आज की बात आपके साथ - विजय निगम


प्रिय साथियो। 


🌹राम-राम🌹 


🌻 नमस्ते।🌻


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का दिनांक 01 जून 2020 सोमवार की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।


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आज की बात आपके साथ अंक मे है 


🌺(A) कुछ रोचक समाचार(संक्षिप्त)🌺


B आज के दिन जन्मी भारतीय सिनेमा    


  की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री नरगिस जी का                      


  जीवन परिचय लेख. 


C आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ


D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण    


    व्यक्तित्व


E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।


F आज का दिवस का नाम ।


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 🌺(A) कुछ रोचक समाचार(विस्तृत)🌺


🌺(A/1)मन की बात में बोले PM मोदी- देश अब खुल गया है, ज्यादा सतर्क रहें🌺


🌺(A/2)यूपी सरकार ने लॉकडाउन 5.0  के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। अनलॉक 1 के लिए जारी की गई🌺


🌺(A/3)रिश्ते बिगाड़ने पर तुला'पड़ोसी', 


पहली बार भारतीय सीमा पर सेना तैनात करेगा नेपाल🌺


🌺(A/4)घरेलू विमान यात्रा:- आज से हवाई यात्रा शुरू, 2000 रुपये में टिकट बुकिंग, समझें किराए का पूरा गणित🌺


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        A कुछ रोचक समाचार


🌺(A/1)मन की बात में बोले PM मोदी- देश अब खुल गया है, ज्यादा सतर्क रहें🌺


पीएम ने कहा कि देश में सबके सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत मजबूतीसेलड़ी जा रही है।हमारीजनसंख्या


कई देशों से ज्यादा है फिर भी हमारे देश में कोरोनाउतनी तेजी से नहीं फैल पाया, जितना दुनिया के अन्य देशों में फैला।.


🌺गांव-कस्बे आत्मनिर्भर होते तो आज ये हालात न होते🌺


🌺कोरोना के खिलाफ लड़ाई का रास्ता लंबा है🌺


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम के 65वें भाग में एक बार फिर से देशवासियों को संबोधित किया. उन्होंने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि 


प्रिय मित्रों नमस्कार ।पिछली बार जब मैंने पिछली बार आपसे मन की बात की थी, तब यात्री ट्रेनें बंद थीं, बसें बंद थीं, हवाई सेवा बंद थी।इस बार बहुत कुछ खुल चुका है।श्रमिक स्पेशल ट्रेन चल रही हैं,अन्य स्पे


शल ट्रेनें भी शुरू हो गई हैं।तमाम सावधा-


नियों के साथ, हवाई जहाज उड़ने लगे हैं, धीरे-धीरेउद्योगभी चलनाशुरूहुआ है। यानी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अब चल पड़ा है, खुल गया है।ऐसे में, हमें और ज्यादा सतर्क रहने कीआवश्यकता है.


उन्होंने कहा कि देश में, सबके सामूहिक प्रयासों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई बहुत मजबूती से लड़ी जा रही है।


हमारी जनसंख्या ज़्यादातर देशों से कई गुना ज्यादा है,फिर भी हमारे देश मेंकोरोना


उतनीतेजी सेनहीं फैल पाया,जितनादुनिया केअन्य देशों में फैला.पीएम नेआगे कहा


कि कोरोना से होने वाली मृत्युदर भी हमारे देश मेंकाफी कम है।जो नुकसान हुआ है, उसका दु:ख हम सबको है,लेकिन जो कुछ भी हम बचापाएं हैं, वो निश्चित तौर पर देश की सामूहिक संकल्पशक्ति का ही परिणाम है.


पीएम ने कहा, आपने देखा होगा कि दूसरों की सेवामें लगेव्यक्ति केजीवन में,कोई डिप्रे


-शन या तनाव कभी नहीं दिखता। उसके जीवन में,जीवन को लेकर उसके नजरिए में,भरपूर आत्मविश्वास,सकारात्मकता और जीवंतता प्रतिपल नजर आती है.


पीएम ने कहा-


साथियो,हमारे डॉक्टर्स,नर्सिंगस्टाफ,सफाई


कर्मी,पुलिसकर्मी,मीडिया के साथी, ये सब जो सेवा कर रहे हैं,उसकी चर्चा मैंने कई बार की है।सेवा मेंअपना सब कुछ समर्पित


कर देने वाले लोगों की संख्या अनगिनत है।ऐसे हीएक सज्जन हैं तमिलनाडु के सी. मोहन.सी मोहन मदुरै में एक सैलून चलाते हैं।इन्होंने अपनी मेहनती की कमाई से बेटी की पढ़ाई के लिए पांच लाख रुपये बचाए थे।लेकिन इन दिनोंउन्होंनेअपनी सारीजमा


-पूंजी देश की सेवा के लिए खर्च कर दी।


देश के सभी इलाकों से वुमन सेल्फ हेल्प ग्रुप केपरिश्रम की भी अनगिनत कहानियां इनदिनोंहमारे सामनेआ रही हैं।गांवों,कस्बों


में,हमारी बहनें-बेटियां, हर दिन मास्क बना रही हैं।तमाम सामाजिक संस्थाएं भी इस काम में इनका सहयोग कर रही हैं. साथियो, ऐसे कितने ही उदाहरण, हर दिन, दिखाई और सुनाई पड़ रहे हैं. कितने ही लोग खुदभी मुझेनमो एपऔरअन्यमाध्यमों


 केजरिएअपनेप्रयासों के बारे में बता रहेहैं.


