तलाक के बाद दूसरे व्यक्ति के साथ रहने पर महिला का अपहरण


      आगर/सुसनेर। पति को तलाक देकर दूसरी जाति के व्यक्ति के साथ रह रही एक महिला को समाज में बदनामी के चलते मौसी के दामाद, भाई व अन्य परिजनों ने अपहरण कर अपनी जाति के व्यक्ति के साथ विवाह करवाने के लिए मजबूर कर दिया। शिकायत के बाद पुलिस ने रविवार को बड़ौद थाने के अंतर्गत आने वाले दुर्गापुर विश्रामगृह से एक व्यक्ति के कब्जे से महिला को छुडवाया व सोमवार को मामले में शामिल दो आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।




      थाना प्रभारी विवेक कनोडिय़ा एवं एएसआइ आलोक पटेरिया ने बताया 12 दिसंबर को श्यामूबाई निवासी सारग्याखेड़ी हाल-मुकाम मऊड़ी दरवाजा सुसनेर के एक मकान से रामनिवास निवासी रूणीजा राजस्थान, महिला की ननद का पति मदन कनडारी बीजानगरी, रामलाल निवासी छायन बड़ौद एवं महिला की मौसी का दामाद महेश निवासी रूणीजा राजस्थान उठाकर ले गए। घटना की शाम को महिला श्यामूबाई जिसके साथ रह रही थी रामलाल पिता दुलेसिंह सौंधिया निवासी सारग्याखेड़ी हाल-मुकाम मऊड़ी दरवाजा ने अपहरण की शिकायत पुलिस को की। इसके बाद पुलिस ने महिला की तलाश में टीम गठित कर दबिश दी।


अपहरण की साजिश में महिला के भाई सहित अन्य परिजन ही थे शामिल :
      पुलिस ने बताया की, महिला को मौके से उठाने में महिला का भाई सजन पिता कालूसिंह निवासी सारग्याखेड़ी सहित महेश, रामनिवास, मदन और रामलाल भी शामिल हैं। महिला को छायन बड़ौद निवासी रामलाल पिता गोपाल के घर पर रखा है। अपहरण के बाद से ये व्यक्ति इसे बड़ौद, सुवासरा सहित अन्य जंगलों में घूमाते भी रहे। रविवार को पुलिस ने इसे छायन बड़ौद निवासी रामलाल के चुंगल से छुड़ा लिया तथा थाने लाई। पुलिस ने से रामलाल और सजन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। फरार की पुलिस तलाश कर रही है। खुलासे में एएसआइ आलोक पटेरिया, कमलेश चौहान, कृष्णा शर्मा, प्रमुख आरक्षक शैलेंद्र सिंह, आरक्षक प्रदीप पानेरी, हरीश यादव, उपेंद्र गुर्जर, दिलीप मीणा का सराहनीय सहयोग रहा।


शराबी पति करता था मार-पीट, इसलिए दिया था तलाक :
      महिला ने बताया, 15 वर्ष पहले लालाखेड़ी निवासी गोवर्धन सुतार के साथ शादी हुई थी, लेकिन शादी के बाद से पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता था। जिसके चलते उसने कुछ समय पूर्व पति को तलाक दे दिया था। इसके बाद महिला ने परिवार वालों साथ नहीं दिया जिसके बाद रामलाल सौंधिया के साथ रहने लग गई थी। इसके बाद से ही परिवार के लोगों को इसको लेकर आपत्ति थी। अपनी जाति में दोबारा विवाह करवाने की थी मंशा-पुलिस ने बताया कि महिला के अपहरण के पीछे महिला का दूसरी जाति के व्यक्ति साथ रहना था। परिवार के लोग इसे अपनी बदमानी मान रहे थे। इसी को लेकर परिवार के लोगों ने कई बार महिला को समझाने की कोशिश भी की किन्तु वह नहीं मानी। इसी के चलते यह अपहरण की साजिश रची अपहरण कर इस महिला का नातरे के माध्यम से समाज के किसी दूसरे व्यक्ति के साथ विवाह करवाने की योजना अपहरणकर्ताओं ने बनाई थी।


मौसी के दामाद ने रची थी साजिश :
      पटेरिया ने बताया घटना के कुछ दिनों पूर्व महिला की मौसी का दामाद महेश घर मऊड़ी दरवाजा सुसनेर पहुंचा तथा महिला से दूसरी जाति के व्यक्ति के साथ नहीं रहने की बात भी कही थी। महिला द्वारा नहीं मानने पर घटना से पूर्व रैकी कर आस-पास के क्षेत्र की जानकारी ली। इसके बाद अपहरण की साजिश रची।