आज की बात आपके साथ - विजय निगम

        प्रिय साथियो,
 💐 राम-राम💐
  💐नमस्ते।💐


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का 
दिनांक 13 फरवरी  2020 गुरुवार की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।
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आज की बात आपके साथ  अंक मे है 


A कुछ रोचक समाचार। 
B आज के दिन जन्मे जीवन परिचय  लेख. ।
C आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ।
D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व।
E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
F आज के दिवस  का नाम।


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        🌻 (A) कुछ रोचक समाचार🌻
 💐(A/1)आसान नहीं अमिताभ बच्चन को साइन करना, आखिरी वक्त तक कास्टिंग पर रहता है सस्पेंस
💐(A/2)ISRO: 10वीं पास के लिए इसरो में भर्ती, नहीं देनी कोई लिखित परीक्षा।💐
💐(A/3)गैर सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर (LPG) के दाम में भारी वृद्धि की गई है।💐
💐(A/4)' सीएए के खिलाफ मुखर रही कांग्रेस और मुस्लिम वोटों का फायदा हुआ 'आप' को💐
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      🌻(A) कुछ रोचक समाचार 🌻


💐(A/1)आसान नहीं अमिताभ बच्चन को साइन करना, आखिरी वक्त तक कास्टिंग पर रहता है सस्पेंस


अमिताभ बाल्कि की फिल्म चीनी कम (2007), पा और शमिताभ (2015) में काम कर चुके हैं. बाल्कि ने बताया कि अमिताभ को फिल्म के लिए कास्ट करना मुश्किल काम है.
                💐 अमिताभ बच्चन। 💐


