आज की बात आपके साथ - विजय निगम


प्रिय साथियो। 


🌹राम-राम🌹 
🌻 नमस्ते।🌻


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का दिनांक 18 अप्रैल 2020 शनिवार की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।
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आज की बात आपके साथ  अंक मे है 


A कुछ रोचक समाचार
B आज के दिन जन्मे गुरु तेगबहादुर जी का जीवन परिचय लेख💐
C आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण    
    व्यक्तित्व
E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
F आज का दिवस का नाम ।
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💐(A)कुछ रोचक समाचार(संक्षिप्त)💐
 💐(A/1)कोरोना पर डेली अपडेट देने वाले IAS अफसर लव अग्रवाल कौन हैं, जानें उनके बारे में।💐
🔆A/2: एएफपीअधिकारियों ने कहा कि वित्तीय जांच एजेंसी ने कोलकाता में केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना में क्लर्क के रूप में काम करने वाले एक सरकारी कर्मचारी की 1.7 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है🔅
 💐(A/3A)रामायणसीरियल केमेघनाथ
फ़िल्म एव TV कलाकार विजय अरोड़ा  का परिचय. 💐 
🔆(A/3B)बिजली कर्मीयों व बिजली सेवा का एहसास समाज को क्यों नही होता?क्यो नही पीने  के पानी की सुविधा प्रदान करने वालो को हम क्यू भुल जाते है?🔆
💐(A/4)क्या आपको पता है कि रेखा ने जया बच्चन की प्रशंसा की, उन्हें 'दीदी' कहा। 💐
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💐(A) कुछ रोचक समाचार(विस्तृत)💐


💐(A/1)कोरोना पर डेली अपडेट देने वाले IAS अफसर लव अग्रवाल कौन हैं, जानें उनके बारे में।💐


देश में कोरोना वायरस के गहराते संकट के बीच आजकल मोदी सरकार के एक आईएएस अफसर की प्रेस कान्फ्रेंस का हर रोज सबको इंतजार रहता है। ये आईएएस अफसर कोई और नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल हैं। इन दिनों अक्सर वह शाम चार बजे नेशनल मीडिया सेंटर पर प्रेस कान्फ्रेंस कर देश को कोरोना का ताजा हाल बताते हैं। 
मसलन, देश में अब तक कितने लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हुए, कितनी मौतें हुईं और सरकार क्या कर रही है, जनता को क्या करना चाहिए...। आंध्र प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय में अहम भूमिका निभा रहे लव अग्रवाल की पहचान इनोवेटिव आईएएस अफसर की रही है। उनके साथ काम कर चुके लोग बताते हैं कि टेक्नोलॉजी की मदद से स्वास्थ्य सिस्टम को सुधारने में लव अग्रवाल रुचि लेते हैं। वह ऐसे अफसर हैं, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में जागरूकता को बहुत जरूरी मानते हैं।  
मूलत: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले लव अग्रवाल आंध्र प्रदेश काडर के आईएएस अफसर हैं। वह आईआइटियन भी हैं। आईआईटी-दिल्ली से 1993 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद लव ने बाद में सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की। 1996 में उन्हें आंध्र प्रदेश काडर मिला। आंध्र प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग के वह निदेशक रहे। उन्होंने वहां शिक्षा के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी काम किया। वह आंध्र प्रदेश में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त भी रहे।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में लीक से हटकर चलाई गई कई योजनाओं से कारण लव अग्रवाल सुर्खियों में रहे। वर्ष 2016 के बाद लव अग्रवाल को लगा कि केंद्र सरकार में काम करना चाहिए। उन्होंने प्रतिनियुक्ति मांग ली। अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है, इसलिए प्रतिनियुक्ति का रास्ता साफ हुआ और मोदी सरकार ने उन्हें 28 अगस्त, 2016 को स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव (जेएस) बनाया। इस पद पर उनकी नियुक्ति पांच साल के लिए हुई है। यानी वह 2021 तक इस पद की जिम्मेदारी निभा सकते हैं। 
