आज की बात आपके साथ - विजय निगम

       ॐ यमाय यमाय धर्मराजाय 
         श्री चित्रगुप्ताय नमो नमः    
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प्रिय साथियो। 
🌹राम-राम🌹 
🌻 नमस्ते।🌻

आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का दिनांक 15.अगस्त  2020 शनिवार 74 वां स्वतंत्रता दिवस की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।
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आज की बात आपके साथ  अंक मे है 
 A कुछ रोचक समाचार
B आज के दिन जन्मे श्री अरविन्दघोष.का
.जीवन परिचय  लेख. 
C आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण    
    व्यक्तित्व
E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
F आज का दिवस का नाम ।
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    (A) कुछ रोचक समाचार(संक्षिप्त)
💐(A/1)जम्मू कश्मीर में वीरता की मिसाल बनें इन जवानों को मिला शौर्य चक्र💐
🌻💐(A/2)स्वतंत्रता दिवस 2020   जानते है इसका इतिहास और महत्व💐
💐(A/3)इस वर्ष भारत अपना 74 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है।💐
💐(A/4)भारत की आज़ादी से जुड़ी दस दिलचस्प बातें.💐
🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐🌻 (A)कुछ रोचक समाचार(विस्तृत)
💐(A/1)जम्मू कश्मीर में वीरता की मिसाल बनें इन जवानों को मिला शौर्य चक्र💐
भारतीय सेना की ओर से बताया गया कि हवलदार आलोक कुमार दुबे, मेजर अनिल उर्स और लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्ण सिंह रावत को जम्मू कश्मीर में तमाम ऑपरेशनों में वीरता के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली ;जम्मू-कश्मीर में अपनी शौर्यता से आतंकियों के मंसूबे नाकाम करने वाले सुरक्षाबलों के जवानों के शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। भारतीय सेना की ओर से बताया गया कि हवलदार आलोक कुमार दुबे, मेजर अनिल उर्स और लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्ण सिंह रावत को जम्मू कश्मीर में तमाम ऑपरेशनों में वीरता के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।
शौर्य चक्र
मेडल: गोलाकार और कांस्य निर्मित, 1.38 इंच का व्यास है। इस मेडल के अग्र भाग पर केन्द्र में अशोक चक्र की प्रतिकृति उत्कीर्ण है जो कमल माला से घिरी हुई है। इसके पश्च भाग पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में शौर्य चक्र उत्कीर्ण है, और ये रूपान्तरण कमल के दो फूलों द्वारा अलग-अलग हो रहे हैं ।
फीता: तीन खड़ी लाइनों द्वारा बराबर भागों में विभाजित हरे रंग का फीता ।
बार: यदि कोई चक्र प्राप्तकर्ता ऐसी वीरता का कार्य पुनः करता है जो उसे चक्र प्राप्त करने के लिए पात्र बनाएगा तो फीते को जोड़े जाने के लिए ऐसे और वीरता के कार्य की पहचान बार द्वारा की जाएगी जिसके द्वारा चक्र संलग्न हो जाता है । प्रदत्त प्रत्येक बार के लिए लघुचित्र में चक्र की एक प्रतिकृति, इसे अकेले पहनते समय फीते के साथ शामिल की।
सैनिको को बीरता पुरस्कार से सम्मानित के लिए कोटि कोटि प्रणाम करता हूँ पूरा देश करता है,
🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐🌻💐(A/2)स्वतंत्रता दिवस 2020; जानते है इसका इतिहास और महत्व💐
   💐इतिहास और महत्व जानें💐