मेरे प्यारे देशवासियो,एक और बात जो मेरे मन को छू गई है, वो है,संकट की इस घड़ी में इनोवेशन गांवों से लेकर शहरों तक,छोटे 


व्यापारियों से स्टार्टअप तक, हमारी लैब्स कोरोना लड़ाई में,नए-नएतरीके इजाद कर रहे हैं,नए अविष्कार कर रहे हैं।मैं सोशल 


मीडिया में कई तस्वीरें देख रहा था।कई दुकानदारोंने,दो गज कीदूरी के लिए,दुकान


में,बड़े पाइपलाइनलगा लिए हैं,जिसमें एक छोर से वो ऊपर से सामान डालते हैं,और दूसरी छोर से,ग्राहक,अपना सामान ले लेते हैं।किसी भी परिस्थिति को बदलने के लिए इच्छाशक्तिके साथ ही बहुत कुछ इनोवेशन पर भी निर्भर करता है।हजारों साल की मानव जाति की यात्रा लगातार इनोवेशन से हीइतनेआधुनिक दौर मेंपहुंची है।हमारे


देश मेंभीकोई वर्ग ऐसानहीं है।जो कठिनाई में न हो,परेशानी में नहोऔर इस संकट की


सबसे बड़ी चोट अगर किसी पर पड़ी है तो वो हमारे गरीब,मजदूर,श्रमिक वर्ग पर पड़ी है।उनकी तकलीफ,उनका दर्द,उनकी पीड़ा शब्दों में नहीं कही जा सकती।इस दौरान


पढ़ाई के क्षेत्र में भी कई अलग-अलग इनो


वेशन शिक्षकों और छात्रों ने मिलकर किए हैं।ऑनलाइन क्लासेज और वीडियो क्ला


सेज उसकोभीअलग-अलग तरीकों से इनो


वेट किया जा रहा है।कोरोना की वैक्सीन 


पर, हमारी लैब्स में जो काम हो रहा है उस परतोदुनियाभर की नजर हैऔर हमसबकी


आशा भी. किसी भी परिस्थिति को बदलने के लिए,इच्छाशक्ति के साथ ही,बहुत कुछ इनोवेशन पर भी निर्भर करता है।साथियो


कोरोनाएक ऐसी आपदाजिसका पूरी दुनि


या के पास कोई इलाज नहीं है,पहले का अनुभवनहीं है,ऐसे में,नयी चुनौतियां,परेशा


नियां हम अनुभव कर रहें हैं. ये दुनिया के हर देश में हो रहा है,इसलिएभारतभी इससे अछूता नहीं है.


हमारे रेलवे के साथी दिन-रात लगे हुए हैं. केंद्र, राज्य,स्थानीयस्वराजकी संस्थाएं-दिन


-रात मेहनत कर रहें हैं।जिस प्रकार रेलवे केकर्मचारीआज जुटे हुए हैं,वेभीएकप्रकार


से अग्रिमपंक्ति में खड़े कोरोना वॉरियर्स ही हैं।लाखों श्रमिकों को,ट्रेनों,बसों से सुरक्षित


लेजाना,उनके खाने-पाने की चिंता करना, हर जिले में क्वारंटीन केन्द्रों की व्यवस्था, सभी की टेस्टिंग,चेक-अप,उपचारकी व्यव


स्था,ये सब काम लगातार चल रहे हैं और बड़ी मात्रा में चल रहे हैं।साथियो,जो दृश्य


आजहम देखरहे हैं,इससेदेशको अतीत में


जो कुछ हुआ उसकेअवलोकनऔरभविष्य


के लिएसीखने काअवसरभी मिला है आज


हमारे श्रमिकों कीपीड़ा में,देश केपूर्वींहिस्से


की पीड़ा को देख सकते हैं।उस पूर्वी हिस्से का विकास बहुत आवश्यक है।केंद्रसरकार 


ने अभीजो फैसले लिए हैं,उससे गांवों में रोजगार, स्वरोजगार, लघु उद्योगों से जुड़ी विशाल संभावनाएं खुली हैं।अगर,हमारे गांव, कस्बे, जिले, राज्य, आत्मनिर्भर होते, तो अनेक समस्याओं ने, वो रूप नहीं लिया होताजिस रूप में वोआज हमारेसामने हैं।.


जैसे, कहीं श्रमिकों की स्किल मैपिंग का काम हो रहा है, कई स्टार्टअप इस काम में जुटे हैं, कहीं माइग्रेशन कमीशन बनाने की बातहोरहीहै।मुझे पूराभरोसा हैंआत्मनिर्भर


भारत अभियान, इस दशक में देश को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।कोरोना संकट केइस


दौर में,मेरी,विश्व के अनेक नेताओं से बात


-चीतहुईहै,लेकिन,मैं एकराज बतानाचाहूंगा


विश्व के अनेक नेताओं में इन दिनों,बहुत ज्यादादिलचस्पी योग व आयुर्वेद के सम्बंध


में होती है।हर जगहलोगों ने योगऔरउसके


साथ-साथ आयुर्वेद के बारे में, और ज्यादा जानना चाहा है. कितने ही लोग, जिन्होंने, कभी योग नहीं किया,वेभी ऑनलाइन योग क्लास से जुड़ गए हैं या ऑनलाइनवीडियो के माध्यम से भी योग सीख रहे हैं।कोरोना 


संकट केइस समय में योग- आज, इसलिए भीज्यादाअहम है, क्योंकि,ये वायरस,हमारे


श्वास तंत्र को सबसेअधिक प्रभावित करता है।योग में तो श्वास तंत्र को मजबूत करने वालेकईतरह केप्राणायाम हैं.येटाइम टेस्टेड तकनीक है।.कपालभाती और अनुलोम


विलोम,प्राणायाम सेअधिकतरलोगपरिचित 


होंगे,लेकिन भस्त्रिका, शीतली, भ्रामरी जैसे कई प्राणायाम के प्रकार हैं, जिसके, अनेक लाभभी हैं आपके जीवन में योग को बढ़ाने के लिए।.आपके जीवन में योग को बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय ने भी इस बार एक अनोखा प्रयोग किया है. आयुष मंत्रालय ने 'My Life, My Yoga' नाम से अंतर्राष्ट्रीय वीडियो ब्लॉग उसकी प्रतियोगिता शुरू की है।भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लोग इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं.इसमें हिस्सा लेने के लिए आपको अपना तीन मिनट का एक वीडियो बना करकेअपलोड करनाहोगा. इस वीडियो में आप, जो योग, या आसन करते हों,वो करते हुए दिखाना हैऔर योग सेआपके जीवन में जो बदलाव आया है,उसके बारे में भी बताना है.आयुष


मंत्रालय ने भी इस बार एक अनोखा प्रयोग किया है.मेरा,आपसे अनुरोध है,आप सभी, इस प्रतियोगिता में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस में,आपहिस्सेदार बनिए।हमारेदेश में,करीब


करोडों-करोड़ गरीब, दशकों से, एक बहुत बड़ी चिंता में रहते आए हैं - अगर, बीमार पड़ गए तो क्या होगा? इस तकलीफ को समझते हुए इस चिंताको दूर करने के लिए ही,करीब डेढ़ साल पहले आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई थी।.कुछ हीदिनपहले, आयुष्मान भारत के लाभार्थियों की संख्या एक करोड़ के पार हो गई है. एक करोड़ से ज्यादामरीज,मतलब,नॉर्वेजैसा देशसिंगापुर


