आज की बात आपके साथ - विजय निगम


प्रिय साथियो। 
🌸राम-राम 🌸
🌸 नमस्ते🌸।


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का 
दिनांक   22 मार्च   रविवार की प्रातः की बेला में भारतीयों के जन स्वास्थ्य ,की सुरक्षा  भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  जी  के  तृतीय चरण की कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु आत्मानुशाषित जनता कर्फ्यू दिवस  की अपील  के समर्थन करते हुवे जनता कर्फ्यू दिवस पर  आप सभी का  हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।
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      💐 आज की बात आपके साथ  अंक मे है 💐


A कुछ रोचक समाचार 
B आज के दिन जन्मे भारत कर्म क्षेत्र एवम उर्दू के     
     प्रसिद्ध साहित्यकार,पत्रकार,समाज सुधारक
     मुंशी दयानारायण निगम का  जीवन परिचय लेख. 
C  आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व
E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
F आज का दिवस का नाम ।
💐🎂💐🎂@💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂💐         A कुछ रोचक समाचार (संक्षेप)
💐(A/1)जनता कर्फ्यू से पहले पीएम मोदी की अपील-सही जानकारी दें, अफवाह फैलाने से बचें।💐
💐(A/2) आज 22 मार्च 2020 रविवार का- जनता कर्फ्यू का वैज्ञानिक व आध्यात्मिक अर्थ - अत्यंत सूझबूझ का परिचायक*💐
🎂(A/3)इनकम टैक्स स्लैब: क्या उन लोगों के लिए आईटीआर फाइल करना अनिवार्य है जिनकी वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम है?
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             (A) कुछ रोचक समाचार (विस्तृत)
💐(A/1)जनता कर्फ्यू से पहले पीएम मोदी की अपील-सही जानकारी दें, अफवाह फैलाने से बचें।💐


