आज की बात आपके साथ - विजय निगम


प्रिय साथियो। 


🌹राम-राम🌹 


🌻 नमस्ते।🌻


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का दिनांक 06 जून 2020 शनि


वार की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।


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आज की बात आपके साथ अंक मे है 


A कुछ रोचक समाचार


B आज के दिन जन्मे भारतीय फिल्मो के गीतकार राजेन्द्र कृष्ण का जीवन परिचय 


लेख. 


C आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ


D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण    


    व्यक्तित्व


E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।


F आज का दिवस का नाम ।


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     (A) कुछ रोचक समाचार(संक्षिप्त)


💐(A/1) जब टूरिस्ट प्लेस बना रामायण का सेट, कलाकारों के दर्शन करने आते थे लोग🌺


🌺(A/2)मैं कांग्रेस में लौटआया हूं 'महा


राज'आने वाले हैं: सत्येंद्र यादव🌺


🌺(A/3) आख़िर क्या हो लड़कियों की शादी की उम्र? मोदी सरकार ने किया टास्क फोर्स का गठन, जया जेटली होंगी अध्यक्ष🌺


🌺(A/4) अमेरिका: कस्टडी में लिए गए अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के आरोपी पुलिसकर्मी🌺


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    (A) कुछ रोचक समाचार (विस्तृत)


💐(A/1) जब टूरिस्ट प्लेस बना रामायण का सेट, कलाकारों के दर्शन करने आते थे लोग🌺


सुनील लहरी ने बताया कि रामानंद सागर की रामा।यण ने उस वक्त इतनी पॉपुलैरिटी हासिल कर ली थी कि उमरगांव एक तरह से टूरिस्टप्लेस बन गया था.बता दें, गुजरात के उमरगांव में रामायण की शूटिंग हुई थी.


रामानंद सागर के मशहूर शो रामायण की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है.33सालों 


पहले रामायण जितनी फेमस थी,आज 20


20 में भी रामायण का वही क्रेज लोगों में बरकरार है।लॉकडाउन में टेलीकास्ट होने पर रामायण ने बंपर टीआरपी हासिल की.


रामायण की वजह से टूरिस्ट प्लेस बना उमरगांव रामायण में लक्ष्मण का रोल प्ले करने वाले सुनील लहरी 


इन दिनों शो से जुड़ी चटपटी बातें फैंस के साथ साझा कर रहे हैं.अपने लेटेस्टवीडियो में सुनील लहरी ने उस दौर में रामायण की लोकप्रियता शो को लेकर लोगों की सच्ची भावना केबारे में बताया है।सुनील नेबताया किरामानंद सागर की रामायण ने उस वक्त इतनीपॉपुलैरिटी हासिल करलीथीकि उमर


गांव एक तरह से टूरिस्ट प्लेस बन गया था. बता दें,गुजरात के उमरगांव में रामायण की शूटिंग हुई थी।वीडियो में सुनील कहते हैं


उन दिनों उमरगांव में 8-10 बसें भर-भर


कर लोग आए।उनकी डिमांड थी कि उन्हें वहां रहने दिया जाए।उनकेरहने-खाने-पीने 


का सारा इंतजाम किया जाए.वे वहां रामा-


यण के दर्शन करनेआए हैं।सागर साहब के बड़े बेटे इनसभी चीजों के इंचार्ज थे.उन्होंने


उन लोगों से कहा- हमने थोड़ी आप लोगों को यहां बुलाया है।खैर अब आप आ गए हैं तो हम इंतजाम कराते हैं।इसके बाद उन


लोगों के लिएबढ़िया इंतजाम किए गए।सभी के नहाने की व्यवस्था की गई।उन्हें नाश्ता कराया गया.नहा-धोकर वे लोग सेट पर शूटिंग देखने आए. वे लोग इतनीश्रद्धा सेआए जैसे लोग मंदिर में पूजा करने जाते हैं.वीडियोमेंसुनील लहरी ने कहा कि रामा-


यण के प्रति लोगों की ये श्रद्धा और भक्ति कमाल की है।.


