आज की बात आपके साथ - विजय निगम


प्रिय साथियो। 


🌹राम-राम🌹


🌻 नमस्ते।🌻


 


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का दिनांक 20 मई 2020 बुधवार की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।


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आज की बात आपके साथ अंक मे है 


A कुछ रोचक समाचार


B आज के दिन जन्मे प्रसिद्ध कवी सुमित्रानन्दन पन्त का जीवन परिचय लेख. 


C आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ


D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण    


    व्यक्तित्व


E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।


F आज का दिवस का नाम ।


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           A कुछ रोचक समाचार


🌺(A/1)मोदी सरकार ने वापस लिया लॉकडाउन में पूरी सैलरी देने का निर्देश🌺


🌺(A/2)Lockdown 4: आज से इन राज्‍यों ने दी कुछ प्रतिबंधों में ढील, क्‍या खुलेगा, क्‍या रहेगा बंद, यहां जानें🌺


🌺(A/3)IAS Success Story तुम कहीं की कलेक्टर हो क्या? ये ताना इतना बुरा लगा कि डॉक्टर बन गई IAS🌺


🌺(A/4)Super Cyclone Amphan: चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ महाचक्रवात में बदला, प्रधानमंत्री मोदी ने लिया स्थिति का जायजा।🌺


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          🌺A कुछ रोचक समाचार🌺


🌺(A/1)मोदी सरकार ने वापस लिया लॉकडाउन में पूरी सैलरी देने का निर्देश🌺


अब कंपनियां इसके लिए बाध्य नहीं होंगी कि लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों को पूरी सैलरी दें. इस कदम से कंपनियों और उद्योग जगत को राहत मिली है, लेकिन कामगारों को झटका लगा है. केंद्र सरकार ने 29 मार्च को जारी दिशानिर्देश में सभी कंपनियों व अन्य नियोक्ताओं को कहा था कि वे प्रतिष्ठान बंद रहने की स्थिति में भी महीना पूरा होने पर सभी कर्मचारियों को बिना किसी कटौती के पूरा वेतन दें.


पहले यह निर्देश आया था कि लॉकडाउन में पूरी सैलरी देने को बाध्य हैं कंपनियां


पहले यह निर्देश था कि लॉकडाउन में कंपनियों पूरी सैलरी देनी होगी


अब 17 मई के नए निर्देश में इस बात का कोई जिक्र नहीं है


यह कंपनियों के लिए राहत तो कामगारों के लिए झटका है


मोदी सरकार ने लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का अपना पुराना निर्देश वापस ले लिया है. यानी अब कंपनियां इसके लिए बाध्य नहीं होंगी कि लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों को पूरी सैलरी दें. इस कदम से कंपनियों और उद्योग जगत को राहत मिली है, लेकिन कामगारों को झटका लगा है.


क्या था पहले सरकार का निर्देश


गौरतलब है कि गृह सचिव अजय भल्ला ने लॉकडाउन लगाए जाने के कुछ ही दिन बाद 29 मार्च को जारी दिशानिर्देश में सभी कंपनियों व अन्य नियोक्ताओं को कहा था कि वे प्रतिष्ठान बंद रहने की स्थिति में भी महीना पूरा होने पर सभी कर्मचारियों को बिना किसी कटौती के पूरा वेतन दें.


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कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए देश भर में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है. अब 18 मई से लॉकडाउन का चौथा चरण लागू हो चुका है.गृह मंत्रालय ने तब यह भी निर्देश दिया था कि उन मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो लॉकडाउन के दौरान किराया न दे पाने वाले स्टूडेंट्स या प्रवासी कामगारों को मकान खाली करने के लिए दबाव बना रहे हों.


सुप्रीम कोर्ट ने दिया था ये आदेश


सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने एक आदेश में कहा था कि सरकार लॉकडाउन के दौरान पूरी सैलरी न दे पाने वाली कंपनियों पर किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न करे. कर्नाटक की कंपनी फिकस पैक्स प्राइवेट लिमिटेड ने सरकार के इस आदेश को चुनौती दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया.


निजी कंपनियों का कहना था कि यह आदेश मनमानी वाला है और इससे संविधान के अनुच्छेद 19(1) (g) जी का उल्लंघन होता है, जिसमें उन्हें कारोबार या व्यापार करने की गारंटी दी गई है.


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क्या कहा गया नए निर्देश में


गृह सचिव अजय भल्ला ने लॉकडाउन के चौथे चरण को लेकर रविवार (17 मई) को नए दिशानिर्देश जारी किए. रविवार (17 मई) को गृह मंत्रालय ने जो नया दिशानिर्देश जारी किया है, उसमें छह प्रकार के मानक परिचालन प्रोटोकॉल का जिक्र है. इनमें से ज्यादातर लोगों की आवाजाही से संबंधित हैं.


लेकिन इसमें गृह सचिव द्वारा 29 मार्च को जारी आदेश शामिल नहीं है. उक्त आदेश में सभी नियोक्ताओं को निर्देश दिया गया था कि किसी भी कटौती के बिना निश्चित डेट पर कामगारों को वेज का भुगतान करें, भले ही लॉकडाउन की अवधि के दौरान उनकी कॉमर्शियल यूनिट बंद हो.


गृह मंत्रालय के न​ए निर्देश में कहा गया है कि, 'जहां तक इस आदेश के तहत जारी परिशिष्ट में कोई दूसरा प्रावधान नहीं किया गया हो वहां आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 10(2)(1) के तहत राष्ट्रीय कार्यकारी समिति द्वारा जारी आदेश 18 मई 2020 से अमल में नहीं माने जाएं.'


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🌺(A/2)Lockdown 4: आज से इन राज्‍यों ने दी कुछ प्रतिबंधों में ढील, क्‍या खुलेगा, क्‍या रहेगा बंद, यहां जानें🌺


देश में लॉकडाउन का चौथा फेज 31 मई तक चलेगा.


नई दिल्‍ली. देश में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण (Covid 19) के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन (Lockdown 4) को 31 मई तक बढ़ा दिया है. केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के इस चौथे चरण के लिए कुछ अधिकार राज्‍यों को भी दिए हैं. इसके तहत सोमवार को दिल्‍ली, उत्‍तर प्रदेश समेत कई राज्‍यों अपने-अपने यहां लॉकडाउन में ढील को लेकर जानकारी दी.


