लूट के आरोपियों को चार साल बाद मिली सजा


      नागदा। शहर के जवाहर मार्ग पर 2016 में लूट करने वाले आरोपियों को न्यायालय ने सजा सुनाई। 12 में से चार आरोपियों को सात-सात वर्ष की सजा और जुर्माना, दो फरार घोषित जबकि एक महिला सहित चार को बरी कर दिया गया। पुलिस चारों आरोपियों को खाचरौद उपजेल छोड़कर आई है।
जवाहर मार्ग पर डॉ. एसआर चावला के समीप निवास करने वाले दीपेश पिता रामलाल मीणा के घर 11 अगस्त 2016 को लूट हुई थी।
      अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश विक्रमसिंह बुले ने गुरुवार को मामले में फैसला सुनाया। आरोपी शंकर (२४) पिता मोहन निवासी कचनारिया थाना तराना, गिरधारी (२६) पिता रायसिंह निवासी विसनखेड़ा थाना तराना, मोड़सिंह उर्फ मोहनसिंह (३२) पिता रामचंदर निवासी कचनारिया थाना तराना, रमेश (४२) पिता कचरु निवासी वामडख़ेड़ा थाना महिदपुर को सात-सात वर्ष का सश्रम कारावास, 1500-1500 रुपए जुर्माना सुनाया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में तीन-तीन माह का कारावास सजा भुगतनी होगी।
      राहुल (२१) पिता भंवरलाल परमार निवासी कनासिया थाना मक्सी, राधेश्याम (२४) पिता कालूराम निवासी खेड़ा चिकली थाना माकड़ौन को फरार घोषित किया है। संदिग्ध रामसिंह (३२) पिता बद्रीलाल निवासी अमरदीप नगर, नानाखेड़ा उज्जैन, अनिल (२४) पिता देवीसिंह निवासी भूखी इतबालपुरा थाना कायथा, कांताबाई (४०) पति मोड़सिंह उर्फ मोहनसिंह निवासी कचनारिया थाना तराना, शांतिलाल (५८) पिता उंकारलाल जायसवाल निवासी इंदौर को बरी कर दिया। अभियोजन की ओर से पैरवी अपर विशेष लोक अभियोजक ठाकुर रेवतसिंह, अतिरिक्त लोक अभियोजक केशवसिंह रघुवंशी ने की।
      शांतिलाल के अभिभाषक शैलेंद्रसिंह चौहान, अनिल और कांताबाई की ओर से अभिभाषक अब्दुल पठान, रामसिंह की ओर से अरविंद प्रतापसिंह ने पैरवी की।
4 साल पहले हुई थी वारदात :
दीपेश के घर पर 11 अगस्त अलसुबह घर के पिछले हिस्से में लगी खिड़की की ग्रिल तोड़कर नकाबपोश घुसे। इन्होंने सबसे पहले बुजुर्ग महिला तारा मीणा के गले पर चाकू रखकर सोने, चांदी सहित नकदी के बारे में पूछा। इस पर टिवंक्ल की नींद खुल गई। नकाबपोशों ने उसके साथ भी मारपीट की। उसके शोर मचाने पर बड़ा भाई दीपेश दूसरी मंजिल से नीचे आया। नकाबपोशों ने दीपेश और मां ताराबाई पर लोहे की राड़ से हमला कर दिया जिससे दोनों के सिर में चोट आई। दीपेश व नकाबपोश के बीच 20 मिनट झुमाझटकी हुई। दीपेश ने एक बदमाश का नकाब खींच लिया। दीपेश के अनुसार बदमाश के छोटे-छोटे बाल थे और काले रंग का था। बदमाश, दीपेश व टिवंक्ल के पर्स में रखे छह हजार रुपए लेकर रेलवे कॉलोनी के रास्ते भाग गए।
घटना के तुरंत बाद तत्कालीन विधायक दिलीपसिंह शेखावत, राजेश धाकड़, नागदा व्यापारी संघ अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल मौके पर पहुंचे थे। तत्कालीन टीआई अजय वर्मा ने वरिष्ठों के मार्गदर्शन में आरोपियों को पकडऩे के लिए फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, सायबर सेल की मदद ली और 12 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।