आज की बात आपके साथ - विजय निगम

प्रिय साथियो। 
💐राम-राम💐
💐 नमस्ते।💐


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का दिनांक   28 मार्च 2020  शनिवार की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।
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  🌻आज की बात आपके साथ🌻
                   के अंक मे है।
A कुछ रोचक समाचार 
B आज के दिन जन्मे प्रसीद्ध लेखक गोरखप्रसाद का  जीवन परिचय लेख।
C आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व
E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
F आज का दिवस का नाम ।
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      (A) कुछ रोचक समाचार(संक्षिप्त)
💐(A/1)मध्य प्रदेश: क्या उपचुनावों में जीत कांग्रेस को फिर सत्ता में ला सकती है💐
💐(A/2)रिजर्व बैंक की घोषणाओं से शेयर बाजार निराश, सेंसेक्स में करीब 500 अंकों की गिरावट|
💐(A/3 कोट: दर्शकों के लिए खुशखबरी, जानें कब और कैसे टीवी पर देख पाएंगे रामानंद सागर की रामायण।
💐(A/4)दिलीप कुमार और सायरा बानो ने खुद को कर लिया है अलग-थलग उन्हIशेयर किया ऑडियो मैसेज💐
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      (A) कुछ रोचक समाचार(विस्तृत)
🌻(A/1)मध्य प्रदेश: क्या उपचुनावों में जीत कांग्रेस को फिर सत्ता में ला सकती है
      आगर-मालवा और जौरा के विधायकों के निधन के कारण विधानसभा की दो सीटें पहले से ही खाली थीं।.अब कांग्रेस के बागी 22 विधायकों के इस्तीफ़े के बाद राज्य में 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं.me55Q
मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई है।. बीते सप्ताह गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा कमलनाथ सरकार को अगले दिन यानी शुक्रवार शाम पांच बजे तक फ्लोर टेस्ट के माध्यम से विधानसभा में बहुमत साबित करने का अल्टीमेटम दिया गया था. लेकिन फ्लोर टेस्ट से पहले ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया था.
इस तरह 15 सालों बाद प्रदेश में लौटी कांग्रेस सरकार महज 15 महीनों का ही कार्यकाल पूरा कर पाई. नई सरकार बनाने वाली भाजपा ने मुख्यमंत्री के तौर पर शिवराज सिंह चौहान को चौथा मौका दिया है.
कांग्रेस सरकार गिरने के हालात तब बने जब पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी के चलते राज्य में पार्टी के एक धड़े के मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने 22 समर्थक विधायकों के साथ बगावत कर गये.
सिंधिया भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गये और उक्त 22 बागी विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया.
तब से ही एक सवाल हर तरफ तैर रहा है कि बागी विधायकों के इस्तीफे के बाद अब राज्य में उन सीटों पर उपचुनाव की नौबत आएगी तो क्या कांग्रेस उन सीटों पर जीत दर्ज करके फिर से सत्ता में वापसी कर सकती है?
इस सवाल को बल कमलनाथ के इस्तीफे वाले दिन ही मध्य प्रदेश कांग्रेस के ट्विटर हैंडल द्वारा किए गए उस ट्वीट से मिला जहां लिखा गया था कि यह अल्प विराम है और आने वाले स्वतंत्रता दिवस पर कमलनाथ ही मुख्यमंत्री के तौर पर झंडा फहराएंगे.
कुछ ऐसा ही ट्वीट अगले दिनों में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने भी किया और उन्होंने भी कांग्रेस के सत्ता से जाने को अल्पविराम बताते हुए जल्द ही वापसी की उम्मीद जताई.
कांग्रेस के इस आत्मविश्वास को समझने के लिए पहले विधानसभा के वर्तमान गणित को समझना होगा. राज्य में 230 सदस्यीय विधानसभा है.
जौरा और आगर-मालवा सीट पिछले कुछ महीनों से खाली हैं क्योंकि इन सीटों के निर्वाचित विधायकों का बीते दिनों निधन हो गया था. जिसके चलते इस महीने की शुरुआत में विधानसभा में मौजूदा सदस्यों की संख्या 228 थी, जिनमें से सिंधिया खेमे के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद सदन में सदस्यों की संख्या 206 पर ठहर जाती है.
बीते गुरुवार देर रात ही भाजपा के एक अन्य विधायक शरद कौल का इस्तीफा भी विधानसभा स्पीकर द्वारा स्वीकार कर लिया गया था.