46 वर्षीय लव अग्रवाल के जिम्मे स्वास्थ्य मंत्रालय में ग्लोबल हेल्थ, मेंटल हेल्थ, टेक्नोलॉजी, पब्लिक पॉलिसी की जिम्मेदारी है। लव लीक से हटकर काम करने और योजनाओं को सही तरीके से जनता के बीच ले जाने में रुचि लेते हैं। मोदी सरकार उन्हें कई अंतरार्ष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष रखने का मौका दे चुकी है। वह विश्व स्वास्थ्य की दिशा में अंतरार्ष्ट्रीय स्तर के कई मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 
लव अग्रवाल ने इस साल जनवरी में जी20 देशों के हेल्थ वर्किंग ग्रुप के सम्मेलन में मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना का प्रजेंटेशन दिया था। लव जी20 देशों के लिए डिजिटल हेल्थ टास्क फोर्स बनाने की भी वकालत कर चुके हैं।
मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में कई देशों के साथ सहयोग और करार करने में भी लव अग्रवाल अहम भूमिका निभा चुके हैं। पिछले साल उन्होंने स्वास्थ्य सचिव डॉ. प्रीति सूदन के साथ 'यूएस इंडिया हेल्थ डॉयलाग' में भी शामिल रहे।
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🔆A/2: एएफपीअधिकारियों ने कहा कि वित्तीय जांच एजेंसी ने कोलकाता में केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना में क्लर्क के रूप में काम करने वाले एक सरकारी कर्मचारी की 1.7 करोड़ रुपये की संपत्ति संलग्न की है🔅
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, आरोपी स्नेहाशीष कर और उसके परिवार के सदस्यों की 1.7 करोड़ रुपये की संपत्तियां एक गैरकानूनी संपत्ति मामले में धन शोधन रोकथाम अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत संलग्न की गई हैं।
संदेह तब बढ़ा जब कर को कई महीनों तक अपने वेतन खाते से पैसे नहीं निकालते पाया गया।
संलग्न संपत्तियों में बैंक खाते, डाकघर के खाते, एलआईसी नीतियां, एक कार और कोलकाता में दो अपार्टमेंट शामिल हैं।
ईडी ने कहा, "दो फ्लैटों में से एक फ्लैट में स्नेहाशीष कर का स्वामित्व है और दूसरा उसका भाई है, जिसे आरोपी ने खरीदा था और बाद में एक उपहार की आड़ में उसके भाई के नाम पर स्वामित्व हस्तांतरित कर दिया गया था।"
जांच एजेंसी ने अपनी जांच की शुरुआत केंद्रीय जांच ब्यूरो, कोलकाता की एक एफआईआर के आधार पर कोलकाता में अपर निदेशक, केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के अपर डिवीजन क्लर्क स्नेहाशीस कार के खिलाफ की, जहां यह आरोप लगाया गया था। आरोपी ने अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग किया और संपत्ति के अनुपात में 53.73 लाख रुपये का घपला किया।
इंडिया टुडे टीवी को पता चला है कि स्नेहाशी कार 1981 में सीजीएचएस, कोलकाता में कैजुअल वर्कर (वॉटरमैन) के रूप में शामिल हुईं और 1982 में नर्सिंग अटेंडेंट के रूप में नियमित स्टाफ बन गईं।
जनवरी, 2017 से वह अपर डिवीजन क्लर्क के रूप में कार्यरत थे। “अपने वेतन खाते के अलावा, आरोपी स्नेहाशीष कर के अपने नाम पर और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर बैंकों और डाकघरों में कई खाते थे। इन खातों में, उन्होंने नकदी की बड़ी जमा राशि रखी थी और आरोपी इस पैसे के स्रोत की व्याख्या करने में असमर्थ थे, ”ईडी ने कहा।
अधिकारियों का कहना है कि कर ने उनके नाम पर और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर कई सावधि जमा और अन्य निवेश किए हैं।
“उन्होंने कोलकाता में दो अपार्टमेंट और कार, आभूषण आदि जैसी अन्य संपत्तियों के रूप में अचल संपत्तियों का अधिग्रहण किया है। जांच में पता चला है कि वह अपने वेतन खातों से कोई राशि नहीं निकाल रहे थे और इस तरह अवैध रूप से अर्जित धन के माध्यम से अपने घर का खर्च चला रहे थे। ,
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(A/3  )रामायण सीरियल के मेघनाथ;-
फ़िल्म एव TV कलाकार विजय अरोड़ा  का परिचय.
