छापे के दौरान पटवारी ने बाथरूम में छुप कर जलाये रिश्वत के रुपए



      ग्वालियर। लोकायुक्त के छापे के दौरान बाथरूम में घुसकर नोट जलाने वाले आरोपी पटवारी को कोर्ट ने चार साल की सजा सुनाई है|  विशेष सत्र न्यायाधीश रामजी गुप्ता ने 4 हजार की रिश्वत लेने वाले पटवारी राम निवास जौनवार को अलग-अलग धाराओं में दोषी पाते हुए क्रमश: चार साल, तीन साल एवं एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर कुल बारह हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया है।


      घासमंडी निवासी आरोपी रामनिवास जौनवार पुत्र कन्हैयाराम जौनवार ने घाटीगांव में पटवारी रहते हुए अनुचित रूप से पैसे की मांग की। फरियादी जितेन्द्र कुमार पांडे ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से करते हुए कहा कि पटवारी रामनिवास ने उसके पिता ओमप्रकाश पांडे के नाम की भू अधिकार पुस्तिका बनाने के लिए 4000 रुपए की रिश्वत मांगी। उसने कहा पटवारी को रिश्वत देना नहीं चाहता हूं। उसे रंगेहाथ पकड़वाना चाहता हूं। लोकायुक्त पुलिस ने फरियादी को एक टैप रिकार्डर दिया, जिसमें वह बातचीत रिकार्ड हो गई। उसके बाद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया।  


बाथरूम में छुपकर जलाए नोट
       7 अक्टूबर 14 को फरियादी ने जैसे ही रिश्वत देने के बाद लोकायुक्त पुलिस को रिश्वत दिए जाने का इशारा किया तभी पटवारी जौनवार को आभास हो गया था कि कुछ गड़बड़ है। इसके बाद जैसे ही लोकायुक्त पुलिस उसके घर में घुसी तो पटवारी अपने बाथरुम में छिप गया था और उसने रिश्वत के नोटो को जला दिया था और उसकी राख बाथरूम में बहा दी। लोकायुक्त ने पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचारी निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में यह सजा सुनाई। इसके अलावा आरोपी को सबूत नष्ट करने के अपराध में एक साल के कारावास की सजा भी सुनाई गई । इस मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अरविंद श्रीवास्तव ने पैरवी की।