शरद कौल के इस्तीफे पर विवाद कायम है क्योंकि राज्य सरकार में भाजपा को वापसी करते देख शरद दावा कर रहे हैं कि उनका इस्तीफा कांग्रेस द्वारा दबाव में लिखवाया गया था~|.
लेकिन अब तक इस इस्तीफे पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है. बहरहाल, तत्कालीन स्पीकर नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने तो शरद कौल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था लेकिन विधानसभा के सचिव द्वारा इस संबंध में कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ.
इसलिए भाजपा शरद कौल की सदस्यता बचाने में जुट गई है. विधायक कौल और भाजपा ने इस संबंध में राज्यपाल लालजी टंडन को भी सूचित किया है कि तत्कालीन स्पीकर ने द्वेषपूर्ण कार्रवाई करके शरद कौल का इस्तीफा मंजूर किया था.
इस तरह शरद कौल के इस्तीफे के कारण वर्तमान सदन संख्या 205 मानी जाएगी और भाजपा विधायकों की संख्या 106. जो किसी वर्तमान हालातों में बहुमत के लिए आवश्यक 103 सीटों से अधिक है और भाजपा अकेले दम पर ही बहुमत के आंकड़े पर है.।शरद कौल के इस्तीफे पर अभी असमंजस बना हुआ है. लेकिन सदन में विश्वास मत की कार्रवाई में वे जरूर शामिल हुए थे.।
वहीं, बागी 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के पास 92 विधायक बचे हैं. इसके अलावा सदन में 4 विधायक निर्दलीय हैं, 2 बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और एक समाजवादी पार्टी (सपा) से है।.
भविष्य में इन खाली 25 सीटों पर उपचुनाव के बाद सदन संख्या फिर से 230 हो जाएगी और बहुमत का आंकड़ा होगा 116 सदस्य. कांग्रेस के पास 92 सदस्य है.सभी सपा-बसपा और निर्दलीय विधायकों के सहयोग से सरकार चलाने वाली कांग्रेस का साथ अब ये विधायक भी नहीं दे रहे हैं. सरकार बदलते ही इन विधायकों के सुर भी बदल गये हैं.।
कमलनाथ सरकार में खनिज मंत्री निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल कहते हैं कि पहले कांग्रेस सरकार में थी तो उसके साथ थे, अब क्षेत्र के विकास के लिए भाजपा के साथ काम करेंगे।.
वहीं, एक अन्य निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने कमलनाथ के इस्तीफे के बाद कह दिया था कि क्षेत्र की जनता से चर्चा करके भाजपा के साथ जाने और न जाने का फैसला लेंगे.
सिंधिया के बागी होने से पहले जब मार्च माह के शुरुआत में दिग्विजय सिंह ने सरकार में शामिल जिन दस विधायकों के लापता होने और भाजपा से सौदेबाजी में शामिल होने की बात कही थी, उनमें प्रदीप जायसवाल को छोड़कर उक्त बाकी विधायक भी शामिल थे..
वहीं, मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद जब शिवराज ने 24 तारीख को सदन में विश्वास मत पेश किया था तब कांग्रेसी विधायकों ने तो सदन की कार्रवाई से वॉक आउट किया था. लेकिन उक्त सात में से पांच विधायक भाजपा के पक्ष में सदन में मौजूद रहे.
उनमें सपा विधायक राजेश शुक्ला, बसपा विधायक रामबाई और संजीव कुशवाह तथा निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा और विक्रम सिंह राणा शामिल थे.
इसलिए ऐसी संभावना भी नहीं कि विपक्ष में बैठने जारही कांग्रेस के साथ सपा-बसपा और निर्दलीय विधायकों का साथ बना रहेगा. तय है कि वे भी सत्ता के साथ ही सुर मिलाना चाहेंगे.
इन हालातों में भाजपा और मजबूत होगी और उसकी वर्तमान सदस्य संख्या 113 पहुंच जाएगी, जो कि 230 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत की संख्या 116 से महज तीन कम होगी.
इस तरह सपा-बसपा और निर्दलीय विधायकों के भी पाला बदलने से कांग्रेस का 2023 के पूर्णावधि चुनावों से पहले सत्ता वापसी का रास्ता मुश्किल नजर आता .