Ramayan: इस अभिनेता ने निभाया था 'परम प्रतापी मेघनाद' का किरदार, 13 साल पहले इस वजह से हो गई थी मौत
 आज सुबह 9 बजे प्रसारित हुए रामायण के एपिसोड में मेघनाद ने राम-लक्ष्मण को नागपाश में बांध दिया, जिससे मूर्छित होकर खुद तीनों लोको के स्वामी भी गिर पड़े। राम-लक्ष्मण को मूर्छित देखकर सब निराश होने लगे। उधर लंका में मेघनाद की जय जयकार होने लगती है।
स एपिसोड के प्रसारित होने के बाद सोशल मीडिया पर मेघनाद की चर्चा होने लगी है। लेकिन क्या आप जानते हैं परम प्रतामी मेघनाद का किरदार किस अभिनेता ने निभाया था? रामानंद सागर की रामायण में मेघनाद का किरदार निभाने वाले अभिनेता का नाम विजय अरोड़ा है।
1971 में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से ग्रेजुएशन करने के बाद विजय ने हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया। उनकी पहली फिल्म जरूरत थी। इस फिल्म में उनके साथ रीना रॉय नजर आई थीं लेकिन विजय अरोड़ा को लोकप्रियता मिली जीनत अमान के साथ फिल्म यादों की बारात से।
उन्होंने आशा पारेख से लेकर जीनत अमान, जया भादुड़ी, वहीदा रहमान, शबाना आजमी, तनुजा, परवीन बाबी और मौसमी चटर्जी जैसी अभिनेत्रियों के साथ काम किया और तमाम गुजराती और हिंदी नाटकों में भी काम किया। उन्होंने अपने करियर में 110 फिल्मों और करीब 500 से अधिक सीरियल्स में काम किया।साल 2007 में पेट के कैंसर के चलते वह 62 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए। आज के एपिसोड में राम-लक्ष्मण को मूर्छित देखकर स्वयं गरुढ़ उनकी प्राणों की रक्षा के लिए आते हैं और मेघनाद के नागपाश शस्त्र के प्रभाव को खत्म कर देते हैं। वानर सेना सिया-राम की जय जयकार करने लगती है।
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🔆(A/3B)बिजली कर्मीयों व बिजली सेवा का एहसास समाज को क्यों नही होता?क्यो नही पीने  के पानी की सुविधा प्रदान करने वालो को हम क्यू भुल जाते है?🔆
कोरोना covid-19 जैसी गम्भीर महामारी मे भी बिजली विभाग के  बिजली कर्मी भी  सीमा पर  तैनात आर्मी के जवान की तरह दुश्मन से बचाव के लिये सीमा पर अपनीड्यूटी दे रहेहै।जिस प्रकारचिकित्सा
विभागजनसंमपर्क विभाग,पुलिसविभाग,
मिडियाअपनी सेवाएँ दे रहे है।उसी प्रकार बिजलीविभाग,जलसंसाधन विभाग,नगर 
निगम विभाग भी नेपथ्य मे रहकर अती आवश्यक सेवाए दे रहे है।किन्तु इन विभागो का का नाम राजनिती मे कभी भी Good Book मे नही रहा।हर प्रकार की विषम परिस्थितियों मे भी बिजली विभाग के कर्मचारी बडी मुस्तेदी से कार्य करते है । किन्तु कभी भी हमारे माननीय राजनेतिक नेताओ  ने कभी भी इन्हे  नही सराहा है ।हम इनको नमन करते है इनके 
कारन ही हम सभीके घरआंगन मोहल्ले,
शहर प्रान्त,देश रोशन हैऔर जल संसा
धन से ही हम सभी की प्यास भी बुझ रही है।इन सभी राष्ट्र प्रहरियों को हमारा हार्दिक नमन एवम कर्तव्यनिष्ठता के लिए हार्दिक बधाई।