देश इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की 74 वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली थी। और यह दिन भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।नई दिल्ली: भारत में हर साल 15 अगस्त को आजादी का जश्न मनाया जाता है। इस दिन भारत को 200 साल तक अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली थी। देश इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस (स्वतंत्रता दिवस 2020) की 74 वीं वर्षगांठ ( 74 वाँ स्वतंत्रता दिवस) है) जश्न मनाया जा रहा है। 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली थी। और यह दिन भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। 15 अगस्त 2020 शनिवार को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे। हर साल लाल किले की प्राचीर से 15 अगस्त को प्रधानमंत्री के द्वारा देश को संबोधित किया जाता है। तो इस दिन लाल किले पर बच्चे शामिल होने के कार्यक्रम में उत्साह बढ़ाते हैं। तो कई झूठों के साथ निकाली जाती है। लेकिन इस साल 15 अगस्त अलग तरह से मनाया जाएगा। इस वर्ष कोरोना महामारी के तहत बच्चों को बुजुर्गों को इस कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जाएगा। Also Read - स्वतंत्रता दिवस 2020: इस 15 अगस्त को भारत करेगा 74 वाँ स्वतंत्रता दिवस, जानें इस दिन का      
        💐इतिहास और महत्व💐
भारत के स्वतंत्रता दिवस (स्वतंत्रता दिवस 2020 इतिहास) का इतिहास
    यूरोपीय व्यापारियों ने 17 वीं शताब्दी से ही भारतीय उपमहाद्वीप में पैर जमाना आरम्भ कर दिया था। अपनी सैन्य शक्ति में वृद्धि करते हुए पूर्व इण्डिया कंपनी ने 18 वीं शताब्दी के अन्त तक स्थानीय राज्यों को अपने वशीभूत करके अपने आप को स्थापित कर लिया था। 1857 के पहले भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बाद भारत सरकार अधिनियम 1858 के अनुसार भारत पर सीधा आधिपत्य ब्रितानी ताज (ब्रिटिश क्राउन) यानी ब्रिटेन की राजशाही का हो गया है। दशकों बाद नागरिक समाज ने धीरे-धीरे अपना विकास किया और इसके परिणामस्वरूप 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई ० एन ० सी ०) निर्माण हुआ। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद का समय ब्रितानी सुधारों के काल के रूप में जाना जाता है जिसमें मोंटेगू-चेम्सफोर्ड सुधार गिना जाता है लेकिन इसे भी रोलेट एक्ट की तरह दबाने वाले अधिनियम के रूप में देखा जाता है जिसके कारण स्वरूप भारतीय समाज सुधारकों द्वारा स्वशासन का आवाज़ान हो गया।
1930 के दशक के दौरान ब्रितानी कानूनों में धीरे-धीरे सुधार जारी रहा; परिणामी चुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की। अगले दशक काफी राजनीतिक उथल पुथल वाला रहा: द्वितीय विश्व युद्ध में भारत की भागीदारी, कांग्रेस द्वारा असहयोग का अंतरिम निर्णय और अखिल भारतीय मुस्लिम लीग द्वारा मुस्लिम राष्ट्रवाद का उदय। 1947 में स्वतंत्रता के समय तक राजनीतिक तनाव बढ़ गया। यह उपमहाद्वीप के हर्षोत्सव का अंत भारत और पाकिस्तान के विभाजन के रूप में हुआ।
भारत में स्वतंत्रता दिवस (स्वतंत्रता दिवस 2020 महत्व) का महत्व
भारत में पतंग उड़ाने का खेल भीस्वतंत्रता दिवस का प्रतीक है, अनगिनत विभिन्न आकार, प्रकार और स्टाईल के पतंगों से भारतीय आकाश पट जाता है। इनमें से कुछ तिरंगे के तीन रंगो में भी होते हैं, जो राष्ट्रीय ध्वज को प्रदर्शित करते हैं। स्वतंत्रता दिवस का दूसरा प्रतीक नई दिल्ली का लाल किला है जहां 15 अगस्त 1947 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने तिरंगा फहराया
🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐🌻💐(A/3)इस वर्ष भारत अपना 74 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है।💐 
15 अगस्त 1947 को हमारा देश ब्रिटिश शासन से पूरी तरह आज़ाद हुआ था। इस दिन को हम सभी भारतवासी बहुत ही उत्साह और गौरव के साथ मनाते हैं। आज़ादी मिलने के बाद हर वर्ष हम इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं। इस दिन सभी सरकारी कार्यालय जैसे बैंक, पोस्ट ऑफिस आदि में अवकाश होता है। इसके साथ ही सभी स्कूल और ऑफिस में तिरंगा फहराया जाता है। 