               🌺झारखंड🌺


झारखंड सरकार ने लॉकडाउन-4 में राज्य में औद्योगिक गतिविधियों, निर्माण कार्यों, टैक्सी, शराब की दूकानों, किताबों और स्टेशनरी की दूकानों, मोबाइल, टीवी, एयरकंडीशनर आदि आवश्यक सेवाओं के सर्विस सेंटर, ई-कामर्स, निजी कार्यालयों और किसानों की सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से शुरू करने की अनुमति दे दी हैं. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज यहां बताया कि कोरोना मामलों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया.


               🌺पंजाब🌺    


पंजाब में कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए 31 मई तक शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक गैर जरूरी गतिविधियों के लिए आवाजाही निषिद्ध रहेगी. राज्य के गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है. केंद्र द्वारा 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाये जाने के बाद पंजाब में रविवार को यह आदेश जारी किया गया. पंजाब सरकार ने सोमवार को कर्फ्यू पाबंदिया हटा ली हैं और उसने 31 मई तक के लिए लॉकडाउन लगा दिया है. आदेश के अनुसार राज्य में सभी शॉपिंग मॉल बंद रहेंगे. लेकिन शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य बाजारों में सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक सभी दुकानें खुलने की इजाजत होगी. लेकिन मुख्य बाजारों, बाजार कॉम्प्लेक्सों की दुकानों , रेहड़ी बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों के लिए जिला प्रशासन अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल करेगा एवं भीड़ कम करने के लिए दुकानों के लिए अलग अलग समय तय कर सकता है.


           🌺राजस्थान🌺


राजस्थान सरकार ने लॉकडाउन में बड़ी ढील देते हुए निषिद्ध क्षेत्र घोषित इलाकों के अलावा सभी जगह सारी दुकानें खोलने की सशर्त अनुमति सोमवार को दे दी. इनमें सैलून व पार्लर भी शामिल हैं. राजस्थान सरकार के गृह विभाग ने लॉकडाउन 4.0 के लिए दिशा निर्देश सोमवार को जारी की जो 31 मई तक लागू होंगे और इसके तहत मॉल व वाणिज्यिक परिसरों कमर्शियल कांपलेक्स को खोलने की अनुमति अभी नहीं होगी.


इस दिशा निर्देश में सरकारी एवं निजी कार्यालयों के लिए कर्मचारियों की संख्या को लेकर भी छूट दी गयी है. सरकार ने स्टेडियम खोलने की अनुमति दी है लेकिन दर्शकों को आने की अनुमति नहीं होगी. इसी तरह क्लब हाउस व पोलो क्लब खुल सकेंगे लेकिन वहां किसी तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी. ओरेंज जोन में सुबह सात बजे से शाम 6.30 बजे तक सामाजिक मेल जोल से दूरी के नियमों का पालन करते हुये पार्कों में जाने की भी अनुमति दी गई है.


इसके अनुसार राज्य में स्कूल कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थान अभी बंद रहेंगे. इसी तरह सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, बार, आडिटोरियम, मनोरंजन पार्क भी अभी नहीं खुलेंगे. रेस्टोरेंट, भोजनालय व मिठाई की दुकानें केवल 'टेक अवे' व 'होम डिलीवरी' के लिए खुलेंगी. दुकानदार ऐसे किसी व्यक्ति को सामान नहीं देंगे जिसने मास्क नहीं लगा रखा हो.


             🌺तमिलनाडु🌺


तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार से सैलून खोलने की राज्य सरकार ने अनुमति दे दी है. लॉकडाउन के कारण ये दो महीने से बंद हैं. एक आधिकारिक वक्तव्य में यहां कहा गया कि हेयरड्रेसर के अनुरोध पर गौर करने के बाद मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सोमवार को यह घोषणा की. वक्तव्य में कहा गया कि सैलून में काम करने वाले लोग और ग्राहक दोनों सामाजिक दूरी का ध्यान रखेंगे.


           🌺तेलंगाना🌺


तेलंगाना सरकार ने नए दिशा-निर्देशों और छूट के साथ राज्य में लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाने की घोषणा की है. इस दौरान सार्वजनिक परिवहन को भी सशर्त मंजूरी दी गई है. कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर केंद्र द्वारा लागू देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि को 31 मई तक बढ़ाने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने भी इसे बढ़ाने का ऐलान किया.


           🌺मध्य प्रदेश🌺


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 को फैलने से रोकने लिए लागू चौथे चरण के लॉकडाउन में पूरे प्रदेश में अब दो जोन रेड एवं ग्रीन रहेंगे. तीसरे जोन ऑरेन्ज को खत्म कर दिया गया है. उन्होंने कहा, 'रेड जोन के अंतर्गत इंदौर, उज्जैन जिले का संपूर्ण क्षेत्र, भोपाल, बुरहानपुर, जबलपुर, खंडवा एवं देवास के नगर निगम क्षेत्र तथा मंदसौर, नीमच, धार व कुक्षी के नगर पालिका क्षेत्र होंगे.' चौहान ने कहा, 'प्रदेश के शेष सभी जिले ग्रीन जोन में रखे गए हैं.'


उन्होंने कहा कि रेड जोन में एक सप्ताह तक बाजार बंद रहेंगे तथा इसके बाद समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा. चौहान ने कहा कि लॉकडाउन-4 के दौरान सभी निषिद्ध क्षेत्रों में विशेष प्रतिबंध जारी रहेंगे तथा केवल अत्यावश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी. निषिद्ध क्षेत्र के भीतर और बाहर लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी, केवल चिकित्सा आपात और आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति की जा सकेगी. निषिद्ध क्षेत्रों में उद्योग संचालित नहीं होंगे परंतु इनके बाहर सभी स्थानों पर उद्योग संचालित किये जा सकेंगे.


उन्होंने बताया कि दोनों रेड एवं ग्रीन जोन्‍स में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, प्रशिक्षण संस्थान, होटल, रेस्तरां, आतिथ्य सेवाएं, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, सिनेमाघर, बार, सभागार प्रतिबंधित रहेंगे. इसके अलावा, दोनों जोन में सामुदायिक कार्यक्रम, सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, खेलकूद, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजन नहीं हो सकेंगे. सभी धार्मिक स्थल, पूजा स्थल तथा धार्मिक सभाएं प्रतिबंधित रहेंगी.