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(A/2)मैं कांग्रेस में लौट आया हूं 'महाराज'


आने वाले हैं: सत्येंद्र यादव🌺


भोपाल। कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफादेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले जबलपुर के नेता सत्येंद्र यादव वापस कांग्रेस में लौट आए हैं। पत्रकारों से बातकरतेहुए उन्होंने कहा कि 'महाराज'भी भारतीय जनता पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं।जल्द ही कांग्रेस में वापस आजाएंगे।सत्येंद्र यादव जबलपुर में पुराने कांग्रेसी नेताओं में गिने जाते हैं।प्रारंभ से ही ज्योति


रादित्य सिंधिया के समर्थक रहे हैं।जब ज्योतिरादित्य सिंधियाने कांग्रेस पार्टी छोड़


कर भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की तब सत्येंद्रयादवने भी सेवादल के प्रदेशअध्यक्ष


केपद से इस्तीफा दे दिया था प्रदेशकांग्रेस कमेटी में पत्रकारों से बात करते हुए सत्येंद्र यादव ने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी में वापस आ गया हूं।ज्योतिरादित्य सिंधिया भारतीय जनता पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं। इन दिनों वह किसी से मुलाकात नहीं कर रहे। जल्द ही वह अपनी कांग्रेसमें वापस आ जाएंगे


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💐(A/3) आख़िर क्या हो लड़कियों की शादी की उम्र? मोदी सरकार ने किया टास्क फोर्स का गठन, जया जेटली होंगी अध्यक्ष🌺


इस साल पेश किए गए आम बजट में वित्त मंत्री निर्मलासीतारमण नंटास्क फ़ोर्स बनानेका ज़िक्र किया था. आख़िरी बार 1978 में लड़कियों की उम्र सीमा बढ़ाई गई थी. उस समय इसे 15 से बढ़ाकर 18 साल किया गया था.


मोदी सरकार ने लड़कियों के मातृत्व और उनके पोषण से जुड़ा एक अहम फ़ैसला लेते हुए एक टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है. वरिष्ठ नेता जया जेटली को इस टास्क फोर्स का अध्यक्ष बनाया गया है. टास्क फोर्स का मुख्य काम इस बात की समीक्षा करना है कि शादी और मातृत्व का महिलाओं और उनके बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से कितना रिश्ता होता हैऐसे में माना ये जा रहा है कि टास्क फोर्स लड़कियों की शादी की उम्र सीमा की भी समीक्षा करेगा. टास्क फोर्स को महिलाओं के बीच उच्चतर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सुझाव देने को भी कहा गया है.


1 जुलाई तक पेश होगी रिपोर्ट


टास्क फोर्स को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया गया है. टास्क फोर्स में अध्यक्ष जया जेटली के अलावा नीति आयोग के सदस्य डॉ वी के पॉल, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, प्राथमिक और उच्च शिक्षा और विधायी विभाग के सचिव, नजमा अख्तर, वसुधा कामथ और दीप्ति शाह को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है.


🌺वित्त मंत्री ने बजट भाषण में किया था ऐलान🌺


🥀🌺वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल 1फरवरी को वित्तीय वर्ष 2020 -21 का आम बजट पेश करते हुए टास्क फोर्स बनाए जाने का ऐलान कियाथा टास्कफोर्स कोअपनी सिफारिशों के साथ साथ ये भी बतानेको कहागया है कि क्या सिफारिशों


 को लागू करने के लिए किसी नए क़ानून की या फिर किसी पुराने क़ानून में बदलाव की आवश्यकता पड़ेगी ? इतना ही नहीं, टास्क फोर्स को इन सिफारिशों को लागू करने के लिए एक समय सीमा सुझाने के लिए भी कहा गया है।


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🌺(A/4) अमेरिका: कस्टडी में लिए गए अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के आरोपी पुलिसकर्मी🌺


जॉर्जफ्लॉयड की 25 मई को हत्या के बाद से ही मार्च निकालना प्रदर्शनों का हिस्सा रहा है।मिनीपोलिस के एकश्वेतपुलिसअधि


कारी ने फ्लॉयड को जमीन पर गिरा के उनकी गर्दन अपने घुटने से दबा दी थी जिससे उनकी मौत हो गई.