पीएम मोदी ने कहा कि लोगों को सही सूचना देने के लिए भारत सरकार ने एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया है. पीएम ने कहा कि इस नंबर के जरिए लोग सही और भारत सरकार द्वारा प्रमाणित जानकारी हासिल कर सकेंगे. 919013151515 नंबर पर संदेश भेज कर इस सेवा से जुड़ा जा सकता है।.
💐पीएम मोदी बोले, खौफ न फैलाएं, सही जानकारी दें💐
💐जानकारी बढ़ाने वाले वीडियो को करें शेयर💐
जनता कर्फ्यू से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे कोरोना वायरस को लेकर सही सूचनाएं ही शेयर करें और गलत तरीके से खौफ एकदम ने फैलाएं. पीएम ने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए कहा कि लोग कोरोना वायरस पर सही सूचना साझा करें और गलत पैनिक फैलाने से बचें.
पीएम ने कहा कि लोगों को सही सूचना देने के लिए भारत सरकार ने एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया है. पीएम ने कहा कि इस नंबर के जरिए लोग सही और भारत सरकार द्वारा प्रमाणित जानकारी हासिल कर सकेंगे।
     💐व्हाट्सएप से हासिल करें सही जानकारी💐
प्रधानमंत्री ने कहा है कि +919013151515 नंबर पर संदेश भेज कर इस सेवा से जुड़ा जा सकता है. पीएम मोदी ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर की तारीफ की है. पीएम ने कहा है कि ट्विटर ने COVID-19 नाम का एक विशेष पेज लॉन्च किया है. इस पर कोरोना वायरस को लेकर प्रमाणित सूचना पाई जा सकती है।.
प्रधानमंत्री ने गूगल की तारीफ करते हुए कहा है कि ये टेक कंपनी भी अपनी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए लोगों को जागरूक कर रही है. गूगल ने कोरोना से जागरुक करने के लिए पांच चीजें करने को कहा है.
          💐पांच बातों का रखें ख्याल💐
गगूल ने बताया है कि आप अपने हाथ बार-बार धोएं, खांसने के लिए कोहनी का इस्तेमाल करें, चेहरे को एकदम न छूएं. आपस में एक दूसरे से तीन फीट की दूरी पर खड़े हो, और आप ज्यादा से ज्यादा समय तक घर पर रहें।.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लोगों को सावधानी बरतने को कहा है. एक वीडियो शेयर कर उन्होंने कहा कि अगर आपके पास भी लोगों को जागरूक करने वाला वीडियो हो तो इसे हैशटैग #IndiaFightsCorona के साथ शेयर करें
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💐(A/2) आज 22 मार्च 2020 रविवार का- जनता कर्फ्यू का वैज्ञानिक व आध्यात्मिक अर्थ - अत्यंत सूझबूझ का परिचायक*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज रविवार  22 मार्च 
2020 को घोषित जनता कर्फ्यू, कोरोना वायरस के विरुद्ध एक अत्यंत ही सूझबूझ भरा वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कदम है। आपने इस बारे में समझने की अगर कोशिश की, तो आप इस कदम में 100% प्रतिशत न केवल साथ देंगे बल्कि जब पूरे मन से और पूरे उत्साह से साथ देंगे तो अविश्वसनीय परिणाम सामने आएंगे। आइए इसको समझने की कोशिश करते हैं।
क्या आप जानते है कि कोरोना वायरस की उम्र अलग अलग परिस्थितियों में कितनी होती है। कोरोना वायरस आम लेकिन अलग अलग परिस्थितियों में 3 से 72 घण्टे तक सक्रिय रह सकता है यानि कि उसकी उम्र इतनी ही है, वो भी अधिकतम 72 घण्टे तक, लेकिन ज़्यादातर 36 घण्टे में ये समाप्त हो जाता है। अब अगर सरकार पूरे देश को क्वारंटाइन करना चाहे या आइसोलेशन वार्ड में एडमिट करना चाहे तो क्या ये मुमकिन है, बिल्कुल नही। इसलिए बहुत समझदारी से मोदीजी और उनके सलाहकारों ने आज रविवार का दिन चुना, जिस दिन सभी देशवासियों को घर पर रोकना आसान है। अब इसे गौर से समझिए। जब हमें आज 22 तारीख को सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक जनता कर्फ्यू के रूप में घर पर रहने के लिए कहा गया है वो भी रविवार को छुट्टी वाले दिन तो इसका साफ मतलब है कि पूरे देशवासियों को 36 घंटे तक क्वारंटाइन में रहने के लिए एक समझदारी भरे निवेदन से मनाना । क्योंकि हम सब कल  शनिवार 21 मार्च की शाम या रात से अपने घर आ गए थे और पूरी रात घर पर ही रहे जो की जाहिर सी बात ही तो है, फिर आज के दिन सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की वजह से घर पर रहेंगे और फिर उसके बाद फिर घर पर ही सो जाएंगे तो कल सोमवार 23 मार्च सुबह जाग कर उठेंगे। इसका मतलब की 21 मार्च की रात से 23 मार्च की सुबह तक जब हम घर पर ही रहेंगे तो 36 घण्टे का हम अपने आप को घर में क्वारंटाइन निवास ही करेंगे। यानी कि कोरोना वायरस अगर कही है तो उसे, 36 घँटे के इस क्वारंटाइन वास या आइसोलेशन वार्ड जैसी स्थिति के चलते पनपने का माध्यम नही मिलेगा और वो लगभग समाप्त होने की स्थिति में पहुंच जायेगा। इस प्रकार से पूरा भारत एक वैज्ञानिक प्रयोग के माध्यम से कोरोना को हरा सकने की सशक्त स्थिति में आ जाएगा।
