आज की बात आपके साथ - विजय निगम

प्रिय साथियो,
🌻राम-राम 🌻
🌻 नमस्ते🌻
      आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का कोरोना 21दिवसीय कर्फ्यू के सफल छ्टवे दिन दिनांक 30 मार्च सोमवार 2020 की प्रातः की बेला में चैत्र नवरात्रि पर्व के सषठम दिन कात्यायनी देवी के स्वरुप दिवस पर सभी देवी के घर पर विरजित साहसी भक्तो का श्री  कात्यायनी दिवस बधाई ,हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।


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आज की बात आपके साथ  अंक मे है 


A कुछ रोचक समाचार 
B आज के दिन जन्मी बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री देविका रानी का जीवन परीचय 
Cआज के दिन  की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व
E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
F आज का दिवस का नाम ।
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 🌻(A) कुछ रोचक समाचार(संक्षिप्त)🌻
 🌻(A/1)नई दिल्ली. लॉकडाउन के बीच रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में देश से मुखातिब हुए।🌻
 🌻(A/2)अंबानी या अक्षय नहीं बल्कि इस अमीर व्यक्ति ने दिया है अब तक का सबसे बड़ा दान, नाम है🌻
🌻(A/3)कोरोना वायरस : इस शख्स ने दान किए सबसे अधिक700 करोड़ रुपए, जानिए सलमान और अक्षय ने क्या दिया।
🌻(A/4)6 वर्ष तक अपनी पूरी सैलरी दान करने वाला टीम इंडिया का पहला खिलाड़ी, आपको यकीन नहीं होगा🌻
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       (A) कुछ रोचक समाचार(विस्तृत)
🌻(A/1)नई दिल्ली. लॉकडाउन के बीच रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में देश से मुखातिब हुए।🌻
 कार्यक्रम का यह 63वां संस्करण था। प्रधानमंत्री ने कहा- आमतौर पर मन की बात में कई विषयों को लेकर आता हूं। आज दुनियाभर में कोरोना संकट की चर्चा है। ऐसे में दूसरी बातें करना उचित नहीं होगा। कुछ ऐसे फैसले लेने पड़े हैं, जिनसे गरीबों को परेशानी हुई। सभी लोगों से क्षमा मांगता हूं। मैं आप सबकी परेशानी को समझता हूं, लेकिन कोरोना के खिलाफ लड़ाई में इसके सिवाय कोई चारा नहीं था। किसी का ऐसा करने का मन नहीं करता, लेकिन मुझे आपके परिवार को सुरक्षित रखना है। इसलिए दोबारा क्षमा मांगता हूं।
 24 मार्च को मोदी ने देश के नाम संबोधन में 21 दिन (14 अप्रैल) तक पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान किया था। 22 मार्च को मोदी की अपील पर देशभर में जनता कर्फ्यू था, लेकिन शाम को कई स्थानों पर लोग सड़कों पर देखे गए थे। देशभर में कोरोनावायरस के एक हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।
🌻मोदी के मन की मुख्य आठ बातें🌻
🌻(1) धैर्य दिखाएं,लॉकडाउन का पालन करें🌻