              🌺गुजरात🌹


कोरोना वायरस लॉकडाउन से प्रभावित लोगों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए गुजरात सरकार ने मंगलवार से गैर निरुद्ध क्षेत्रों में बाजारों और दुकानों को खोलने समेत कई रियायतों की सोमवार को घोषणा की. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि निरुद्ध क्षेत्रों में कोई ढील नहीं दी जाएगी लेकिन गैर निरुद्ध क्षेत्रों में सुबह आठ बजे से अपराह्न चार बजे तक दुकान और कार्यालय खुल सकते हैं. हालांकि, ऐसे व्यावसायिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को सम-विषम फार्मूले का पालन करना होगा जहां एक दिन में बस 50 फीसदी प्रतिष्ठान ही खुले रह सकते हैं. इसके अलावा, सरकार ने गैर निरुद्ध क्षेत्रों में पान मसाला की दुकानों एवं नाई एवं हजामत की दुकानों एवं सैलूनों को भी खोलने की इजाजत दी है. रूपाणी ने कहा कि रेस्तरां एवं ढाबे बस भोजन ले जाने के लिए खुले रह सकते हैं. उन्होंने कुछ स्थानों को छोड़कर राज्यभर में बस एवं ऑटोरिक्शा सेवाओं की बहाली की घोषणा की.


             🌺कर्नाटक🌺


कर्नाटक सरकार ने सोमवार को लॉकडाउन के नियमों में और ढील देते हुए निषिद्ध क्षेत्र (कंटेनमेंट जोन) को छोड़कर राज्य में 19 मई से सार्वजनिक परिवहन सेवाएं शुरू करने की अनुमति दे दी. राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में आयी ताजा वृद्धि के बाद प्रदेश सरकार ने गुजरात, महाराष्ट्र, केरल एवं तमिलनाडु के लोगों को प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से ही प्रवेश देने का निर्णय लिया है और विशेष मामलों में अनुरोध के आधार पर अनुमति मिलेगी. लॉकडाउन 4.0 की शुरुआत के साथ सरकार ने जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटने के बजाय निगरानी के लिए निषिद्ध क्षेत्रों पर ध्यान देने का फैसला किया है. निजी बसों को भी चलने की अनुमति प्रदान की गयी है और एक बस में केवल 30 यात्रियों को ही यात्रा की इजाजत दी जाएगी और मास्क लगाना तथा सामाजिक दूरी का पालन करना सबके लिए जरूरी होगा.


             🌺उत्‍तर प्रदेश🌺


उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार ने लॉकडाउन 4.0 के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी हैं. मेडिकल आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर विमान सेवाओं पर रोक रहेगी. मेट्रो रेल सेवाएं नहीं चलेंगी. स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे. ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के जरिए पढ़ाई करने की अनुमति दी जा सकती है. सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, मनोरंजन पार्क, खेल परिसर और स्टेडियम आदि को खोलने की अनुमति होगी लेकिन इनमें दर्शकों के लिए अनुमति नहीं होगी. हॉस्पिटैलिटी सर्विस आम लोगों के लिए बंद रहेगी. हालांकि बस डिपो, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों पर चलने वाली कैंटीन, रेस्तरां-किचन को खाने या खाद्ध पदार्थों की केवल होम डिलिवरी करने की अनुमति होगी.


                   🌺 दिल्‍ली🌺


मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्‍ली में लॉकडाउन 4 के दौरान नाई की दुकान, स्‍पा और सैलून बंद रहेंगे. जबकि सभी दिल्‍लीवासी शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक घरों रहेंगे. हालांकि इस दौरान जरूरी सामान की सप्‍लाई में शामिल लोगों की आवाजाही रहेगी. दिल्‍ली सरकार ने लॉकडाउन 4 के दौरान टैक्‍सी और कैब चलाने की अनुमति दी है. हालांकि टैक्सी समेत सभी चार पहिया वाहनों में केवल दो यात्रियों को बैठाने की अनुमति होगी. सभी सरकारी और सभी प्राइवेट दफ्तर अपनी पूरी क्षमता के साथ खुल जाएंगे, लेकिन प्राइवेट दफ्तर कोशिश करें कि जितना ज्यादा घर से काम किया जा सके, उतना घर से काम किया जाए. इसके अलावा दुकानें खोली जा सकेंगे, लेकिन ऑड-इवन स्‍टाइल में.


                🌺 नई दिल्ली 🌺


दिल्‍ली में स्‍पोर्ट्स कॉम्‍प्‍लेक्‍स और स्‍टेडियम खोले जा सकते हैं, लेकिन उनमें दर्शकों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. यही नहीं, दिल्‍ली सकरार ने राष्ट्रीय राजधानी में निर्माण कार्य की अनुमति भी दे दी है, लेकिन इसमें वही मजदूर काम करेंगे जो इस समय दिल्‍ली में हैं. सीएम केजरीवाल ने कहा कि दिल्‍ली में बसों को चलाने की अनुमति है लेकिन एक बार में केवल 20 यात्रियों के साथ. जबकि बस में सवार होने से पहले यात्रियों की जांच की जाएगी. परिवहन विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि सभी बस-स्टॉप और बस के अंदर सामाजिक सुरक्षा मानदंडों का पालन किया जाए. दिल्‍ली में ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा और साइकिल-रिक्शा की अनुमति होगी, लेकिन केवल एक यात्री के साथ. केजरीवाल ने कहा कि विवाह समारोह में केवल 50 लोग, तो अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 लोग शामिल हो सकते हैं. दिल्ली में भवन निर्माण कार्य और सामान ले जाने वाले ट्रकों को आवाजाही की अनुमति होगी.


             🌺 दिल्ली🌺


दिल्ली में 31 मई तक धार्मिक सभाओं की अनुमति नहीं, तो स्पा, सैलून भी बंद रहेंगे. इसके अलावा दिल्ली में मेट्रो ट्रेन, कॉलेज, शॉपिंग मॉल और स्विमिंग पूल बंद रहेंगे. वहींं, रेस्तरां होम-डिलीवरी के लिए खुल सकते हैं, लेकिन रेस्तरां में डाइनिंग सेवा की अनुमति नहीं है. एग्रीगेटर्स के लिए कारपूलिंग या कार-शेयरिंग की अनुमति नहीं होगी. दो पहिया वाहनों को अनुमति दी जाएगी लेकिन पीछे की सीट पर किसी को बैठाकर यात्रा करना प्रतिबंधित होगा. वहीं कनेंटमेंट जोन में कोई गतिविधि की अनुमति नहीं होगी.