वाशिंगटन: अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।फ्लॉयडकीमौत के जितनेआरोपीपुलिस


वाले हैं उनको कस्टडी में ले लिया गया है।उनमेंसेपहले हीएकपुलिस वाले केखिलाफ


मामला दर्ज किया गया था अब बाकी बचे पुलिसवालों पर भी कार्रवाई की गई है.


अमेरिका के मिनियापोलिस में श्वेत पुलिस


अधिकारी द्वारा अश्वेत जॉर्जफ्लॉयड की घुटनेसेगलादबाकर कीगई हत्याकेखिलाफ


शुरू हुआविरोधअबपूरी दुनिया में फैलगया


है।सिडनी से लेकर पेरिस तक इस घटना के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं।यूरोपीय संघ (ईयू) के शीर्ष राजनयिक ने कहा कि ईयू इस घटना से ‘स्तब्ध और हैरान’ है.वहीं ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर में हजारों लोगों ने मार्च निकाला.मिनियापोलिस में  हुई थी अश्वेत व्यक्ति की मौतफ्रांस की राज


धानी पेरिस और देश के अन्य हिस्सों मे


विरोध प्रदर्शन हुआ।फ्लॉयड कीअमेरिका केमिनियापोलिस में पिछले हफ्ते उससमय मौत होगई थीजब एकश्वेतपुलिसअधिकारी 


ने उसके गले को अपने घुटने से तबतक दबाए रखा जबतक कि उसकी सांसे नहीं टूट गई। डेरेक चोविन नाम का श्वेत पुलिस अधिकारी जॉर्ज के गले पर अपने घुटनों के बल बैठा था और जॉर्ज बार-बार कह रहा था।"मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं."EU ने कहा


हम स्तब्धऔर हैरान यूरोपीय संघ केविदेश


नीतिप्रमुख जोसेप बोरेल नेसंगठन कीओर सेअब तक सबसे तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि'फ्लॉयड की मौतअधिकार के दुरुपयोगकानतीजा हैअमेरिका केलोगों


की तरह हम भी फ्लॉयड की मौत सेस्तब्ध


और हैरान हैं.'जोसेपबोरेल ने कहा,यूरोपीय


शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन


करते हैंऔरसाथ हीकिसी भीतरह कीहिंसा और नस्लवाद का विरोध करते हैं।उन्होंने कहा कि हमनिश्चित तौर परतनावकमकरने


कीअपील करते हैं।पूरीदुनिया में प्रदर्शन


कारी फ्लॉयड की मौत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहेअमेरिकियों केप्रतिएकजुटता प्रकट


कर रहे हैं।


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   (B) आज के दिन जन्मे भारतीय फिल्मो के गीतकार राजेन्द्र कृष्ण का जीवन परिचय लेख                 


               राजेन्द्र कृष्ण 


पूरा नाम;- राजेन्द्र कृष्ण दुग्गल 


जन्म- 6 जून , 1919 


जन्म भूमि ;-जलालपुर जट्टन, ज़िला गुजरात, पाकिस्तान 


मृत्यु;- 23 सितम्बर, 1987 


मृत्यु स्थान ;-मुम्बई, महाराष्ट्र 


कर्म भूमि ;-मुम्बई 


कर्म-क्षेत्र ;-गीतकार 


मुख्य फ़िल्में :-जंजीर, प्यार की जीत, अलबेला, अनारकली, आज़ाद, भाई भाई, देख कबीरा रोया, छाया, पतंग आदि 


