आज की बात आपके साथ - विजय निगम


प्रिय साथियो। 
🌹राम-राम🌹
🌻 नमस्ते।🌻
आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयोंका दिनांक 11 मई 2020 सोमवार की प्रातःकी बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।
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आज की बात आपके साथ  अंक मे है 
A कुछ रोचक समाचार
B आज के दिन जन्मी पृसिद्ध नृत्यांगना मृणालिनी साराभाई   का जीवन परिचय  लेख. 
C आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण    
    व्यक्तित्व
E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
F आज का दिवस का नाम ।
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(A)कुछ रोचक समाचार(संक्षिप्त)
🌺(A/सावधान: धरती पर दूसरे ग्रह से लाए गए सैंपल से बढ़ सकता है वायरस का खतरा!🌺
🌺(A/2)दिल्ली में महसूस किए गए झटके, एक महीने के अंदर तीसरी बार आया भूकंप।
🌺(A/3)तंबाकु चबाकर सड़क पर थुकने वालों से कराई सफाई,लगवाई उठक बैठक लगवाई।🌺
🌺(A/4)कोमा में गए पूर्व सीएम अजीत जोगी, हालत हुई नाजुक, अगले 48 घंटे बेहद अहम🌺
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 (A) कुछ रोचक
समाचार(विस्तृत)
💐(A/सावधान: धरती पर दूसरे ग्रह से लाए गए सैंपल से बढ़ सकता है वायरस का खतरा!🌺
अमेरिकीअंतरिक्ष एजेंसी (NASA) के वैज्ञानिकों ने तो चेतावनी तक दे दी है कि दूसरे ग्रहों से लाए गएमिट्टी के नमूने पृथ्वी पर किसी नए वायरस का खतरा बन सक्ता हैं दुनिया भर  मे फैले कोरोना वायरस ने अब वैज्ञानिकों को हर नई खोज पर सोचने पर मजबूर कर दिया है.ऐसे में दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश कर रहे वैज्ञानिक भी अब शोध से पहले सभी तरह की जांच पड़
ताल में जुट गए हैंअमेरिकी अंतरिक्षएजेंसी (NASA) केवैज्ञानिकों ने तो चेतावनी तक 
दे दी है कि दूसरे ग्रहों से लाए गए मिट्टी के नमूने पृथ्वीपर किसी नए वायरस काखतरा
बढ़ सकते हैं।वैज्ञानिकों नेमंगलग्रह सेपृथ्वी
पर लाए गए नमूनों को लेकर भी चेतावनी दी है.स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्कॉट हबार्ड ने कहा ​है कि जिस तरह से दुनिया इस वक्त अदृश्य महामारी से लड़ रही है वह आगे भी इसी तरह कीअन्य परे
शानियों से घिर सकती है।उन्होंनेचेतावनी देते हुए कहा है कि मंगल ग्रह से लाए गए मिट्टी केनमूने पृथ्वीपर किसी नएखतरनाक वायरस को दावत दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे मेंमंगल ग्रहसे लौटतेवक्त प्लानैटरी
प्रोटेक्शन कोध्यान में रखने कीजरूरत है।.
स्कॉट हवार्ड ने बताया कि मंगल ग्रह पर चट्टाने जो लाखों साल पुरानी है उनमें मेरी जानकारी के मुताबिक अभी सक्रियजीवन
सूत्र होगा जो पृथ्वी पर आने के बाद तेजी ये वायरस के रूप में फैल सकता है.उन्होंने
कहा कि इनसैंपल को भी पृथ्वीपर आने के बाद क्वारंटाइनकरने की जरूरत है.इन सैंपल पर तब तक काम नहीं किया जाना चाहिए जब तककी यह साफ नहीं होजाता
कि इनमें इबोला वायरस जैसा कोई खतरा नहीं है.उन्होंने कहा कि दूसरे ग्रहों से वापस लौटने वाले एक्ट्रोनॉट्स को भी क्वारंटाइन में रखने की जरूरत है, जैसा कि चांद पर भेजे गए पहलेअपोलो मिशन केबाद किया गया था।उन्होंने कहा किमिशनपर गए रॉके
ट्स व तमाम उपकरणों को कैमिकल क्ली
निंग प्रोसेस में रखा जाना चाहिए। नासा ने साल 2024 तक चांद व 2030 तक मंगल
पर मिशन की तैयारी की है।.