बॉलीवुड के महानायक कहे जाने वाले दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन अपनी फिल्मों का चुनाव बहुत सोच समझ कर और बहुत समझदारी के साथ करते हैं. बिग बी को अपनी फिल्म में लेना कितना मुश्किल होता है ये समझने के लिए आपको मशहूर फिल्म निर्देशक आर बाल्की की बात सुननी चाहिए. अमिताभ बाल्की की तीन फिल्मों में काम कर चुके हैं लेकिन फिर भी उनका कहना है कि अमिताभ को किसी फिल्म में कास्ट करना बहुत मुश्किल है.
बाल्कि ने बताया कि आप आखिरी वक्त तक ये कह नहीं सकते कि वह फिल्म साइन करेंगे या नहीं. अमिताभ बाल्कि की फिल्म चीनी कम (2007), पा और शमिताभ (2015) में काम कर चुके हैं. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक बाल्कि ने अपनी फिल्म शमिताभ के बारे में कहा, "ऐसा लगता है कि वो कल ही फ्लॉप हुई थी. बात हमेशा ये नहीं होती है कि कोई फिल्म चलेगी या नहीं, कई बार बात ये होती है कि आपको उस सफर के बारे में क्या याद रह जाता है. शमिताभ कुछ ऐसा था जो पहले किसी ने नहीं किया था."।
उन्होंने कहा, "हो सकता है कि हम गलत हो गए लेकिन हम अब भी उस अनुभव को याद करते हैं. ये हिंदी सिनेमा की सबसे महान आवाज के लिए एक सम्मान था, और वो आवाज मिस्टर बच्चन की है. मुझे दुख है कि हमने जिस ट्रिब्यूट के साथ फिल्म बनाई थी वैसे ये चली नहीं." शमिताभ एक ऐसे लड़के की कहानी है जो अपनी आवाज से किसी दूसरे शख्स को बनाने का फैसला करता है. अमिताभ ने एक फेल एक्टर की भूमिका निभाई थी.।        
   💐ये होंगी अमिताभ की आने वाली फिल्में💐
अमिताभ की आने वाली फिल्मों की बात करें तो उनके पास उम्र के इस पड़ाव में भी प्रोजेक्ट्स की कोई कमी नहीं है. बिग बी जल्द ही फिल्म गुलाबो सिताबो और ब्रह्मास्त्र जैसी फिल्मों में काम करते नजर आएंगे. ब्रह्मास्त्र में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट लीड रोल प्ले कर रहे हैं. वहीं गुलाबो सिताबो में बिग बी के साथ आयुष्मान खुराना लीड रोल प्ले करते नजर आएंगे।
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💐(A/2)ISRO: 10वीं पास के लिए इसरो में भर्ती, नहीं देनी कोई लिखित परीक्षा।
                      💐 ISRO  💐
इसरो स्पेस एप्लीकेशन सेंटर में अनेक पदों पर भर्तियां होने जा रही हैं। आपको बता दें कि ट्रेड अपरेंटिस के पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। अभी तक पदों की संख्या से संबंधित कोई जानकारी सामने नहीं है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 फरवरी है। इन भर्तियों के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी है। पदों पर आवेदन से संबंधित पूरी जानकारी के लिए उम्मीदवार को ISRO का रोजगार विज्ञापन  देखना चाहिए।
                   💐  पदों का विवरण-💐
ट्रेड अपरेंटिस    नॉट स्पेसिफिक    7000 – 7668/- 
जरूरी योग्यता-
10वीं पास और किसी भी ट्रेड से एनटीसी के साथ एनसीवीटी में आईटीआई करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। 
               💐आयु सीमा (21.02.2020)💐-
उम्मीदवार के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है
                  💐   आवेदन शुल्क-💐
उम्मीदवार को आवेदन शुल्क नहीं देना है।
                   💐  महत्वपूर्ण तिथि💐
ओनलाइन आवेदन करने की प्रारंभिक तिथि- 05 फरवरी, 2020
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि- 21 फरवरी, 2020
                   💐   ऐसे करें आवेदन-💐
इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। 
               💐 स्थान- अहमदाबाद (गुजरात)💐
चयन प्रक्रिया- उम्मीदवार का चयन मेरिट और इंटरव्यू के आधार पर होगा।
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💐(A/3)गैर सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर (LPG) के दाम में भारी वृद्धि की गई है।
 इंडियन आयल के मुताबिक दिल्ली में 14 किलो वाला सिलिंडर अब 144.50 रुपये बढ़कर 858.50 रुपये में मिलेगा। वहीं कोलकाता में यह 149 रुपये बढ़कर 896.00 रुपये जबकि मुंबई के लोगों को 145 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। यहां सिलिंडर अब 829.50 रुपये में मिलेगा। एएनआई के मुताबिक इस साल एक जनवरी के बाद गैस के दाम नहीं बढ़े थे।
               💐 आज से ही लागू हैं नई दरें💐
आज से नई दरें लागू होने के बादअबदिल्लीमें14किलो 
का गैस सिलिंडर 858.50 रुपये में मिलेगा। यहां 144.50 रुपये दाम बढ़ाए गए हैं। वहीं, कोलकाता के ग्राहकों इसी सिलेंडर को 149 रुपये ज्यादा देकर 896.00 रुपये के दाम पर मिलेगा।
मुंबई के लोगों को अब 145 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। आज से अब नया रेट 829.50 रुपये हो गया है। जहां तक चेन्नई की बात करें तो यहां 147 रुपये की बढ़ोतरी के साथ अब 881 रुपये में 14 किलो का गैर सब्सिडी वाला एलपीजी गैस सिलिंडर मिलेगा।
गैर सब्सिडी वाले इंडेन सिलेंडर (14.2 kg ) का पिछले महीने का रेट


शहर।         वर्तमान रेट      जनवरी    
दिल्ली       858.          714.00
कोलकाता  896.74     747.74
मुंबई।        829.50     684.50
चेन्नई।        881.65     734.65


 आम बजट से पहले कामर्शियल गैस सिलेंडर पर रिकॉर्ड 224.98 रुपए का इजाफा किया गया था। कारोबारियों को कामर्शियल सिलेंडर के लिए 1550.02 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं, घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत मिली थी। मसिक रेट रिवीजन में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (14.2 किलो) के बाजार भाव में कोई बदलाव नहीं किया गया । यानी लोगों को (14.2 किलो) वाला सिलेंडर 749 रुपए का ही मिल रहा था। 
   💐 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी देती है सरकार💐
वर्तमान में सरकार एक वर्ष में प्रत्येक घर के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी देती है। अगर इससे अधिक सिलेंडर चाहिए तो बाजार मूल्य पर खरीदारी करनी होती है। हालांकि सरकार हर साल 12 सिलेंडरों पर जो सब्सिडी देती है, उसकी कीमत भी महीने-दर-महीने बदलती रहती है। औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक सब्सिडी की राशि निर्धारित करते हैं।