पुरस्कार;-उपाधि राजेन्द्र कृष्ण ने फ़िल्म खानदान (1965) में "तुम्ही मेरे मंदिर, तुम्ही मेरी पूजा" के लिए सर्वश्रेष्ठ गीतकार के लिए फ़िल्मफेयर पुरस्कार जीता था। नागरिकता :--भारतीय 


अन्य जानकारी ;-राजेंद्र कृष्ण तमिल भाषा पर भी हिंदी जैसा ही अधिकार रखते थे और तमिल फ़िल्मों के लिए भी उतने ही मशहूर थे। 


 राजेन्द्र कृष्ण ;- जन्म: 6 जून , 1919 मृत्यु: 23 सितम्बर, 1987) 


हिन्दी सिनेमा के एक प्रसिद्ध गीतकार थे। जीवन परिचय राजेंद्र कृष्ण का जन्म 6 जून, 1919 को पाकिस्तान के ज़िला गुजरात के जलालपुर जट्टन नामक गांव में एक दुग्गल परिवार में हुआ था। जब वह आठवीं कक्षा में पढ़ रहे थे तब वे कविता की ओर आकर्षित हुवे । उन्होंने शिमला में नगरपालिका के कार्यालय में 1942 तक क्लर्क के रूप में काम किया था। उस अवधि के दौरान, उन्होंने पूर्वी और पश्चिमी लेखकों को बड़े पैमाने पर पढ़ा और कविता लिखी उन्होंने फ़िराक़ गोरखपुरी और अहसान डैनीज के उर्दू कविता, पेंट और निरला की हिंदी कविताओं के लिए अपनी ऋणी व्यक्त की। उन दिनों दिल्ली-पंजाब के समाचार पत्रों ने विशेष पूरक कार्यक्रमों को जन्म दिया और कृष्ण जन्माष्टमी को चिह्नित करने के लिए कविता प्रतियोगिता आयोजित की, जिसमें उन्होंने नियमित रूप से भाग लिया।


