सार्वजनिक स्थलों पर नहीं होंगे धार्मिक कार्य व त्यौहारों के आयोजन

  • उज्जैन जिले की समस्त राजस्व सीमा क्षेत्र में कोई भी धार्मिक कार्य, त्यौहार का आयोजन सार्वजनिक स्थल पर नहीं किया जायेगा, प्रतिबंधात्मक आदेश जारी


उज्जैन। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री आशीष सिंह ने जिले में कोरोना संक्रमण के बचाव एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु दण्ड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा-144(2) के तहत उज्जैन जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए उज्जैन जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र में कोई भी धार्मिक कार्य, त्यौहार का आयोजन सार्वजनिक स्थल पर नहीं करने के निर्देश दिये हैं। इस दौरान न तो कोई धार्मिक जुलूस या रैली निकाली जायेगी न ही सार्वजन‍निक स्थान पर किसी प्रकार की मूर्ति, झांकी आदि स्थापित नहीं की जायेगी। सभी सम्बन्धित व्यक्तियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने-अपने घरों में रहकर ही पूजा-उपासना करें।


कलेक्टर के निर्देश अनुसार ईदुलजुहा पर्व के अवसर पर सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रम प्रतिबंधित रहेगा। इसी प्रकार रक्षाबन्धन पर्व, अन्तिम श्रावण सोमवार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व, गोगा नवमी, चौकी धुलाई एवं ताजिया/मोहर्रम पर्व, गणपति स्थापना, विसर्जन पर्व, डोल ग्यारस एवं अनन्त चतुर्दशी पर्व के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम किया जाना प्रतिबंधित किया गया है। इन पर्वों के दौरान धार्मिक जुलूस, चल समारोह आदि निकाला जाना भी प्रतिबंधित किया गया है। इसी तरह विवाह समारोह में मेहमानों की संख्या 20 से अधिक नहीं होगी। इसमें वर एवं वधू पक्ष के अधिकतम 10-10 व्यक्ति शामिल होंगे। अन्तिम संस्कार व उठावने से सम्बन्धित कार्यक्रमों में अधिकतम 20 व्यक्ति सम्मिलित हो सकेंगे।


जारी किये गये आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति अथवा समुदाय या समूह सम्बन्धित कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की पूर्व वैधानिक अनुमति प्राप्त किये बगैर उज्जैन जिले में किसी भी स्थल पर किसी भी प्रकार के जुलूस, मौन जुलूस, रैली, सभा, आमसभा, धरना, प्रदर्शन रैली, या बन्द का आयोजन नहीं कर सकेगा। आगामी त्यौहारों पर्वों के दौरान धार्मिक स्थलों पर गुलाल फैंकना, अशोभनीय नारे पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।


कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा फेसबुक, वाट्सअप, ट्विटर आदि पर आपत्तिजनक सामग्री डालने, कमेंट करने पर भी प्रतिबंध लगाया है। विभिन्न मोबाइल कंपनियों को बिना वैधानिक दस्तावेज के सिम व मोबाइल विक्रय न करने, मकान मालिकों, लॉज, होटल व धर्मशाला के प्रबंधकों को किरायेदार एवं अपने यहां ठहरने वाले व्यक्तियों का पूर्ण विवरण सम्बन्धित थाना क्षेत्र में तत्काल जमा करने के लिये पाबन्द किया गया है। इसी तरह ठेकेदारों को अपने यहां लगे मजदूरों की जानकारी सात दिवस में सम्बन्धित थाना प्रभारी को प्रस्तुत करने, आग्नेय अस्त्रों, घातक अस्त्र-शस्त्र आदि का प्रदर्शन करने पर रोक लगाई गई है। जारी किये गये आदेश का उल्लंघन पाये जाने पर धारा-188 भादस, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट-2005 की धारा-51 से 60 एवं द एपिडेमिक डिसिज एक्ट-1897 के प्रावधानों एवं आईपीसी-1860 की सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।


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