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💐(A/4)क्या आपको पता है कि रेखा ने जया बच्चन की प्रशंसा की, उन्हें 'दीदी' कहा। 
दुनिया ने अमिताभ बच्चन और रेखा की महाकाव्य प्रेम कहानी देखी है। श्री बच्चन ने जया बच्चन से शादी के बावजूद, श्री बच्चन और रेखा की चिंगारी को कुछ भी नहीं रोक सके। विवादों से लेकर मीडिया में कीचड़ उछालने तक, कथित दंपति ने शोबिज में अपने सफल कार्यकाल के दौरान सब कुछ झेला।
आप में से बहुत से लोग यह नहीं जानते होंगे कि अमिताभ बच्चन के साथ भाग लेने के बाद, रेखा ने एक अन्य व्यक्ति से शादी कर ली, लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने उसके पति को छीन लिया।
आज मीडिया आपको बताएगा कि अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और रेखा का क्या रिश्ता था। कहानियां सुनती और बंध जाती हैं कि जया और रेखा लकड़हारे हैं, अमिताभ जया को धोखा दे रहे हैं और बहुत कुछ।लेकिन यह वास्तविक मामला नहीं है,रेखानेहमेशा जया बच्चन को प्यार कियाऔर उनकी प्रशंसा कीऔरउन्हें अपनी बड़ी बहन के रूप में संबोधित किया और उन्हें 'दीदीभाई' कहा।
एक प्रसिद्ध टॉक शो में, रेंडीवस विदसिमी 
गरेवाल रेखा ने कहा कि उन्हें अभिनेता अमिताभ बच्चन के बारे में बोलने के लिए अपने विषय को लेकर कोई परेशानी नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि 1981 की "सिलसिला" के बाद बिग बी और रेखा कभी एक साथ एक फिल्म में क्यों नहीं दिखाई दिए।
रेखा ने अमिताभ बच्चन के लिए अपना प्यार कबूल किय
वह कुछ ऐसा था जो मैंने पहले कभी नहीं देखा था।मैंउनके जैसा कभी किसी सेनहीं मिला।एकव्यक्ति पर इतने अच्छे गुण कैसे दिए जा सकते हैं?मैं मूर्ख नहीं हूं,मैं बुद्धि
-मानहूंया इसलिए मैं विश्वास करनाचाहता हूं।जब मैं कोई अच्छी चीज देखता हूं, तो मैं उसे पहचान सकता हूं।
कैसे वह शादीशुदा होने के बावजूद बिग बी के प्यार में पड़ गई
 मुझे अभी तक एक भी पुरुष, महिला, बच्चे के बारे में पता नहीं चला है, जो पूरी तरह से,जोश से पागलपन के साथ,हताश
 होकर, उसके साथ प्यार में पड़े हुए हैं।तो मुझे बाहर क्योंगाना चाहिए?मैं क्या इंकार
 करता हूं?मुझे उससे प्यार नहींहै? बेशक मैं हूँ।दुनि‍याभर से प्‍यार और ले लिजयेगा और कुछ और जोड़िए। मुझे लगता है कि उस शख्‍स के लिए।उसके साथ कभीकोई 
व्यक्तिगत संबंध नहीं था,यही सच है कभी
नहीं। विवादों और अटकलों का कोई सच नहीं था "उसने सिमी गरेवाल को बताया। तथ्य यह है कि वह एक शादीशुदा आदमी था,किसीभी तरहका कोई फर्कनहीं पड़ता
 गुलाब एक गुलाब है। गुलाब एक इंसान है। दिलचस्प है,अवधि। मैं इस व्यक्ति के साथ जुड़े होने का सम्मान चाहता हूं इस
लिए मुझे रोक रहा है? मैं यहां बोलने के लिए अपनेघर को 'तोड़ने' के लिए नहीं हूं। 'निश्चित रूप से, जब ऐसी चीजें आती हैं, तो पत्नी हमेशा प्रभावित होती है, क्या जया और रेखा के बीच दरार थी?