   1940 के दशक के मध्य में, कृष्णन एक पटकथा लेखक बनने के लिए मुंबई गए। 1947 में पहली बार जनता नामक फ़िल्म की पटकथा लिखी और उसी वर्ष एक और फ़िल्म जंजीर में गीत लिखने का मौका मिल गया। जंजीर का कोई गीत नेट (अंतर्जाल) पर उपलब्ध नहीं है। उसके संगीत निर्देशक कृष्ण दयाल थे और गीत पंडित फानी, पंडित गाफिल, लालचंद बिस्मिल और राजेंद्र कृष्ण ने लिखे। 1948 के शुरू होते ही महात्मा गांधी की हत्या के बाद ‘सुनो सुनो ऐ दुनिया वालो बापू की ये अमर कहानी’ से उनका नाम घर-आंगन में गूंजने लगा। यह गीत मोहम्मद रफ़ी ने गाया था और इसकी धुन उस जमाने के प्रख्यात संगीत निर्देशक हुस्नलाल भगतराम ने बनाई थी। उसी वर्ष आज की रात के गीतों से मशहूर हुए। आज की रात में उन्होंने सामाजिक यथार्थ को अपने गीत का विषय बनाते हुए लिखा ‘क्या जाने अमीरी जो ग़रीबी का मजा है दौलत उन्हें दी है तो हमें सब्र दिया है’। स्वर मीना कपूर का है और इसकी धुन हुस्नलाल भगतराम ने बनाई है। यह किसी गजल का मतला भी हो सकता है और किसी गीत का मुखड़ा भी लेकिन अपने गर्भ में यह कबीर के इस दोहे का रौशन बीज छुपाए हुए है ‘गोधन गजधन बाजिधन और रतनधन खान जब आए संतोषधन सब धन धूरि समान’। इसी फ़िल्म में सुरैया की आवाज में राजेंद्र कृष्ण का एक और गीत मशहूर हुआ ‘क्यूं ले चला है ऐ दिल मुझको प्यार की गली में हो’। जी. एम. दुर्रानी की पुरदर्द आवाज में राजेंद्र का यह गीत भी मकबूल हुआ। गीतों का सफ़र ‘प्यार की शमा को तकदीर बुझाती क्यूं है किसी बर्बादे-मोहब्बत को सताती क्यूं है’। और 1948 में बनी फ़िल्म प्यार की जीत में क़मर जलालाबादी और राजेंद्र कृष्ण के गीत थे। राजेंद्र का यह गीत बहुत मकबूल हुआ ‘तेरे नैनों ने चोरी किया मेरा छोटा सा जिया परदेसिया’। 1948 में ‘बापू की यह अमर कहानी’ इस कदर मशहूर और मकबूल हो गया था कि 1949 की एक फ़िल्म का नाम ही अमर कहानी रख दिया गया और उसमें गीत लिखने की दावत राजेंद्र कृष्ण को ही दी गई। सुरैया की आवाज में इस फ़िल्म का यह गीत बहुत मकबूल हुआ ‘दीवाली की रात पिया घर आने वाले हैं सजन घर आने वाले हैं’। इसकी धुन हुस्नलाल भगतराम ने बनाई थी। इस फ़िल्म के और भी कई गीत मकबूल हुए; उनमें गीता दत्त की गाई एक गजल भी थी जिसका मतला इस तरह था ‘ये कैसी दिल्लगी है कहां का ये प्यार है कुछ ऐतबार भी नहीं कुछ ऐतबार है’। सुरैया की आवाज में राजेंद्र का यह गीत भी बहुत पसंद किया गया ‘उमंगों पर जवानी छा गई अब तो चले आओ तुम्हारी याद फिर तड़पा गई अब तो चले आ’’। 1949 में लाहौर और बड़ी बहन के 'चुप चुप खड़े हो ज़रूर कोई बात है , 'चले जाना नहीं' जैसे सुपरहिट गानों के साथ राजेंद्र जी अग्रिम पंक्ति के गीतकार बन गए। लाहौर में संगीत दिया था प्रख्यात निर्देशक श्यामसुंदर ने और राजेंद्र कृष्ण का यह गीत बेहद मकबूल हुआ ‘बहारें फिर भी आएंगी मगर हम तुम जुदा होंगे घटाएं फिर भी छाएंगी मगर हम तुम जुदा होंगे’। एक गीतकार के रूप में वह दीनानाथ मधोक और क़मर जलालाबादी के नजदीक पड़ते हैं जो मन की भावनाओं को सीधे-सच्चे शब्दों में और सादा अंदाज में कहने में यकीन रखते हैं और कोरी भावनाओं को कविता का साज-सिंगार पहनाने की चिंता नहीं करते। श्रोता तक उनकी कविता सुनते-सुनते ही संवेदित हो जाती है, उसे समझने और सराहने के लिए उसे कोशिश नहीं करनी पड़ती, कसरत का तो सवाल ही नहीं पैदा होता। बड़ी बहन के गीतों की लोकप्रियता का प्रमाण यह है कि बड़ी बहन के निर्माता ने खुश होकर गीतकार राजेंद्र कृष्ण को एक ऑस्टिन कार भेंट की और गीत लिखने के लिए एक हजार रु. माहवार पर नौकर रख लिया।[1] 1949 में आसूदाहाल लोग ही ऑस्टिन कार का सपना देखते थे और एक हजार प्रति माह की तनख्वाह अच्छी-खासी रकम हुआ करती थी। फिर तो राजेंद्र जी की गाडी चल पड़ी अलबेला, अनारकली, आज़ाद, भाई भाई, देख कबीरा रोया, छाया, पतंग, ब्लफ मास्टर, भरोसा, पूजा के फूल, खानदान आदि फ़िल्मों के लिए गाने लिखे और मशहूर हुए, इसके अलावा राजेंद्र जी तमिल बहुत अच्छे तरह से जानते थे सो 18 तमिल फ़िल्मो के लिए पटकथा और गाने भी लिखे


