ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में रिफलेक्टर लगवाने जन-जागरूकता जरूरी


      उज्जैन। प्रमुख सचिव गृह एस.एन. मिश्रा ने ट्रेक्टर-ट्रॉली मालिकों से अपील की है कि वे ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में आवश्यक रूप से रिफलेक्टर का उपयोग करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में आवश्यक रूप से रिफलेक्टर लगवाने के लिये लोगों को जागरूक किया जाये। इसमें परिवहन विभाग और पंचायतों का सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व से लगे खराब रिफलेक्टर बदलवाए जाएं। मिश्रा ने मंत्रालय में राज्य सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति की बैठक में यह निर्देश दिये। प्रमुख सचिव ने कहा कि जिन गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में 5 या 5 से अधिक मृत्यु हुई हैं, उनमें केस इन्वेस्टिगेशन की रिपोर्ट कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को तत्काल भेजी जाये।


      एस.एन मिश्रा ने निर्देश दिये कि समिति के सदस्यों और नोडल अधिकारियों को डॉयल-100 के राज्य-स्तरीय कॉल-सेंटर का भ्रमण कराया जाये ताकि वे मॉनीटरिंग सिस्टम से अवगत हों। उन्होंने जिला-स्तर पर नियमित सड़क सुरक्षा समितियों की बैठक होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आगे भी बैठक को नियमित रखने के निर्देश दिये। मिश्रा ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए गये लगभग 9 लाख जन-जागरूकता अभियान की भी प्रशंसा की। उन्होंने ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिये साउण्ड लेबल मीटर और ई-चालान सिस्टम के लिये स्पीड रडार गन क्रय करने पर सहमति व्यक्त की।


      प्रमुख सचिव मिश्रा ने कहा कि जिन 20 जिलों में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में वृद्धि हुई है, उनमें ओवर स्पीडिंग, जान-माल वाहन में स्पीड गवर्नर आदि चैक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर आदमी को सड़क सुरक्षा की दिशा में निरंतर काम करना होगा, जिससे इस पर अंकुश लगाया जा सके और लोगों की जान बच सके। बैठक में एक्सीडेंट रिस्पांस सिस्टम पर भी चर्चा हुई।


      प्रमुख सचिव मिश्रा ने कहा कि जंक्शन पांइट्स पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए, जिससे रात के समय विजिविलिटी बनी रहे और दुर्घटना होने का खतरा टल सके। उन्होंने कहा कि रोड एजेंसियों को खुद-ब-खुद ब्लैक स्पॉट सहित कई ऐसी जगह, जहाँ दुर्घटना होने की आशंका बन सकती है, उसमें आवश्यक सुधार करना चाहिए ताकि जन-सामान्य की जान बच सके। मिश्रा ने कहा कि निर्माण एजेंसियों के रिटायर्ड ऑफीसर्स को भी फील्ड विजिट में शामिल किया जा सकता है अथवा उनसे राय-मशवरा कर दुर्घटना के कारणों और उसमें आवश्यक सुधार को जाना जा सकता है। उन्होंने ट्रैफिक एवं मेट्रो पुलिस कमांड सेंटर स्थापना की दिशा में काम करने को भी कहा। बैठक में बताया गया कि 1971 ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में रिफलेक्टर लगाये गये हैं। विगत वर्ष की समान अवधि की तुलना में वर्ष 2019 में माह अक्टूबर तक सड़क दुर्घटनाओं में 2.5 प्रतिशत की कमी आयी है।


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