जैसा देश, उसकी जो कुल जनसंख्या है, उससे,दोगुनालोगों को,मुफ्त में,इलाजदिया


गया है।आयुष्मानभारत योजना के1करोड़ 


लाभार्थियोंमें सेकरीब 80 प्रतिशतलाभार्थी


ग्रामीण इलाके के हैं।इसमें सेभी करीब 50 % लाभार्थी महिलाएं-बेटियां हैं।इन लाभा


-र्थियों में ज्यादातर ऐसी बीमारी से पीड़ित थेजिनका इलाज सामान्य दवाओं से संभव नहीं था।आयुष्मान भारत योजना के साथ एकबड़ी विशेषता पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी है पोर्टेबिलिटी ने देश को, एकता के रंग में रंगने में भी मदद की है,यानी बिहार का कोई गरीब अगर चाहे तो, उसे, कर्नाटक में भी वही सुविधामिलेगी,जो उसे,अपनेराज्य


में मिलती।अगर,गरीबों कोअस्पतालमेंभर्ती


होने के बाद इलाज के लिए पैसे देने पड़ते, इनका मुफ्त इलाजनहीं हुआ होता,तो उन्हें एक मोटा-मोटाअंदाज़ है,करीब-करीब 14 हज़ार करोड़ रूपए से भी ज्यादा,अपनी जेब से,खर्च करने पड़ते।.


Lockdown 5.0: 30 जून तक बढ़ा देश


भर में लॉकडाउन, रेस्टोरेंट, धार्मिक स्थल, सैलून खोलने की इजाजत।साथियो, मैंने 


आपको सिर्फ तीन-चार घटनाओं का जिक्र किया।आयुष्मानभारत से तो ऐसी एक करोड़ से अधिक कहानियां जुड़ी हुई हैं. ये कहानियां जीते जागते इंसानों की हैं दुख एवं तकलीफ सेमुक्त हुए हमारेअपने परि


जनों की है। मणिपुर के चुरा-चांदपुर में 6 साल के बच्चे केलेन सांग, उसको भी, इसी तरह आयुष्मान भारत से नया जीवन मिला है।कुछ इसी तरह का अनुभव पुडुचेरी की अमूर्था वल्ली जी का भी है।आयुष्मान


भारत योजना केतहत जिनगरीबों कामुफ्त


लाज हुआ है,उनके जीवन मेंजो सुखआया


है,उस पुण्य केअसलीहकदार हमारा ईमान


दार टैक्स चुकानेवाला भी है।मेरे प्यारे देश


वासियो,एक तरफ़ हम महामारी से लड़ रहें हैं, तो दूसरी तरफ, हमें हाल में पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में प्राकृतिक आपदा का भी सामना करना पड़ा है. पिछले कुछ हफ्तों के दौरान हमने पश्चिम बंगाल, ओडिशा में अम्फान तूफान का कहर देखा। आयुष्मान भारत से आप अनुमान लगा सकते हैं कि कितनी बड़ी तकलीफों से इन लोगों को मुक्ति मिली है।हालात का जायजा लेने के लिए मैं पिछले हफ्ते ओडिशा,पश्चिमबंगाल


गया था. पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लोगों ने जिस हिम्मत और बहादुरी के साथ हालात का सामना किया है - प्रशंसनीय है. साथियो,एक तरफ जहां पूर्वी भारत तूफान सेआयीआपदा कासामना कर रहा है,दूसरी


तरफ, देश के कई हिस्से टिड्डियों के हमले से प्रभावित हुए हैं. इन हमलों ने फिर हमें याद दिलाया है किये छोटा सा जीवकितना


नुकसान करता है।भारत सरकार,राज्य सर


कार, कृषि विभाग,प्रशासन टिड्डी संकट के नुकसान सेबचने के लिए,किसानों कीमदद


के लिए,आधुनिक संसाधनोंकाउपयोग कर रहा है।नए-नएआविष्कार कीतरफभीध्यान देरहा है और मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर के हमारे कृषि क्षेत्र को बचा लेंगे.


मेरे प्यारे देशवासियो, कुछ दिन बाद ही 5 जून को पूरी दुनिया ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ मनाएगी.इस साल की थीम है -बायो डायव


र्सिटी यानी जैव-विविधिता।.वर्तमान परि-


स्थितियोंमें यहथीम विशेष रूप से महत्व


पूर्ण है.


लॉकडाउन के दौरान पिछले कुछ हफ्तों में जीवन की रफ्तार थोड़ी धीमी जरुर हुई है, लेकिन इससे हमें अपने आसपास, प्रकृति की समृद्ध जैव-विविधता को देखने का अवसर भी मिला है।सालों बाद पक्षी की आवाज को लोग अपने घरों में सुन रहे हैं.


नदियां सदा स्वच्छ रहें, पशु-पक्षियों को भी खुलकर जीने का हक मिले, आसमान भी साफ-सुथरा हो, इसके लिए हम प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीवन जीने की प्रेरणा ले सकते हैं।.


मेरे प्यारे देशवासियो, हम बार-बार सुनते हैं ‘जल है तो जीवन है - जल है तो कल है’, लेकिन, जल के साथ हमारी जिम्मेवारी भी है. हमें बारिश की एक एक बूंदे बचानी होंगी।मेरेप्यारे देशवासियो,स्वच्छ पर्यावरण सीधे हमारे जीवन, हमारे बच्चों के भविष्य का विषय हैइसलिए,हमें व्यक्तिगत स्तर पर भी इसकी चिंता करनी होगी.


कोरोना के खिलाफ लड़ाई अब भी उतनी ही गंभीर है।आपको,आपके परिवार को, कोरोना से अभी भी उतना ही गंभीर खतरा हो सकता है. अगले महीने, फिर एक बार, ‘मन की बात’ अनेक नए विषयों के साथ जरुर करेंगे।.धन्यवाद.


लॉकडाउन 5.0 में कहां मिलेगी छूट, कहां जारी रहेगी पाबंदी,यहां जानें सब


प्रधानमंत्रीमोदी ने कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी.पहले ये 21 दिनों के लिए था।उसके बाद इसे अलग-


अलगचरणों में 31 मई तक बढ़ाया गया.