   दरअसल लता, सी. रामचन्द्र और राजेंद्र कृष्ण की एक तिकड़ी बनती है और ये तीनों जब भी एक जगह जमा होते हैं तो एक से बढ़कर एक रसवंती रचनाएं अस्तित्व में आती हैं। लता-रामचंद्र और राजेंद्र की तिकड़ी ने अनारकली में बहुत अच्छा संगीत दिया है। इस फ़िल्म के गीत ‘मोहब्बत ऐसी धड़कन है जो समझाई नहीं जाती', मोहब्बत में दिल का धड़कना तो आम है, हिंदी-उर्दू शायरी ऐसी धड़कनों से भरी पड़ी है; लेकिन यहां तो उसे धड़कन ही बना दिया गया है। यह रूपक अलंकार का चमत्कार है जो इस सीधे-सादे बयान को कविता के रुपहले रूमाल में लपेटकर एक नई आभा दे रहा है। प्रसिद्ध गीत जादूगर सैयां छोड़ दे बैयाँ चुप चुप खड़े हो ज़रूर कोई बात है वो भूली दास्ताँ लो फिर याद आ गयी मेरे महबूब क़यामत होगी छूप गया कोई रे, दूर से पुकार के कौन आया मेरे मन के द्वारे ये जिंदगी उसी की है ज़रूरत है ज़रूरत है एक श्रीमती की मै चली मै चली देखो प्यार की गली मेरे सामने वाली खिड़की में देखा न हाय रे सोचा न हाय रे कोई कोई रात ऐसी होती है पल पल दिल के पास तुम रहती हो पुरस्कार राजेन्द्र कृष्ण ने फ़िल्म खानदान (1965) में "तुम्ही मेरे मंदिर, तुम्ही मेरी पूजा" के लिए सर्वश्रेष्ठ गीतकार के लिए फ़िल्मफेयर पुरस्कार जीता था। योगदान 1966 की फ़िल्म नींद हमारी ख्वाब तुम्हारे में आशा भोंसले की आवाज़ में राजेंद्र का यह गीत बेहद लोकप्रिय हुआ ‘कोई शिकवा भी नहीं कोई शिकायत भी नहीं और तुम्हें हमसे वो पहली सी मोहब्बत भी नहीं’। अब राजेंद्र को फ़िल्मों का मिलना कम हो गया था लेकिन जब भी मौका मिलता था वह कोई न कोई मकबूल गीत रच देते थे और सुर्खियों में आ जाते थे। 1970 की फ़िल्म गोपी में उनका लिखा यह गीत देखिए: ‘सुख के सब साथी दु:ख का न कोय मेरे राम मेरे राम तेरा ना है सांचा दूजा न कोय’। गोपी में महेंद्र कपूर का भी एक सदाबहार गीत है जो आज भी सुनने को मिल जाता है, ‘रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलजुग आएगा हंस चुगेगा दाना-दुनका कौवा मोती खाएगा’। अब राजेंद्र पचास के लपेटे में थे लेकिन उम्र ने उनके तेवरों पर जरा भी असर नहीं छोड़ा था। पर अब गीतकारों की नई खेप आ गई थी और उन्हें मिलने वाले काम में कमी आ गई थी। वह इसकी परवा भी कहां करते थे? घुड़दौड़ में 46 लाख का करमुक्त जैकपॉट जीतकर वह पहले ही फ़िल्म उद्योग के सबसे धनी लेखक कहलाने लगे थे। अपने परम मित्र संतोषी की तरह वह ऐयाशी से खर्च करने वाले शख्स न थे बल्कि पैसे का विवेकशील उपयोग करने में विश्वास करते थे। लेकिन वह अंतिम दिनों तक सक्रिय रहने में भी विश्वास करते थे इसलिए जब भी मौका मिलता था, काम से इनकार नहीं करते थे। कुछ न कुछ काम उन्हें आखिरी दम तक मिलता रहा। इसके अलावा वो तमिल भाषा पर भी हिंदी जैसा ही अधिकार रखते थे और तमिल फ़िल्मों के लिए भी उतने ही मशहूर थे।