दूसरी तरफ जब शाम को 5 बजे, जब लोग अपनी खिड़की या दरवाजे पर खड़े होकर 5 मिनट तक थाली या ताली बजाकर उन लोगो को धन्यवाद देंगे तो ये भी एक आध्यात्मिक प्रयोग ही तो है जिसके माध्यम से प्राणाकर्षण करके कोरोना से लड़ने वालो को सशक्त व सम्बल प्रदान किया जाएगा। अंग्रेजी में इसे लॉ आफ अट्रेक्शन  या आकर्षण का नियम  कहते हैं।
तो इस प्रकार श्री नरेंद्र मोदीजी की सरकार अभूतपूर्व सूझबूझ से कोरोना वायरस का जड़मूल से नाश करने का आग्रह कर रही है। इस योजना को समझने और क्रियान्वयन करने की महती आवश्यकता है।
*हम सब सावधान रहें और जागरूकता के साथ कदम बढ़ाते हुए इस वैज्ञानिक और आध्यात्मिक योजना को समर्थन देते हुए  इसका क्रियान्वयन में दिल से सहयोग दें।             
साभार;-फेसबुक पेज:-🔥पंकज श्रीवास्तव 
अधिवक्ता उच्च न्यायालय प्रयागराज।  
💐 💐💐🎂💐🎂@💐🎂💐🎂💐🎂💐🎂(A/3)इनकम टैक्स स्लैब: क्या उन लोगों के लिए आईटीआर फाइल करना अनिवार्य है जिनकी वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम है?💐
विशेषज्ञों का कहना है कि इनकम टैक्स स्लैब: दोनों आयकर विकल्पों में, एक व्यक्ति की मूल आय स्लैब 2.5 लाख रुपये सालाना है।
 आयकर स्लैब: किसी भी विकल्प में 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की आय पर कर छूट का लाभ उठाने के लिए करदाता को आईटीआर दाखिल करना होगा। 
आयकर स्लैब: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2020 पेश करते हुए अपनी आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते हुए एक कमाई वाले दो विकल्प दिए। या तो आप सभी कर छूट लाभों का लाभ उठाते हैं और अपनी वार्षिक आय पर शून्य आय कर स्लैब 5 लाख रुपये तक प्राप्त करते हैं या पुराने आयकर स्लैब में बने रहते हैं और अपने निवेश पर विभिन्न वर्गों के तहत आयकर छूट का लाभ उठाते हैं। हालांकि, पुराने शासन में, केवल 2.5 लाख रुपये तक की आय पर शून्य आयकर प्राप्त होगा। इसलिए, यह थोड़ा भ्रमित हो गया है कि क्या एक आयकरदाता को आयकर दाखिल करने की आवश्यकता है जब उसकी वार्षिक आय 5 लाख से कम है। कर और निवेश विशेषज्ञों के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की कमाई पर मूल आयकर स्लैब से ऊपर वार्षिक आय है, तो प्रति वर्ष 2.5 लाख रु।
इस मामले पर, सेबी पंजीकृत कर और निवेश विशेषज्ञ जितेंद्र सोलंकी ने कहा, "यदि किसी व्यक्ति की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये प्रतिवर्ष के मूल आयकर स्लैब से अधिक है, तो किसी को आयकर रिटर्न का दावा करने के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना होगा। दोनों आयकर व्यवस्थाओं में 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की आय पर लाभ। ” हालाँकि, सोलंकी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की आय 2.5 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम है, तो व्यक्ति आईटीआर फाइलिंग को छोड़ सकता है।
IndianMoney.com के सीईओ और संस्थापक सीएस सुधीर ने कहा, "यदि आपकी आय 5 लाख रुपये तक है, तो आप शून्य कर (दोनों आयकर व्यवस्था में) का भुगतान करते हैं, लेकिन आपको 2.5 लाख रुपये तक की आयकर छूट का दावा करने के लिए आईटीआर फाइल करना होगा 5 लाख रु।) आयकर छूट 60 वर्ष से कम के नागरिकों के लिए 2.5 लाख रुपये है और 60 से 80 वर्ष के बीच के वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रति वर्ष 3 लाख रुपये है। यदि आप इन सीमाओं से ऊपर कुछ भी कमा रहे हैं, तो आरआर दाखिल करना अनिवार्य है। "यदि कर योग्य आय धारा 87A (पुरानी आयकर व्यवस्था में) के तहत कर योग्य आय 5 लाख रुपये तक है, तो कर छूट पर दावा कर सकते हैं।" 
पुरानी आय कर व्यवस्था के लिए व्यक्तिगत रूप से कमाई करने पर टिप्पणी करते हुए सुधीर ने कहा, "यदि आपकी आय 5 लाख रुपये तक है और आप आईटीआर दाखिल नहीं करते हैं, तो आपको कर नोटिस मिलेगा। यदि आपकी आय अधिक है तो आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य है। 60 वर्ष से कम उम्र के नागरिकों के लिए मूल छूट सीमा (प्रति वर्ष 2.5 लाख रुपये)। आपको आईटीआर दाखिल करके सकल कुल आय की घोषणा करनी चाहिए। फिर आप एचआरए, मानक कटौती, अध्याय V1A (धारा 80 सी से यू), घर की तरह कर छूट और कर कटौती का दावा करते हैं। ऋण ब्याज और इतने पर। सकल कुल आय से आयकर कानूनों के तहत सभी कटौती का दावा करने के बाद, यदि शुद्ध कर योग्य आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं है, तो आपको धारा 87 ए के तहत छूट मिलती है। "
सेबी रजिस्टर्ड टैक्स एंड इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट मणिकरण सिंघल, दोनों पर भ्रम की स्थिति को साफ करते हुए कहा, "दोनों आयकर विकल्पों में, एक व्यक्ति का बेसिक इनकम टैक्स स्लैब 2.5 लाख रुपये प्रतिवर्ष है। रुपये से आय से आयकर छूट प्राप्त करने के लिए। आयकर स्लैब में से किसी एक विशेष वित्तीय वर्ष में 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक, एक आयकरदाता को किसी का कर दाखिल करना होगा।