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🌺(A/2)यूपी सरकार ने लॉकडाउन 5.0  के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। अनलॉक 1 के लिए जारी की गई🌺 एडवाइजरी के मुताबिक 1 जून से 30 जून 2020 तक केंद्र के अनुसार ही प्रतिबंध लागू रहेंगे।दिल्ली केहॉटस्पॉट से आनेवालों पर गाजियाबाद और नोएडा में रोक रहेगी। दोनों जिलों के डीएम इस बारे में फैसला करेंगे की  दिल्ली की बार्डर खोला जाए या नहीं। यूपी में8जून से धार्मिकस्थल, शॉपिंग मॉल्सऔर होटल-रेस्तरांभी खोलेजासकेंगे 


जुलाई में स्कूलऔर कॉलेज केंद्र के निर्देशों के आधार पर खोलना प्रस्तावित है। यूपी में भी30 जून तक लॉकडाउन जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश के लिए मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि कहीं भी एक केस हुआ तो कंटेनमेंट जोन का दायरा 250 मीटर होगा। दो केस हुए तो कंटेनमेंट जोन का दायरा 500 मीटर होगा।कंटेनमेंट जोन में सिर्फ जरूरी चीजें मिलेंगी। 


🌺जानें गाइडलाइन की खास बातें🌺 : 


- 01 जून सोमवार से सभी सरकारी ऑफिस पूरी क्षमता के साथ खुलेंगे।


- बाजार रोटेशन बेसिस पर सुबह 9 से शाम 9 बजे तक खुलेंगे।


- सुपर मार्केट, ब्यूटी पार्लर/सैलून भी खुल सकेंगे।


- एक राज्य से दूसरे राज्य जाने के लिए पास की जरूरत नहीं। हालांकि नोएडा/गाजियाबाद में डीएम जरूरत देख फैसला लेंगे।


- टैक्सी, कैब, रिक्शा निर्धारित सवारी क्षमता के अनुसार सवारी बिठा चलेंगे।


- रोडवेज बसें चलेंगी।


- किसी को खड़े होकर चलने की अनुमति नहीं होगी।


- सारे प्रतिबंध अब कैंटेनमेंट जोन तक ही सीमित।


- प्रदेश में 8 जून से धार्मिक स्थल और पूजा स्थलों को खोला जाएगा। 


 - होटल, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल भी 8 जून से खुलेंगे।  


-  सैलून और ब्यूटी पार्लर खुलेंगे लेकिन कुछ शर्तों के साथ। 


-  मिठाई की दुकान खुलेंगी लेकिन वहॉं बैठकर खाना मना रहेगा। 


-  शहरों में साप्ताहिक हाट नहीं लगेंगे।


- अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं, मेट्रो सेवाएं अगले आदेशों तक बंद रहेंगी। 


- कंटेनमेंट जोन के लिए जो गतिविधियां भारत सरकार ने निर्धारित की हैं सिर्फ उन्हीं गतिविधियों की कंटेनमेंट जोन में अनुमति होगी।


- स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की गतिविधियां, डोर-टू-डोर सर्वे, आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था और सफाई की व्यवस्था की अनुमति होगी। 


- बारात घर खोले जाएंगे लेकिन 30 लोगों की उपस्थिति ही मान्य होगी। 


- टैक्सी अपनी क्षमता के मुताबिक़ सवारी लेकर चल सकते हैं। 


- अपनी गाड़ियों से चलने वालों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना जरूरी  होगा।


- पार्क सुबह और शाम 5 बजे से 8 बजे तक खोले जाएंगे। 


- खेल परिसर और स्टेडियम बिना दर्शकों के खोलने की अनुमति होगी। 


- कंटेन्मेंट ज़ोन में धार्मिक संस्थान, होटल या मॉल नहीं खोले जा सकते हैं। 


- दो पहिया वाहन पर मास्क लगाकर 2 लोग सवारी कर सकते हैं।


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🌺(A/3)रिश्ते बिगाड़ने पर तुला'पड़ोसी', 


पहली बार भारतीय सीमा पर सेना तैनात करेगा नेपाल🌺


भारत के पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के साथ अब संबंध तल्ख हो रहे हैं. नेपाल ने भारत के तीन क्षेत्रों को अपने नक्शे में दिखाने के लिए संविधान संशोधन बिल को संसद में पेश किया है. प्रधानमंत्री केपी ओली ने खुली सीमाओं को बंद कर दिया है अब केवल कुछ सीमाओं से ही भारतीय नेपाल में प्रवेश कर सकेंगे.


🌺नेपाल-भारत संबंधों में बढ़ा तनाव🌺


🌺नए नक्शे के लिए बिल नेपाली संसद में पेश🌺


🌺चयनित बॉर्डर पर ही मिलेगी भारतीयों को एंट्री🌺


नेपाल और भारत‌ के बीच‌ चल रहे सीमा विवाद में नेपाल के तरफ से एक और विवादास्पद फैसला किया गया है. नेपाल सरकार ने नेपाल प्रवेश करने के लिए खुली सीमाओं को बंद करने और सरकार द्वारा निर्धारित सीमा क्षेत्र से ही नेपाल में एंट्री देने का फैसला किया है. भारत के साथ तनाव को देखते हुए नेपाल ने अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की तैनाती को भी मंजूरी दी है. ऐसा पहली बार हो रहा है.


नेपाल और भारत के बीच करीब 1,700 किलोमीटर की खुली सीमाएं हैं. अभी तक नेपाल आने वाले भारतीय नागरिकों को बिना रोक-टोक अपनी सुविधा के मुताबिक इन खुली सीमाओं से एंट्री मिलती थी. नेपाल सरकार के ताजा फैसले से अब सिर्फ निर्धारित सीमा से ही नेपाल में प्रवेश करने की इजाजत मिलेगी.


जिस दिन नेपाल सरकार ने भारतीय क्षेत्रों को मिलाकर अपना नया नक्शा जारी किया था, यह निर्णय उसी दौरान लिया गया है. लेकिन सरकार ने एक हफ्ते तक इस निर्णय को छिपा कर रखा. राजपत्र में प्रकाशित करने के बाद इसे सार्वजनिक किया गया है.


सीमा विवाद को लेकर भारत से टकराव के मूड में रहे नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की कैबिनेट ने सीमा व्यवस्थापन और सुरक्षा के नाम पर सख्ती दिखाते हुए भारत से लगी 20 सीमाओं को छोड़कर बाकी सभी को बन्द करने का निर्णय किया है.