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🌺(A/2)दिल्ली में महसूस किए गए झटके,एक महीने के अंदर तीसरी बार आया भूकंप।🌺
राजधानी दिल्ली में रविवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। एक महीने के अंदर आज तीसरी बार दिल्ली में भूकंप के झटके आए। इस बार 3.5 तीव्रता के साथ भूकंप आया।
इससे पहले 12 और 13 अप्रैल को लगा-
तार दो दिन दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।पहला झटका 12 अप्रैल को 3.5तीव्रता की5 गतिसे आया था और दूसरा झटका पांच किलोमीटर की गहराई में 2.7 के साथ आया था। पिछला बार भी भूकंप का केंद्र दिल्ली ही था। 
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💐(A/3)तंबाकु चबाकर सड़क पर थुकने वालों से कराई सफाई,लगवाई उठक बैठक लगवाई।
खरगोन तंबाकु-पाऊच खाने वालों की शामत शनिवार को उस समय आई जब उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकु थुक दी। इस करतूत को देखते ही नपा कर्मियों ने उन्हेंगायत्री मंदिर चौराहें पर ही धरदबौचा और तगड़ी फटकार लगाई। इतना ही नहीं दंड स्वरूप चौराहें पर ही कान पकड़कर उठक-बैठक लगवाई और उन्होंने जिस जगह थुककर गंदगी की थी वह भी साफ कराई। हाथ में पानी की बाल्टी व झाडू देकर ऐसे लोगों से देर तक काम लिया गया। जब चालानी कार्रवाई की बारी आई तो नपा कर्मियों ने एक-एक हजार रुपए के चालान बनाने की तैयारी की। इतनी राशि जेब में न होने से थुकने वाले हाथ जोड़कर कर्मचारियों के सामने गिड़गिड़ाने लगे।
नपा के स्वास्थ्य अधिकारी प्रकाश चित्ते ने बताया कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर थुकना प्रतिबंधित कर दियाहै,क्योंकि तंबाकु का सेवन करना जानलेवा है जबकि जगह-जगह थुकना संक्रमण को बढ़ाता है, लिहाजा इस तरह की हरकत करने वालों पर चालान का प्रावधान किया गया है। शनिवार सुबह11  बजे गायत्री मंदिर तिराहे पर 4 लोगों को तंबाकु-गुटखा खाकर सड़क पर थुकते पकड़ा। पहले तो सभी से उठक-बैठक लगवाई। इसके बाद उनके हाथों में पानी की बाल्टी झाडू थमा दी गई। जहां उन्होंने थुककर गंदगी की थी उस स्थान को साफ कराया गया।
तंबाकु खाने वालों से करवाया मौखिम करार
तंबाकु खाने वालों से नपा टीम ने मौखिक करार भी करवाया। इसमें उन्होंने कहा- हम सौगंध खाते हैं आगे से तंबाकु नहीं खाएंगे। सार्वजनिक स्थलों पर नहीं थुकेंगे। हालांकि थुकने वालों पर चालान के एक-एक हजार रुपए नहीं होने से नपा ने पांच-पांच सौ रुपए ही वसूले। शेष राशि के एवज में सफाई काम कराया गया।
आदेश एक हजार जुर्माना वसुलने का
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर थुकने वालों से एक हजार रुपए जुर्माना वसूला जाए, लेकिन नपा इस आदेश का सही ढंग से पालन नहीं कर रही। सार्वजनिक स्थानों पर थुकने वालों से कहीं 200 तो कहीं 500 रुपए ही लिए जा रहे हैं। हालांकि अफसरों का कहना है कि जो व्यक्ति नियम तोड़ रहे हैं उनके पास जुर्माने के एक हजार नहीं होने से राशि कम ले रहे हैं।
प्रतिबंध के बाद भी जुगाड़ में बिक रही है तंबाकु, पाऊच
लॉकडाउन के चलते जिले में सभी पान दुकानें भी बंद है, लेकिन तंबाकु, पाऊच की जिसे लत है वे कहीं न कहीं से इसकी जुगाड़ कर ही लेते हैं। जानकारी के मुताबिक कई दुकान संचालक चोरी-छूपे तंबाकु, सुपारी बेच रहे हैं। कुछ जगह तो तंबाकु-गुटके व पाऊच की सप्लाय ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों में हो रही है।
10 रुपए का गुटका 20 में नाम न छापने 