           🌺पश्चिम बंगाल🌺


मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 21 मई से बस सर्विस राज्य में शुरू की जाएंगी और सैलून, पार्लर भी खोल दिए जाएंगे. ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आधिकारिक तौर पर रात्रि कर्फ्यू नहीं, लेकिन लोगों से शाम सात बजे के बाद बाहर नहीं निकलने का आग्रह किया गया है. उन्होंने कहा कि 21 मई के बाद कन्टेन्मेंट जोन को छोड़कर अन्य सभी जगहों पर बड़े स्टोर्स खोल दिए जाएंगे. साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सभी प्रवासी मजदूरों से कुछ धैर्य रखने का आग्रह करती हूं. हम हर संभव व्यवस्था कर रहे हैं. ममता बनर्जी ने कहा कि 27 मई से ऑटोरिक्शा की सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी. हालांकि एक ऑटोरिक्शा में 2 लोगों के बैठने की अनुमति होगी. राज्य सरकार ने ऑफिस खोलने को लेकर भी ऐलान किया है और कहा कि एक दिन के अंतराल पर सरकारी और निजी ऑफिस खुलेंगे. साथ ही ममता ने कहा कि मैं सभी प्रवासी मजदूरों से कुछ धैर्य रखने का आग्रह करती हूं. हम हर संभव व्यवस्था कर रहे हैं.


                   🌺असम🌺


असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल सरकार ने भी राज्य में गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के तहत छूट दी है, लेकिन पहले की तरह पाबंदियां लागू रहेंगी. अगर असम में कोरोना वायरस के मामलों की बात करें तो यहां कुल 87 केस हैं, जबकि 2 लोगों की मौत हो चुकी है. अभी तक 39 लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो गए


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  🌺(A/3)IAS Success Story तुम कहीं की कलेक्टर हो क्या? ये ताना इतना बुरा लगा कि डॉक्टर बन गई IAS🌺


  प्रियंका शुक्ला IAS बनने से पहले एमबीबीएस डॉक्टर थीं.


🌺IAS SuccessStory Of Priyanka Shukla🌺


: देश में जब कोरोना ने लोगों की जिंदगी मुहाल कर रखी है ऐसे में सिविल सर्वेंट्स लोगों की मदद कर इंसानियत की मिसाल पेश कर रहे हैं. महिला अधिकारी भी कोरोना वायरस से लगाए गए लॉकडाउन में चार कदम आगे बढ़कर लोगों की सेवा में जुटी हैं.


ऐसी ही एक अफसर आजकल बहुचत चर्चा में हैं. ये हैं छत्तीसगढ़ की आईएएस ऑफिसर डॉ प्रियंका शुक्ला (IAS Priyanka Shukla) जो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. वह इन दिनों फील्ड के साथ ही ट्विटर के जरिए कोरोना के खिलाफ जिस तरह से जगरुकता फैला रही हैं लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. प्रियंका शुक्ला IAS बनने से पहले एमबीबीएस डॉक्टर थीं. हालांकि डॉक्टरी के दिनों में उनके साथ एक ऐसी घटना हुई कि उन्होंने IAS बनने की ठान ली. IAS सक्सेज स्टोरी में आज हम आपको एक डॉक्टर से आईएएस अफसर बनने वाली महिला की स्टोरी सुना बता रहे हैं.


🌺कभी एमबीबीएस 


                        डॉक्टर थीं प्रियंका🌺


प्रियंका महिला सशक्तिकरण की अनोखी मिसाल हैं. 2009 बैच की इस प्रशासनिक ऑफिसर की कहानी युवा पीढ़ियों के लिए एक मिसाल है. हरिद्वार में जन्मीं और पली-बढ़ी प्रियंका के पिता चाहते थे कि डीएम के नेमप्लेट पर उनकी बेटी का नाम हो. पिता के सपने को पूरा करने के लिए उनकी दिलचस्पी भी इस ओर हुई, लेकिन प्रोफेशनल डिग्री की वजह से उन्हें मेडिकल फील्ड चुनना पड़ा. इसके बाद उनकी जिन्दगी में एक ऐसी घटना घटी जिसने उन्हें देश का एक युवा आईएएस बना दिया.


लखनऊ के किंग्स जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने केबाद 


उन्होंने इंटर्नशिप शुरू किया. इंटर्नशिप के दौरान उन्हें पास के एक स्लम में इलाज़ के लिए जाना होता था.इस दौरान उनकीमुला


कात एक महिला से हुई, जो इलाज़ के लिए यहां आया करती थी.


🌺ऐसे आया कलेक्टर बनने का विचार🌺


महिला खुद भी गंदा पानी पी रही थी और अपने बच्चों को भी पिला रही थी. यह देखकर प्रियंका ने उसे ऐसा करने से मना किया तो उस महिला ने जवाब में कहा, तुम कहीं की कलेक्टर हो क्या? प्रियंका को यह शब्द अंदर तक चुभ गए और उन्होंने उसी दिन तय किया कि वे सच में कलेक्टर बनकर दम लेंगी.


दरअसल उस महिला की इस लाइन के अलावा झुग्गी-झोपड़ियों की यह दशा देखकर भी वे काफी इमोशनल हो गईं. उन्हें लगा की समाज को सुधारने और ऐसे लोगों की मदद करने के लिये उन्हें प्रशासनिक सेवा में ही जाना चाहिए. बचपन से भी यह सपना उनके मन में पल ही रहा था. बस फिर क्या था प्रियंका ने कमर कस ली और लग गईं यूपीएससी की तैयारी में.


अब प्रियंका ने प्रशासनिक ऑफिसर बनने लक्ष्य तक कर लिया था ताकि समाज में लोगों की दशा और दिशा बदल सकें. समाजसेवा की प्रेरणा से ओतप्रोत प्रियंका यूपीएससी की तैयारी में दिलोजान से जुट गईं. साल 2008 में उनको इसमें सफलता भी मिली. जशपुर के जिला कलेक्टर के रूप में उन्होंने कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की शुरुआत की.