नहीं, वास्तव में,रेखाश्रीमती बच्चन को सदेंव  दीदीभाई कहकर बुलाती हैं (बड़ी बहन के लिए बंगाली शब्द)
          जया जी  को बुरा लग रहा था?
हर्गिज नहीं।दीदीभाई बहुत अधिक परिपक्व हैं, बहुत अधिक एक साथ। मुझे अभी तक एक महिला के साथआनाबाकी
है जो एक साथ है।उन्हेंइतनी गरिमामिली, इतनी क्लास। उससे बहुत ताकत मिली।मैं उस महिला की प्रशंसा करता हूं। तथा
-कथित अफवाहों से पहले हमारा जुड़ाव था और मीडिया ने पूरी छवि गड़बड़ कर दी। हम एक ही इमारत में रह रहे थे और हमारा रिश्ता था। वह मेरी दीदीभाई थी, वह अभी भी है - कोई बात नहीं कोई भी इसे दूर ले जा सकता है।भगवान का शुक्र है कि वह भी महसूस करता है। जब भी हम मिलते हैं, वह बहुत प्यारी है - वह सिर्फ नागरिक नहीं है, वह सिर्फ खुद है।
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   💐(B)आज के दिन जन्मे गुरु तेगबहादुर जी का जीवन परिचय लेख💐


     गुरु तेग़ बहादुर   गुरु तेग़ बहादुर पूरा नाम गुरु तेग़ बहादुर सिंह जन्म 18 अप्रैल, 1621 जन्म भूमि अमृतसर, पंजाब मृत्यु 24 नवम्बर, 1675 मृत्यु स्थान चांदनी चौक, नई दिल्ली अभिभावक गुरु हरगोविंद सिंह और माता नानकी पति/पत्नी माता गुजरी संतान गुरु गोविन्द सिंह कर्म भूमि भारत पुरस्कार-उपाधि सिक्खों के नौवें गुरु नागरिकता भारतीय गुरु तेग़ बहादुर (अंग्रेज़ी: Guru Tegh Bahadur, जन्म: 18 अप्रैल, 1621 ई.; मृत्यु: 24 नवम्बर, 1675 ई.)[1] सिक्खों के नौवें गुरु थे। विश्व के इतिहास में धर्म एवं सिद्धांतों की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में इनका अद्वितीय स्थान है। तेग़ बहादुर जी के बलिदान से हिंदुओं व हिन्दू धर्म की रक्षा हुई। हिन्दू धर्म के लोग भी उन्हें याद करते और उनसे संबंधित कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। तेग़ बहादुर सिंह 20 मार्च, 1664 को सिक्खों के गुरु नियुक्त हुए थे और 24 नवंबर, 1675 तक गद्दी पर आसीन रहे। जीवन परिचय गुरु तेग़ बहादुर जी का जन्म पंजाब के अमृतसर नगर में हुआ था। ये गुरु हरगोविन्द जी के पाँचवें पुत्र थे। आठवें गुरु इनके पोते 'हरिकृष्ण राय' जी की अकाल मृत्यु हो जाने के कारण जनमत द्वारा ये नवम गुरु बनाए गए। इन्होंने आनन्दपुर साहिब का निर्माण कराया और ये वहीं रहने लगे थे। उनका बचपन का नाम त्यागमल था। मात्र 14 वर्ष की आयु में अपने पिता के साथ मुग़लों के हमले के ख़िलाफ़ हुए युद्ध में उन्होंने वीरता का परिचय दिया। उनकी वीरता से प्रभावित होकर उनके पिता ने उनका नाम त्यागमल से तेग़ बहादुर (तलवार के धनी) रख दिया। युद्धस्थल में भीषण रक्तपात से गुरु तेग़ बहादुर जी के वैरागी मन पर गहरा प्रभाव पड़ा और उनका का मन आध्यात्मिक चिंतन की ओर हुआ। धैर्य, वैराग्य और त्याग की मूर्ति गुरु तेग़ बहादुर जी ने एकांत में लगातार 20 वर्ष तक 'बाबा बकाला' नामक स्थान पर साधना की। आठवें गुरु हरकिशन जी ने अपने उत्तराधिकारी का नाम के लिए 'बाबा बकाले' का