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां कहा गया है कि बीमारी से पहले ही इसके उपाय कर लेने चाहिए। कोरोना का इंसान को खत्म करने की जिद पर अड़ा है। इसलिए सब लोगों को एकजुट होकर लॉकडाउन का पालन करने का संकल्प लेना होगा। लॉकडाउन में धैर्य दिखाना ही है। कुछ लोग कोरोना गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं। लेकिन मैं कहता हूं कि इस गलतफहमी में न रहें, कई देश बर्बाद हो गए। कोरोना से लड़ाई में कई योद्धा ऐसे हैं, जो अमूल्य योगदान दे रहे हैं।
🌻(2). फाइटर्स अपनी कहानियां शेयर करें🌻
कोरोना फाइटर्स से बात करके मुझे भी प्रेरणा ली। कोरोना से ठीक हुए राम कुमार ने बताया कि मैं आईटी कंपनी में काम करता हूं।पिछलेदिनों दुबई गया था, वहां से लौटातो संक्रमण का पता चला हॉस्पिटल
में कुछ दिन तो मुझे बहुत अजीब लगा। डॉक्टरों और नर्स ने मुझे दिनमें2 से 3 बात कर ठीक होने का भरोसा दिया। परिवार को जब पता चला तब मैं क्वारैंटाइन में था।अब दिनभरअपने अलग कमरे में रहता हूं। मोदी ने राम से कहा कि आपको अपने अनुभव का ऑडियो बनाकर इंटरनेट पर डालें, ताकि लोग प्रेरणा ले सकें।
🥀(3)आगरा के बुजुर्ग ने कहानीबताई🥀
73 साल के अशोक कपूर ने कहा- मेरे दो बेटे काम से इटली गए थे। जब वापस आए तो इन्हें कुछ दिक्कत हुई तो वे दिल्ली के RML हॉस्पिटल गए, वहां टेस्ट पॉजिटिव आया। इसके बाद हमारे 6 अन्य लोग भी सफदरजंग हॉस्पिटल में पॉजिटिव मिले। हमें एंबुलेंस से आगरा से दिल्ली ले जाया गया। अस्पताल में मुझे और परिवार को कोई दिक्कत नहीं हुई। डॉक्टर और नर्स का व्यवहार बहुत अच्छा रहा। हॉस्पिटल स्टाफ के आभारी हैं। खुशी है कि मेरी आपसे बात हुई। हम सब स्वस्थ हैं। मोदी ने कहा- आप आगरा में लोगों को नियमों का पालन करने के लिए कहिए। भूखों को भोजन कराएं। हम आपकी हिम्मत और समझदारी का सम्मान करते हैं।
🌻(4)प्रधानमंत्री ने कुछ डॉक्टरों से भी बात की🌻
दिल्ली से डॉ. नितेश ने कहा कि हम आर्मी मोड में लोगों की सेवा मेंलगे हैं। जो जरूरी चीजें हैं, वे आप मुहैया करा ही रहे हैं। हम मरीजोंको समझाते हैं किघबराएं नहीं। 14
-15 दिन में ठीक हो जाएंगे। उसके बाद जब टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आएगी तो आप घर जा सकते हैं।हमअपनी टीमको प्रोत्सा
-हित करते हैं कि मरीजों का बेहतर इलाज और खुद की सुरक्षा के सतर्क रहें। मोदी ने कहा- दुनिया का अनुभव बताता है कि इस बीमारी का संक्रमण अचानक बढ़ता है। भारत में ये स्थिति न आए इसके लिए हमें निरंतर प्रयास करना है।
🌻(5)पुणे के अस्पताल से 16 मरीज ठीक होकर घर गए🌻
पुणे के एक डॉक्टर ने बताया कि हमारे हॉस्पिटल में 16 संक्रमित आए थे, जिनमें से 7 को हम ठीक कर डिस्चार्ज कर चुके हैं। बाकी 9 का इलाज चल रहा है।रोजाना 
उनकी जांच और काउंसलिंग कर रहे हैं। 4-5 दिनमेंउनकीहालतभी ठीकहोजाएगी। अगर कोई संदिग्ध पाया जाता है तो उन्हें होम क्वारैंटाइन करते हैं। संक्रमण से बचने के लिए घर में भी बार-बार हाथ धोएं। हम लोगों को बतातेहैं किआप 14 दिन के लिए घरमें हीरहें और क्वारैंटाइन रहें।हमेंविश्वास 