क्योंकि सरकार बनाने के लिए उसेअब उपचुनावों वाली 25 में से 24 सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी. जो कि कांग्रेस के केंद्रीय और प्रादेशिक संगठन की वर्तमान हालात देखते हुए असंभव जान पड़ता है.
जबकि भाजपा को उपचुनाव वाली 25 सीटों में से अकेले दम पर बहुमत पाने के लिए दस सीटें और गठबंधन के साथ बहुमत पाने के लिए 25 में से केवल 3 सीटें जीतनी होंगी.
वहीं, सत्ता परिवर्तन के बाद से ऐसे भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस के एक और वरिष्ठ विधायक अपना इस्तीफा सौंपकर भाजपा में शामिल हो सकते हैं.केपी सिंह पिछोर से विधायक हैं और कमलनाथ सरकार के दौरान वरिष्ठ होने के बावजूद मंत्री न बनाए जाने के चलते लगातार खफा रहे थे. अगर उनका भी इस्तीफा होता है तो सदन संख्या 204 पर ठहर जाएगी और 26 सीटों पर उपचुनाव की नौबत आएगी.
इस स्थिति में सदन में कांग्रेस के विधायक 91 रह जाएंगे और उसे बहुमत हासिल करने के लिए उपचुनाव में 26 में से 25 सीटें जीतनी होंगी.
यहां एक संभावना और बनती है कि यदि शरद कौल यह साबित करने में कामयाब हो गए कि उनका इस्तीफा जबरन लिखवाया गया था, तो उस स्थिति में 24 सीटों पर उपचुनाव होगा. कांग्रेस सभी 24 सीटें जीतनी होंगी.
कांग्रेस के लिए चिंता की बात ये है कि इन 24 सीटों में से 16 सीटें तो ग्वालियर-चंबल अंचल की हैं. सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद यहां पार्टी अनाथ सी होने की स्थिति में आ गई है. क्योंकि कांग्रेस की सभी नीतियों का निर्धारण यहां सिंधिया ही करते थे.
छह महीने के अंदर होने वाले उपचुनाव से पहले अंचल में नया नेतृत्व खड़ा करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा.
जबकि अंचल में भाजपा के पास ज्योतिरादित्य सिंधिया, जो इस क्षेत्र में कांग्रेस को अपने दम पर जिताते आए थे, के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और नरोत्तम मिश्रा जैसे नाम हैं.
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा भी इसी अंचल से हैं. इसलिए 2023 के अगले पूर्णावधि चुनाव से पहले प्रदेश में कांग्रेस की वापसी के दूर-दूर तक कोई आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं.
संभावना सिर्फ तभी बनती है जब कांग्रेस भी भाजपा की तरह कोई बड़ा जोड़-तोड़ करे. लेकिन कांग्रेस ऐसा करने की स्थिति में भी नजर नहीं आती।
 🌻💐🌹🌲🌱@💐💐💐🌸💮🌸🌱🌲🌹💐(A/2)रिजर्व बैंक की घोषणाओं से शेयर बाजार निराश, सेंसेक्स में करीब 500 अंकों की गिरावट|💐
लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था के लिए रिजर्व बैंक की घोषणाओं से शेयर बाजार मायूस हो गया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में 75 बेसिस पॉइंट की कमी सहित कई बड़े ऐलान किया। इसके बाद करीब 11:30 बजे सेंसेक्स करीब 500 अंक गिरकर 29,469.28 पर आ गया तो निफ्टी भी लाल निशान में चला गया।
लॉकडाउन की वजह से प्रभावित अर्थव्यवस्था और गरीबों की मदद के लिए सरकार की ओर से जारी 1.70 लाख करोड़ रुपये के पैकेज से शेयर बाजार उत्साहित था शुक्रवार को भी शेयर बाजार में तेजी का रुख रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 886.02 अंकों की तेजी के साथ 30,832.79 पर खुला सेंसेक्स तो नैशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने 326 अंकों के उछाल के साथ 8967.85 पर कारोबार की शुरुआत की। सुबह करीब 10 बजे सेंसेक्स की बढ़त करीब 1000 अंकों की थी और निफ्टी 329 अंक ऊपर था।