     🌺सीमा क्षेत्र में सेना की तैनाती🌺


भारत के साथ तनाव को देखते हुए नेपाल ने अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की तैनाती को भी मंजूरी दे दी है. यह पहली बार है जब नेपाल-भारत सीमा पर सेना की तैनाती होने जा रही है. अब तक भारत के तरफ सीमा की निगरानी एसएसबी करती थी वहीं नेपाल की तरफ से सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के हवाले सुरक्षा की जिम्मेदारी थी. नेपाल के हर सीमावर्ती जिलों में सैन्य बैरक होने के बावजूद सीमा की निगरानी या सुरक्षा के नाम पर सेना को बॉर्डर पर कभी नहीं भेजा गया था.


नेपाल भारत के बीच बॉर्डर को नियंत्रित करना, बन्द करना और सेना की तैनाती करना दोनों देशों के बीच 1950 में हुए मैत्री संधि के खिलाफ है. नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा से इस संधि के खिलाफ रही है. इनके चुनावी घोषणा पत्र से लेकर हर सभा सम्मेलन में आजाद भारत के साथ हुए पहले समझौते का विरोध किया जाता रहा है. कम्युनिस्ट नेताओं का एक बड़ा एजेंडा‌ भारत के साथ रहे सांस्कृतिक, धार्मिक, पारिवारिक और राजनीतिक संबंधों को खत्म करना रहा है.


20 जगहों से ही होगी भारतीयों की एंट्री


इस निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय के सचिव नारायण बिडारी ने कहा कि कैबिनेट ने यह फैसला लिया है कि ‌भारत से आने वाले लोगों को अब सिर्फ 20 सीमा गेट से ही आने की इजाजत मिलेगी. नेपाल के 22 जिलों की सीमा भारत से जुड़ी है. सरकार ने सिर्फ 20 जिलों के लिए एक-एक एंट्री प्वाइंट तय किए हैं.


गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से नेपाल ‌और भारत दोनों देशों ने 31 मई तक सीमाओं को सील किया हुआ है. इसलिए 1जून से अगर सीमाओं को खोला भी जाता है तो नेपाल के नए नियम के मुताबिक भारतीय नागरिक अब सिर्फ तय नाका से ही नेपाल में प्रवेश कर सकेंगे.


सीमावर्ती इलाकों में रहने वालेहोंगे परेशान


नेपाल सरकार के निर्णय से सबसे अधिक परेशानी सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ही होने वाली है.व्यापार, व्यवसाय रोजगार और शादी-विवाह तक दोनों देशों के बीच सामान्य तरीके से होता हैऐसे में नएनियमों से लोगों को परेशान होना पड़ेगा. लाखों की संख्या में लोग हर रोज सीमा आर-पार करते हैं. अब नेपाल में वैध आईडी कार्ड के साथ ही एंट्री मिलेगी.शादी के संबंध में नेपाल नेबदलीनीति नेपाल के नएसंविधान


मेंभारतीय लड़कियों ‌के नेपाल मेंशादी होने परउन्हें राजनीतिक अधिकारोंसे वंचितकर दियाजाता है।यहनियमलगाकरपारिवारिक


रिश्तों को खत्म करने योजना बनाई गई है. नेपाल कभी पशुपतिनाथ के पुजारी को हटाने के बहाने तो कभी भारतकेचार धामों 


और कुम्भ को न मानने के बहाने धार्मिक रिश्तों पर चोटपहुंचा रहा हैअब सीमा


नियंत्रणकरके जन-जन केसंबंधों को खत्म करनेकीसाजिश कीजा रही है.स्वतंत्रभारत 


के समझौते को नहींमानतीनेपाल की कम्यु


निस्ट सरकार।नेपाल की कम्युनिस्टसरकार 


स्वतंत्रभारत के साथ हुए समझौतों कोनहीं मानती है।जबकि ब्रिटिश इंडिया के साथ हुए समझौते को ही मानने,उसी हिसाब से अपनीजमीन पर दावाकरनेकीतैयारीनेपाल


कर रहा है।साल 1816 में ब्रिटिश हुकूमत और नेपाल के तत्कालीनराजसत्ता के साथ हुए सुगौली संधि के हिसाब से इस‌ समय‌ भारत के हिस्से में रहे कालापानी,लिपुलेख


और लिम्पियाधुरा को अपना बताते हुए उस हिस्से को समेट कर नया नक्शा जारी कर दिया है।


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🌺(A/4)घरेलू विमान यात्रा:- आज से हवाई यात्रा शुरू, 2000 रुपये में टिकट बुकिंग, समझें किराए का पूरा गणित🌺


दो महीने तक बंद रहने के बाद सोमवार यानी आज से घरेलू हवाई यात्रा शुरू हो चुकी है. इस हवाई यात्रा के किराए को लेकर सरकार पहले ही कैपिंग कर चुकी है. सरकार ने हवाई यात्रा के किराये पर नियंत्रण के लिए इसे यात्रा के समय (ट्रैवल टाइम) के आधार पर 7 वर्गों में बांटा है।हवाई यात्रा शुरू, कितना लगेगा किराया।


🌺घरेलू हवाई यात्रा आज से शुरू🌺


🌺18,600 रुपये तक हो सकता है किराया🌺


दो महीने तक बंद रहने के बाद सोमवार यानी आज से घरेलू हवाई यात्रा शुरू हो चुकी है. इस हवाई यात्रा के किराए को लेकर सरकार पहले ही कैपिंग कर चुकी है. सरकार ने हवाई यात्रा के किराये पर नियंत्रण के लिए इसे यात्रा के समय (ट्रैवल टाइम) के आधार पर 7 वर्गों में बांटा है.


नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि यात्रा के समय आधार पर किराए को 7 बैंड (भागों) में बांटा गया है. अगले तीन महीने तक यात्रियों से इसी तर्ज पर किराया वसूला जाएगा. इसका साफ-साफ मतलब ये है कि विमानन कंपनियां अपनी मर्जी से किराये को नहीं बढ़ा पाएंगी और यात्रियों को कम किराये पर यात्रा की सुविधा मिलेगी.