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🎂(A/4)किस्सा ए बॉलीवुड ;- रेखा नहीं, अमिताभ इस अभिनेत्री के सामने बिना तैयारी के नहीं जाते थे।
       💐किस्सा ए बॉलीवुड; अमीताभ बच्चन💐 अमिताभ बच्चन का जब सितारा बुलंदियों पर था तब उनके साथ बॉलीवुड की हर अभिनेत्री काम करने की चाहत रखती थी।. रेखा के साथ उनका नाम सुर्खियों में रहता था. लेकिन एक ऐसी भी अभिनेत्री थी जिसके सामने जाने से पहले सदी के महानायक को भी तैयारी करनी पड़ती थी।.
किस्सा-ए-बॉलीवुड: अमिताभ बच्चन और रेखा (Rekha) से जुड़े तमाम किस्से तो सभी ने सुने होंगे. लेकिन अमिताभ की जिंदगी के फिल्मी करियर में एक अभिनेत्री ओर थी जिसे वे अलग तरह से लिया करते थे। यानि इस अभिनेत्री का अमिताभ बच्चन कुछ खास ख्याल रखा करते थे।.
अमिताभ बच्चन का नाम आज बॉलीवुड की पहचान बन गया है।. इसीलिए उन्हें सदी का महानायक भी कहा जाता है।फिल्मों में सफल होने के लिए अमिताभ बच्चन को भी संघर्ष का कठिन रास्ता तय करना पड़ा।. लेकिन कहते हैं न कि प्रतिभा एक न एक दिन अपनी चमक बिखेर ही देती है।. अमिताभ बच्चन के साथ भी ऐसा ही हुआ। बॉलीवुड का ये वो दौर था जब सुपर स्टार राजेश खन्ना का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा था।
💐बिग बी राखी के सामने आने से पहले करते थे विशेष तैयारी💐
शिष्टाचार के मामले में अमिताभ बच्चन को मुकाबला नहीं है।. उनकी शिष्टता की चर्चा आज भी बॉलीवुड में की जाती है।. वे अपने साथ काम करने वाले हर छोटे बड़े कलाकार का बहुत सम्मान करते हैं।. खासतौर से एक्ट्रेस के मामले में बहुत गंभीर रहते हैं.। बॉलीवुड की एक ऐसी ही एक्ट्रेस है जिनका अमिताभ बच्चन बहुत लिहाज करते थे.। उनके साथ अमिताभ बच्चन ने कई हिट फिल्में दीं. इनका नाम है 'राखी गुलजार'।. अमिताभ बच्चन राखी को विशेष सम्मान दिया करते थे।. बॉलीवुड में राखी को एक गंभीर और प्रतिभाशाली एक्ट्रेस माना जाता था।. राखी के साथ फिल्म करते समय अमिताभ बहुत सावधानी बरते थे यहां तक की वे बहुत तैयारी के साथ उनके साथ सीन दिया करते थे।. सेट पर भी अमिताभ बच्चन राखी की गरिमा का पूरा ध्यान रखते थे.।
💐Kissa-E-Bollywood: जब अमिताभ बच्चन की आवाज सुनकर इस महान हस्ती ने की थी ये भविष्यवाणी।💐
अमिताभ बच्चन (amitabh bachchan) बॉलीवुड के ऐसे सुपर स्टार हैं जिन्होंने फर्श से अर्श तक पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष किया. अपनी मेहनत और लगन से अमिताभ ने फिल्म इंडस्ट्री में मुकाम बनाया.
Kissa-E-Bollywood : अमिताभ बच्चन जिन्हें सदी का महानायक कहा जाता है. बॉलीवुड में सफलता के लिए अमिताभ बच्चन को भी कड़ा संघर्ष करना पड़ा. संघर्ष के दिनों में कई लोगों ने उनका मजाक उड़ाया. लंबाई को लेकर तो किसी ने उनकी आवाज पर तंज कसा. लेकिन बॉलीवुड में एक ऐसी हस्ती भी थी जिसने संघर्ष के दिनों में ही अमिताभ बच्चन के भीतर छिपे टैंलेट को पहचान लिया था. ये थे शोमैन राज कपूर.।
हिंदी सिनेमा को देश विदेश में लोकप्रिय बनाने का श्रेय राज कपूर को जाता है. वे भारत में जितने लोकप्रिय थे, उतना ही रूस और जापान में भी पसंद किए जाते थे. राज कपूर सही मायने में कला के जौहरी थे. बॉलवुड में उन्होंने न जाने कितने नए कलाकारों को मौका दिया जो आज सफलता की ऊंचाईयों को छू रहे हैं. गीतकार शंकर जयकिशन, गायक मुकेश, गीतकार शैलेंद्र ऐसी न जाने कितनी ही प्रतिभाएं हैं जिन्हें राज कपूर का भरपूर सरंक्षण और सहयोग मिला.।
एक बार का वाक्या है. सन 1973 में 'आरके स्टूडियो' में फिल्म 'जंजीर' का सेट लगा हुआ था. यहां पर अमिताभ बच्चन फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. स्टूडियो के दूसरे हिस्से में राज कपूर अपनी किसी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. फिल्म 'जंजीर' के सेट के बाहर से जब राज कपूर एक बार गुजर रहे थे तो अमिताभ बच्चन फिल्म के डायलॉग बोल रहे थे. तब तक राज कपूर अमिताभ बच्चन के बारे में कुछ नहीं जानते थे. एक्टर अमिताभ बच्चन की आवाज जब राज कपूर के कानों तक पहुंची तो वे एक पल के लिए वहां पर रूक गए. पूरा डायलॉग सुनने के बाद राज कपूर ने अपने एक अस्सिटेंट को बुलाया और पूछा कि यह आवाज किसकी है. अस्सिटेंट ने राज कपूर को बताया कि एक नया कलाकार आया है, प्रकाश मेहरा की फिल्म 'जंजीर' का हीरो है. तब राज कपूर ने कहा था कि एक दिन इस दमदार आवाज का मालिक फिल्म इंडस्ट्री का बादशाह बनेगा।.