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💐(A/4)' सीएए के खिलाफ मुखर रही कांग्रेस और मुस्लिम वोटों का फायदा हुआ 'आप' को💐


दिल्ली में पारंपरिक रूप से दो पार्टियों का बोलबाला रहा है और जाहिर है कि इस स्थिति में 2013 के चुनाव से पहले मुस्लिम वोटर कांग्रेस के साथ थे। वर्ष 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर मुस्लिम वोट कांग्रेस से शिफ्ट होकर 'आप' के साथ चला गया। 2015 के चुनाव में यह शिफ्टिंग और बढ़ी लेकिन हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में यह पूरी तरह से हो गया। इसकी वजह सीएए और एनआरसी को लेकर दिल्ली में कई जगहों पर हो रहे प्रदर्शन को बताया जा रहा है।
हालांकि, यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि नागरकिता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ कांग्रेस काफी मुखर रही और इसके कई नेता शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने भी पहुंचे थे। दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी (आप) सीएए-एनआरसी को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने से बचती रही। बीजेपी ने चुनाव अभियान के दौरान 'आप' के नेताओं को शाहीन बाग पर बोलने के लिए उकसाने की भी कोशिश की लेकिन वे सतर्क रहे और इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं बोला। इससे उनको हिन्दू वोट के रूप में भी फायदा भी हुआ।
मुस्लिम वोटों को ट्रेंड को समझने के लिए 2013 के चुनाव में कांग्रेस द्वारा जीती गईं आठ सीटों पर नजर डालते हैं। ओखला, बल्लीमारान, सीलमपुर, मुस्तफाबाद, चांदनी चौक और सुल्तानपुर माजरा ये ऐसी सीटें हैं, जिनका फैसला मुस्लिम मतदाता करते हैं। इसके अलावा बादली और गांधी नगर सीट भी कांग्रेस की झोली में आई थी। वर्ष 2015 के चुनाव में इनमें से सात सीटें 'आप' के खाते में चली गईं, जबकि मुस्तफाबाद में बीजेपी ने जीत दर्ज की और इस विधानसभा चुनाव में मुस्तफाबाद सीट भी 'आप' के खाते में चली गई। 
शाहीन बाग वाली विधानसभा सीट ओखला में 'आप' के अमानतुल्लाह खान को एक लाख तीस हजार से ज्यादा वोट मिले और उन्होंने बीजेपी के ब्रह्म सिंह को 71, 827 वोटों से हराया। 2015 के चुनाव में अमानतुल्लाह खान ने सिंह को 64,532 वोटों से हराया था। लेकिन, उस वक्त कांग्रेस के आसिफ मोहम्मद खान को 20135 वोट मिले थे, जबकि इस बार कांग्रेस के परवेज हाशमी को महज 5 हजार वोट मिले। प्रतिशत के लिहाज से बात करें तो मुस्लिम बहुल इस सीट पर आप को 66% और कांग्रेस को 2.5% वोट मिले।
मुस्लिम वोटरों के प्रभाव क्षेत्र वाली दूसरी सीटों की भी यही कहानी है। सीलमपुर में भी सीएए और एनआरसी के विरोध में काफी तीव्र प्रदर्शन हुए। यहां से आप के अब्दुल रहमान ने बीजेपी के कौशल कुमार मिश्रा को 36, 992 वोटों से हराया। कांग्रेस के दिग्गज नेता मतीन अहमद तीसरे नंबर पर रहे। बल्लीमारान से कांग्रेस का बड़ा चेहरा हारून युसूफ मैदान में थे, लेकिन पौने पांच हजार वोट ही हासिल कर पाए। एक और सीट मटियामहल जहां मुस्लिम वोटर हार-जीत का फैसला करते हैं, वहां कांग्रेस उम्मीदवार जावेद अली को मात्र 3400 वोट मिले।
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  🌹(B) आज के दिन जन्मे प्रसिद्ध शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का जीवन परिचय🌺