सरकार के निर्देशों के मुाताबिक विमानन कंपनियों को 40 फीसदी यात्रा टिकटों को औसत दर पर बेचना अनिवार्य होगा. यह किराया करीब 6700 रुपये होगा. सरकार ने विमानन कंपनियों, हवाईअड्डों और अन्य पक्षकारों के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए. देश में 25 मार्च से जारी लॉकडाउन के चौथे चरण के अंतिम सप्ताह में घरेलू हवाई सेवा को ऐसे समय में बहाल किया गया है जब पिछले 4 दिन से लगातार देश में कोविड-19 के 6,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं. रविवार को देश में 6,767 लोग के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.


आज से हवाई सफर शुरू, इन 10 नियमों को नहीं माना तो नहीं कर पाएंगे यात्रा


क्या है किराए का गणित...


> सरकार ने 7 बैंड बनाए हैं. इसमें 40 मिनट से कम समय में यात्रा वाली उड़ानें पहले बैंड में आएंगी.


> इस अवधि की उड़ानों के लिये न्यूनतम किराया 2,000 रुपये और अधिकतम किराया 6,000 रुपये होगा.


> 40 से 60 मिनट की उड़ानों के लिये किराये की सीमा 2,500 रुपये से लेकर 7,500 रुपये तक होगी.


> 60 से 90 मिनट की उड़ानों के लिये किराये की सीमा 3,000 रुपये से लेकर 9,000 रुपये तक होगी.


> 90 से 120 मिनट की उड़ानों के लिये किराये की सीमा 3,500 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक होगी.


> 120 से 150 मिनट की उड़ानों के लिये किराये की सीमा 4,500 रुपये से लेकर 13,000 रुपये तक होगी.


> 150 से 180 मिनट की उड़ानों के लिये किराये की सीमा 5,500 रुपये से लेकर 15,700 रुपये तक होगी.


> 180-280 मिनट की उड़ानों के लिये किराये की सीमा 6,500 रुपये से लेकर 18,600 रुपये तक होगी.


पश्चिम बंगाल- आंध्र प्रदेश छोड़ पूरे देश में विमान सेवा शुरू, हर राज्य के हैं अपने-अपने नियम


हालांकि, सरकार के इस आदेश के बाद कि 25 मई से घरेलू हवाई यात्रा शुरू की जाएगी, लोगों ने भारी मात्रा में टिकटें बुक करवाईं. इस दौरान 1,050 उड़ानों के लिए बुकिंग की गई, लेकिन संशोधित कार्यक्रम आने के बाद कई उड़ानें रद्द हो गई हैं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को निराशा हाथ लगी है. विमानन कंपनियों को पहले अपनी क्षमता का एक-तिहाई परिचालन करने की अनुमति थी।


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  (B)आज के दिन जन्मे भारतीय सिनेमा    


      की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री नरगिस     


     (अभिनेत्री)जीवन परिचय लेख.            


            🌺नरगिस (अभिनेत्री)🌺


भारतीय सिनेमा की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री


 


  नरगिस दत्त (01जून 1928– 03मई 1981), जन्म नाम फ़ातिमा रशिद लेकिन बाद में नाम परिवर्तित कर दिया गया था। इनका जन्म कोलकाता ,पश्चिम बंगाल में हुआ था।


येएकभारतीय सिनेमा कीप्रसिद्ध अभिनेत्री


थीं जिन्होंने हिन्दी फ़िल्म अभिनेता सुनील दत्त से शादी की थी। इन्होंने अपने फ़िल्मी सफरकी शुरुआत बचपन तलाश-ए-हक़


(1935) में ही कर दी थी लेकिन इन्होंने एक्टिंग करनी 1942 में तमन्ना फ़िल्म से शुरू की थी।   


राष्ट्रीयता:-भारत


व्यवसाय:-अभिनेत्री


जीवनसाथी:-सुनीलदत्त (1958–1981)


बच्चे:-संजय दत्त, प्रिया दत्त, नम्रता दत्त


पुरस्कार:-पद्मश्री(1958)सर्वश्रेष्ठअभिनेत्री1958  मदर इण्डिया सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री 


1968  रात और दिन सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री 


1958 मदर इण्डिया 


1957 की मदर इंडिया फ़िल्म के लिए इनको एकेडमी अवॉर्ड के लिए नामांकित किया गया था साथ ही इस फ़िल्म के लिए इन्हेंसबसेअच्छी फ़िल्मअभिनेत्रीका फिल्म


फेयरपुरस्कार भी दिया गया था।इसकेबाद 


इन्हें 1967 में बनी रात और दिन फ़िल्म के लिएराष्ट्रीयफ़िल्म पुरस्कार से सम्मानित की गई थीं।


                निधन संपादित


इनका निधन1981 में अग्नाशय कैंसर की वजह से हो गया था। इनके निधन से कुछ ही वर्षोंपूर्वपुत्र संजय दत्तनेभारतीय सिनेमा


में कदम रखा था।इनके निधन से ही तीन दिन बाद संजय दत्त की पहली फिल्म रोकी रिलीज हुई 


              प्रमुख फिल्में 


वर्ष फ़िल्म चरित्र टिप्पणी


1967 रात और दिन


1964 यादें


1960 काला बाज़ार


1958 लाजवंती कविता/निर्मल


1957 मदर इण्डिया राधा


1957 परदेसी चंपा


1956 चोरी-चोरी कम्मो


1955 श्री 420


1953 आह


1953 पापी


1953 धुन


1952 अनहोनी


1952 अंबर


1952 आशियाना


1952 बेवफ़ा रूपा


1951 दीदार माला


1951 आवारा रीटा


1950 जान पहचान आशा


1950 प्यार


1950 खेल


1950 आधी रात


1949 बरसात


1949 अंदाज़ नीना


1949 लाहौर


1948 आग निम्मी


1945 हुमायूँ


 


  नरगिस और सुनील दत्त की लव स्टोरी जो आज के लवर्स के बहुत काम की है


सुनील दत्त, नरगिस जी दोनों जाने-माने एक्टर्स रहे. आज के जमाने में जब प्रेम करने वालों के खिलाफ पूरा ज़माना हो रहा है और प्रेम की राह मुश्किल होती जा रही है, नरगिस और सुनील दत्त की ये कहानी प्रेरित करती है.


                      नरगिस.