राज कपूर की यह भविष्यवाणी बहुत जल्द सच साबित हुई. फिल्म 'जंजीर' जब बॉक्स ऑफिस पर आई तो वे एंग्री यंगमैन बन कर उभरे. राज कपूर की भविष्यवाणी को लोगों ने तब गंभीरता से लिया जब 1975 में यश चोपड़ा की फिल्म 'दीवार' आई. इस फिल्म ने सफलता के सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिये. इसके बाद तो अमिताभ बच्चन की गिनती सुपर स्टारों में की जाने लगी. तब लोगों को लगा कि शोमैन राज कपूर की कही हुई बात सोलह आने सच है।
💐अमिताभ के साथ इन फिल्मों में नज़र आयीं 
               'राखी'💐
अमिताभ बच्चन ने राखी के साथ 'कभी-कभी', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'कसमे वादे', 'त्रिशूल', 'काला पत्थर', 'जुर्माना', 'बरसात की रात' और 'बेमिसाल' जैसी हिट फिल्में की. इन फिल्मों को आज भी दर्शक याद करते हैं.
     💐अपने ही डायलॉग को सच साबित किया💐
फिल्म सात हिन्दुस्तानी से अपना फिल्म करियर शुरू करने वाले अमिताभ बच्चन को देखकर तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि ये कलाकार एक दिन बॉलीवुड का शंहशाह बन जाएग. साहित्यिक पृष्टभूमि में पले बढ़े अमिताभ बच्चन ने जब बॉलीवुड में एंट्री ली तो उन्होंने फिल्म 'कालिया' के उस डायलॉग को जैसे चरितार्थ कर दिया जिसमें वे कहते हैं कि 💐हम जहां पर खड़े हो जाते हैं लाइन वहीं से शुरू हो जाती है💐.
      💐ऋषिकेश मुखर्जी ने पहचानी
             अमिताभ की प्रतिभा💐
80 के दशक में जब अमिताभ बच्चन का सितारा बुलंदियों पर था तो उस दौर की हर बड़ी एक्ट्रेस उनके साथ पर्दे पर साथ आने का सपना देखती थी. अमिताभ और रेखा की जोड़ी की पहली पसंद बन चुकी थी. लेकिन कामयाबी का मुकाम हासिल करने के बाद भी अमिताभ बच्चन ने संजीदा फिल्मों से कभी मुंह नहीं मोडा. यश चोपड़ा, प्रकाश मेहरा और मनमोहन देसाई से बहुत पहले ऋषिकेश दा अमिताभ बच्चन की एक्टिंग की गहराई नाप चुके थे. ऋषिकेश मुखर्जी ने सन 1979 में अमिताभ बच्चन और राखी के साथ फिल्म 'जुर्माना' बनाई थी. जिसकी खूब चर्चा हुई थी।.
💐 Kissa-E-Bollywood: अमिताभ बच्चन के लिए किशोर कुमार ने गाना गाने से कर दिया था इनकार, ये थी वजह💐
Kissa-E-Bollywood: अमिताभ बच्चन की आवाज बनने का सपना बॉलीवुड का हर सिंगर देखता है. लेकिन बॉलीवुड में एक ऐसी शख्सियत भी हुई है जिसने उस दौर में अमिताभ के लिए गाना गाने से इकांर कर दिया जब वो शोहरत की बुलंदी पर थे.।
Kissa-E-Bollywood: सदी के महानायक अमिताभ बच्चन जब शोहरत की बुलंदी पर थे, तब गायक किशोर कुमार को उनकी एक बात इस कदर नागवार गुजरी कि किशोर दा ने अमिताभ बच्चन के लिए गाना ही बंद कर दिया. बॉलीवुड का ये वो दौर था जब किशोर दा की आवाज को अमिताभ बच्चन की आवाज माना जाता था. अमिताभ बच्चन के लिए किशोर दा ने एक से बढ़कर एक गीत गाए. परदे पर अमिताभ बच्चन को जब गाने में किशोर दा की आवाज मिल जाती थी तो उस गाने के हिट होने की संभावना 100 फीसदी तक बढ़ जाती थी. किशोर दा ने अमिताभ बच्चन के लिए अपने फिल्मी करियर में 131 गाने गाए, जिनमें से तकरीबन 90 फीसदी गाने हिट हुए.।
                   एक वो दौर भी आया जब किशोर दा ने अमिताभ बच्चन के लिए गाना ही बंद कर दिया. ये सिलसिला एक या दो महीने तक नहीं, बल्कि कई बरसों तक चलता रहा है. बात सन् 1980 की है. एक बार किशोर दा ने अपनी एक फिल्म 'ममता की छांव' में अमिताभ बच्चन से गेस्ट रोल के लिए कहा.।
व्यस्तता के कारण अमिताभ बच्चन ने किशोर दा को इनकार कर दिया. बताते हैं कि इसी बात से किशोर दा अमिताभ बच्चन से कुछ नाराज हो गए और उनके लिए गाना बंद कर दिया. यह वो समय था जब हर गायक अमिताभ बच्चन की आवाज बनना चाहता था. लेकिन अमिताभ बच्चन पर किशोर दा की ही आवाज दर्शकों को पसंद आती थी. जिस समय किशोर दा ने अमिताभ बच्चन के लिए गाना गाने से इनकार कर दिया तब कई अन्य गायकों ने अमिताभ के लिए गाने गाए, लेकिन दर्शकों को उनमें वो बात नजर नहीं आई जोकशिश किशोर दाकी खनखकती आवाज में महसूस होती थी।.कई सालगुजरने केबाद इस बात कोनिर्माता,
निर्देशक,संगीतकार और खुद अमिताभ बच्चन ने भी महसूस किया।. दर्शक इस कमी को पहले ही महसूस कर चुके थे।. काफी सोच विचार के बाद एक दिन अमिताभ बच्चन ने किशोर दा से मिलने का फैसला किया ।. किशोर कुमार के बड़े बेटे का जन्मदिन था. अमिताभ के लिए किशोर दा से मिलने का इससे बेहतर मौका क्या होता।.
अमिताभ सीधे किशोर दा के घर पहुंच गए।. किशोर कुमार फिल्म इंडस्ट्री में बेहद जिदांदिल इंसान माने जाते थे।. हर कोई उनकी इस आदत से प्रभावित था।. इस मुलाकात के बाद सब गिले शिकवे दूर हुए और किशोर दा अमिताभ बच्चन के लिए गाने के लिए राजी हो गए, और इस जोड़ी ने एक बार फिर धूम मचा दी।
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    💐 (B)आज के दिन जन्मे भारत कर्म क्षेत्र एवम उर्दू के प्रसिद्ध साहित्यकार,पत्रकार,समाज सुधारक
  मुंशी दयानारायण निगम का जीवन परिचय लेख💐