फ़ैज़ अहमद फ़ैज़(فیض احمد فیض‎), (1911 - 1984)भारतीय उपमहाद्वीप के एक विख्यात पंजाबी शायर थे जिनको अपनी क्रांतिकारी रचनाओं में रसिक भाव (इंक़लाबी और रूमानी) के मेल की वजह से जाना जाता है। सेना, जेल तथा निर्वासन में जीवन व्यतीत करने वाले फ़ैज़ ने कई नज़्म, ग़ज़ल लिखी तथा उर्दू शायरी में आधुनिक प्रगतिवादी (तरक्कीपसंद) दौर की रचनाओं को सबल किया। उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए भी मनोनीत किया गया था। फ़ैज़ पर कई बार कम्यूनिस्ट (साम्यवादी) होने और इस्लाम से इतर रहने के आरोप लगे थे पर उनकी रचनाओं में ग़ैर-इस्लामी रंग नहीं मिलते। जेल के दौरान लिखी गई उनकी कविता 'ज़िन्दान-नामा' को बहुत पसंद किया गया था। उनके द्वारा लिखी गई कुछ पंक्तियाँ अब भारत-पाकिस्तान की आम-भाषा का हिस्सा बन चुकी हैं, जैसे कि 'और भी ग़म हैं ज़माने में मुहब्बत के सिवा'।
                   💐 फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ 💐
सन् 1964में भारत-पाक लिखाई प्रतियोगिता में इनाम देते फैज़ अहमद फैज़ 
जन्म नाम:-           फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
जन्मदिनांक:-        13 फ़रवरी 1911
जन्मस्थान;-          कालाकादर, सियालकोट शहर
,                           ब्रिटिश भारत
मृत्यु दिनांक:-        20 नवम्बर 1984 (उम्र 73)
मृत्यु स्थल;-          लाहौर, पंजाब सूबा, पाकिस्तान
व्यवसाय:-             कवि एवं पत्रकार
राष्ट्रीयता:-            पहिले हिन्दुस्तानी, बाद 
                           में पाकिस्तानी
शिक्षा:-                अरबी साहित्य
                           B.A(Hons), M.A.अंग्रेज़ी
                            साहित्य
                           मास्टर ऑफ आर्ट्स
उच्च शिक्षा।          मरे कॉलेज, सियालकोट
                          गवर्नमेंट कॉलेज यूनिवर्सिटी
                          पंजाब विश्वविद्यालय
विधा:-                 गज़ल, नज़्म
                          साहित्यिक आन्दोलन
                          प्रगतिवादी लेखक अन्दोलन
                          पाकिस्तान की     कम्युनिस्ट पार्टी
उल्लेखनीय कार्य:  -sनक्श-ए-फरयादी"दस्त-ए-सबा "
                          ज़िन्दान नामा
उल्लेखनीय सम्मान:- एम बी इ (1946),निगार
                          पुरस्कार (1953 
                       हिन्दी लेनिन शांति पुरस्कार (1963)
                        एचआरसी शांति पुरस्कार