है कियहलड़ाई जीतेंगे मोदीनेकहा-साथियों
हमें डॉक्टरों कीसलाहऔरउनकीकहीबातों
 को जीवन में उतारना है।आचार्य चरक ने कहा है कि धन और किसी खास कामना के लिए नहीं,बल्किजो मरीज कीभावना के लिएकाम करता है,वही सर्वश्रेष्ठचिकित्सक है।
🌻(6)लोगों की मदद मेंजुटेलोगों को धन्यवाद करें🌻
डॉक्टर, नर्स और आप जैसे अन्य साथियों की मदद से ही हम कोरोना के खिलाफ जंग लड़ पा रहे हैं। हमने इन लोगों के लिए 50 लाखके हेल्थ कवर का प्रावधान किया है। बेंगलुरु के निरंजन ने लिखा है कि ऐसे लोग डेली लाइफ के रियल हीरो हैं। आज अपनेपास की किराना दुकान चलाने वाले, ड्राइवरोंकेबारे में सोचिएजोजोखिमउठाकर
भी लोगों की सेवामेंलगें हैं।बैंकिंग कर्मचारी भीसतत काम में जुटे हैं।हमेंघरतक डिली
वरी पहुंचाने वाले ई-कॉमर्स कर्मचारियों का भी धन्यवाद देना चाहिए।
🌻(7) सोशलडिस्टेंसिंग बढ़ाएं, इमोशनल डिस्टेंसिंग घटाएं🌻
कुछ ऐसी बातें पता चली हैं कि लोग होम क्वारैंटाइन वालों के साथ बुरा बर्ताव कर रहे हैं। ये गलत है। हमें वायरस को रोकने के लिए क्वारैंटाइन करना है, लेकिन समाज से कटना नहीं है। कुछ दिन की सोशल डिस्टेंसिंग करनी है। हमें उनके साथ अपने रिश्ते को बनाए रखना है। आज समय है, रिश्तों में नई जान फूंकें। मैं कहता हूं कि सोशल डिस्टेंसिंग बढ़ाओ, इमोशनल डिस्टेंसिंग घटाओ।
🌻(8)संकट में फंसेलोगोंकीमददकरें🌻
कुछ लोगों ने पूछा है कि मैं नवरात्रि में कैसे रहता हूं। मैंने आपसे कहा है कि घरों में रहो,लेकिनखुदके मन में झांको।हमेंलक्ष्मण
रेखा का पालन करना है। मैं फिटनेस ट्रेनर नहीं हूं।, लेकिन योग के कुछ आसनों से मुझे लाभ मिला है। इसलिए लॉकडाउन के दौरान आप भी इन्हें कर सकते हैं। लॉकडाउन के दौरान अगर हमें पता चले कि कोई गरीब भूखा या संकट में है तो हम पहले उसकी मदद करेंगे। हमें आज देश को बचाने के लिए सारी दीवारें तोड़ना है। आप घर पर रहिए, सुरक्षित रहिए, हमें ये जंग जीतना है। आप सभी को मेरी     शुभकामनाएं।
‘🌻संक्रमण चक्र तोड़ना होगा🌻’
🌻24मार्च को मोदी ने कहा था“हिंदुस्तान
को बचाने के लिए  21दिन का यह लॉक
डाउन🌻
यह बेहद जरूरी है। यह जनता कर्फ्यू से ज्यादा सख्त होगा और यह एक तरह से कर्फ्यू ही है। बाहर निकलना क्या होता है, यह 21 दिन के लिए भूल जाइए। 21 दिन नहीं संभले तो आपका देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा। कोरोना से मुकाबले के लिए सोशल डिस्टें
-सिंग जरूरी है। हमें संक्रमण के चक्र को तोड़ना होगा। कोरोना से तभी बचा जा सकता है, जब घर की लक्ष्मण रेखा न लांघी जाए।
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  🌻(A/2)अंबानी या अक्षय नहीं बल्कि इस अमीर व्यक्ति ने दिया है अब तक का सबसे बड़ा दान, नाम है।..