गुरुवार को सेंसेक्स 1410.99 अंकों की तेजी के साथ 29,946.77 पर बंद हुआ तो निफ्टी 323.60 अंकों के उछाल के साथ 8641.45 पर रहा। इंडसइंड बैंक के शेयर तो सेंसेक्स पर 45.07 पर्सेंट उछले थे।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के शेयरों की बात करें तो लगातार दूसरे दिन इंडसइंड बैंक के शेयरों में सबसे अधिक तेजी है। इसके अलावा एक्सिस बैंक, एसबीआईएन, बजाज फाइनैंस, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एलटी, एचडीएफसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टेक महिंद्रा, मारुति, इन्फोसिस, कोटक बैंक, आईटीसी, पावरग्रिड के शेयरों में अच्छी तेजी है। केवल टीसीएस और भारतीएयरटेल के शेयर लाल निशान में दिखे। 
इसी दौरान निफ्टी पर एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, बजाज फाइनेंस, एसबीआईएन के शेयर टॉप गेनर्स रहे तो यहां भी केवल भारती एयरटेल लाल निशान में था।
कोरोना वायरस महामारी रोकने को लेकर 21 दिन के बंद के आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिये वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम लोगों की मदद के लिये 1.70 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की। इस पैकेज में गरीब परिवार को अगले तीन महीने तक मुफ्त अनाज और रसोई गैस देना, महिलाओं और गरीब वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक मदद और कर्मचारियों को नकदी उपलब्ध कराना शामिल हैं।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, 'यह पैकेज लॉकडाउन से प्रभावित लोगों के लिये है। सरकार इन्हें प्राथमिकता दे रही है।' उन्होंने कहा कि उद्योग केंद्रित उपायों की घोषणा अगले पैकेज में की जा सकती है। लॉकडाउन को लागू करने में यह कारगर हो सकता है|
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💐(A/3)Covid-19 lockdown: दर्शकों के लिए खुशखबरी, जानें कब और कैसे टीवी पर देख पाएंगे रामानंद सागर की रामायण।💐


कोरोना वायरस के कहर के चलते पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को 21 दिन तक लॉकडाउन के आदेश दिए थे। इस आदेश के सामनेआने के बाद से ही सोशलमीडिया 
पर अचानक यूजर्स रामानंद सागर की रामायण और बीआर चोपड़ाकीमहाभारत के दोबारा प्रसारण की मांग करने लगे थे। ऐसे में उन सभी दर्शकों के लिएएक बड़ी खबर सामने आई है। जनता की मांग पर शनिवार 28 मार्च से 'रामायण' का प्रसारण पुनः दूरदर्शन के नेशनल चैनल पर शुरू होगा। पहला एपिसोड सुबह 9.00 बजे और दूसरा एपिसोड रात 9.00 बजे प्रसारित होगा । 
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने खुद इस बात की जान
कारी सोशल मीडिया पर दी है। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर रामानंद सागर की रामायण औरबीआरचोपड़ा की महाभारत को फिर से टेलिकास्ट करने की मांग की जा रही थी। ऐसे में उन सभी की इस मांग को पूरा करते हुए फिलहाल रामायण का प्रसारण दोबारासे शुरूकर दिया गया है।रामानंद सागर की रामा
-यण का प्रसारण साल1987 मेंपहली बार दूरदर्शनपर
 हुआ था।वहींबीआर चोपड़ाकी महाभारत का प्रसारण भी साल 1988 में पहली बार दूरदर्शन पर हुआ था।  रामायण और महाभारत को लोग इतने चाव से देखते थे कि सड़कों पर एक दम सन्नाटा होता था।इन धार्मिक कार्यक्रमों के प्रसारण के वक्त बाहर सड़कों का माहौल एकदमकर्फ्यू कीतरह ही होताथा।1987-88मेंरामायण
और महाभारत को लोग बड़े ही चाव से देखते थे। कहा जाता है कि उस दौर में अफसर से लेकर नेतातककिसी
से मिलनातो क्या किसी का फोन भी उठाना पसंद नहीं 