                       निशान-ए-इम्तियाज (1990)
                        Avicenna Prize (2006)
जीवनसाथी:-    एलिस फ़ैज़
सन्तान:_          सलीमा (b. 1942)
                       मोनीज़ा (b. 1945)
हस्ताक्षर
एक पोस्टकार्ड पर फैज़ अहमद फैज़ के दस्तख़त
                     💐  जीवन-वृत्त💐
उनका जन्म 13 फ़रवरी 1911 को लाहौर के पास सियालकोट शहर, पाकिस्तान (तत्कालीन भारत) में हुआ था। उनके पिता एक बैरिस्टर थे और उनका परिवार एक रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार था। उनकी आरंभिक शिक्षा उर्दू, अरबी तथा फ़ारसी में हुई जिसमें क़ुरआन को कंठस्थ करना भी शामिल था। उसके बाद उन्होंने स्कॉटिश मिशन स्कूल तथा लाहौर विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। उन्होंने अंग्रेजी (1933) तथा अरबी (1934) में ऍम॰ए॰ किया। अपने कामकाजी जीवन की शुरुआत में वो एमएओ कालेज, अमृतसर में लेक्चरर बने। उसके बाद मार्क्सवादी विचारधाराओं से बहुत प्रभावित हुए। "प्रगतिवादी लेखक संघ" से 1936 में जुड़े और उसके पंजाब शाखा की स्थापना सज्जाद ज़हीर के साथ मिलकर की जो उस समय के मार्क्सवादी नेता थे। 1938 से 1946 तक उर्दू साहित्यिक मासिक अदब-ए-लतीफ़ का संपादन किया।
सन् 1941 में उन्होंने अपने छंदो का पहला संकलन नक़्श-ए-फ़रियादी नाम से प्रकाशित किया। एक अंग्रेज़ समाजवादी महिला एलिस जॉर्ज से शादी की और दिल्ली में आ बसे। ब्रिटिश भारतीय सेना में भर्ती हुए और कर्नल के पद तक पहुँचे। विभाजन के वक़्त पद से इस्तीफ़ा देकर लाहौर वापिस गए। वहाँ जाकर इमरोज़ और पाकिस्तान टाइम्स का संपादन किया।1942 से लेकर 1947 तक वे सेना में थे। लियाकत अली ख़ाँ की सरकार के तख़्तापलट की साजिश रचने के जुर्म में वे 1951 - 1955 तक कैद में रहे। इसके बाद 1962 तक वे लाहोर में पाकिस्तानी कला परिषद् में रहे। 1963 में उन्होंने योरोप, अल्जीरिया तथा मध्यपूर्व का भ्रमण किया और तत्पश्चात 1964 में पकिस्तान वापस लौटे। वो 1958 में स्थापित एशिया-अफ़्रीका लेखक संघ के स्थापक सदस्यों में से एक थे। भारत के साथ 1965 के पाकिस्तान से युद्ध के समय वे वहाँ के सूचना मंत्रालय में कार्यरत थे।
1978 में एशियाई-अफ़्रीकी लेखक संघ के प्रकाशन अध्यक्ष बने और 1982 तक बेरुत (लेबनॉन) में कार्यरत रहे।1982 में वापस लाहौर लौटे और 1984 में उनका देहांत हुआ। उनका आखिरी संग्रह "ग़ुबार-ए-अय्याम" (दिनों की गर्द) मरणोपरांत प्रकाशित हुई।
   