15 अगस्त 1947 भारत के लिए बहुत भाग्यशाली दिन था। इस दिन अंग्रजों की लगभग 200 वर्ष गुलामी के बाद हमारे देश को आज़ादी प्राप्त हुई थी। भारत को आज़ादी दिलाने के लिए कई स्वतंत्रता सेनानियों को अपनी जान गवानी पड़ी थी। स्वतंत्रता सेनानियों के कठिन संघर्ष के बाद भारत अंग्रजों की हुकूमत से आज़ाद हुआ था। तब से ले कर आज तक 15 अगस्त को हम स्वतंत्रता दिवस मानते हैं।
स्वरंत्रतादिवस कोभारत में राष्ट्रीयअवकाश होता है। इसके एक दिन पहले भारत के राष्ट्रपति देश के समक्ष संबोधित करते हैं। जिसे रेडियो के साथ कई टीवी चैनेल्स में भी दिखया जाता है। स्वतंत्रता दिवस को हर वर्ष देश के प्रधानमंत्री लाल किला पर तिरंगा फहराते हैं। तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्रगान गाया जाता हैऔर 21बार गोलियां चला कर सलामी भी दी जाती है। इसके साथ ही भारतीय सशस्त्र बल,अर्धसैनिक बलऔर एनसीसी कैडेड परेड करते हैं। इस दिन लाल किला से टीवी के डी डी नेशनलचैनल और आल इंडिया रेडियो में सीधा प्रसारण किया जाता है। आतंकवाद के खतरे को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े इन्तेजाम भी किये जाते हैं।
केवल देश की राजधानी के साथ देश के अन्य सभी राज्यों में भी मुख्यमंत्री सम्मान के साथ तिरंगा फहराते हैं। 15 अगस्त को हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रधांजलि दी जाती और उनका सम्मान किया जाता है। इस दिन देशभक्ति के गीत और नारे लगाये जाते हैं। वहीं कुछ लोग पतंग उड़ा कर आजादी का पर्व मनाते है।
🌻💐🌹🌲🌱🌸🌲🌹💐💐🌻💐(A/4)भारत की आज़ादी से जुड़ी दस दिलचस्प बातें.💐
भारत के स्वाधीनता आंदोलन का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था. लेकिन जब देश को 15 अगस्त, 1947 को आज़ादी मिली तो वे इसके जश्न में शामिल नहीं हुए.
भारत की आज़ादी से जुड़ी दस दिलचस्प बातें.
1. महात्मा गांधी आज़ादी के दिन दिल्ली से हज़ारों किलोमीटर दूर बंगाल के नोआखली में थे, जहां वे हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन पर थे.
2. जब तय हो गया कि भारत 15 अगस्त को आज़ाद होगा तो जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल ने महात्मा गांधी को ख़त भेजा. इस ख़त में लिखा था, "15 अगस्त हमारा पहला स्वाधीनता दिवस होगा. आप राष्ट्रपिता हैं. इसमें शामिल हो अपना आशीर्वाद दें."
3. गांधी ने इस ख़त का जवाब भिजवाया, "जब कलकत्ते में हिंदु-मुस्लिम एक दूसरे की जान ले रहे हैं, ऐसे में मैं जश्न मनाने के लिए कैसे आ सकता हूं. मैं दंगा रोकने के लिए अपनी जान दे दूंगा."
4. जवाहर लाल नेहरू ने ऐतिहासिक भाषण 'ट्रिस्ट विद डेस्टनी' 14 अगस्त की मध्यरात्रि को वायसराय लॉज (मौजूदा राष्ट्रपति भवन) से दिया था. तब नेहरू प्रधानमंत्री नहीं बने थे. इस भाषण को पूरी दुनिया ने सुना, लेकिन गांधी उस दिन नौ बजे सोने चले गए थे.
5. 15 अगस्त, 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन ने अपने दफ़्तर में काम किया. दोपहर में नेहरू ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल की सूची सौंपी और बाद में इंडिया गेट के पास प्रिसेंज गार्डेन में एक सभा को संबोधित किया.
6. हर स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय प्रधानमंत्री लाल किले से झंडा फहराते हैं. लेकिन 15 अगस्त, 1947 को ऐसा नहीं हुआ था. लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था.
7. भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन के प्रेस सचिव कैंपबेल जॉनसन के मुताबिक़ मित्र देश की सेना के सामने जापान के समर्पण की दूसरी वर्षगांठ 15 अगस्त को पड़ रही थी, इसी दिन भारत को आज़ाद करने का फ़ैसला हुआ.