🌺बेटियों के लिए कुछ करना चाहती थीं प्रियंका🌺


इसके अलावा उन्होंने पिछले साल एक और उल्लेखनीय शुरुआत की. पिछले अगस्त, स्थानीय प्रशासन ने एक स्व-सहायता समूह की स्थापना की जिसमें मानव तस्करी के पीड़ितों को शामिल किया गया था, जिन्हें जशपुर जिले के कंसबेल शहर में अपनी बेकरी खोलने के लिए प्रोत्साहित किया गया. बेकरी को 'बेटी जिंदाबाद' नाम दिया गया और इसे 20 लड़कियों ने शुरू किया है. बच्चे अफसर शुक्ला से काफी प्रभावित रहते हैं. जब वो निकलती हैं तो लोग डरते नहीं बल्कि स्माइल के साथ सैल्यूट करते हैं.


🌺दो बार मिल चुका है 


                राष्ट्रपति पुरस्कार🌺


ब्यूरोक्रेसी में एक बात कही जाती है- "अगर कोई आईएएस इनोवेशन नहीं करता...कुछ नया नहीं करता....लीक पर चल रहे सिस्टम को बदलने की कोशिश नहीं करता तो उसमें और किसी बाबू (क्लर्क) में कोई फर्क नहीं है." मगर प्रियंका शुक्ला देश की उन चुनिंदा आईएएस अफसरों में शुमार हैं, जो अपने इनोवेशन के लिए जानीं जातीं हैं. इस वजह से अब तक दो-दो बार राष्ट्रपति से लेकर कई पुरस्कार हासिल कर चुकीं हैं. जशपुर-एक प्रण अभियान के साथ इस अफसर ने लोगों को मतदान के प्रति जागरूक किया. उन्होंने मोटरसाइकिल पर रैली निकाली और लोगों से वोट डालने की अपील की.


🌺400 अधिकारियों के साथ मॉर्निंग वॉक🌺


प्रियंका शुक्ला ने जब जमपुरनगर में कार्य शुरू किया तो नई पहल शुरु की. अपने साथ मॉर्निंग वॉक में वे जिले के 400 अफसरों-कर्मचारियों को ले जाती थीं. वे ऐसा पूरे स्टाफ को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए कर रही हैं. हालांकि, शनिवार को करीब 6 किलोमीटर तक पैदल चलने के दौरान स्टाफ के कई लोगों का दम फूल गया. दरअसल आईएएस बनने के पहले डॉक्टर रह चुकीं प्रियंका शुक्ला ने कैंप लगवाकर स्टाफ के लोगों का मेडिकल चेकअप कराया था.


प्रियंका सच में एक जुझारू ऑफिसर हैं, जो सभी के सशक्तिकरण में विश्वास रखती हैं. एक डॉक्टर के साथ-साथ एक सफल प्रशासनिक ऑफिसर के रूप में उनकी उपिस्थिति वाकई में समाज को मजबूती प्रदान कर रही है. प्रियंका सच में एक जुझारू ऑफिसर हैं, जो सभी के सशक्तिकरण में विश्वास रखती हैं. एक डॉक्टर के साथ-साथ एक सफल प्रशासनिक ऑफिसर के रूप में उनकी उपिस्थिति वाकई में समाज को मजबूती प्रदान कर रही है.


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 🌺(A/4)Super Cyclone Amphan: चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ महाचक्रवात में बदला, प्रधानमंत्री मोदी ने लिया स्थिति का जायजा।🌺


केंद्र और राज्य सरकारों के लिए कुछ हद तक राहत देने वाली खबर है क्योंकि आईएमडी का पूर्वानुमान है कि रास्ते में तूफान अपनी तीव्रता खो देगा और राज्य के दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच टकराने के दौरान एक भीषण चक्रवात के रूप में पश्चिम बंगाल पहुंचेगा।


Super Cyclone Amphan: चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ महाचक्रवात में बदला, प्रधानमंत्री मोदी ने लिया स्थिति का जायजा


कोलकाता: अत्यंत विकराल चक्रवात ‘अम्फान’ सोमवार को महाचक्रवात में बदल गया। दो दशक में बंगाल की खाड़ी में यह ऐसा दूसरा प्रचंड चक्रवाती तूफान है। चक्रवात उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी की तरफ बढ़ सकता है तथा 20 मई को दीघा और हटिया द्वीप के बीच पश्चिम बंगाल और बांग्लादेशीय तटों को पार करेगा। पश्चिम बंगाल और ओडिशा सरकार को चक्रवात के मद्देनजर लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना होगा। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के प्रमुख एस.एन. प्रधान ने कहा कि बल ने इन दो राज्यों के तटीय क्षेत्रों में 37 टीमों को तैनात किया है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की जिसमें बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हो रहे चक्रवात ‘अम्फान’ को देखते हुए तैयारियों का जायजा लिया गया। उन्होंने चक्रवात से प्रभावित होने वाले राज्यों को हरसंभव केंद्रीय मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि चक्रवात के रास्ते में आने वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं और पर्याप्त मात्रा में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखें। बयान में बताया गया, ‘‘प्रतिक्रिया योजना पर प्रस्तुतीकरण के दौरान एनडीआरएफ के महानिदेशक (एस एन प्रधान) ने सूचित किया कि एनडीआरएफ की 25 टीमों को तैनात किया गया है जबकि 12 अन्य को तैयार रखा गया है।


देश के अन्य हिस्सों में एनडीआरएफ की 24 अन्य टीमों को तैयार रखा गया है।’’ भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत एवं बचाव अभियानों के लिए जहाजों और हेलिकॉप्टरों को तैनात किया है। सेना और वायुसेना की इकाइयों को भी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तैयार रखा गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सभी संबंधित राज्यों को ताजा पूर्वानुमान के साथ नियमित बुलेटिन जारी किये हैं। केन्द्रीय गृह मंत्रालय भी राज्य सरकारों के लगातार संपर्क में है। बयान में कहा गया कि बैठक में प्रधानमंत्री के साथ केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, आईएमडी, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और एनडीआरएफ के अधिकारी मौजूद थे।