करते थे। 78 एपिसोड वाले रामायण का प्रसारण जब होता था तो देश की सड़कों और गलियों में कर्फ्यू जैसा सन्नाटा छा जाता था। भारत के तमाम शहरों और गांवों में रामायण के टेलीकास्टके समय लोगअगरबत्ती जला
कर बैठाकरतेथे।चप्पलेंकमरे केबाहर उतार दीजातीथीं।
गौरतलब है किरामायण में भगवान रामकाकिरदार 1अरुण गोविल ने निभाया था। वहीं सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका चिखलिया को आज भी सीता के रूप मेंहीयाद किया जाता हैइसके साथ ही दारा सिंह ने हनुमान का रोल निभाया था।वहीं रावण का रोलनिभा
कर अरविंद त्रिवेदी ने खासी लोकप्रियता बटोरी थी। 
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🌻(A/4)दिलीप कुमार और सायरा बानो ने खुद को कर लिया है अलग-थलग उन्हIशेयर किया ऑडियो मैसेज
दिलीप कुमार  और सायरा बानो  भी पूरी दुनिया के तरह कोरोनावायरस की वजह से एकदम अलग-थलग रह रहे हैं. सायरा बानो ने एक ऑडियो मैसेज अपने फैन्स के लिए शेयर किया है..सायरा बानो (Saira Banu) ने दिलीप कुमार (Dilip Kumar) और खुद को लेकर किया ट्वीट
                    ~💐💐खास बातें💐💐~
दिलीप और सायरा हैं सेल्फ क्वारंटीन में फैन्स के लिए
दिया मैसेज बताया अपनी सेहत के बारे में
नई दिल्ली: दिलीप कुमार और सायराबानो भी पूरी दुनिया के तरह कोरोनावायरस की वजह से एकदम अलग-थलग रह रहे हैं। सायरा बानो ने एक ऑडियो मैसेज अपने फैन्स के लिए शेयर किया है जो उन्होंने दिलीप कुमार  के ट्विटर एकाउंट से शेयर किया है. सायरा बानो इस ऑडियो मैसेज में अपने बारे में बता रही हैं कि वह एकदम ठीक-ठाक हैं।और अपना अच्छे ख्याल रख रहे हैं।इसके साथ ही वह सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रहते हुए सबसे अलग-थलग रह रहे हैं।. दिलीप कुमारऔर सायरा बानो के इस ट्वीट को खूब पढ़ा जा रहा हैऔर फैन्स के खूब रिएक्शन भी आ रहे हैं।सायरा बानोने ट्विटर पर लगभग एकमिनट का एक मैसेज शेयर किया है जिसमें वह कह रही हैं,'मैं उन सब लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूंजोहमें फोन कर रहे हैं।,व्हॉट्सऐप मैसेज करकेहमारे हालचाल जान रहे हैं। हम एकदम सही हैं और सबसे अलग-थलग होकर रह रहे है।जैसा कि करना चाहिए,बिल्कुल अलग-थलग होकेबैठे हैं हम लोग।हमकिसी से नहीं मिल रहेहैं। खूब ध्यान रख रहे हैं खुदा हमारे और आप सबके साथ है।.'


दिलीपकुमार व सायराबानो भी आइसोलेशन में हैं और
उनकीहेल्थ कोलेकर लगातारअपडेटआते रहतेहैंसायरा
बानोकाफी समय पहले हीबॉलीवुड एक्टरदिलीपकुमार 
को सबसे अलग-थलग ले गई थीं। कोरोनावायरस के कहर के शुरू होते ही, उन्हें आइसोलेशन में रख दिया था।. दिलीप कुमार  ने कोरोनावायरस  को लेकर कुछ समय पहले ट्वीट किया था, "मुझे कोरोनावायरस के कारण पूरी तरह से अलग-थलग रखा गया है. सायरा  यह सुनिश्चित करने का ऐसा कोई भी मौका नहीं छोड़ रही ही कि कहीं मुझे कोई इंफेक्शन न हो गया हो." इस तरह दिलीप कुमार न बताया था कि उनकी पत्नी और बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस सायरा बानो पूरी तरह से उनका ध्यान रख रही हैं. बता दें कि 97 वर्षीय दिलीप कुमार की तबीयत लंबे समय से खराब चल रही हैं।
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    🌻(B)आज के दिन जन्मे प्रसिद्ध लेखक     
           गोरख प्रसाद  का जीवन परिचय 🌻


                     गोरख प्रसाद
पूरा नाम:-     गोरख प्रसाद
जन्म:-          28 मार्च, 1896
जन्म भूमि:-   गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
मृत्यु:-           5 मई, 1961
मृत्यु स्थान:-   वाराणसी