8.15 अगस्त तक भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण नहीं हुआ था.इसकाफ़ैसला17 अगस्त कोरेडक्लिफ
लाइन की घोषणा से हुआ.
9. भारत 15 अगस्त को आज़ाद जरूर हो गया, लेकिन उसका अपना कोई राष्ट्र गान नहीं था. रवींद्रनाथ टैगोर जन-गण-मन 1911 में ही लिख चुके थे, लेकिन यह राष्ट्रगान 1950 में ही बन पाया.
10. 15 अगस्त भारत के अलावा तीन अन्य देशों का भी स्वतंत्रता दिवस है. दक्षिण कोरिया जापान से 15 अगस्त, 1945 को आज़ाद हुआ. ब्रिटेन से बहरीन 15 अगस्त, 1971 को और फ्रांस से कांगो 15 अगस्त, 1960 को आज़ाद हुआ
🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐 💐(B)आज के दिन जन्मे.प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,शिक्षाशास्त्री श्री अरविन्द घोष.का.जीवन परिचय  लेख. 
         💐 श्री अरविन्द घोष💐
जन्मनाम;-श्री अरविन्दअरविन्द अक्रोद्य घोष
जन्मदिनांक:-15 अगस्त 1872
जन्मस्थान;-कलकत्ता, ब्रिटिश भारत
मृत्यु दिनाँक:;5 दिसम्बर 1950
मृत्यु स्थल;-पाण्डिचेरी
दर्शन;-हिन्दुत्व
साहित्यिककार्य;-दिव्य जीवन, द मदर, लेटर्स आन् योगा, सावित्री, योग समन्वय, फ्यूचर पोयट्री
हस्ताक्षर
धर्म:- हिन्दू
दर्शन :; हिन्दुत्व
प्रारम्भिक शिक्षा 
अरविन्द के पिता डॉक्टर कृष्णधन घोष उन्हें उच्च शिक्षा दिला कर उच्च सरकारी पद दिलाना चाहते थे, अतएव मात्र 7 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने इन्हें इंग्लैण्ड भेज दिया। उन्होंने केवल 18 वर्ष की आयु में ही आई० सी० एस० की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। इसके साथ ही उन्होंने अंग्रेजी, जर्मन, फ्रेंच, ग्रीक एवं इटैलियन भाषाओँ में भी निपुणता प्राप्त की थी।
                  💐युवावस्था 💐
देशभक्ति से प्रेरित इस युवा ने जानबूझ कर घुड़सवारी की परीक्षा देने से इनकार कर दिया और राष्ट्र-सेवा करने की ठान ली।इनकी प्रतिभा सेबड़ौदा नरेशअत्यधिक
प्रभावित थे अत:उन्होंनेइन्हेंअपनी रियासत में शिक्षाशास्त्री के रूप में नियुक्तकरलिया।बडौदा में ये प्राध्यापक, वाइस प्रिंसिपल, निजी सचिव आदि कार्य योग्यता पूर्वक करते रहे और इस दौरान हजारों छात्रों को चरित्रवानदेशभक्तबनाया 1896 से 1905 तकउन्होंने बड़ौदा रियासत में राजस्व अधि
-कारी से लेकर बड़ौदा कालेज के फ्रेंच अध्यापकऔर उपाचार्य रहने तक रियासत की सेना में क्रान्तिकारियों को प्रशिक्षण भी दिलाया था।हजारों युवकों कोउन्होंनेक्रान्ति
की दीक्षादीथी।वेनिजीरुपये-पैसे काहिसाब
नहीं रखतेथे परन्तु राजस्व विभाग में कार्य
करतेसमयउन्होंनेजो विश्व कीप्रथमआर्थिक
विकासयोजना बनायी उसका कार्यान्वयन
करके बड़ौदा राज्य देशी रियासतों में अन्य
-तमबनगया था।महाराजा मुम्बईकीवार्षिक
औद्योगिकप्रदर्शनीकेउद्धाटन हेतुआमन्त्रित
किये जाने लगे थे।
लार्ड कर्जन के बंग-भंग की योजना रखने परसारा देशतिलमिला उठा।बंगाल मेंइसके
विरोध के लिये जब उग्र आन्दोलन हुआ तो अरविन्द घोष ने इसमे सक्रिय रूप से भाग लिया। नेशनल लाॅ कॉलेज की स्थापना में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।मात्र75 