निर्देश दिया। गुरु जी ने धर्म के प्रसार लिए कई स्थानों का भ्रमण किया। आनंदपुर साहब से कीरतपुर, रोपण, सैफाबाद होते हुए वे खिआला (खदल) पहुँचे। यहाँ उपदेश देते हुए दमदमा साहब से होते हुए कुरुक्षेत्र पहुँचे। कुरुक्षेत्र से यमुना के किनारे होते हुए कड़ामानकपुर पहुँचे और यहीं पर उन्होंने साधु भाई मलूकदास का उद्धार किया। इसके बाद गुरु तेग़ बहादुर जी प्रयाग, बनारस, पटना, असम आदि क्षेत्रों में गए, जहाँ उन्होंने आध्यात्मिक, सामाजिक, आर्थिक, उन्नयन के लिए रचनात्मक कार्य किए। आध्यात्मिकता, धर्म का ज्ञान बाँटा। रूढ़ियों, अंधविश्वासों की आलोचना कर नये आदर्श स्थापित किए। उन्होंने परोपकार के लिए कुएँ खुदवाना, धर्मशालाएँ बनवाना आदि कार्य भी किए। इन्हीं यात्राओं में 1666 में गुरुजी के यहाँ पटना साहब में पुत्र का जन्म हुआ। जो दसवें गुरु- गुरु गोविंद सिंह बने।
   बलिदान की कथा गुरु तेग़ बहादुर जी सिखों के नौवें गुरु माने जाते हैं। औरंगज़ेब के शासन काल की बात है। औरंगज़ेब के दरबार में एक विद्वान् पंडित आकर रोज़ गीता के श्लोक पढ़ता और उसका अर्थ सुनाता था, पर वह पंडित गीता में से कुछ श्लोक छोड़ दिया करता था। एक दिन पंडित बीमार हो गया और औरंगज़ेब को गीता सुनाने के लिए उसने अपने बेटे को भेज दिया परन्तु उसेबताना
भूल गया कि उसे किन किन श्लोकों का अर्थ राजा से सामने नहीं करना था।पंडित
के बेटे ने जाकर औरंगज़ेब को पूरी गीता काअर्थ सुना दिया।गीता का पूरा अर्थ सुन
कर औरंगज़ेब को यह ज्ञान हो गया कि प्रत्येक धर्म अपने आपमें महान् है किन्तु औरंगजेब की हठधर्मिता थी कि वहअपने 
के धर्म के अतिरिक्त किसी दूसरे धर्म की प्रशंसा सहन नहीं थी।औरंगज़ेब ने सबको इस्लाम धर्मअपनाने का आदेश दे दिया और संबंधितअधिकारी को यह कार्य सौंप दिया। औरंगज़ेब ने कहा -'सबसे कह दो या तो इस्लाम धर्म कबूल करें या मौत को गले लगा लें।'इस प्रकार की ज़बर्दस्तीशुरू
हो जाने से अन्य धर्म के लोगों का जीवन कठिन हो गया। जुल्म से ग्रस्त कश्मीर के पंडित गुरु तेग़ बहादुर के पास आए और उन्हें बताया कि किस प्रकार ‍इस्लाम को स्वीकारकरने के लिए अत्याचार किया जा रहा है, यातनाएँ दी जा रही हैंहमें मारा जा रहा है।कृपया आप हमारे धर्मको बचाइए। गुरु तेग़ बहादुर जब लोगों की व्यथा सुन रहे थे,उनके 9 वर्षीय पुत्र बाला प्रीतम (गुरु गोविंदसिंह) वहाँ आए और उन्होंने पिताजी से पूछा- 'पिताजी, ये सब इतने उदास क्यों हैं? आप क्या सोच रहे हैं?' गुरु तेग़ बहादुर ने कश्मीरी पंडितों की सारी समस्याएं बाला प्रीतम को बताईं तो उन्होंने पूछा- 'इसका हल कैसे होगा?' गुरु साहिब ने कहा-इसके लिए बलिदान देना होगा।' बाला प्रीतम ने कहा-'आपसे महान् पुरुष कोईनहीं है।बलिदान देकर आप इन सबके धर्म को बचाइए।'उस बच्चे की बातें सुनकर वहाँ उपस्थित लोगों ने पूछा- 'यदि आपके पिता बलिदान देंगे तो आप यतीम होजाएँगे। आपकी माँ विधवा हो जाएगीं।' बाला प्रीतम ने उत्तर दिया-यदि मेरे अकेले के यतीम होने से लाखों बच्चे यतीम होने से बच सकते हैं याअकेले मेरी माता के विधवा होने जाने से लाखों माताएँ विधवा होने से बच सकती है तो मुझे यह स्वीकार है।'तत्पश्चात् गुरु तेग़ बहादुर जी ने पंडितों से कहा किआप जाकर औरंगज़ेब से कह ‍दें कि यदि गुरु तेग़ बहादुर ने इस्लाम धर्म ग्रहणकरलिया तोउनकेबाद हमभीइस्लाम
