आईपीएस अधिकारी बनकर करता था धोखा-धड़ी; आरोपी एसटीएफ की गिरफ्त में


उज्जैन। आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले इंदौरी बदमाश को एसटीएफ इकाई उज्जैन की टीम ने गिरफ्तार कर उसके पास से फार्चुनर वाहन, 100 से अधिक चेकबुक, मोबाइलों की सिम कार्ड बरामद की हैं। उक्त ठग इंदौर, देवास, उज्जैन जिले में ठगी की वारदातें कर चुका है जबकि मुंबई में भी लोगों को चूना लगाकर आया है।एसटीएफ इकाई उज्जैन एसपी गीतेश कुमार गर्ग ने बताया जितेन्द्र जाट जो आष्टा-सीहोर के बीच स्थित आमला टोल प्लाजा का कर्मचारी है। उसके टोल पर फार्चनुर वाहन क्रमांक एमपी 04 सीएन 0270 से एक व्यक्ति पहुंचा।


उसने स्वयं को आईपीएस अधिकारी विपिन माहेश्वरी बताया और बिना टोल टैक्स दिए वाहन पास कराया। उसी ने जितेन्द्र जाट को मोबाइल पर भी संपर्क किया और स्वयं को आईपीएस विपिन माहेश्वरी बताकर अपने 3-4 परिचितों को टोल पर नौकरी लगाने के लिए कहा। जितेन्द्र जाट को उक्त व्यक्ति पर शंका हुई और इसकी शिकायत एसटीएफ थाना भोपाल पर दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ इकाई उज्जैन द्वारा घेराबंदी करते हुए वाहन सहित ज्योर्तिमय उर्फ ज्योति पिता रामेश्वर विजयवर्गीय 46 वर्ष निवासी 403 कारनेशन शालीमार टाउनशिप इंदौर स्थायी निवासी 47 सरदार पटेल मार्ग बजरंगपुर देवास को गिरफ्तार किया गया।


ज्योर्तिमय 12वीं पास है, लेकिन उसके बातचीत करने का तरीका और इंदौर, देवास, उज्जैन रेंज के आईपीएस अधिकारियों के नाम रटे हुए हैं। उसके मोबाइल में आईजी राकेश गुप्ता का नंबर भी सेव है जिसे आईजी गुप्ता ने ब्लॉक कर रखा है। ज्योर्तिमय के मोबाइल से आईजी गुप्ता को नंबर अनलॉक का मैसेज भी किया गया है।


एसपी गर्ग के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में ज्योर्तिमय द्वारा इंगोरिया में ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर कराने के मामले में थाने में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज है इसके अलावा मुंबई, इंदौर व देवास में भी ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। इंदौर के लसूडिय़ा थाने में उसके खिलाफ छेड़छाड़ व जान से मारने की धमकी देने का प्रकरण भी पंजीबद्ध है।


बदमाश को पकडऩे में एसटीएफ निरीक्षक दीपिका शिंदे, उपनिरीक्षक जे.एस.परमार, एएसआई देवेन्द्र सिंह कुशवाह, एएसआई एल.एन.जाट, प्र.आ. बजरंग कुमार, आर.सुनील झा, संजय शुक्ला, धर्मेन्द्र बड़ोलिया, राजपाल सिंह राठौर, पुष्पेन्द्र यादव, राजेन्द्र परिहार, मनीष राठौर, पूनमचंद यादव की सराहनीय भूमिका रही।


एसपी गर्ग के अनुसार ज्योर्तिमय विजयवर्गीय ने अपने मोबाइल के ट्रू कॉलर एप की प्रोफाइल सेटिंग में स्वयं के नंबर को आईपीएस विपिन माहेश्वरी सहित अन्य प्रभावी व्यक्तियों के नाम से सेव कर रखा है। जब ज्योर्तिमय किसी व्यक्ति को फोन करता तो उस व्यक्ति के मोबाइल ट्रू कॉलर में आईपीएस का नाम दिखता और इसी भ्रम में व्यक्ति ठगी का शिकार भी हो जाता था।


जिससे कार खरीदी उसको दिये चेक भी बाउंस हो गये ज्योर्तिमय ने 2020 में राजीव आर्य निवासी इंदौर से 14 लाख रुपये में फार्चनुर कार खरीदी जिसके एवज में उसने कार मालिक को चेक दिये लेकिन सारे चेक बाउंस हो गये। इसी प्रकार बदमाश द्वारा अन्य लोगों को भी अलग-अलग बैंकों के चेक देकर धोखाधड़ी की गई है।


एसटीएफ की गिरफ्त में आने के बाद निरीक्षक दीपिका शिंदे की टीम ने ज्योर्तिमय के घर की तलाशी ली जहां से 100 से अधिक चेकबुक, सिम कार्ड आदि बरामद हुए। सभी चेकबुक पर हस्ताक्षर थे और उनमें लाखों रुपये की रकम भरी गई थी जिनका उपयोग आरोपी द्वारा लोगों से धोखाधड़ी में किया जाना था। इसके अलावा आरोपी से 11 मोबाइल भी बरामद हुए हैं जबकि बिना उपयोग की गई नई सिम कार्ड भी मिली हैं।



Popular posts
महाकाल दर्शन हेतु महाकाल एप्प की लिंक एवं वेब साइट
Image
ऑटो पार्ट रिटेलर्स और वर्कशाप की दिक्कतें अब दूर हुईं; ऑटोमोबाइल सर्विस प्रोवाइडर गोमैकेनिक ने वापी में नया स्पेयर पार्ट्स फ्रैंचाइज़ी आउटलेट शुरू किया
Image
पियाजियो व्ही।कल्सऔ ने जयपुर में राजस्था न के अपनी तरह के पहले इलेक्ट्रिक व्हीजकल (ईवी) एक्सेपीरियेंस सेंटर का उद्घघाटन किया
Image
देश की एम्प्लॉयी फ्रेंडली कंपनी में शुमार हुआ पीआर 24x7; फीमेल स्टाफ के मासिक धर्म के लिए उठाया सार्थक कदम
Image
‘‘एक महिला को एक महिला से बेहतर कोई और नहीं समझ सकता’’, यह कहना है एण्डटीवी के ‘संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं’ की तन्वी डोगरा का
Image