की शर्त पर तंबाकु क शौकिन एक शख्स ने कहा- लॉकडाउन के पहले ते बाजार में गुटका दस रुपए में मिल जाता था लेकिन अब दुकानदार एक पुड़ी के 10 रुपए वसूल रहे हैं। सुपारी के नाम 1000 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। लेकिन इसके बाद भी तंबाकु के शौकिन अपना शौक पुरा करने से पीछे नहीं हट रहे।सरकार ने लगाया प्रतिबंध, थुकने वालों पर एक हजार रुपए जुर्मानाअप्रैल में ही राज्य सरकार ने तंबाकु, गुटका पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि इसके बाद भी कोई तंबाकु खाकर सार्वजनिक स्थानों पर थुकता है तो एक हजार रुपए तक जुर्माना वसूला जाएगा। लेकिन इस नियम का पालन लोग नहीं कर रहे। पहले तो लॉकडाउन तोड़कर लोग घरों से बाहर आ रहे हैं और इसके बाद तंबाकु खाकर यहां-वहां थुकने से भी बाज नहीं आ रहे।लॉकडाउन में खोली दुकान, प्रकरण दर्ज
खरगोन. लॉकडाउन के चलते 17 मई तक बाजार बंद के निर्देश कलेक्टर गोपालचंद्र डाड ने दिए हैं।लेकिन इसका उल्लंघन करते हुए शनिवार को पुराना हॉस्पिटल रोड थाने केसामने स्थित मधुश्री कलेक्शन दुकान खोली गई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर, एसपी ने इस बात को ध्यान में रखते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना प्रभारी ललितसिंह डागूर ने बताया श्याम सुंदर हीरालाल महाजन (49) पर विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया ।
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🌺(A/4)कोमा में गए पूर्व सीएम अजीत जोगी, हालत हुई नाजुक, अगले 48 घंटे बेहद अहम🌺
रायपुर स्थित श्री नारायणा अस्पताल के चिकित्सकीय निदेशक डॉ. सुनील खेमका ने बताया कि अजीत जोगी की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। उनका इलाज डॉ. पंकज ओमर के नेतृत्व में आठ डॉक्टरों की टीम कर रही है।
खेमका ने कहा कि अभी उनकी हृदय गति सामान्य है। रक्तचाप भी दवाओं से नियंत्रित है लेकिन शनिवार को उनकी सांस रुक जाने के बाद उनके मस्तिष्क में ऑक्सीजन नहीं जाने की वजह से उनके दिमाग को संभावित नुकसान पहुंचा है। चिकित्सकीय भाषा में इसे हाइपॉक्सिया कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में जोगी की न्यूरोलॉजिकल (मष्तिष्क संबंधी) गतिविधियां लगभग नहीं के बराबर है। अजीत जोगी कोमा में हैं। उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है। 
चिकित्सक ने बताया कि चिकित्सक जोगी के स्वास्थ्य में सुधार का प्रयास कर रहे हैं लेकिन स्थिति अब भी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटे में यह समझ आएगा कि उनके शरीर पर दवाओं का कितना असर हो रहा है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रमुख अजीत जोगी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जोगी के परिवार के सदस्यों के अनुसार अजीत जोगी शनिवार सुबह व्हीलचेयर पर गार्डन में घूम रहे थे। इसी दौरान वह अचानक बेहोश हो गए थे।
भारतीय प्रशासनिक सेवा से राजनीति में आए अजीत जोगी वर्तमान में मारवाही क्षेत्र से विधायक हैं। उनकी पत्नी रेनु जोगी कोटा क्षेत्र से विधायक हैं। जोगी वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के दौरान यहां के पहले मुख्यमंत्री बने तथा वर्ष 2003 तक मुख्यमंत्री रहे।  
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  (B) आज के दिन जन्में 
        का जीवन परिचय
पूरा नाम:- मृणालिनी साराभाई 
जन्म:- 11 मई, 1918 
जन्म भूमि:- केरल 
मृत्यु:- 21 जनवरी, 2016 
मृत्यु स्थान:- अहमदाबाद, गुजरात अभिभावक:- पिता- डॉ. स्वामीनाथन, माता- अम्मू स्वामीनाथन 
कर्मभूमि:- भारत 
कर्म-क्षेत्र :-शास्त्रीय नृत्य पुरस्कार-उपाधि 'पद्मभूषण', 'पद्मश्री', 'कालिदास सम्मान' (1996-97)। प्रसिद्धि शास्त्रीय नृत्यांगना 
नागरिकता:- भारतीय