           💐  चुनी हुई रचनाएँ 💐


           💐 कविताओ की सूची💐


1.मुझ से पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न माँग।
2.रंग है दिल का मेरे
3.अब कहाँ रस्म घर लुटाने की
4.अब वही हर्फ़-ए-जुनूँ सबकी ज़ुबाँ ठहरी है
5.तेरी सूरत जो दिलनशीं की है
6.खुर्शीदे-महशर की लौ
7.ढाका से वापसी पर
8.तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं
9.निसार मैं तेरी गलियों के अए वतन, कि जहाँ
10.आज बाज़ार में पा-ब-जौलाँ चलो
11.रक़ीब से
12.तेरे ग़म को जाँ की तलाश थी तेरे जाँ-निसार चले गये
13.बहार आई
14.नौहा
15.तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार जब से है
16.बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे
17.जब तेरी समन्दर आँखों में
18.आप की याद आती रही रात भर (मख़दूम* की याद में)
19.चश्मे-मयगूँ ज़रा इधर कर दे
20.चलो फिर से मुस्कुराएं (गीत)
21.चंद रोज़ और मेरी जान फ़क़त चंद ही रोज़
22.ये शहर उदास इतना ज़ियादा तो नहीं था
23.गुलों में रंग भरे, बादे-नौबहार चले
24.गर्मी-ए-शौक़-ए-नज़्ज़ारा का असर तो देखो
25.गरानी-ए-शबे-हिज़्रां दुचंद क्या करते
26.मेरे दिल ये तो फ़क़त एक घड़ी है
27.ख़ुदा वो वक़्त न लाये कि सोगवार हो तू
28.मेरी तेरी निगाह में जो लाख इंतज़ार हैं
29.कोई आशिक़ किसी महबूब सेतुम आये हो न 30.शबे-इन्तज़ार गुज़री है
31.तुम जो पल को ठहर जाओ तो ये लम्हें भी
32.तुम मेरे पास रहो
33.चाँद निकले किसी जानिब तेरी ज़ेबाई का
34.दश्ते-तन्हाई में ऐ जाने-जहाँ लरज़ा हैं
35.दिल में अब यूँ तेरे भूले हुए ग़म आते हैं
36.मेरे दिल मेरे मुसाफ़िर
37.आइये हाथ उठायें हम भी
38.दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के
39 नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तजू ही सही
40.न गँवाओ नावके-नीमकश, दिले-रेज़ा रेज़ा गँवा दिया
41.फ़िक्रे-दिलदारी-ए-गुलज़ार करूं या न करूं
42.नज़्रे ग़ालिब
43.नसीब आज़माने के दिन आ रहे हैं
44.तनहाई
45.फिर लौटा है ख़ुरशीदे-जहांताब सफ़र से
46.फिर हरीफ़े-बहार हो बैठे
47.बहुत मिला न मिला ज़िन्दगी से ग़म क्या है
48.बात बस से निकल चली है
49.बेदम हुए बीमार दवा क्यों नहीं देते
50.इन्तिसाब
51.सोचने दो
52मुलाक़ात
53.पास रहो
54.मौज़ू-ए-सुख़न*
55.बोल**
56.हम लोग
57.क्या करें
58.यह फ़स्ल उमीदों की हमदम*
59.शीशों का मसीहा* कोई नहीं
60.सुबहे आज़ादी
61.ईरानी तुलबा के नाम
62.सरे वादिये सीना
63.फ़िलिस्तीनी बच्चे के लिए लोरी
64.तिपबं बवउम ठंबा
65.हम जो तारीक राहों में मारे गए
66.एक मन्जर
67.ज़िन्दां की एक शाम
68.ऐ रोशनियों के शहर
69.यहाँ से शहर को देखो * मन्ज़र
70.एक शहरे-आशोब* का आग़ाज़*
71.बेज़ार फ़ज़ा दरपये आज़ार सबा है
72.सरोद
73.वासोख़्त*
74.शहर में चाके गिरेबाँ हुए नापैद अबके
75.हर सम्त परीशाँ तेरी आमद के क़रीने
76.रंग पैराहन का, ख़ुश्बू जुल्फ़ लहराने का नाम
77.यह मौसमे गुल गर चे तरबख़ेज़ बहुत है
78.क़र्ज़े-निगाहे-यार अदा कर चुके हैं हम
79.वफ़ाये वादा नहीं, वादये दिगर भी नहीं
80शफ़क़ की राख में जल बुझ गया सितारये शाम
81.कब याद में तेरा साथ नहीं, कब हाथ में तेरा हाथ नहीं
82जमेगी कैसे बिसाते याराँ कि शीश-ओ-जाम बुझ गये हैं
83.हम पर तुम्हारी चाह का इल्ज़ाम ही तो है
84.जैसे हम-बज़्म हैं फिर यारे-तरहदार से हम
85.हम मुसाफ़िर युँही मस्रूफ़े सफ़र जाएँगे
86.मेरे दर्द को जो ज़बाँ मिले
87.हज़र करो मेरे तन से
88.दिले मन मुसाफ़िरे मन
89.जिस रोज़ क़ज़ा आएगी
90ख़्वाब बसेरा
91ख़त्म हुई बारिशे संग। 
इसके अतिरिक्त सेकड़ो रचनाएं और भी है।


        💐 ।।।।पुरस्कार/सम्मान।।।।।।💐


1963 में उन्हें सोवियत रशिया से लेनिन शांति पुरस्कार प्रदान किया गया।
1984 में नोबेल पुरस्कार के लिये भी उनका नामांकन किया गया था।
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 💐 (C)आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ💐