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      (C) आज के दिन की महत्वपूर्ण     


            ऐतिहासिक घटनाए


1674 में शिवाजी महाराज का रायगढ़ के किले में राज्याभिषेक हुआ और साथ ही उन्होंने छत्रपति की उपाधि ग्रहण की।


1918 को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेलेयू वुड के युद्ध में अमेरिका को पहली जीत मिली थ


1919-में प्रिकमर्ग गणराज्य पर हंगरी की लाल सेना का आक्रमण हुआ था।


1981 में बिहार की बाघमती नदी में को एक ट्रेन गिर गई, जिससे लगभग 800 लोगों की मौत हो गई थी।


1660 में डेनमार्क तथा स्वीडन के बीच हुआ शांति समझौताहुआ था।


1752 को भयंकर आग लगने के कारण मोस्को में 18,000 लोग जल गए थे।      


1831 अमेरिका के फिलाडेल्फिया में 06 जून, को दूसरा राष्ट्रीय काला सम्मेलन हुआ था।


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    (D)आज के दिन जन्मे महत्वपूर्ण          


                 व्यक्तित्व


1901-इण्डोनेशिया के प्रथमराष्ट्रपति


 सुकर्णो का जन्म को हुआ था।


1919 में हिन्दी सिनेमा के एक प्रसिद्ध गीतकार राजेन्द्र कृष्ण का जन्म हुआ था।


1936 में प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता डी. रामा


नायडू का जन्म हुआ था।


1936 में प्रसिद्ध एथलीट गुरबचन सिंह


रंधावा का जन्म हुआ था।


1956 को महान टेनिस खिलाड़ियों में गिने जाने वाले स्वीडिश टेनिस खिलाड़ी ब्योन बोर्ग का जन्म हुआ था।


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    (E) आज के दिन निधन हुवे महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व   


1967 में सामाजिक कार्यकर्त्ता कैप्टन 


अवधेश प्रताप सिंह का निधन को हुआ था।


1982 को कर्नाटक के 8वें मुख्यमंत्री डी. देवराज अर्स का निधन हुआ था।


1984 को दमदमी टकसाल के प्रमुख, खलिस्तान आंदोलन के नेता जरनैल सिंह भिंडरांवाले का निधन हुआ था।


1986 में कन्नड कहानी के प्रवर्तक',कवि, कहानीकार, उपन्यासकार, नाटककार, अनुवादक और आलोचक मास्ति वेंकटेश अय्यंगार का निधन हुआ।


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      (F) आज का दिवस का नाम ।


1.डेनमार्क व स्वीडन मे आज के दिन शान्ती समझौता दिवस मनाया जाता है।


2.अमेरिका के फिलाडेल्फिया मे आज के दिन राष्ट्रिय काला सम्मेलन दिवस मनाया जाता है।


3.इण्डोनेशिया के प्रथम राष्ट्रपति सुकर्णो


 का जयंती दिवस


4.हिन्दी सिनेमा के एक प्रसिद्ध गीतकार राजेन्द्र कृष्ण का का जयंती दिवस


5. प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता डी. रामा


नायडू का जयंती दिवस।


6.सामाजिक कार्यकर्त्ता कैप्टनअवधेश


 -प्रताप सिंह का पुण्यतिथि दिवस।


7.कर्नाटक के 8वें मुख्यमंत्री डी. देवराज अर्स का पुण्यतिथि दिवस।


8.दमदमी टकसाल के प्रमुख, खलिस्तान आंदोलन केनेता जरनैल सिंह भिंडरांवाले 


का पुण्यतिथि दिवस।


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       आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।


      आज जन्म लिये सभी व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई। बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।


💐।जय चित्रांश।💐


💐जय महाकाल,बोले सो निहाल💐


💐।जय हिंद जय भारत💐


💐 निवेदक;-💐


  💐 चित्रांश ;-विजय निगम