जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

उज्जैन। उज्जैन शहरी क्षेत्र में आवारा मवेशियों के कारण सड़क दुर्घटना बढ़ने के कारण पशु मालिकों द्वारा अपने पालतु पशुओं को खुले में छोड़ना या आवारा मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने के कारण दुर्घटना घटित होने पर कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने की संभावना बनी रहती है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री आशीष सिंह ने पशुओं की सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था सुचारू रखने हेतु सम्पूर्ण उज्जैन जिले की राजस्व सीमा क्षेत्रान्तर्गत दण्ड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा-144 के अन्तर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।


आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति अपने मवेशी, गायों को सड़कों पर खुला नहीं छोड़ेंगे। कोई भी पशुपालक अपने निजी पालतु पशुओं को सड़क पर नहीं छोड़ेंगे, पशुओं का अवैध परिवहन नहीं किया जायेगा, पशु मालिक पशुओं को चराते समय यातायात को अवरूद्ध नहीं करेंगे तथा सार्वजनिक स्थल पर पशु मालिक अपने पशुओं को नहीं छोड़ेंगे। कलेक्टर ने दण्ड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा-144(1) के तहत उक्त आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया है। कोई भी हितबद्ध पक्ष संहिता की धारा-144(5) के अन्तर्गत उक्त आदेश के विरूद्ध अपनी आपत्ति या आवेदन कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है। कलेक्टर ने समस्त थाना प्रभारियों, समस्त नगरीय निकायों और कार्यपालिक दण्डाधिकारियों को निर्देशित किया है कि उक्त आदेश की सूचना अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत के कार्यालयों के सूचना पटल पर जन-सामान्य के लिये प्रदर्शित करें। उक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। उक्त आदेश आदेश जारी होने की दिनांक से आगामी दो माह तक प्रभावशील होगा।