1542 - इंग्लैंड की रानी कैथरीन हवाई को मौत के घाट उतार दिया गया।
1575 - फ्रांस के राजा हेनरी तृतीय का रेम्स में राज्याभिषेक।
1601 - लंदन में ईस्ट इंडिया कम्पनी की पहली यात्रा का नेतृत्व जान लैंकास्टर ने किया।
1633 -इटली के खगोलशास्त्री गैलीलियो को रोम पहुँचने पर गिरफ़्तार कर लिया गया।वैज्ञानिक गैलीलियो गैलीलि अपने मुकदमे के लिए रोम आए।
1688 - स्पेन ने पुर्तग़ाल को एक अलग राष्ट्र स्वीकार किया।
1689 - विलियम और मैरी इंग्लैंड के संयुक्त शासक घोषित हुए।
1693 - अमेरिका के वर्जीनिया में विलियम एंड मैरी कॉलेज खुला।
1713 - दिल्ली के सुल्तान जहाँदारशाह की हत्या गला घोंट कर की गई।
1739 - करनाल के युद्ध में नादिरशाह की फ़ौज ने मुग़ल शासक मुहम्मद शाह की सेना को हराया।
1788 - भारत में ज्यादतियों के लिए वारेन हेस्टिंग्स पर इंग्लैंड में मुकदमा चलाया गया।
1795 - अमेरिका में पहला स्टेट यूनिवर्सिटी उत्तरी कैरोलिना में खुला।
1820 - फ़्रांसीसी तख्त के दावेदार डक की बेरी की हत्या कर दी गई।
1856 - ईस्ट इंडिया कम्पनी का लखनऊ सहित अवध पर भी कब्ज़ा।
1861 - नेपल्स के फ़्रांसीसी द्वितीय ने ग्यूसेपी गैरिबाल्डी के आगे हथियार डाले।
1880 - थॉमस एडिसन ने एडिसन इफ़ैक्ट पुष्ट किया।
1920 - अमेरिका में बेसबॉल की नीग्रो नेशनल लीग स्थापित हुई।
1931 - नई दिल्ली भारत की राजधानी घोषित हुई।
1941 - जर्मनी में नाजियों ने डच यहूदी परिषद पर हमला किया।
1945 - सोवियत संघ ने जर्मनी के साथ 49 दिन तक चले युद्ध के बाद हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट पर कब्जा किया जिसमें एक लाख 59 हजार लोग मारे गये।
1959 - बच्चों की पसंदीदा बार्बी डॉल की बिक्री शुरू हुई।
1961 -द्वितीय विश्वयुद्ध में मित्र राष्ट्रों ने बुडापोस्ट पर कब्ज़ा किया।
सुरक्षा परिषद ने कांगों में गृहयुद्ध रोकने के लिए बल प्रयोग की स्वीकृति दी।
1966 - सोवियत संघ ने पूर्वी कजाखस्तान में परमाणु परीक्षण किया।
1974 - असंतुष्ट नोबेल विजेता अलेक्जेंडर सोलजेनिट्सिन को सोवियत संघ से निकाला गया।
1975 - तुर्की ने साइप्रस के उत्तरी भाग में अलग प्रशासन की स्थापना की।
1984 - पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने नौसेना के लिए मुंबई स्थित मझगांव डॉक का शुभारंभ किया।
1988 - बांग्लादेश में राष्ट्रपति हुसैन मुहम्मद इरशाद को हटाने के लिए विपक्षी आंदोलनकारियों की मुहिम में सैकड़ों लोग घायल हुए।
1989 - सोवियत सैनिक अफ़ग़ानिस्तान से हटने शुरू हुए।
1990 - अमेरिका, ब्रिटेन तथा फ्रांस ने जर्मनी को फिर से एकीकृत करने की सहमति दी।
1991 - अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने बगदाद में अनेक बंकर नष्ट किए, जिसमें सैकड़ों सैनिक मारे गए।
2000 - बहुचर्चित पीनट्स कॉमिक पट्टी के सर्जक चार्ल्स शुल्ज का निधन।
2001 - अंतरिक्ष में क्षुद्रग्रह 'इरोस' पर पहला मानव रहित यान उतरा।
मध्य अमेरिकी देश अल सल्वाडोर में 6.6 तीव्रता वाले भूकंप से कम से कम 400 लोगों की मौत हुई।
2002 - पर्ल अपहरण काण्ड का मुख्य अभियुक्त उमर शेख़ लाहौर में गिरफ़्तार, ईरान में हुई विमान दुर्घटना में 117 मरे।
2003 - यश चोपड़ा को दादा साहब फालके पुरस्कार मिला।
2004 - भारतीय टीम ने क्वालालम्पुर में दसवीं एशियाई निशानेबाजी चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
2005 - इराक में सद्दाम हुसैन के बाद हुए पहले चुनाव में शिया इस्लामिक मोर्चे की जीत।
2007 - उत्तर कोरिया परमाणु कार्यक्रम बंद करने पर सहमत।
2008 - पाकिस्तान न कम दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइल ग़ज़नवी का सफल परीक्षण किया।
2009- रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव में 2009-10 के अंतरिम रेल बजट पेश किया। उत्तर प्रदेश विधान सभा ने वित्तीय वर्ष 2009-10 के लिए 12,094 करोड़ रुपये के घाटे का बजट पेश किया।
2010- महाराष्ट्र के पुणे में यहूदियों के प्रार्थना स्थल के नज़दीक बेकरी में शाम को हुए बम विस्फोट में पाँच महिलाओं और एक विदेशी नागरिक सहित नौ लोग मारे गए और 53 अन्य घायल हो गए।
2014 - चीन के कैली शहर में एक अवैध जुआ घर में विस्फोट में 14 लोगों की मौत हो गयी तथा 17 लोग घायल हो गये।
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    💐(D)आज के दिन जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व💐


