नेत्रहीन की शिकायत दबंग पर भारी पड़ी

जमीन का कब्जा फिर से मिला



         उज्जैन। खाचरौद जनपद के ग्राम बड़ागांव के नेत्रहीन भाई-बहन अमरू एवं कमलाबाई को वर्षों पहले शासन द्वारा दो बीघा जमीन खेती के लिये पट्टे पर दी गई थी। धीरे-धीरे खेत गांव के निकट आते गये और जमीन की कीमत बढ़ती गई। इस जमीन पर गांव के दबंगों की नजर पड़ी और नेत्रहीन को उन्होंने बेदखल करने का काम शुरू कर दिया। धीरे-धीरे एक बीघा जमीन कब्जा ली। इसके बाद दबंग राधेश्याम ने उस जमीन पर मकान बनाना शुरू कर दिया। गरीब और ऊपर से नेत्रहीन बेसहारा लोगों के लिये कहीं से भी सहारा नहीं मिल रहा था। गांव में कलेक्टर के आने की खबर अमरू को लगते ही उसने सोच लिया कि अब दबंगई को ठीकाने लगाना है। वे अपनी बहन और परिजनों के साथ आवेदन लेकर सुबह से ही ग्राम पंचायत भवन पहुंच गये।


         कलेक्टर को अमरू ने बहुत ही द्रवित करने वाली आपबीती सुनाई। कलेक्टर ने तुरन्त तहसीलदार व एसडीएम को निर्देश दिये कि प्रकरण की जांच कर अतिक्रामक को बेदखल किया जाये और जमीन पट्टाधारी को दिलवाई जाये। इस निर्णय पर अमरू एवं उनकी बहन कमलाबाई कलेक्टर को अनेक अनेक धन्यवाद दे रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देशित किया है कि इस मामले में पट्टाधारी को कब्जा दिलाकर उन्हें तुरन्त सूचित भी किया जाये। राजस्व का अमला कलेक्टर के निर्देश पर कार्यवाही करने में लग गया है। वरिष्ठ अधिकारी के किसी गांव में भ्रमण करने के दौरान किस तरह किसी गरीब का फायदा हो सकता है, यह बात भी आज स्पष्ट हो गई है।