ये कहानी वहां से शुरू होती है जब सुनील दत्त सीलोन रेडियो में बतौर रेडियो जॉकी काम किया करते थे. तब एक्टिंग से उनका कोई लेना-देना नहीं था. लेकिन यहीं पर उनका नरगिस से पहली बार मिलना हुआ. उन्हें रेडियो के लिए नरगिस का इंटरव्यू लेने का काम सौंपा गया. तब वे भारत की बहुत बड़ी एक्ट्रेस हो चुकी थीं. राज कपूर के साथ उनकी जोड़ी फिल्मों में बहुत हिट थी. इंटरव्यू के दौरान अपने सामने नरगिस को देखकर सुनील दत्त इतने नर्वस हो गए कि उनसे एक भी सवाल नहीं पूछ पाए. हालत ये हुई कि सुनील दत्त की नौकरी जाते-जाते बची.


दूसरी बार नरगिस और सुनील दत्त की मुलाकात बिमल रॉय की फिल्म ‘दो बीघा ज़मीन’ के सेट पर हुई. नरगिस वहां बिमल रॉय से मिलने आई थीं और सुनील दत्त वहां काम की तलाश में पहुंचे थे. सुनील को देखते ही नरगिस को पिछला वाकया याद आ गया. वो उन्हें देखकर मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गईं. इसके बाद महबूब खान की फिल्म ‘मदर इंडिया’ में सुनील दत्त को नरगिस के बेटे का रोल मिला.


फिल्म मदर इंडिया में मां और बेटे के रोल में नरगिसऔर सुनील दत्त.शूटिंग के दौरान सुनील बार-बार नरगिस के सामनेनर्वस हो जाते थेऔर एक्टिंग नहीं कर


पाते थेलेकिन नरगिसने इस दौरान उनकी काफीमदद की जिससे वो सहज होकर एक्टिंग कर सके. नरगिस की इस दरियादिली की वजह से सुनीलदत्तकोउनसे बहुत लगाव सा हो गया।कहाजाता है कि इसमें जो रोल सुनील दत्तको मिला था वोइससे पहले दिलीप कुमार को ऑफर किया गया था.लेकिन दिलीप कुमारने इस रोल कोकरने से मनाकर दिया क्योंकिवोनरगिस केबेटे का रोल नहींकरनाचाहते थे.दिलीपने कहा कि नरगिस तोमेरीहीरोइन है, मैं उसके बेटे का रोल कैसे कर सकता हूं.हालांकि डायरेक्टर महबूब खान ने दिलीपकुमार को डबलरोल


ऑफरकिया. उन्होंने कहा था कि बाप और बेटे दोनों का रोलआप कर लीजिए लेकिन दिलीपकुमार नहीं माने फिर 


एक घटना घटी जिसने हमेशाके लिए सुनील दत्तऔर नरगिस


को करीब ला दिया. ये हुआ था गुजरात के बिलिमोर गांव में.‘मदर इंडिया’ का सेट था. वहां एक सीन को फिल्माए जाने के लिए चारों ओर पुआल बिछाए गए थे. सीन को फिल्माने के लिए पुआलों में आग लगाई गई. देखते


-देखते आग चारों ओर फैल गयी. नरगिस सीनकरने के दौरानआग में फंस गईं.सुनील दत्त नेअपनी जान पर खेलकर नरगिस को बचाने के लिए आग में कूद पड़े.उन्होंने नरगिस को बचा लिया लेकिनखुद काफी जल गए.


वो इतने ज़्यादा जलगए थे कि बार-बार बेहोश होने लगे


अस्पताल में भर्ती कराया गया.अस्पताल में सुनील दत्त की खबर लेते हुए नरगिस रोज़


अस्पताल जाकर उनकी देखभाल करतीं.आग वाले हादसे 


के बाद नरगिस का नज़रिया सुनील दत्त कीओर सेपूरी तरह बदलगया था.इसी बीच सुनील दत्त की बहन


 बीमार पड़ गईं. वे बंबई में किसी डॉक्टर को नहीं जानते थे.बिना


 सुनील दत्तको बताए नरगिस उनकीबहनको लेकर अस्पताल


 चली गईं और इलाज करवाया. सुनील दत्त पहले से ही नरगिस को चाहते थे लेकिनइस घटना के बाद उन्होंने तय कर लिया किजिंदगी बितानी है तोउन्हींकेसाथ. फिर वोनरगिस को प्रपोज़ करने से खुद को रोक नहीं पाए. नरगिस को उन्होंने प्रपोज़ किया और नरगिस ने उसे स्वीकार भी कर लिया.उसके बाद दोनों ने शादी कर ली.सुनील दत्त


 और नरगिस बेटे संजय दत्त के साथ.नरगिस की लाइफ के कुछऔरकिस्से 


भी जानते हैं.अपने बेटे संजय कीडेब्यू फिल्म नहीं देख पाईं:


संजय दत्त की पहली फिल्म ‘रॉकी’ 1981मेंअप्रैल-मई में रिलीज़ होने वाली थी. नरगिस तब बीमार चल रही थीं.उन्हें कैंसर था।वो संजू की फिल्म


देखने को बेचैन थीं.बेटे संजू से


उन्होंने कहा था कि उनकी तबी-


यत खराब रही और स्ट्रेचर पर भी ले जानापड़ा,तबभी वोफिल्म ज़रूर देखेंगी.फिल्म 8 मई को रिलीज़ होनी थी लेकिन 3 मई को ही नरगिस की मौत हो गई.जिस दिन फिल्म का शो था उस दिन एक सीट नरगिस के लिए खाली रखी गई थी.डॉक्टर्स ने सुनील दत्त को दी नरगिस को मारने की सलाह:नरगिस को कैंसर की बीमारी थी. उनकी पूरी बॉडी में बहुत दर्द रहता था. डॉक्टर्स ने इसीलिए सुनील दत्त को सलाह भी दी कि वो नरगिस कालाइफ सपोर्ट सिस्टम हटा दें।लेकिन सुनील दत्त ने ऐसा करने से मनाकर दिया.वे आखिरीपल


तक उनके साथ रहे.जब नाराज होकर मास्को टूर छोड़कर भारत आ गईं:अपनी लोकप्रिय फिल्मों से राजकपूरऔर नरगिस की जोड़ी काफी मशहूर हो चुकी थीं.रूस में भी इनकी फिल्में काफी मशहूर थीं.एक बार 


नरगिस,राजकपूर के साथ मास्को गईं लेकिन लोगों ने उन्हें


स्वतन्त्र रूप से महत्व न देकर राजकपूर की हीरोइन जितनी ही तवज्जो दी. पूरा सम्मान न पाकर नरगिस को बुरा लगा और वो बीच में ही मास्को से इंडिया लौट आईं.