    पूरा नाम :-मुंशी दयानारायण निगम 
जन्म:- 22 मार्च, 1882
 जन्म भूमि -कानपुर, उत्तर प्रदेश 
मृत्यु ;-1942 
कर्म भूमि -भारत 
कर्म-क्षेत्र ;-उर्दू के प्रसिद्ध पत्रकार और समाज सुधारक विद्यालय ;-'इलाहाबाद विश्वविद्यालय', उत्तर प्रदेश प्रसिद्धि ;-'ज़माना' के सम्पादक विशेष योगदान दयानारायण निगम ने मासिक पत्र 'ज़माना' के माध्यम से 'उर्दू साहित्य' की अभूतपूर्व सेवा की। 
नागरिकता;- भारतीय
अन्य जानकारी;- 'नवाबराय' के नाम से लिखने वाले 'धनपतराय श्रीवास्तव' को 'प्रेमचन्द' का नाम भी दयानारायण निगम जी ने ही दिया था। 


मुंशी दयानारायण निगम (अंग्रेज़ी: Munshi Dayanarain Nigam, 
जन्म- ;-22 मार्च, 1882,
जन्मस्थान:- कानपुर, उत्तर प्रदेश;
 मृत्यु- 1942) 
उर्दू के प्रसिद्ध पत्रकार और समाज सुधारक थे। वे बीसवीं सदी के प्रारंभ में कानपुर से प्रकाशित होने वाली उर्दू पत्रिका 'ज़माना' के संपादक थे। इन्होंने प्रसिद्ध लेखक मुंशी प्रेमचन्द की पहली कहानी 'दुनिया का सबसे अनमोल रतन' प्रकाशित की थी। मोहम्मद इक़बाल की प्रसिद्ध रचना 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा' भी 'ज़माना' में ही पहली बार प्रकाशित हुई थी। 
भारत के विश्वविख्यात लेखक मुंशी प्रेमचन्द और दयानारायण निगम में बहुत गहरी मित्रता थी। 'नवाबराय' के नाम से लिखने वाले धनपतराय श्रीवास्तव को 'प्रेमचन्द' का नाम भी दयानारायण निगम जी ने ही दिया था। 
जन्म तथा शिक्षा;- मुंशी दयानारायण निगम का जन्म 22 मार्च, 1882 को उत्तर प्रदेश राज्य के कानपुर शहर में हुआ था। 
उन्होंने 'इलाहाबाद विश्वविद्यालय', उत्तर प्रदेश से शिक्षा पाई थी। निगम जी विद्वान् व्यक्तित्व के धनी थे। वे अंग्रेज़ी, उर्दू, फ़ारसी के साथ-साथ ये बंगला, गुजराती और मराठी भाषाओं के भी ज्ञाता थे। 
सम्पादक व समाज सुधारक दयानारायण निगम ने मासिक पत्र 'ज़माना' के माध्यम से 'उर्दू साहित्य' की अभूतपूर्व सेवा की। 
यद्यपि निगम जी राष्ट्रीय विचारों के व्यक्ति थे, किन्तु संघर्ष की राजनीति से वे प्राय: अलग ही रहे। समाज सुधार उनका प्रिय विषय था, और वे अंतर्जातीय और 'विधवा विवाह' पर बड़ा बल देते थे। कहते हैं कि उनके आग्रह पर ही मुंशी प्रेमचन्द एक विधवा स्त्री से विवाह करने के लिए तैयार हुए थे। मुंशी प्रेमचन्द की अधिकांश उर्दू रचनाएँ 'ज़माना' में ही छपती थीं। मोहम्मद इक़बाल की प्रसिद्ध रचना 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा' भी 'ज़माना' में ही पहली बार प्रकाशित हुई थी।
    प्रेमचन्द से मित्रता विश्व प्रसिद्ध लेखक प्रेमचन्द की मुंशी दयानारायण निगम से बड़ी घनिष्ठ मित्रता थी। प्रेमचन्द जी ने अपने जीवन-काल में हज़ारों पत्र लिखे थे, लेकिन उनके जो पत्र काल का ग्रास बनने से बच गये और जो सम्प्रति उपलब्ध हैं, उनमें से सर्वाधिक पत्र वे हैं, जो उन्होंने अपने समय की मशहूर उर्दू मासिक पत्रिका 'ज़माना' के यशस्वी सम्पादक मुंशी दयानारायण निगम को लिखे थे। यद्यपि दयानारायण निगम प्रेमचन्द से दो वर्ष छोटे थे, लेकिन प्रेमचन्द उनको सदा अपने बड़े भाई जैसा सम्मान देते थे।[1] प्रेमचन्द को साहित्यिक पहचान दिलाना इन दोनों विभूतियों के पारस्परिक सम्बन्धों को परिभाषित करना तो अत्यन्त दुरूह कार्य है, लेकिन प्रेमचन्द के इस आदर भाव का कारण यह प्रतीत होता है कि प्रेमचन्द को साहित्यिक संसार में पहचान दिलाने का महान् कार्य निगम जी ने उनकी रचनाओं को 'ज़माना' में निरन्तर प्रकाशित करके ही किया था और उस काल की पत्रिकाओं में तो यहाँ तक प्रकाशित हुआ कि प्रेमचन्द को प्रेमचन्द बनाने का श्रेय यदि किसी को है तो मुंशी दयानारायण निगम को ही है। यह तथ्य उल्लेखनीय है कि 'नवाबराय' के लेखकीय नाम से लिखने वाले 'धनपतराय श्रीवास्तव' ने 'प्रेमचन्द' का लेखकीय नाम मुंशी दयानारायण निगम के सुझाव से ही अंगीकृत किया था, जिसकी छाया में उनका वास्तविक तथा अन्य लेखकीय नाम गुमनामी के अंधेरों में खो गये। मुंशी प्रेमचन्द और मुंशी दयानारायण निगम के घनिष्ठ आत्मीय सम्बन्ध ही निगम जी को सम्बोधित प्रेमचन्द के पत्रों को अत्यधिक महत्त्वपूर्ण बना देते हैं, क्योंकि इन पत्रों में प्रेमचन्द ने जहाँ सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं पर चर्चा की है, वहीं अपनी घरेलू तथा आर्थिक समस्याओं की चर्चा भी उन्होंने पूरी तरह खुल कर की है। मुंशी प्रेमचन्द सादा एवं सरल जीवन के मालिक थे और वे सदैव मस्त रहते थे। वे जीवन में विषमताओं और कटुताओं से लगातार खेलते रहे। इस खेल को उन्होंने बाजी मान लिया, जिसको हमेशा जीतना चाहते थे। अपने जीवन की परेशानियों को लेकर उन्होंने एक बार मुंशी दयानारायण निगम को एक पत्र में लिखा था कि- "हमारा काम तो केवल खेलना है, खूब दिल लगाकर खेलना, खूब जी तोड़ खेलना, अपने को हार से इस तरह बचाना मानों हम दोनों लोकों की संपत्ति खो बैठेंगे। किन्तु हारने के पश्चात् पटखनी खाने के बाद, धूल झाड़ खड़े हो जाना चाहिए और फिर ताल ठोंक कर विरोधी से कहना चाहिए कि एक बार फिर। जैसा कि सूरदास कह गए हैं, "तुम जीते हम हारे। पर फिर लड़ेंगे।" कहा जाता है कि प्रेमचन्द हंसोड़ प्रकृति के मालिक थे। विषमताओं भरे जीवन में हंसोड़ होना एक बहादुर का काम है। इससे इस बात को भी समझा जा सकता है कि वह अपूर्व जीवनी-शक्ति का द्योतक थे। सरलता, सौजन्यता और उदारता के वह मूर्ति थे। 'ज़माना' का प्रेमचन्द विशेषांक प्रेमचन्द के मानस को समझने के लिए मुंशी दयानारायण निगम के नाम लिखे उनके पत्रों के महत्त्व का अनुमान इस तथ्य से लगा पाना सम्भव है कि जब 8 अक्टूबर, 1936 को प्रेमचन्द के देहावसान के उपरान्त 'ज़माना' का प्रेमचन्द विशेषांक दिसम्बर, 1937 में प्रकाशित होकर साहित्य-संसार के हाथ में आया तो उसमें 'ज़माना' के सम्पादक दयानारायण निगम के कई लेख प्रकाशित हुए, जिनमें सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण लेख था- प्रेमचन्द के खयालात। इस सुदीर्घ लेख में निगम साहब ने प्रेमचन्द की विचार-यात्रा का तथ्यपरक दिग्दर्शन कराया था। उल्लेखनीय है कि इस लेख में प्रेमचन्द की विचार-यात्रा को स्पष्ट करने के लिए निगम जी ने प्रेमचन्द के उन पत्रों में से 50 से अधिक पत्रों का सार्थक प्रयोग किया, जो उन्होंने समय-समय पर निगम साहब को लिखे थे और जो उन्होंने बड़े जतन से संभालकर रख छोड़े थे। प्रेमचन्द के देहावसान के अनन्तर मुंशी दयानारायण निगम ने प्रेमचन्द के वे सभी पत्र जिनका उपयोग वे अपने उपर्युक्त लेख में कर चुके थे, मदन गोपाल को सौंप दिए। 
   निधन वर्ष 1942 ई. में मुंशी दयानारायण निगम का देहान्त हो गया और वे पंचतत्त्व में विलीन हो गये।
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    💐(C)आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ💐
 