पूरे भारत में कोरोनावायरस के चलते 21 दिनों का लॉक डाउन किया गया है कोरोना के खिलाफ इस मुहिम में सभीअपना सहयोग दे रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीद्वारा राहत कोष बनाया गया है जिसमें सभी से सहयोग मांगा गया है और सभी मिलकर सहयोग कर रहे हैं।
रतन टाटा एवं उनके ट्रस्ट ने दिए 1500 करोड़ राशि जो अब तक का सबसे बड़ा दान।
भारत के बिजनेसमैन रतन टाटा ने अपनी तरफ से कोरोना वायरस के खिलाफ मुहिम में 500 करोड़ का ऐलान किया बाद में रतन टाटा ट्रस्ट की ओर से डॉक्टर से एवं अन्य सुविधाओं के लिए 1000 करोड़ का ऐलान किया गया इस तरह कुल 1500 करोड़ का दान दिया जा रहा है।
मुकेश अंबानी ने दिए 5 करोड़ एवं अन्य मदद।मुकेश अंबानी ने कोरोनावायरस के खिलाफ इस मुहिम में 5 करोड रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है साथ ही मास्क एवं अन्य जरूरी सामान भी दिए जाने की बात कही साथ ही एक अस्पताल का निर्माण में सहयोग रिलायंस की तरफ से किया गया है।
अक्षय कुमार ने किया 25 करोड़ की राशि देने का ऐलान।
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🌻(A/3)कोरोना वायरस : इस शख्स ने दान किए सबसे अधिक 700 करोड़ रुपए, जानिए सलमान और अक्षय ने क्या दिया।
विश्वभर में कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus ) की दहशत फैली है। इस वायरस के संपर्क में आने से हजारों लोग बीमार हो चुके हैं। भारत में भी रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीमार से पार पाने के लिए दुनियाभर के लोग प्रयास में लग हुए हैं, इसके चलते भारत में 21 दिन तक लॉकडाउन किया गया है। पूरा देश इस महामारी के लिए एकजुट नजर आ रहा है। कई अमीर व्यक्तियों ने करोड़ों रुपए दान दिया हैआइए जानते हैं उन लोगों के बारे में जिन्होंने दिल खोलकर रुपए दान किए हैं।
     🌻बिल गेट्स ( Bill Gates )🌻 
बिग गेट्स दुनिया के सबसे अमीर और मशजूर बिजनेसमैन हैं। उन्होंने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के लिए 700 करोड़ रुपए का दान दिया है। ताकि इस महामारी से विश्व को बचाया जा सके।
    🌻टिम कुक ( Tim Cuck )🌻 
एप्पल मोबाइल कंपनी के सीईहो टिम कुक ने एक बेहतरीन बिजनेसमैन होने के साथ-साथ एक महान और दयालु इंसान भी हैं। उन्होंने कोरोना से निपटने के लिए 10 मिलियन डॉलर (करीब 75 करोड़ रुपए) का दान दिया है।
           🌻सलमान खान 🌻 
अपने दमदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता सलमान खान इन दिनों कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए महाराष्ट्र में कई जगह पर मास्का का वितरण कर रहे हैं।
        🌻अक्षय कुमार 🌻 
बॉलीवुड के सुपरस्टार अक्षय कुमार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 5 करोड़ का दान दिया है।
      🌻इन सेलेब्स ने दिया दान 🌻
 बॉलीवुड स्टार्स के टॉलीवुड स्टार्स भी कोरोना से निपटने के लिए दिल खोलकर दान कर रहे हैं। 'बाहुबली' प्रभास ने 4 करोड़ रुपए, कपिल शर्मा ने 50 लाख, ऋतिक रोशन ने 20 लाख, महेश बाबू ने 1 करोड़, अल्लू अर्जुन ने 25 लाख, जूनियर एनटीआर ने 75 लाख, नितिन ने 20 लाख, निर्देशक सुकुमार ने 10 लाख, चिंरजिवी ने 1 करोड़, पवन कल्याण ने 2 करोड़ और हंस राज हंस ने 50 लाख रुपए दान किए हैं।
मदद के लिए सामने आए बड़े नाम
निर्देशक राजकुमार हिरानी, करण जौहर, एकता कपूर, तापसी पन्नू, आयुष्मान खुराना, नीतेश तिवारी, आनंद एल रॉय, सुधीर मिश्रा, विक्रमादित्य मोटवानी, मधुर भंडारकर, सोनम कपूर, दिया मिर्ज़ा, कियारा आडवाणी, रकुल प्रीत सिंह और अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा भी लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं।