रुपये मासिकपर इन्होंने वहाँअध्यापनकार्य
किया।पैसे की जरूरत होने के बावजूद
उन्होंने कठिनाई का मार्ग चुना। अरविन्द कलकत्ता आये तो राजा सुबोध मलिक की अट्टालिकामें ठहराये गये। परजन-साधारण
को मिलने में संकोच होता था।अत:वे सभी को विस्मित करते हुए।19/8 छक्कू खान
सामा गली में आ गये। उन्होंने किशोरगंज (वर्तमानमें बंगलादेश में)मेंस्वदेशी आन्दो
लन प्रारम्भ कर दिया। अब वे केवल धोती, कुर्ता और चादर ही पहनते थे। उसके बाद उन्होंनेराष्ट्रीय विद्यालय से भी अलग होकर अग्निवर्षी पत्रिका बन्दे मातरम् (पत्रिका) का प्रकाशन प्रारम्भ किया।सूरत कांग्रेस के समापन के बाद राष्ट्रवादी नेताओं के साथ बैठक की अध्यक्षता श्री अरविन्द ने की थी
ब्रिटिश सरकार इनके क्रन्तिकारी विचारों औरकार्यों से अत्यधिक आतंकित थी अत;02 मई 1908 को चालीस युवकों के साथ उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।इतिहास में इसे अलीपुर षडयन्त्र केस' केनाम सेजानते
 है। उन्हें एक वर्ष तक अलीपुर जेल में कैद रखा गया।अलीपुर जेल में हीउन्हें हिन्दूधर्म
एवं हिन्दू-राष्ट्र विषयकअद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति हुई। इस षड़यन्त्र में अरविन्द को शामिल करने के लिये सरकार की ओर से जो गवाह तैयार किया था उसकी एक दिन जेल में ही हत्या कर दी गयी। घोष के पक्ष में प्रसिद्धबैरिस्टर चितरंजन दास ने मुकदमे की पैरवी की थी। उन्होने अपने प्रबल तर्कों के आधार पर अरविन्द को सारे अभियोगों से मुक्त घोषित करा दिया।इससे सम्बन्धित अदालती फैसले 06 मई 1909 को जनता केसामनेआये।30 मई 1909कोउत्तरपाड़ा
में एक संवर्धन सभा की गयी वहाँ अरविन्द का एक प्रभावशाली व्याख्यान हुआ जो इतिहास में उत्तरपाड़ा अभिभाषण के नाम से प्रसिद्धहुआउन्होंनेअपनेइस अभिभाषण में धर्मएवं राष्ट्र विषयक कारावास-अनुभूति 
काविशद विवेचन करते हुए कहा था जब मुझे आप लोगों के द्वारा आपकी सभा में कुछ कहने के लिए कहा गया तो में आज एक विषय हिन्दू धर्म पर कहूँगा। मुझे नहीं पता कि मैं अपना आशय पूर्ण कर पाउँगा या नहीं। जब में यहाँ बैठा था तो मेरे मन में आया कि मुझे आपसे बात करनी चाहिए। एक शब्द पूरे भारत से कहना चाहिये। यही शब्द मुझसे सबसे पहले जेल में कहा गया औरअब यह आपको कहने के लियेमैं जेल से बाहर आया हूँ।एक साल हो गया है मुझे यहाँ आए हुए। पिछली बार आया था तो यहाँ राष्ट्रीयता के बड़े-बड़े प्रवर्तक मेरे साथ बैठेथे।यह तोवह सब था जोएकान्तसेबाहर
आया जिसे ईश्वर ने भेजा था ताकि जेल के एकान्त में वह इश्वर के शब्दों को सुन सके।यह तो वह ईश्वर हीथा जिसके कारण आप
यहाँ हजारों की संख्या में आये अब वह बहुत दूर है हजारों मील दूर।
🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐🌻(C) आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ💐
1772- ईस्ट इंडिया कंपनी ने जिलों में अलग दीवानी और फौजदारी अदालतों के गठन का निर्णय लिया.