1995 - रूसी अंतरिक्ष यात्री वालेरी पेलियाकोव साढ़े चौदह माह के रिकार्ड अंतरिक्ष प्रवास के पश्चात् पृथ्वी के लिए रवाना। 
1999 - भारतीय शेखर कपूर की फ़िल्म 'एलिजाबेथ' को सर्वश्रेष्ठ मेकअप का आस्कर पुरस्कार, जार्डन के शाह अब्दुल्ला ने अपनी पत्नी राजकुमारी रानिया को आधिकारिक रूप से महारानी नामित किया। 
2003 - पाकिस्तान सरकार ने इराक पर अमेरिकी हमले के मद्देनजर सैफ सेल प्रतियोगिता स्थगित की, गठबंधन सेनाओं ने फरात नदी के किनारे पर स्थित नासिरिया शहर पर कब्ज़ा किया और बसरा की घेराबंदी कर दक्षिणी इराक में अपने आगे बढ़ने का सिलसिला जारी रखा। 
2005 - हिकिपुन्ये पोहांबा ने नामीबिया के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
 2007 - पाकिस्तान ने हत्फ़-7 मिसाइल का परीक्षण किया। 
2010- केरल सरकार द्वारा गठित 14 सदस्यी समिति ने कोला के पलक्कड स्थित प्लांट से पर्यावरण नुक़सान की पुष्टी करते हुए 218 करोड का हर्जाना माँगने की  तथा इसके लिए क़ानूनी लड़ाई लड़ने के लिए एक प्राधिकरण के गठन की शिफारिश की। 
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की स्वर्ण चतुर्भुज परियोजना में कार्यरत युवा इंजीनियर सत्येंद्र दुबे की बिहार में गया स्थित सर्किट हाउस के सामने 27 नवंबर 2003 को तड़के गोली मारकर हत्या कर दिए जाने के मामले में तीन लोगों, मंटू कुमार, उदय कुमार तथा पिंकू रविदास को पटना की एक अदालत ने दोषी ठहराया।
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  💐(D) आज के दिन जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व💐