संबंधित लेख:- विक्रम साराभाई, लक्ष्मी सहगल अन्य जानकारी मृणालिनी की बड़ी बहन लक्ष्मी सहगल स्वतंत्रता सेनानी थीं। वे प्रसिद्ध क्रांतिकारी सुभाषचंद्र बोस की आज़ाद हिंद फ़ौज की महिला सेना झांसी रेजीमेंट की कमांडर इन चीफ़ थीं। मृणालिनी साराभाई (अंग्रेज़ी: Mrinalini Sarabhai, जन्म- 11 मई, 1918, केरल; मृत्यु- 21 जनवरी, 2016, अहमदाबाद, गुजरात) भारत की प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना थीं। उन्हें 'अम्मा' के तौर पर जाना जाता था। शास्त्रीय नृत्य में उनके योगदान तथा उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 'पद्मभूषण' से सम्मानित किया था। 
 🌸 मृणालिनी साराभाई का परिचय 🌸
मृणालिनी साराभाई का जन्म भारतीय राज्य केरल में 11 मई, 1918 को हुआ था। उनके पिता डॉ. स्वामीनाथन मद्रास हाईकोर्ट में बैरिस्टर थे। मां अम्मू स्वामीनाथन स्वतंत्रता सेनानी थीं, जो बाद में देश की पहली संसद की सदस्य भी रहीं। बहन लक्ष्मी सहगल सुभाषचंद्र बोस के साथ थीं। मृणालिनी ने बचपन का अधिकांश समय स्विट्जरलैंड में बिताया। यहां 'डेलक्रूज स्‍कूल' से उन्‍होंने पश्चिमी तकनीक से नृत्‍य कलाएं सीखीं।[1] फिर उन्होंने रबींद्रनाथ टैगोर की देख-रेख में शांति निकेतन में शिक्षा ग्रहण की और यहीं से नृत्य उनकी जिंदगी बन गया। उनके पति विक्रम साराभाई देश के सुप्रसिद्ध भौतिक वैज्ञानिक थे। उनकी बेटी मल्लिका साराभाई भी प्रसिद्ध नृत्यांगना और समाजसेवी हैं। मृणालिनी की बड़ी बहन लक्ष्मी सहगल स्वतंत्रता सेनानी के रूप में जानी जाती हैं। वे प्रसिद्ध क्रांतिकारी सुभाषचंद्र बोस की आज़ाद हिंद फ़ौज की महिला सेना झांसी रेजीमेंट की कमांडर इन चीफ़ थीं।
   🌺मृणालिनी साराभाई का प्रशिक्षण🌺
तत्कालीन समय में यह वह दौर, था जब कलाकार सिर्फएक ‘फॉर्म’ नहीं सीखते थे। मृणालिनी साराभाई ने भी नृत्य की अलग
अलग शैलियोंकी बारीकियां सीखीं, उन्होंने अमूबी सिंह से मणिपुरी नृत्य सीखा। कुंजु कुरूप से कथकली सीखा।मीनाक्षी सुदंरम पिल्लैऔर मुथुकुमारपिल्लै से भरतनाट्यम सीखा।उनकेहर एक गुरू काअपनी-अपनी कला में जबरदस्त योगदान था।इसी दौरान उन्होंने विश्वविख्यात सितार वादक पंडित रविशंकरकेभाई पंडित उदय शंकर केसाथ भी काम किया। पंडित उदय शंकर काभार
तीय कला कोपूरी दुनिया में अलग पहचान दिलाने का श्रेय जाता है। उन्होंने आधुनिक नृत्य को लोकप्रियताऔर कामयाबी के अलग मुकाम पर पहुंचाया।इस बीच मृणा
लिनी साराभाईकुछ दिनों केलिए अमेरिका
भी गईं और वहां जाकर ड्रामाटिक आर्ट्स की बारीकियां सीखीं।इसके बादमृणालिनी
साराभाई ने देश दुनिया में भारतीय नृत्य परंपरा का विकास किया।
🌺पुरस्कार व सम्मान🌺
 मृणालिनी साराभाई को प्राप्त पुरस्कार व सम्मान
मृणालिनीसाराभाईने भारत लौटकरजानी-मानीनृत्‍यांगना मीनाक्षी सुंदरम पिल्लई से 
भरतनाट्यम का प्रशिक्षण लिया और फिर दक्षिणभारतीय शास्त्रीय नृत्यऔरपौराणिक
गुरु थाकाज़ी कुंचू कुरुप से कथकली के शास्त्रीय नृत्य-नाटक में प्रशिक्षण लिया।भारत सरकारकीओर से मृणालिनी सारा
भाई को देश के प्रसिद्ध नागरिक सम्मान 'पद्मभूषण'और 'पद्मश्री' से सम्मानितकिया 
गया था। 'यूनिवर्सिटी ऑफ़ ईस्ट एंगलिया', नॉविच यूके ने भी उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि दी थी। 'इंटरनेशनल डांस काउंसिल पेरिस' कीओर से उन्हें एग्जीक्यूटिवकमेटी केलिए भी नामित किया गया था। प्रसिद्ध 'दर्पणा एकेडमी' की स्थापना मृणालिनी साराभाई ने की थी।
🌺 मृणालिनी साराभाई🌺 
भारत की प्रसिद्ध नृत्यांगना और पद्म भूषण से सम्मानित मृणालिनी साराभाई