धर्म ग्रहण कर लेंगे और यदिआप गुरु तेग़ बहादुर जी से इस्लाम धर्म धारण नहीं
करवा पाए तो हम भी इस्लाम धर्म धारण नहीं करेंगे'। औरंगज़ेब ने यह स्वीकार कर लिया।गुरु तेग़ बहादुर दिल्ली में औरंगज़ेब के दरबार में स्वयं गए। औरंगज़ेब ने उन्हें बहुत से लालच दिए, पर गुरु तेग़ बहादुर जी नहीं माने तो उन पर ज़ुल्म किए गये, उन्हें कैद कर लिया गया, दो शिष्यों को मारकर गुरु तेग़ बहादुर जी को ड़राने की कोशिश की गयी, पर वे नहीं माने। उन्होंने औरंगजेब से कहा- 'यदि तुम ज़बर्दस्ती लोगों से इस्लाम धर्म ग्रहण करवाओगे तो तुम सच्चेमुसलमाननहीं होक्योंकि इस्लाम धर्मयहशिक्षा नहीं देता किकिसी पर जुल्म करके मुस्लिम बनाया जाए। औरंगजेब यह सुनकर आगबबूला हो गया। उसने दिल्ली केचाँदनी चौक पर गुरु तेग़ बहादुर जी का शीश काटने का हुक्म ज़ारी कर दिया और गुरु जी ने 24 नवम्बर 1675 को हँसते-हँसते बलिदान दे दिया। गुरु तेग़ बहादुरजी की याद में उनके 'शहीदी स्थल' पर गुरुद्वारा बना है,जिसका नाम गुरुद्वारा 'शीश गंज साहिब' है। लेखन कार्य गुरु तेग़ बहादुर जी की बहुत सी रचनाएँ ग्रंथ साहब के महला 9 में संग्रहित हैं। इन्होंने शुद्ध हिन्दी में सरल और भावयुक्त 'पदों' और 'साखी' की रचनायें की। सन् 1675 में गुरु जी धर्म की रक्षा के लिए अन्याय औरअत्याचार के विरुद्ध अपने चारशिष्यों के साथ धार्मिक और वैचारिक स्वतंत्रता के लिए शहीद हो गए। उनके अद्वितीय बलिदान ने देश की 'सर्व धर्म सम भाव' की संस्कृतिको सुदृढ़बनाया और धार्मिक,
सांस्कृतिक, वैचारिक स्वतंत्रता के साथ निर्भयता से जीवन जीने का मंत्र भी दिया।
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 💐(C)आज के दिन की इतिहास में
             प्रमुखघटनाएँ 💐


1955 - बांडुंग में अफ़्रीकी-एशियाई सम्मेलन; प्रसिद्ध वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टाइन का देहावसान।
1994 - वेस्टइंडीज के बल्लेबाज़ ब्रायन लारा ने 375 रन बनाकर टेस्ट मैच की एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकार्ड बनाया।
 1999 - ब्रिटेन की प्रमुख उपन्यासकार, जीवनीकार और सम्पादक मैरी बुलिंस का 90 वर्ष की आयु में निधन।
 2001 - भारतीय सीमा में घुस आई बांग्लादेश की सेना की गोलीबारी से भारत के 16 जवान शहीद। 
2002 - 1973 से इटली में निवास कर रहे अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व शासक मोहम्मद जहीर शाह काबुल लौटे। 
2005 - भारत मुम्बई स्थित जिन्ना हाउस पाकिस्तान को देने पर सहमत। 
2006 - राबिन हुड का शहर नाटिंघम लूटग्रस्त शहर घोषित।