1882 में उर्दू के प्रसिद्ध पत्रकार और समाज सुधारक मुंशी दयानारायण निगम का जन्म।


1894 में भारत की स्वतंत्रता के लिए चटगांव विद्रोह का सफल नेतृत्व करने वाले प्रसिद्ध क्रांतिकारी सूर्य सेन का जन्म।


1961 में 16वीं लोकसभा सांसद एवं वर्तमान जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव का जन्म।
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💐(E)आज के दिन निधन हुवे प्रमुख व्यक्तित्व 💐



1971 में स्वतंत्रता सेनानी हनुमान प्रसाद पोद्दार का निधन।
1977 में केरल के प्रसिद्ध कम्युनिस्ट नेता और भारत के स्वतंत्रता सेनानी ए. के. गोपालन का निधन।
2007 में भारतीय दार्शनिक उप्पलुरी गोपाल कृष्णमूर्ति का निधन।
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💐(F)आज के दिन महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव💐 
        (1)     विश्व जल दिवस
        (2) आज ऐतिहासिक  आत्मानुशाषित भारतीय 
          जनता कर्फ्यू दिवस लॉक डाउन
        (3)हनुमान प्रसाद पोद्दार पुण्यतिथि दिवस
        (4)उर्दू के प्रसिद्ध पत्रकार और समाज सुधारक 
        - मुंशी दयानारायण निगम की जयन्ति


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       आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई। 
कारोना वायरस से बचाव के लिए जनता कर्फ्यू को सफल बनाने हेतु आप सभी आज सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक घर पर ही शांतिपूर्ण रूप से रहै। 
  भागवत भजन कर आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करे करोना को भगावें  ।बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।
💐।जय चित्रांश।💐
💐जय महाकाल,बोले सो निहाल💐
💐।जय हिंद जय भारत💐


💐  निवेदक;-💐


  💐 चित्रांश ;-विजय निगम।💐
 💐 दिनांक:-22  मार्च  2020💐
 💐 वार:-      रविवार            💐
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VijoyNigam Requested to our Freinds
For Prevention  of Corona virus and Participate In Janta curfew.


 1.https://youtu.be/CW879H38-xQ


PM Narendra Modi Speech to Public Address 
2.https://youtu.be/TufZaHW67do


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