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🌻(A/4)6 वर्ष तक अपनी पूरी सैलरी दान करने वाला टीम इंडिया का पहला खिलाड़ी, आपको यकीन नहीं होगा🌻
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 टीम इंडिया के पर्व चैंपियन बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कोविड 19 महामारी से लड़ने के लिए 50 लाख रुपये का दान दिया है, जो भारत के प्रमुख खिलाड़ियों को अब तक का सबसे बड़ा दान है। कई ने अपने वेतन देने की घोषणा की है जबकि कई ने चिकित्सा उपकरण देने का वादा किया है दोस्तों आज हम सचिन के बारे में बात करने वाले हैं। सचिन कितने साल तक अपनी कमाई दान की है ये हम आपको बताएँगे।
दोस्तों टीम इंडिया के सचिन तेंदुलकर ने अपनी शानदार प्रदर्शन की वजह क्रिकेट जगत के 'भगवान' कहे जाने वाले महान खिलाड़ी हैं। सचिन तेंदुलकर को मैदान के बाहर भी कई सारे बड़े पदों से सम्मानित कियागया है।भारतीयटीमकेमहानखिलाड़ी
सचिन तेंदुलकर कोसन2012 मेंराज्यसभा
का सदस्य मनोनीत किया गया था, और सन 2018 में उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था।सचिन ने 6 वर्ष सांसद में रहते हुए वेतनऔर भत्ते के रूप में लगभग 90 लाख औरअतिरिक्त मासिकभत्ते मिलेथे,भारतीय टीम केभगवनकहेजानेवाले महानखिलाड़ी
सचिन तेंदुलकर ने ये पूरी सैलरी प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करवा दी थी। भारतीय टीम के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने सांसद रहते हुए देश भर में लगभग 185 परियोजनाओं को मंजूरी भी दी थी।
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🌻(A/4/1)दूरदर्शन पर हुई रामायण और महाभारत की वापसी, सोशल मीडिया पर वायरल हुए ये मीम्स
देश में लॉकडाउन के हालातों को देखते हुए रामानंद सागर की रामायण और बीआर चोपड़ा की महाभारत को दोबारा प्रसारित किया जा रहा है। 28 मार्च से दिन में दो बार रामायण और दो बार महाभारत का प्रसारण शुरू हो गया है। रामायण और महाभारत की वापसी के बाद से ही सोशल मीडिया पर न सिर्फ यूजर्स उत्साहित दिख रह हैं बल्कि साथ ही साथ कई मीम्स भी वायरल हो रहे हैं।
  दरअसल दूरदर्शन पर सुबह और रात को नौ बजे रामायण, जबकि दोपहर 12 बजे और शाम को सात बजे महाभारत प्रसारित किया जा रहा है। रामायण और महाभारत के प्रति लोगों का उत्साह सोशल मीडिया पर भी देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर रामायण और महाभारत की वापसी के साथ ही दूरदर्शन की तारीफ में कई मीम्स बन रहे हैं।
 रामानंद सागर की रामायण का प्रसारण साल 1987 में पहली बार दूरदर्शन पर हुआ था।वहीं बीआर चोपड़ाकी महाभारत का प्रसारण भी साल 1988 में पहली बार दूरदर्शन पर हुआ था। रामायण और महा
भारत को लोग इतने चाव से देखते थे कि सड़कों पर एक दम सन्नाटा होता था। इन धार्मिक कार्यक्रमों के प्रसारण के वक्त बाहर सड़कों का माहौल एक दम कर्फ्यू की तरह ही होता था। 1987-88 में रामायणऔर महाभारत को लोग बड़े ही चाव से देखते थे। कहा जाता है कि उस दौर में अफसर से लेकर नेता तक किसी से मिलना तो क्या किसी का फोन भी उठाना पसंद नहीं करते थे। 78 एपिसोड वाले रामायण का प्रसारण जब होता था तो देश की सड़कों और गलियों में कर्फ्यू जैसा सन्नाटा छा जाता था। भारत के तमाम शहरों और गांवों में रामायण के टेलीकास्ट के समय लोग अगरबत्ती जलाकर बैठा करते थे। चप्पलें कमरे के बाहर उतार दी जाती थीं।