1854- ईस्ट इंडिया रेलवे ने कलकत्ता से हुगली के बीच 37 किलोमीटर की दूरी में पहली यात्री ट्रेन चलायी.
1885 ट्रैन  का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन  में किया गया.
1872- लेखक और साहित्यकार श्री अरबिंदो का जन्म हुआ.
1907 - इंडियन बैंक-स्वदेशी आंदोलन के अंश के रूप में 15 अगस्त को इसकी स्थापना हुई.
1947- पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली.
1950- भारत में 8.6 के तीव्रता वाले भूकंप के कारण 20 से 30 हजार लोग मारे गए.
1972- पोस्टल इंडेक्स नंबर अर्थात पिन कोड लागू किया गया.
1982- राष्ट्रव्यापी रंगीन प्रसारण और टीवी के राष्ट्रीय कार्यक्रम का दिल्ली में उद्घाटन किया गया.
1990- जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल आकाश का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया.
🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐(D)आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण    
    व्यक्तित्व
1769-में फ़्राँसीसी सैन्य अधिकारी और राजनीतिक नेता नेपोलियन बोनापार्ट का जन्म  में हुआ।
1872- लेखक और साहित्यकार श्री अरबिंदो का जन्म हुआ.
1912 में भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध गायक उस्ताद अमीर ख़ाँ का जन्म  को हुआ था।
1915 में भारत की प्रसिद्ध उर्दू साहित्य
कार इस्मत चुग़ताई का जन्म  हुआ था।
1918 में प्रसिद्ध साहित्यकार, पत्रकार तथा सम्पादक हंस कुमार तिवारी का जन्म हुआ था।
1924 में हिंदी फ़िल्मों के प्रसिद्ध भारतीय गीतकार इन्दीवर का जन्म हुआ था।
1924 में प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कवि रामदरश मिश्र का जन्म।
1933 में भोपाल के प्रसिद्ध शायर फजल ताबिश का जन्म ।
1938- में चाचा चौधरी’ कार्टून चरित्र बनाने वाले प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट प्राण कुमार शर्मा का जन्म।
1947में प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री राखी गुलज़ार का जन्म  को हुआ था।
1959 मेंउत्तराखण्ड राज्य के पाँचवेमुख्य
मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल “निशंक” का जन्म  हुआ था।
1975 में भारतीय क्रिकेटर विजय भारद्वाज का जन्म  हुआ था।
1975 में भारत की प्रसिद्ध महिला एथलीट के.एम. बीनामोल का जन्म  हुआ।
🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐🌻(E)आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
1942- में भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी महादेव देसाई का निधन  को हुआ था।
1947- में स्वतंत्रता सेनानी सरदार अजीत सिंह का निधन  को हुआ था।
2004-में भारतीयराजनीतिज्ञ(पूर्व मुख्य
-मंत्री गुजरात)अमरसिंह चौधरी का निधन 
🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐🌻(F) आज का दिवस का नाम
1-भारत का स्वतंत्रता दिवस
2-फ़्राँसीसी सैन्य अधिकारी और राजनीतिक नेता नेपोलियन बोनापार्ट का जयंती दिवस।
3- लेखक और साहित्यकार श्री अरबिंदो का जयंती दिवस।
4-भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध गायक उस्ताद अमीर ख़ाँ का जयंती दिवस
5-भारतकी प्रसिद्ध उर्दू साहित्यकार इस्मत
चुग़ताई का जयंती दिवस
6-भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी महादेव देसाई थे उनका  पुण्यतिथि दिवस
7-स्वतंत्रता सेनानी सरदार अजीत सिंह थे उनका पुण्यतिथि दिवस। 
8-भारतीय राजनीतिज्ञ(पूर्व मुख्यमंत्री गुज-
-रात)अमरसिंह चौधरी का पुण्यतिथि दिवस।
🌻💐🌹🌲🌱🌸🌸🌲🌹💐💐   
आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन  74 वे स्वतंत्रता दिवस की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।



💐।जय चित्रांश।💐
💐जय महाकाल,बोले सो निहाल💐
💐।जय हिंद जय भारत💐
💐  निवेदक;-💐
💐 चित्रांश ;-विजय निगम