1995 - वरुण भाटी - भारत के ऊँची कूद के खिलाड़ी हैं।
1879 - सरोजिनी नायडू (भारत कोकिला) - स्वतंत्रता सेनानी (मृत्यु- 1949)
1915 - गोपाल प्रसाद व्यास - भारत के प्रसिद्ध कवियों, लेखकों और साहित्यकारों में से एक।
1911 - फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ - प्रसिद्ध शायर, जिनको अपनी क्रांतिकारी रचनाओं में रसिक भाव (इंक़लाबी और रूमानी) के मेल की वजह से जाना जाता है।
1916 - जगजीत सिंह अरोड़ा भारतीय सेना के कमांडर
1944 - ओडूविल उन्नीकृष्णनन - भारतीय अभिनेता 
(मृत्यु- 2006)
1958 - रश्मि प्रभा - समकालीन कवयित्री
1959 - कमलेश भट्ट कमल - समकालीन कवि
1945 - विनोद मेहरा - भारतीय सिनेमा के अभिनेता


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  💐(E) आज के दिन  निधन हुवे प्रमुख व्यक्तित्व💐


2015 - डॉ. तुलसीराम - दलित लेखन में अपना एक अलग स्थान रखने वाले साहित्यकार थे आपका निधन आज ही के दिन हुआ।
2008 - राजेंद्र नाथ - हिंदी सिनेमा के हास्य कलाकार का निधन  आज ही के दिन हुआ।
1974 - उस्ताद अमीर ख़ाँ - भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध गायक (जन्म- 1912)का निधन आज ही के दिन हुआ। 
1918 - सर सुंदर लाल - प्रसिद्ध विधिवेत्ता और सार्वजनिक कार्यकर्ता थे,का निधन आज ही के दिन हुआ।
1832 - बुधु भगत - प्रसिद्ध क्रांतिकारी तथा 'लरका विद्रोह' के आरम्भकर्ताका निधन। आज ही के दिन हुआ।
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💐(F)आज के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव💐   
       1 राजेन्द्र नाथ  पुण्यतिथि दिवस
        2आज विश्व रेडियो दिवस है
        3  यह सप्ताह उत्पादकता सप्ताह है।
        4 फैज अहमद फैज जयंती दिवस
        5 विनोद मेहरा जयंती  दिवस
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     आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।
।💐जय चित्रांश।💐
💐जय महाकाल,बोले सो निहाल।💐
💐जय हिंद जय भारत💐