गौरतलब है कि रामायण में भगवान राम का किरदार अरुण गोविल ने निभाया था। वहीं सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका चिखलिया को आज भी सीता के रूप में ही याद किया जाता है। इसके साथ ही दारा सिंह ने हनुमान का रोल निभाया था। वहीं रावण का रोल निभाकर अरविंद त्रिवेदी ने खासी लोकप्रियता बटोरी थी
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 💐 (B) आज के दिन जन्मी बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री देविका रानी का जीवन परिचय लेख💐


 पूरा नाम:- देविका रानी 
अन्य नाम:- ड्रैगन लेडी, पटरानी
जन्म:- 30 मार्च, 1908 
जन्मभूमि:- विशाखापत्तनम 
मृत्यु:- 9 मार्च, 1994 
मृत्युस्थान:- बैंगलोर 
अभिभावक:- कर्नल एम.एन. चौधरी और श्रीमती लीला चौधरी
 पति:-  1.प्रथम हिमांशु राय,
           2, स्वेतोस्लाव रोरिक
              (दूसरा विवाह) 
कर्म भूमि:- मुम्बई 
कर्मक्षेत्र:-  अभिनेत्री
मुख्यफ़िल्में:-'अछूत कन्या' (1936), 'इज्जत' (1937),सावित्री' (1938),
निर्मला' (1938) आदि।
विशेष योगदान: हिमांशुराय व देविका रानी
ने मिलकर बांबे टॉकीज बैनर की स्थापना
की।अशोक कुमार,लीला चिटनिस, दिलीप कुमार, मधुबाला, मुमताज़ आदि कलाकार फ़िल्म जगत् को बांबे टाकीज की ही देन हैं। 
नागरिकता:- भारतीय 
अन्य जानकारी:वे प्रसिद्ध कवि रवीन्द्रनाथ
टैगोर केवंश से सम्बंधित थीं,श्रीटैगोरउनके
चचेरे परदादा थे। 
देविका रानी:-(जन्म- 30 मार्च, 1908 विशाखापत्तनम - मृत्यु- 9 मार्च, 1994 बैंगलोर) 
आप भारतीय रजतपट की पहली स्थापित नायिकाजोअपनेयुग से कहींआगे की सोच
रखने वाली अभिनेत्री थीं उन्होंने अपनी
फ़िल्मों के माध्यम से जर्जर,सामाजिक रूढ़ियों व मान्यताओं को चुनौती देते हुए नए मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं को स्थापित करने का काम किया था। कवि शिरोमणि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर के ख़ानदान से ताल्लुक रखने वाली देविका ने दस वर्ष के अपने फ़िल्मी कैरियर में कुल 15 फ़िल्मों में ही काम किया, लेकिन उनकी हर फ़िल्म को क्लासिक का दर्जा हासिल है विषय की गहराई व सामाजिक
सरोकारों से जुड़ी उनकी फ़िल्मों ने अंतर
-राष्ट्रीय और भारतीय फ़िल्म जगत् में नए मूल्य व मानदंड स्थापित किए।हिंदीफ़िल्मों
की पहली स्वप्न सुंदरी व ड्रैगन लेडी जैसे विशेषणों से अलंकृत देविका को उनकी ख़ूबसूरती, शालीनता धाराप्रवाह अंग्रेज़ी और अभिनय कौशल के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जितनी लोकप्रियता और सराहना मिली उतनी कम ही अभिनेत्रियों को नसीब हो पाती है।  
  🌻जीवन परिचय जन्म और शिक्षा🌻 देविका रानी का जन्म वाल्टेयर (विशाखा
पटनम) में हुआ था। वे विख्यात कवि श्री रवीन्द्रनाथ टैगोर के वंश से सम्बंधित थीं, श्री टैगोर उनके चचेरे परदादा थे। देविका रानी केपिता कर्नल एम.एन. चौधरी मद्रास (अब चेन्नई) के पहले 'सर्जन जनरल' थे। उनकी माता का नाम श्रीमती लीला चौधरी था।स्कूल की शिक्षा समाप्त करने के बाद 1920 के दशककेआरंभिकवर्षों में देविका
रानी नाट्यशिक्षा ग्रहण करने के लिये लंदन चली गईं और वहाँ वे 'रॉयल एकेडमीआफ
ड्रामेटिक आर्ट'(RADA) व रॉयल एकेडमी 