कर्म भूमि:-    भारत
मुख्य रचनाएँ:-'फलसंरक्षण', 'लकड़ी पर पालिश', 'सरल विज्ञानसागर', 'आकाश की सैर', 'सूर्यसारिणी', 'चंद्रसारिणी' तथा 'भारतीय ज्योतिष का इतिहास' आदि।भाषा:-        हिन्दी
विद्यालय:-  काशी हिंदू विश्वविद्यालय
शिक्षा:-       एम.एस-सी., डी.एस-सी. की उपाधि:-     (1924)
पुरस्कार- उपाधि'मंगला प्रसादपारितोषिक' 
(1931), 'डॉ. छन्नूलाल पुरस्कार', 'ग्रीब्ज़ पदक' तथा 'रेडिचे पदक'।
प्रसिद्धि:-    हिन्दी विद्वान् तथा लेखक
नागरिकता:-भारतीय
अन्य जानकारी:-गोरख प्रसाद ज्योतिष
 और खगोल के प्रकांड विद्वान् थे।
 21 जुलाई, 1925 ई. से प्रयाग विश्वविद्यालय के गणित विभाग में रीडर के पद पर कार्य किया।
                     गोरखप्रसाद 
अंग्रेज़ी: GorakhPrasad, 
जन्म:-28 मार्च, 1896, 
गोरखपुर; मृत्यु- 5 मई, 1961, वाराणसी) गणितज्ञ, 'हिंदी विश्वकोश' के संपादक तथा हिंदी में वैज्ञानिक साहित्य के लब्धप्रतिष्ठ और बहुप्रतिभ लेखक थे। ज्योतिष और खगोल के वे प्रकांड विद्वान् थे। आप 'हिंदी साहित्य सम्मेलन' के परीक्षामंत्री भी कई वर्ष तक रहे। गोरख प्रसाद काशी (वर्तमान बनारस) में 'हिंदी सहित्य सम्मेलन' के 28वें अधिवेशन में विज्ञान परिषद के अध्यक्ष थे। 'बनारस मैथमैटिकल सोसायटी' के भी आप अध्यक्ष रहे थे। हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा 1931 ई. में 'फोटोग्राफी' ग्रंथ पर इनको'मंगलाप्रसाद पारितोषिक' मिला था।
             🌻जीवन परिचय🌻
गोरख प्रसाद का जन्म 28 मार्च, 1896 ई. को गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। सन 1918 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इन्होंने एम.एस-सी. परीक्षा उत्तीर्ण की। ये डॉ. गणेश प्रसाद के प्रिय शिष्य थे। उनके साथ इन्होंनेसन1920 तकअनुसंधान कार्य किया। महामना पं. मदनमोहन मालवीय जी की प्रेरणा से ऐडिनबरा गएऔर1924
 में गणित की गवेषणाओं पर वहाँ के विश्व
-विद्यालय से डी.एस-सी. की उपाधि प्राप्त की। 21 जुलाई, 1925 ई. से प्रयाग विश्व
-विद्यालय के गणित विभाग में रीडर के पद पर कार्य किया। वहाँ से 20 दिसंबर,
1957 ई.मेपदमुक्त होकर नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा संयोजित 'हिंदी विश्वकोश' का संपादनभारग्रहण किया।सन 1952 से 59
तक विज्ञान परिषद(प्रयाग)के उपसभापति
और सन1960 से मृत्यु पर्यंत तक उसके सभापति रहे।हिंदी साहित्य सम्मेलन के
परीक्षा मंत्री भी कई वर्ष तक रहे। काशीमें हिंदी साहित्य सम्मेलन के28 वेंअधिवेशन
में विज्ञान परिषद केअध्यक्ष थे।बनारस
मैथमैटिकल सोसायटी के भी आप अध्यक्ष रहे।भारतकोश प्रांगण भारतकोश सम्पाद
कीय कॅलण्डर, प्रश्नोत्तरी,गोरख प्रसाद पुस्तकें :-फलसंरक्षण (1937)
 उपयोगी नुस्खे (1939)
 तर्कीबें और हुनर (1939)
 लकड़ी पर पालिश (1940)
 घरेलू डाक्टर (1940)
 तैरना (1944) 
सरल विज्ञानसागर (1946) 
गोरख प्रसाद ज्योतिष और खगोल के प्रकांड विद्वान् थे। इन पर इनकी 'नीहारिका' (1954),
 'आकाश की सैर' (1936), 'सूर्य' (1959), 
'सूर्यसारिणी' (1948), 'चंद्रसारिणी' (1945) 
और 
'भारतीय ज्योतिष का इतिहास' (1956) 
पुस्तकें हैं
। अंग्रेज़ी में गणित पर बी. एस-सी. स्तर के कई पाठ्य ग्रंथ हैं, जिनमें 'अवकलन गणित' (Differential Calculus), 
तथा 'समाकलन गणित' (Integral Calculus) हैं।
 इनका संबंध अनेक साहित्यिक एवं वैज्ञानिक संस्थाओं से था। 
सम्मान हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा 1931 ई. में 'फोटोग्राफी' ग्रंथ पर गोरख प्रसाद को 'मंगला प्रसाद पारितोषिक' मिला। 