 2008 - इंफोसिस टैक्नोलाजी ने विकास एवं मरम्मत सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अमेरिका की कॉनसेको के साथ पाँच वर्ष के लिए क़रार किया। अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने जानलेवा इंजेक्शन के ज़रिये सज़ा-ए-मौत को वैध ठहराया। पाकिस्तान ने भारतीय क़ैदी सबरजीत सिंह की फ़ांसी की सज़ा को एक महीने के लिए टाला। भारत और मैक्सिको ने नागरिक उड्डयन व ऊर्जा के क्षेत्र में नये समझौते किए। 
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    💐(D)आज के दिन जन्मे 
               प्रमुखव्यक्तित्व 💐


1621 - गुरु तेग़ बहादुर - सिक्खों के नौवें गुरु। 
1858 - धोंडो केशव कर्वे - आधुनिक भारत का सबसे बड़ा समाज सुधारक और उद्धारक माना जाता है। 
1928 - दुलारी - भारतीय सिनेमा की जानीमानी अभिनेत्री थीं। 
1901 - चन्देश्वर प्रसाद नारायण सिंह, भारत के राजनीतिज्ञ थे। 
1916 -ललिता पवार, हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री 
1961 - पूनम ढिल्लों - बालीवुड अभिनेत्री


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💐(E)आज के दिन निधन हुवे महत्वपुर्ण   
                 व्यक्तित्व💐


1859 -तात्या टोपे - वीर पुरुष और 'प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम' में भाग लेने वाले प्रमुख व्यक्ति।
1898 - दामोदर हरी चापेकर - भारत के क्रांतिकारी अमर शहीदों में से एक थे।
1916 जी. सुब्रह्मण्यम अय्यर भारत के 
जाने माने पत्रकार तथा प्रमुख बुद्धिजीवी थे।
1955 -अलबर्टआइंस्टाइन प्रसिद्ध वैज्ञानिक
1959 - बारीन्द्र कुमार घोष - भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी तथा पत्रकार थे।
1972 - पांडुरंग वामन काणे - महान् भारतीय संस्कृतज्ञ और विद्वान् पंडित।
1999 - ब्रिटेन की प्रमुख उपन्यासकार, जीवनीकार और सम्पादक मैरी बुलिंस का 90 वर्ष की आयु में निधन।
2003 - सुधाकर पाण्डेय -हिन्दी साहित्य 
की प्रमुख विधाओं के उत्कृष्ठ लेखक और सुधारक।


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💐(F)आज केदिवस/उत्सवका नाम💐


1.आज का दिवस फ़ायर सर्विस सप्ताह
2. आज का दिवस विश्व विरासत दिवस
3  गुरु तेगबहादुर की जयंती दिवस
4  हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री     
     ललिता पवार,की जयंती दिवस 
5 .बालीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री         
    पूनम ढिल्लों का जन्मदिवस 
6   वीर पुरुष व'प्रथमस्वतन्त्रता संग्राम' में        
   भाग लेने वालेप्रमुख व्यक्तितात्या टोपे 
   का पुण्यतिथि दिवस।- 
7.प्रसिद्ध वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टाइन
   का पुण्य तिथि दिवस
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  आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।
💐।जय चित्रांश।💐
💐जय महाकाल,बोले सो निहाल💐
💐।जय हिंद जय भारत💐