आफ म्युजिक' नामक संस्थाओं में भर्ती हो गईं।वहाँउन्हें'स्कालरशिप'भी प्रदान की गई उन्होंने 'आर्किटेक्चर','टेक्सटाइल',डेकोर डिजाइन' विधाओं काभी अध्ययन किया और 'एलिजाबेथ आर्डन' में काम करने लगीं। आरंभिक जीवन पढ़ाई पूरी करने के बाद देविका रानी ने निश्चय किया कि वह फ़िल्मों में अभिनय करेगी लेकिन परिवार वाले इस बात के सख्त ख़िलाफ़ थे क्योंकि उन दिनों संभ्रान्त परिवार की लड़कियों को फ़िल्मों में काम नहीं करने दिया जाता था। इंग्लैंड में कुछ वर्ष रहकर देविका रानी ने रॉयल अकादमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट में अभिनय की विधिवत पढ़ाई की। इस बीच उनकी मुलाकात सुप्रसिद्ध निर्माता हिमांशु राय से हुई। हिमांशु राय मैथ्यू अर्नाल्ड की कविता लाइट ऑफ एशिया के आधार पर इसी नाम से एक फ़िल्म बनाकर अपनी पहचान बना चुके थे। हिमांशु राय देविका रानी की सुंदरता पर मुग्ध हो गए और उन्होंने देविका रानी को अपनी फ़िल्म "कर्मा" में काम देने की पेशकश की जिसे देविका ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। यह वह समय था जब मूक फ़िल्मों के निर्माण का दौर समाप्त हो रहा था और रुपहले पर्दे पर कलाकार बोलते नजर आ रहे थे। हिमांशु राय ने जब वर्ष 1933 में फ़िल्म कर्मा का निर्माण किया तो उन्होंने नायक की भूमिका स्वयं निभायी और अभिनेत्री के रूप में देविका रानी का चुनाव किया। फ़िल्म देविका रानी ने हिमांशु राय के साथ लगभग चार मिनट तक "लिप टू लिप" दृश्य देकर उस समय के समाज को अंचभित कर दिया। इसके लिए देविका रानी की काफ़ी आलोचना भी हुई और फ़िल्म को प्रतिबंधित भी किया गया। इसके बाद हिमांशु राय ने देविका रानी से शादी करलीऔर मुंबई आ गएबांबेटॉकीज
 की स्थापना मुंबई आने के बाद हिमांशु राय और देविका रानी ने मिलकर बांबे टॉकीज बैनर की स्थापना की और फ़िल्म 'जवानी की हवा' का निर्माण किया। वर्ष 1935 में प्रदर्शित देविका रानी अभिनीत यह फ़िल्म सफल रही। बाद में देविका रानी ने बांबे टॉकीज के बैनर तले बनी कई फ़िल्मों में अभिनय किया। इन फ़िल्मों में से एक फ़िल्म थी अछूत कन्या। वर्ष 1936 में प्रदर्शित "अछूत कन्या" में देविका रानी ने ग्रामीण बाला की मोहक छवि को रुपहले पर्दे पर साकार किया।[2] प्रसिद्धि 1933 में निर्मित कर्मा फ़िल्म देविका के कैरियर का अहम मोड़ साबित हुई। इस फ़िल्म ने अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता हासिल की और उन्हें प्रसिद्धि के शिखर पर पहुंचा दिया। यह यूरोप में रिलीज होने वाली अंग्रेज़ी भाषा में बनी पहली भारतीय फ़िल्म थी। जिसके लंदन में विशेष शो आयोजित किए गए और विंडसर पैलेस में शाही परिवार के लिए इसका विशेष प्रदर्शन भी किया गया। इस फ़िल्म की एक विशेष बात यह थी कि देविका ने उस दौर में चुंबन दृश्य देने का दुस्साहस किया था, जब इस बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था। उन्होंने अपने पति हिमांशु राय के साथ चार मिनट लंबा किसिंग सीन किया था, जो भारतीय फ़िल्म इतिहास के सबसे लंबे चुंबन दृश्यों में माना जाता है।[1] देविका रानी फ़िल्म "अछूत कन्या" में अपने अभिनय से देविका ने दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया। फ़िल्म में अशोक कुमार एक ब्राह्मण युवक के किरदार मे थे जिन्हें एक अछूत लड़की से प्यार हो जाता है। सामाजिक पृष्ठभूमि पर बनी यह फ़िल्म काफ़ी पसंद की गई और इस फ़िल्म के बाद देविका रानी फ़िल्म इंडस्ट्री में "ड्रीम गर्ल" के नाम से मशहूर हो गई। "अछूत कन्या" के प्रदर्शन के बाद देविका रानी "फर्स्ट लेडी ऑफ इंडियन स्क्रीन" यानी भारतीय रजत पट की पहली पटरानी की उपाधि से सम्मानित किया गया। ड्रीम गर्ल और पटरानी जैसे सम्मान प्राप्त होने से देविका रानी के बारे में यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस दौर में वह कितनी लोकप्रिय रही होंगी। फ़िल्म अछूत कन्या के देविका रानी ने अशोक कुमार के साथ कई फ़िल्मों में अभिनय किया। इन फ़िल्मों में वर्ष 1937 मे प्रदर्शित फ़िल्म "इज्जत" के अलावा फ़िल्म "सावित्री" (1938) और "निर्मला" (1938) जैसी फ़िल्में शामिल है।