केंद्र और राज्य सरकारों के लिए कुछ हद तक राहत देने वाली खबर है क्योंकि आईएमडी का पूर्वानुमान है कि रास्ते में तूफान अपनी तीव्रता खो देगा और राज्य के दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच टकराने के दौरान एक भीषण चक्रवात के रूप में पश्चिम बंगाल पहुंचेगा। मौसम विभाग ने कहा कि इसमें अभी भी 165 से 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अधिकतम 185 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के लिए ‘ऑरेंज’ चेतावनी जारी की है और कहा कि ‘अम्फान’ 20 मई को दोपहर या शाम के दौरान अत्यंत प्रचंड तूफान के रूप में बांग्लादेश में हटिया द्वीप और पश्चिम बंगाल के दीघा के बीच पश्चिम बंगाल एवं बांग्लादेश तट के बीच से गुजरेगा।


इस दौरान 155-165 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो कभी भी 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने कहा कि अत्यधिक तेज हवाओं से कच्चे घरों को बहुत ज्यादा नुकसान और ‘पक्के’ घरों को कुछ हद तक नुकसान पहुंच सकता है। उसने कहा कि तेज हवाओं के कारण बिजली एवं संचार के खंभे मुड़ या उखड़ सकते हैं, रेलवे सेवाओं को कुछ हद तक बाधित कर सकते हैं और ऊपर से गुजरने वाले बिजली के तार एवं सिग्नल प्रणालियां प्रभावित हो सकती हैं तथा तैयार फसलों, खेतों-बगीचों को बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है। कोलकाता में क्षेत्रीय मौसम केंद्र के निदेशक जी के दास ने कहा कि चक्रवात के प्रभाव से उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्वी एवं पश्चिमी मिदनापुर, हावड़ा और हुगली समेत पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 19 मई को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है जबकि दूर-दराज के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है।


आईएमडी के महानिदेशक एम महापात्रा ने सोमवार को कहा कि चक्रवात ‘अम्फान’ अत्यंत प्रचंड है जो बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकता है। उन्होंने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि ‘अम्फान’ महाचक्रवात में तब्दील हो गया है और इसके 20 मई को पश्चिम बंगाल के दीघा द्वीपसमूह और बांग्लादेश के हटिया द्वीपसमूह के बीच टकराने की आशंका है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 19 और 20 मई को मूसलाधार बारिश होगी जिनमें पूर्वी मिदनापुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता शामिल हैं। चक्रवात का असर जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर सहित उत्तरी ओडिशा के तटीय जिलों में भी पड़ने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ओडिशा के तटीय क्षेत्रों से कुछ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।


कोलकाता से पहुंची आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार दक्षिण 24 परगना जिले से 40 हजार लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा चुका है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में कहा कि एनडीआरएफ और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के कर्मी चक्रवात से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम चक्रवात अम्फान पर हर वक्त नजर रखेंगे। मुख्य सचिव राजीव सिन्हा, गृह सचिव अल्पन बंदोपाध्याय और सचिव आपदा प्रबंधन स्थिति की निगरानी करेंगे।’’ वर्ष 1999 में ओडिशा में आये महाचक्रवात के बाद अम्फान बंगाल की खाड़ी में ऐसा दूसरा चक्रवात है। वर्ष 1999 में आये विनाशकारी तूफान में लगभग 10 हजार लोगों की मौत हुई थी


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   (B)आज के दिन जन्मे प्रसिद्ध कवी सुमित्रानन्दन पन्तका जीवन परिचय लेख


           🌺सुमित्रानंदनपंत 🌺


(20मई 1900 - 28.12. 1977) हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। इस युग को जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' और रामकुमार वर्मा जैसे कवियों का युग कहा जाता है। उनका जन्म कौसानी बागेश्वर में हुआ था। झरना, बर्फ, पुष्प, लता, भ्रमर-गुंजन, उषा-किरण, शीतल पवन, तारों की चुनरी ओढ़े गगन से उतरती संध्या ये सब तो सहज रूप से काव्य का उपादान बने। निसर्ग के उपादानों का प्रतीक व बिम्ब के रूप में प्रयोग उनके काव्य की विशेषता रही। उनका व्यक्तित्व भी आकर्षण का केंद्र बिंदु था। गौर वर्ण, सुंदर सौम्य मुखाकृति, लंबे घुंघराले बाल, सुगठित शारीरिक सौष्ठव उन्हें सभी से अलग मुखरित करता था।


               सुमित्रानन्दन पन्त


2015 में भारत सरकार ने पन्त जी की स्मृति में एक डाक-टिकट जारी किया


             🌺जीवन परिचय🌺


सुमित्रानन्दन पन्त का जन्म बागेश्वर ज़िले के कौसानी नामक ग्राम में 20 मई 1900 ई॰ को हुआ। जन्म के छह घंटे बाद ही उनकी माँ का निधन हो गया। उनका लालन-पालन उनकी दादी ने किया। उनका नाम गोसाईं दत्त रखा गया। वह गंगादत्त पंत की आठवीं संतान थे। 1910 में शिक्षा प्राप्त करने गवर्नमेंट हाईस्कूल अल्मोड़ा गये। यहीं उन्होंने अपना नाम गोसाईं दत्त से बदलकर सुमित्रनंदन पंत रख लिया। 1918 में मँझले भाई के साथ काशी गये और क्वींस कॉलेज में पढ़ने लगे। वहाँ से हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण कर म्योर कालेज में पढ़ने के लिए इलाहाबाद चले गए। 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के भारतीयों से अंग्रेजी विद्यालयों, महाविद्यालयों, न्यायालयों एवं अन्य सरकारी कार्यालयों का बहिष्कार करने के आह्वान पर उन्होंने महाविद्यालय छोड़ दिया और घर पर ही हिन्दी, संस्कृत, बँगला और अंग्रेजी भाषा-साहित्य का अध्ययन करने लगे। इलाहाबाद में ही उनकी काव्यचेतना का विकास हुआ। कुछ वर्षों के बाद उन्हें घोर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। कर्ज से जूझते हुए पिता का निधन हो गया। कर्ज चुकाने के लिए जमीन और घर भी बेचना पड़ा। इन्हीं परिस्थितियों में वह मार्क्सवाद की ओर उन्मुख हुये। 1931 में कुँवर सुरेश सिंह के साथ कालाकांकर, प्रतापगढ़ चले गये और अनेक वर्षों तक वहीं रहे। महात्मा गाँधी के सान्निध्य में उन्हें आत्मा के प्रकाश का अनुभव हुआ। 1938 में प्रगतिशील मासिक पत्रिका 'रूपाभ' का सम्पादन किया। श्री अरविन्द आश्रम की यात्रा से आध्यात्मिक चेतना का विकास हुआ। 1950 से 1957 तक आकाशवाणी में परामर्शदाता रहे। 1958 में 'युगवाणी' से 'वाणी' काव्य संग्रहों की प्रतिनिधि कविताओं का संकलन 'चिदम्बरा' प्रकाशित हुआ, जिसपर 1968 में उन्हें 'भारतीय ज्ञानपीठ' पुरस्कार प्राप्त हुआ। 1960 में 'कला और बूढ़ा चाँद' काव्य संग्रह के लिए 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' प्राप्त हुआ। 1961 में 'पद्मभूषण' की उपाधि से विभूषित हुये। 1964 में विशाल महाकाव्य 'लोकायतन' का प्रकाशन हुआ। कालान्तर में उनके अनेक काव्य संग्रह प्रकाशित हुए। वह जीवन-पर्यन्त रचनारत रहे। अविवाहित पंत जी के अंतस्थल में नारी और प्रकृति के प्रति आजीवन सौन्दर्यपरक भावना रही। उनकी मृत्यु 28 दिसम्बर 1977 को हुई।


