंगे। दुनिया के अनेक बिजनेस भारत को दुनिया के सप्लाई चेन को देख रहे हैं। हमें मेक इन इंडिया के साथ-साथ मेक फॉर वर्ल्ड को लेकर आगे बढ़ना है।'





भारत के लिए भी आत्मनिर्भर बनना जरूरी: मोदी ने कहा, 'आत्मनिर्भर भारत आज हर भारतवासी के मन-मस्तिष्क में छाया हुआ है। इस सपने को संकल्प में बदलते देख रहे हैं। ये आज 130 करोड़ देशवासियों के लिए मंत्र बन गया है। जब मैं आत्मनिर्भर की बात करता हूं, तो कई लोगों ने सुना होगा कि अब 21 साल के हो गए हो, अब पैरों पर खड़े हो जाओ। 20-21 साल में परिवार अपने बच्चों से पैरों पर खड़े होने की अपेक्षा करता है। आज आजादी के इतने साल बाद भारत के लिए भी आत्मनिर्भर बनना जरूरी है। जो परिवार के लिए जरूरी है, वो देश के लिए भी जरूरी है। भारत इस सपने को चरितार्थ करके रहेगा। मुझे इस देश के सामर्थ्य, प्रतिभा पर गर्व है।'




वोकल फॉर लोकल आत्मनिर्भर का मंत्र: 'कोरोना के संकट में हमने देखा कि दुनिया में कठिनाई हो रही है। दुनिया चीजें नहीं दे पा रहीं। इस देश में एन-95 मास्क नहीं बनता था, पीपीई किट नहीं बनती थीं, वेंटिलेटर नहीं बनते थे, अब बनने लगे। आत्मनिर्भर भारत दुनिया की कैसे मदद कर सकता है, यह आज हम देख सकते हैं। ...बहुत हो चुका। आजाद भारत की मानसिकता क्या होनी चाहिए। वोकल फॉर लोकल। स्थानीय उत्पादों का गौरव गान करना चाहिए। ऐसा नहीं करेंगे तो उसकी हिम्मत नहीं बढ़ेगी। हम मिलकर संकल्प लें कि 75 साल की तरफ जब हम बढ़ रहे हैं तो वोकल फॉर लोकल का मंत्र अपनाएं।'




आत्मनिर्भर कृषि और आत्मनिर्भर किसान: 'आत्मनिर्भर की पहली प्राथमिकता आत्मनिर्भर कृषि और आत्मनिर्भर किसान है। एक के बाद एक रिफॉर्म किसानों के लिए हुए हैं। किसानों को तमाम बंधनों से मुक्त करने का काम हमने किया। आप कपड़ा, साबुन बनाते हैं तो उसे देश में कहीं बेच सकते हैं। देश का किसान न अपनी मर्जी से बेच सकता था, न जहां बेचना चाहता था, वहां बेच सकता था। उसके सारे बंधनों को हमने खत्म कर दिया है। अब देश का किसान दुनिया के किसी भी कोने में अपनी शर्तों पर उपज बेच सकता है।'




'किसानी में इनपुट कॉस्ट कैसे कम हो, सोलर पम्प उन्हें कैसे मिलें। मछलीपालन जैसी चीजें कैसे उसके साथ जुड़ जाएं, उस दिशा में हम काम कर रहे हैं। पिछले दिनों एक लाख करोड़ रुपए एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर भारत सरकार ने आवंटित किए हैं। इससे विश्व बाजार में भारत के किसान में उसकी पहुंच बढ़ेगी।'




मोदी ने कहा- जिस किसी ने आंख उठाई, हमारी सेना ने जवाब दिया




मोदी ने कहा, 'जब हम एक असाधारण लक्ष्य लेकर असाधारण यात्रा पर निकलते हैं तो रास्ते में चुनौतियों की भरमार होती है और चुनौतियां भी असामान्य होती हैं। सीमा पर देश के सामर्थ्य को चुनौती देने के प्रयास हुए। लेकिन एलओसी लेकर एलएसी तक देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आंख उठाई, देश की सेना ने और हमारे वीर जवानों ने उसी भाषा में जवाब दिया है। भारत की संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरा देश एक जोश से भरा हुआ है। संकल्प से प्रेरित है और सामर्थ्य पर आगे बढ़ रहा है। हमारे वीर जवान क्या कर सकते हैं, देश क्या कर सकता है, ये लद्दाख में दुनिया ने देख लिया है। मैं आज मातृभूमि पर न्योछावर सभी वीर जवानों को लाल किले की प्राचीर से आदरपूर्वक नमन करता हूं।'