संवत्‌ 1989 (सन 1932-33 ई.) में काशी नागरी प्रचारिणी सभा से उनकी पुस्तक 'सौर परिवार' पर डॉ. छन्नूलाल पुरस्कार, ग्रीब्ज़ पदक तथा रेडिचे पदक मिले। निधन गोरख प्रसाद जी की 5 मई, 1961 ई. को वाराणसी में अपने नौकर की प्राणरक्षा के प्रयत्न मे उनका निधन हो गया।
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    🌻(C)आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ🌻


1969 - सं.रा. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति आइजनहावर का निधन।
2000 - वेस्टइंडीज के कोर्टनी वाल्स ने 435 विकेट लेकर कपिल देव का रिकार्ड तोड़ा।
2005 - इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में शक्तिशाली भूकम्प से भारी तबाही। 2006 - अमेरिका ने पाकिस्तान के पेशावर में स्थित अपना वाणिज्य दूतावास बंद किया। 
2007 - अमेरिका में सीनेट ने इराक से सेना वापसी को मंजूरी प्रदान की। 
2008 - केन्द्र सरकार ने चालीस उत्पादों के निर्यात से रियासतें समाप्त करने की घोषणा की। आस्कर विजेता व पटकथा लेखक ऐबीमैन का निधन।
2011- देश में बाघों की संख्या बढ़ी। वर्ष 2006 में इनकी संख्या 1411 थी जो 21 फ़ीसदी बढ़कर 1706 हो गई है।
 2015- साइना नेहवाल दुनिया की नंबर एक महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं।
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🌻(D) आज के दिन जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व🌻


1896 - गोरख प्रसाद - गणितज्ञ, हिंदी विश्वकोश के संपादक तथा हिंदी में वैज्ञानिक साहित्य के बहुप्रतिभ लेखक थे।
 1972 - एबिय जे जोस, भारतीय पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता। 
1982 - सोनिया अग्रवाल, भारतीय अभिनेत्री। 
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  💐 (E) आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व💐
   
1552: सिक्खों के दूसरे गुरु का गुरु अंगद देव का      
              निधन.
1941:  भारतीय पुलिस आयुक्त का कावासजी 
             जमशेदजी पेटिगारा निधन.
1943:  स्वतंत्रता कार्यकर्ता एस सत्यमूर्ति का निधन 
1959 : दक्षिण भारत के एक प्रमुख राजनैतीक 
            कार्यकर्त्ता काला वेंकटराव का निधन.  
1969   सयुंक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति  
              आइजनहावर का निधन।
2008 -आस्कर विजेता व पटकथा लेखक ऐबीमैन 
              का निधन।


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     💐(F) आज का दिन/ दिवस का नाम
 (1)  चैत्रीय नवरात्री  में चतुर्थ  दिन कुष्मांडा देवी के स्वरूप का दिन।
 (2) कोरोना वायरस के 21 दिन के जनताकर्फ्यू ,लॉक डाउन का भी 4 था दिन -17 दिन और बाकी।
 (3) अमेरिका के पाकिस्तान में वाणिज्य दूतावास बंद होने का दिन ।
(4)इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में शक्तिशाली भूकम्प से भारी तबाही की वर्षगांठ।
(5): सिक्खों के दूसरे गुरु का गुरु अंगद देव की पुण्यतिथि   दिवस।
(6) आस्कर विजेता व पटकथा लेखक ऐबीमैन 
      की पुण्यतिथी दिवस
(7) गोरख प्रसाद - गणितज्ञ, हिंदी विश्वकोश के   
     संपादक रहे उनकी जयंती।
(8) सोनिया अग्रवाल, भारतीय अभिनेत्री का 
     जन्मदिवस।
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       आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।
💐।जय चित्रांश।💐
💐जय महाकाल,बोले सो निहाल💐
💐।जय हिंद जय भारत💐


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