[2] दूसरा विवाह प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को स्वीकार नहीं करने वाली देविका रानी के साथ किस्मत ने भी क्रूर मजाक किया और 1940 में हिमांशु राय का निधन हो गया। इस विपदा को भी साहस के साथ झेलकर उन्होंने पति के स्टूडियो बांबे टाकीज पर नियंत्रण के लिए संघर्ष किया। 1945 में उन्होंने रूसी चित्रकार 'स्वेतोस्लाव रोरिक' से शादी कर स्थाई रूप से उनके साथ बेंगलूर में रहने लगी जहाँ वह 1994 में अपने निधन तक रही।
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    💐  (C) आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ 💐


1998 - चीन के उत्तरी हिस्से शिनदोंग में भेंड़ की हड्डी पर उत्कीर्ण 3000 साल पुरानी कुछ शब्दावलियां प्राप्त हुईं। 
2003 - पाकिस्तान के कहुटा परमाणु संयंत्र पर 2 वर्षों के लिए प्रतिबंध लगा। 
2004 - ताइवान के राष्ट्रपति शेन शुवी बियान राष्ट्रपति पद के लिए भारत के साथ शांति प्रक्रिया से हटने की धमकी दी। 
2006 - ईरान पर बर्लिन में बैठक का आयोजन। 2008 - रिलायंस एनर्जी लिमिटेड को 400 किलोवाट उच्च वोल्टेज विद्युत ट्रांसमिशन के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये के ठेके मिले। इस्रायल में चेतावनी के साथ अरब लीग सम्मेलन सम्पन्न। 
2010 - 15 साल पहले पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को मानव बम से उड़ाने के मामले में सह आरोपी आतंकी परमजीत सिंह भ्योरा को बुड़ैल जेल में विशेष कोर्ट में स्पेशल जज रवि कुमार सोंधी ने आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई। 


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  💐(D)आज के दिन जन्मे  महत्वपूर्ण व्यक्तित्व💐


1908 - देविका रानी - भारतीय अभिनेत्री 
1899 - सीरिल रैडक्लिफ़ - एक ब्रिटिश वकील थे जिन्होंने भारत-पाकिस्तान विभाजन की रेखा तैयार की थी। 
1853 - विन्सेंट वैन गो - नीदरलैण्ड के प्रसिद्ध चित्रकारों में से एक थे।


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 💐(E) आज के दिन निधन हुए महत्वपूर्ण
व्यक्तित्व💐


2006-मनोहरश्याम जोशी-आधुनिकहिन्दी 
साहित्य के प्रसिद्ध गद्यकार,उपन्यासकार, व्यंग्यकार, पत्रकार।
2005 - ओ वी विजयन, भारतीय लेखक और कार्टूनिस्ट।
2002 - आनंद बख्शी, भारतीय गीतकार।
1664 - गुरु हर किशन सिंह - सिक्खों के आठवें गुरु।
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 30 मार्च के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव
           🌻राजस्थान दिवस🌻


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     एक बार पुन: आप सभी साथीयों का कोरोना 21दिवसीय कर्फ्यू के सफल छ्टवे दिन दिनांक 30 मार्च सोमवार 2020 की प्रातः की बेला में चैत्र नवरात्रि पर्व के सषठम दिन कात्यायनी देवी के स्वरुप दिवस पर सभी देवी के घर पर विरजित साहसी भक्तो का श्री  कात्यायनी दिवस बधाई ,हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।
      आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।


💐।जय चित्रांश।💐
💐जय महाकाल,बोले सो निहाल💐
💐।जय हिंद जय भारत💐