उन्होंने कहा, 'आतंकवाद हो या विस्तारवाद, आज भारत डटकर मुकाबला कर रहा है। दुनिया का भारत पर विश्वास मजबूत हुआ है। पिछले दिनों भारत संयुक्त राष्ट्र में 192 में से 184 वोट हासिल कर अस्थायी सदस्य चुना गया। विश्व में हमने कैसे यह पहुंच बनाई है, यह इसका उदाहरण है। जब भारत मजबूत हो, भारत सुरक्षित हो, तब यह संभव होता है। भारत का लगातार प्रयास है कि अपने पड़ोसी देशों के साथ अपने सदियों पुराने सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्तों को और गहराई दें। दक्षिण एशिया में दुनिया की एक चौथाई जनसंख्या रहती है।'




15 अगस्त आजादी के वीरों, रणबांकुरों को नमन करने का पर्व है
उन्होंने कहा कि आजादी के इस पावन पर्व की सभी देशवासियों को शुभकामनाएं। आज जो हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे मां भारती के लाखों बेटे-बेटियों का त्याग-बलिदान और समर्पण है। आज आजादी के वीरों, रणबांकुरों का नमन करने का पर्व है। हमारी सेना-अर्धसैनिक बलों के जवान, पुलिस के जवान, सुरक्षाबलों से जुड़े हर कोई, मां भारती की रक्षा में जुटे रहते हैं। आज उनकी सेवा को भी नमन करने का पर्व है। अरविंद घोष की आज जयंती है। क्रांतिकारी से आध्यात्मिक ऋषि बने। आज उन्हें भी याद करने का दिन है। कोरोना के चलते आज बच्चे नजर नहीं आ रहे। कोरोना के संकट में मैं कोरोना वॉरियर्स को नमन करता हूं।




'भारत में 3 कोरोना वैक्सीन की टेस्टिंग अलग-अलग चरणों में है, हर भारतीय तक कम समय में वैक्सीन पहुंचाने की पूरी तैयारी है'
मोदी ने कहा, 'कोरोना की वैक्सीन कब तैयार होगी, यह बड़ा सवाल है। देश के हमारे वैज्ञानिक ऋषि-मुनियों की तरह जी-जान से जुटे हुए हैं। वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं। भारत में एक-दो नहीं बल्कि तीन-तीन वैक्सीन टेस्टिंग के अलग-अलग चरण में हैं। जब वैज्ञानिकों से हरि झंडी मिलेगी तो बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन होगा। इसकी तैयारियां पूरी हैं। हर भारतीय तक वैक्सीन कम से कम समय में कैसे पहुंचे, इसका खाका भी तैयार है।'




पीएम ने कहा, 'आत्मनिर्भर भारत के लिए कई चुनौतियां हैं। हमें विकास के नए युग काे आगे बढ़ा रहे हैं। विकास यात्रा में सरपंचों की विकास यात्रा सक्रिय भागीदारी है। जम्मू-कश्मीर में डिलिमिटेशन की प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होते ही वहां चुनाव होंगे। जम्मू-कश्मीर में विधायक चुनकर आएं और विकास के लिए आगे बढ़ें, इसके लिए देश प्रतिबद्ध है। लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर हमने वहां की लंबे समय की मांग पूरी की है। अब सेंट्रल यूनिवर्सिटी वहां बन रही है। नए रिसर्च सेंटर बन रहे हैं। होटल मैनेजमेंट के कोर्स चल रहे हैं।' 'लद्दाख की कई विशेषताएं हैं। जैसे सिक्किम ने अपने ऑर्गेनिक टेस्ट की पहचान बनाई है। उसी तरह लद्दाख, लेह और कारगिल हमारे देश में कार्बन न्यूट्रल इकाई के रूप में अपनी पहचान बना सकता है।'