राजकपूर से 20 साल बाद जब मुलाकात हुई:सुनीलदत्त से शादी होने के बाद नरगिस अपनी ज़िन्द


गी में पूरी तरह व्यस्तहो गईं.पहले 


उन्होंने राजकपूर केसाथआवारा’


,श्री 420’ और ‘बरसात’ जैसी करीब 16 फिल्में की थीं. लेकिन बाद में वे राज कपूर से नहीं मिलीं।फिर करीब 20 साल बाद जब राजकपूर ने बेटे ऋषि कपूर की सगाई के बाद बंबई के देवनार बंगले पर पार्टी दी तो उसमें नरगिस को भी बुलाया.इस तरह 20 साल बाद दोनों की मुलाकात


हुई.सुनीलदत्त और संजय दत्त


 भी इस पार्टी में मौजूद थे.


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 🌺(C) आज के दिन की महत्त्व


-पूर्ण एतिहासिक घटनाएँ🌺


1992 - भारत एवं इजरायल के बीच हवाई समझौता।


1999- मध्य चीन के ह्यूबी प्रान्त में 770-256 ईसा पूर्व के तीन सौ प्राचीन क़ब्रों की खोज, हवाई विश्वविद्यालय (सं.रा


अमेरिका)में नर चूहे का प्रतिरूप विकसित।


2001 - नेपाल के शाही परिवार की नरेश वीरेन्द्र विक्रम शाह सहित पत्नी व अन्य परिवारों की नृशंस हत्या, हत्या के बादयुवराज 


दीपेन्द्र द्वारा भी आत्महत्या का 


प्रयास, ज्ञानेन्द्र कार्यवाहक नरेश बने, दक्षिण अफ़्रीका का सत्य मित्र आयोग समाप्त।


2004 इराकी प्रशासकीय परि


षद के प्रमुख सुन्नी नेता


गाजी मशाल अजीज अल यावर ईराक के नये राष्ट्रपति बने।


2005 - अप्पा शेरपा ने माउंट एवरेस्ट की 15वीं बार सफल चढ़ाई की।


2006 - चीन के दक्षिण पूर्वी जियांग्शी प्रान्त के शांगीपन गांव में आदि मानव का पदचिह्न मिला। ईरान ने परमाणु शोध कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ किसी प्रकार के समझौते से पूरी तरह इन्कार करते हुए कहा कि वह वार्ता को तैयार है, लेकिन पर


माणु कार्यक्रम पर रोकलगाना


उसे मंजूर नहींब्रिटेनकेशिक्षाविदों


 ने इस्रायली विश्वविद्यालयोंके


 बहिष्कार का निर्णयलिया


2008 -अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन नई दिल्ली में सम्पन्न।


2009अमेरिकी राष्ट्रपति पद के प्रत्याशीबराकओबामा नेशिकागो


 के ट्रीनिटी यूनाइटेड चर्च की सदस्यता से इस्तीफ़ा दिया।


2010 -भारतीय सर्वोच्च न्याया


लय के मुख्य न्यायाधीश पद से सेवानिवृत्त हुए बालाकृष्णन को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वे मानवाधिकार आयोग के पहले दलित अध्यक्ष हैं। आयोग के अध्यक्ष का पद पिछले एक वर्ष से रिक्त था।


2010 अक्षरधाम आतंकी हमले के मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। विशेष पोटा जज सोनिया गोकाणी की अदालत ने 2006 में इस मामले में तीन आरोपियों को फाँसी, एक को उम्रकैद, एक को 10 वर्षों की सज़ा और एक को पाँच वर्षों की सज़ा सुनाई थी। स्वामीनारायण संप्रदाय के गांधीनगर स्थित अक्षरधाम मंदिर में सितंबर 2002 में दो आतंकियों के हमले में 33 लोग मारे गए थे।


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 (D)आज के दिन जन्मे व्यक्ति


1929 नर्गिस,भारतीयफ़िल्म 


अभिनेत्री।


1938 - बलदेव वंशी - कवि एवं लेखक।


1958-अशोक कुमार भारत के 


प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ियों में से एक हैं।


1975-कर्णम मल्लेश्वरी 


भारत की प्रसिद्ध भारोत्तोलक।


1972 - मनसुख मंडाविया 


 भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ हैं।


1991 - राजेश्वरी गायकवाड़ - भारतीय महिला क्रिकेटर


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 🌺(E)आज के दिननिधन हुवे महत्वपुर्ण व्यक्तित्व🌺 


1969 विलियम मैल्कम हेली - पंजाब, उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य


पाल


1987-ख़्वाजा अहमदअब्बास-


 प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और उर्दू लेखक


1996-नीलम संजीव रेड्डी,भारत के छठे राष्ट्रपति 


2001 - वीरेन्द्र वीर विक्रम शाह - नेपाल के राजा और दक्षिण एशियाई नेता थे।


2010 - बाल राम नंदा, नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तका


लय के संस्थापक निदेशक एवं महात्मा गाँधी पर कई किताबें लिख चुके इतिहासकार।


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🌺(F)आज के दिन/ दिवस का नाम🌺 


1. बाल रक्षा दिवस ,विश्व दुग्ध दिवस  


2.नर्गिस,भारतीयफ़िल्म अभि


नेत्री का जयंती दिवस


3.बलदेव वंशी कवि एवं लेखक का जयंती दिवस


4.अशोककुमार भारत केप्रसिद्ध


 हॉकी खिलाड़ियों में से एक हैं का जन्म दिवस


5. कर्णम मल्लेश्वरी - भारत की प्रसिद्ध भारोत्तोलक का जन्म दिवस


6. विलियम मैल्कम हेली पंजाब,


 उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल का पुण्यतिथि दिवस


7. ख़्वाजा अहमद अब्बास- प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और उर्दू लेखक का पुण्य-


तिथि दिवस


8. नीलम संजीव रेड्डी, भारत के छठे राष्ट्रपति का पुण्यतिथिदिवस


9.वीरेन्द्र वीर विक्रम शाह -नेपाल के राजाऔर दक्षिण एशियाईनेता 


थे का पुण्यतिथि दिवस।


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       आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।


      आज जन्म लिये सभी व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई। बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।


💐।जय चित्रांश।💐


💐जय महाकाल,बोले सो निहाल💐


💐।जय हिंद जय भारत💐


💐 निवेदक;-💐


💐 चित्रांश ;-विजय निगम।