             🌺साहित्य सृजन🌺


सात वर्ष की उम्र में, जब वे चौथी कक्षा में ही पढ़ रहे थे, उन्होंने कविता लिखना शुरु कर दिया था। 1918 के आसपास तक वे हिंदी के नवीन धारा के प्रवर्तक कवि के रूप में पहचाने जाने लगे थे। इस दौर की उनकी कविताएं वीणा में संकलित हैं। 1926 में उनका प्रसिद्ध काव्य संकलन ‘पल्लव’ प्रकाशित हुआ। कुछ समय पश्चात वे अपने भाई देवीदत्त के साथ अल्मोडा आ गये। इसी दौरान वे मार्क्स व फ्रायड की विचारधारा के प्रभाव में आये। 1938 में उन्होंने 'रूपाभ' नामक प्रगतिशील मासिक पत्र निकाला। शमशेर, रघुपति सहाय आदि के साथ वे प्रगतिशील लेखक संघ से भी जुडे रहे। वे 1950 से 1957 तक आकाशवाणी से जुडे रहे और मुख्य-निर्माता के पद पर कार्य किया। उनकी विचारधारा योगी अरविन्द से प्रभावित भी हुई जो बाद की उनकी रचनाओं 'स्वर्णकिरण' और 'स्वर्णधूलि' में देखी जा सकती है। “वाणी” तथा “पल्लव” में संकलित उनके छोटे गीत विराट व्यापक सौंदर्य तथा पवित्रता से साक्षात्कार कराते हैं। “युगांत” की रचनाओं के लेखन तक वे प्रगतिशील विचारधारा से जुडे प्रतीत होते हैं। “युगांत” से “ग्राम्या” तक उनकी काव्ययात्रा प्रगतिवाद के निश्चित व प्रखर स्वरों की उद्घोषणा करती है। उनकी साहित्यिक यात्रा के तीन प्रमुख पडाव हैं – प्रथम में वे छायावादी हैं, दूसरे में समाजवादी आदर्शों से प्रेरित प्रगतिवादी तथा तीसरे में अरविन्द दर्शन से प्रभावित अध्यात्मवादी। 1907 से 1918 के काल को स्वयं उन्होंने अपने कवि-जीवन का प्रथम चरण माना है। इस काल की कविताएँ वाणी में संकलित हैं। सन् 1922 में उच्छ्वास और 1926 में पल्लव का प्रकाशन हुआ। सुमित्रानंदन पंत की कुछ अन्य काव्य कृतियाँ हैं - ग्रन्थि, गुंजन, ग्राम्या, युगांत, स्वर्णकिरण, स्वर्णधूलि, कला और बूढ़ा चाँद, लोकायतन, चिदंबरा, सत्यकाम आदि। उनके जीवनकाल में उनकी 28 पुस्तकें प्रकाशित हुईं, जिनमें कविताएं, पद्य-नाटक और निबंध शामिल हैं। पंत अपने विस्तृत वाङमय में एक विचारक, दार्शनिक और मानवतावादी के रूप में सामने आते हैं किंतु उनकी सबसे कलात्मक कविताएं 'पल्लव' में संगृहीत हैं, जो 1918 से 1925 तक लिखी गई 32 कविताओं का संग्रह है। इसी संग्रह में उनकी प्रसिद्ध कविता 'परिवर्तन' सम्मिलित है। 'तारापथ' उनकी प्रतिनिधि कविताओं का संकलन है। उन्होंने ज्योत्स्ना नामक एक रूपक की रचना भी की है। उन्होंने मधुज्वाल नाम से उमर खय्याम की रुबाइयों के हिंदी अनुवाद का संग्रह निकाला और डाॅ. हरिवंश राय बच्चन के साथ संयुक्त रूप से खादी के फूलनामक कविता संग्रह प्रकाशित करवाया। चिदम्बरा पर इन्हे 1972 मे ज्ञानपीठ पुरस्कार से ,काला और बूढ़ा चांद पर साहित्त्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।


              🌺विचारधारा🌺


उनका संपूर्ण साहित्य 'सत्यं शिवं सुन्दरम्' के आदर्शों से प्रभावित होते हुए भी समय के साथ निरंतर बदलता रहा है। जहां प्रारंभिक कविताओं में प्रकृति और सौंदर्य के रमणीय चित्र मिलते हैं वहीं दूसरे चरण की कविताओं में छायावाद की सूक्ष्म कल्पनाओं व कोमल भावनाओं के और अंतिम चरण की कविताओं में प्रगतिवाद और विचारशीलता के। उनकी सबसे बाद की कविताएं अरविंद दर्शन और मानव कल्याण की भावनाओं से ओतप्रोत हैं। पंत परंपरावादी आलोचकों और प्रगति


वादी तथा प्रयोगवादी आलोचकों के सामने कभी नहीं झुके। उन्होंने अपनी कविताओं में पूर्व मान्यताओं को नकारा नहीं। उन्होंने अपने ऊपर लगने वाले आरोपों को 'नम्र अवज्ञा' कविता के माध्यम से खारिज किया। वह कहते थे 'गा कोकिला संदेश सनातन, मानव का परिचय मानवपन।'