 का 11 मई, 2018 को 100वाँ जन्म दिवस मनाया गया।इस महान नृत्यांगना को इस मौके पर गूगल ने डूडल बनाकर श्रद्धांजलि दी। भारतीय क्लासिकल डांसर मृणालिनी साराभाई को याद किया जा रहा है, जिन्होंने कम उम्र में ही अपनी टेक्नीक, ऊर्जा और मजबूतीके दमपर भरतनाट्यम 
की साउथ इंडियन क्लासिकल डांस फॉर्म और कथकली की क्लासिकल डांस ड्रामा की ट्रेनिंगप्राप्त की।
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   💐 (C)आज के दिन की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ 
1995 - संयुक्त राष्ट्र महासभा के कक्ष में 24 दिन तक चले सम्मेलन की समाप्ति पर परमाणु अप्रसार संधि को अनिश्चित काल के लिए स्थायी बना दिया गया।
 1998: भारत ने राजस्थान के पोखरण में तीन परमाणु परीक्षण किये। 
2000 - दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जन्मी 'आस्था' भारत का एक अरबवाँ बच्चा। 
2001 - संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रक्षेपास्त्र रक्षा प्रणाली को भारत का समर्थन, अमेरिकी संसद ने संयुक्त राष्ट्र की देय राशि रोकी।
 2002 - बांग्लादेश में नौका दुर्घटना में 378 लोग मरे।
 2005 - बगलिहार परियोजना पर भारत-पाक मतभेदों को निपटाने हेतु विश्व बैंक ने तटस्थ विशेषज्ञ नियुक्त किया।
 2007 - इस्रायल ने हमास से जुड़ी रिफ़ॉर्म एवं चेंज पार्टी को गैर-क़ानूनी घोषित किया। 
2008 - दक्षिणी वजीरिस्तान में नाटो सेना ने हमला किया। न्यूयार्क के कॉर्नेल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने विश्व का पहला जिनेटिकली माडिफ़ाइड मानव भ्रूण तैयार किया। 
2010 - भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश एसएच कपाड़िया को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने 38वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। वे इस पद पर 29 सितंबर 2012 तक रही थी।भारतीय सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक खंड़पीठ ने एक महत्त्वपूर्ण निर्णय में कहा कि पंचायत और स्थानीय चुनाव में राज्य सरकार को आरक्षण देने का अधिकार है।         
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  💐(D)आज के दिन जन्मे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व💐
1904 - के. वी. के. सुंदरम - भारत के दूसरे मुख्य निर्वाचन आयुक्त थे। 
1912 - सआदत हसन मंटो, कहानीकार और लेखक थे। मंटो फ़िल्म और रेडियो पटकथा लेखक और पत्रकार भी थे। 
 1918 - मृणालिनी साराभाई - भारत की प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना थीं। 
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   💐(E)आज के दिन निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व💐
2002-आबिदासुल्तान,भोपाल सियासत की राजकुमारी एवं भारत की पहली महिला पायलट।
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  (F)आज के दिन/ उत्सव का नाम      
1.राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस।
2. के. वी. के. सुंदरम - भारत के दूसरे मुख्य निर्वाचन आयुक्त थे का जयंती दिवस
3. सआदत हसन मंटो, कहानीकार और लेखक थे।मंटो फ़िल्म और रेडियो पटकथा लेखक व पत्रकार भी थे का जयंती दिवस 
4.मृणालिनी साराभाई भारत
की प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना थीं। 
5.आबिदासुल्तान,भोपाल सियासत की राजकुमारी एवं भारत की पहली महिला पायलट का पुण्यतिथि दिवस।
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       आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।
💐।जय चित्रांश।💐
💐जय महाकाल,बोले सो निहाल💐
💐।जय हिंद जय भारत💐
💐  निवेदक;-💐
  💐 चित्रांश ;-विजय निगम।


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