        🌺पुरस्कार व सम्मान🌺


सुमित्रानंदन पंत हिंदी साहित्य सेवा के लिए पद्मभूषण(1961), ज्ञानपीठ(1968),साहित्य अकादमी, तथा सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार जैसे उच्च श्रेणी के सम्मानों से अलंकृत किया गया। सुमित्रानंदन पंत के नाम पर कौसानी में उनके पुराने घर को, जिसमें वह बचपन में रहा करते थे, 'सुमित्रानंदन पंत वीथिका' के नाम से एक संग्रहालय के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। इसमें उनके व्यक्तिगत प्रयोग की वस्तुओं जैसे कपड़ों, कविताओं की मूल पांडुलिपियों, छायाचित्रों, पत्रों और पुरस्कारों को प्रदर्शित किया गया है।इसमें एक पुस्तकालय भी है, जिसमें उनकी व्यक्तिगत तथा उनसे संबंधित पुस्तकों का संग्रह है।


              🌺स्मृति विशेष🌺


सन 2015मेंपन्त जी की याद में एक डाक


-टिकट जारी किया गया था।


उत्तराखण्ड में कुमायूँ की पहाड़ियोंपर बसे कौसानी गांव में, जहाँ उनका बचपन बीता था, वहां का उनका घर आज 'सुमित्रा नंदन पंत साहित्यिक वीथिका' नामक संग्रहालय बन चुका है।इस में उनके कपड़े,चश्मा, कलम आदि व्यक्तिगत वस्तुएं सुरक्षितरखी गई हैं। संग्रहालय में उनको मिले ज्ञानपीठ पुरस्कार का प्रशस्तिपत्र,हिंदीसाहित्य सम्मे


-लन द्वारा मिला साहित्यवाचस्पति का प्रशस्तिपत्र भी मौजूद है।साथ ही उनकी रचनाएं लोकायतन, आस्था आदि कविता संग्रह की पांडुलिपियां भी सुरक्षित रखी हैं। कालाकांकर के कुंवर सुरेश सिंह और हरि


-वंशराय बच्चन से किये गयेउनके पत्र व्यव


-हार की प्रतिलिपियां भी यहां मौजूद हैं।


संग्रहालय मेंउनकी स्मृति मेंप्रत्येक वर्ष पंत व्याख्यान माला का आयोजन होत है। यहाँ से 'सुमित्रानंदन पंत व्यक्तित्व और कृतित्व' नामक पुस्तकभी प्रकाशित की गई है। उनके नाम पर इलाहाबाद शहर में स्थित हाथी पार्क का नाम 'सुमित्रानंदन पंत बाल उद्यान' कर दिया गया।


🌻💐🌹🌲🌱🌸💮🌳🌺🥀🌼🌻 🌺(C)आज के दिन की महत्त्वपूर्ण    


                     घटनाएँ🌺


1995 - रूस द्वारा मानव रहित अंतरिक्ष 'स्पेक्त्र' का सफल प्रक्षेपण।


1999 - कुर्द विद्रोही नेता सेमडिम साकिक को मृत्युदंड की सज़ा।


2000 - फिजी में बंदूक़धारियों के नेता जार्ज स्पेट ने देश के अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।


2001 - अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान ने हिन्दुओं की अलग पहचान के लिए ड्रेस कोड बनाया।


2003 - पाकिस्तान ने उग्रवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन पर प्रतिबंध लगाया।


2004 - ताइवान में नवगठित सरकार ने शपथ ग्रहण की। यूरोपीय संघ के बाद अमेरिका ने भी कृषि निर्यात सब्सिडी कम करने की घोषणा की।


2006 - चीन ने कहा ताइवान विश्व स्वास्थ्य संगठन की सदस्यता का पात्र नहीं।


2011- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मध्य प्रदेश के बीना में हज़ारों करोड़ की लागत से बनी ऑयल रिफ़ाइनरी देश को समर्पित की। यह भारत पेट्रोलियम लिमिटेड, ओमान ऑयल कम्पनी तथा मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासों से बनी विश्व स्तरीय परियोजना है।


2011- झारखंड की पर्वतारोही प्रेमलता अग्रवाल ने दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली सबसे उम्रदराज़ भारतीय महिला होने का गौरव हासिल करते हुए पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा।


🌻💐🌹🌲🌱🌸💮🌳🌺🥀🌼🌻 🌺(D)आज के दिन जन्मे महत्वपुर्ण व्यक्तित्व 🌹


1900- सुमित्रानंदन पंत- प्रसिद्ध हिन्दी कवि।


1910- रामकिंकर बैज- पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध मूर्तिकार


1918- पीरू सिंह - भारतीय सेना के वीर अमर शहीदों में एक।


1926 - गोदे मुरहारी - छठवीं लोकसभा में लोकसभा उपाध्यक्षथे।


1941- गोह चोक टोंग- सिंगापुर के दूसरे प्रधानमंत्री


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🌺(E)आज के दिन निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व🌺 


1506 इटली की प्रसिद्ध नाविक,यात्री, क्रिस्टोफर कोलंबस का निधन 


1932 भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी बिपिन चंद्र पाल का निधन 


1957 भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ टी. प्रकाशम का निधन


1994 भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ कासू ब्रह्मानंद रेड्डी का निधन


2012 भारत की प्रसिद्ध वैज्ञानिक लीला दुबे का निधन


2015 भारत की प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेत्री सुधा शिवपुरी का निधन


2016 संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रसिद्ध            


खिलाड़ी जॉन डेविड जैक्सन का निधन🌹🌲🌱🌸💐🎂💐🎂🌸🌲💐.🌻


    🌺(F)आज के दिन/दिवस का नाम


1सुमित्रानंदन पंत- प्रसिद्ध हिन्दी कविका जयंती दिवस


2 रामकिंकर बैज- पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध मूर्तिकार का जयंती दिवस


3 पीरू सिंह - भारतीय सेना के वीर अमर शहीदों में एक का जयंती दिवस


4. इटली की प्रसिद्ध नाविक,यात्री, क्रिस्टोफर कोलंबस का पुण्यतिथि दिवस


5. भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी बिपिन चंद्र पाल का पुण्यतिथि दिवस


6. भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ टी. प्रकाशम का पुण्यतिथि दिवस


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       आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।


      आज जन्म लिये सभी व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई। बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।


💐।जय चित्रांश।💐


💐जय महाकाल,बोले सो निहाल💐


💐।जय हिंद जय भारत💐


💐 निवेदक;-💐


💐 चित्रांश ;-विजय निगम


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