आज की बात आपके साथ - विजय निगम

प्रिय साथियो,
🌻राम-राम 🌻
 🌻नमस्ते।🌻


      आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का 21दिवसीय रोकथाम के सफल सांतवे दिन दिनांक 31 मार्च मंगलवार 2020 की प्रातः की बेला में चैत्र नवरात्रि पर्व के सप्तम दिन कालरात्रि देवी/ कालिका देवी के स्वरुप दिवस पर सभी देवी के घर पर विरजित साहसी भक्तो का श्री  कालरात्रि/ कालिका दिवस पर  हार्दिक बधाई, हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है। 
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     💐आज की बात आपके साथ  अंक मे है 💐
A कुछ रोचक समाचार 
B आज के दिन जन्मेभारतीय राजनीतिज्ञ एवं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री.शिला दिक्षित.का  जीवन परिचय  लेख. ।
C आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व
E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
F आज का दिवस का नाम ।
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          A कुछ रोचक समाचार
  🌻(A/1)ब बॉलीवुड की बड़ी मदद, अब तक इतने करो़ड़ किए हैं दान|
🌻(A/2कमलनाथ सरकार में अधूरा रहा सिंधिया का अरमान, क्या शिवराज सरकार में होगा साकार|
🌻(A/3)  नोएडा पहुंचे थे सीएम योगी 
🌻(A/4) मंदिर न आएं भक्तमंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष गोवर्धन शर्मा ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे अपने घर पर ही रहकर आरती करें।
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  🌻(A) कुछ रोचक समाचार(विस्तृत)🌻
🌻(A/1) बॉलीवुड की बड़ी मदद, अब तक इतने करो़ड़ किए हैं दान|
लॉक डाउन में  भारत के डॉक्टर्स के साथ हमारी सरकार भी लगी हुई है. देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लगाया गया है. इसके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM-Cares Fund की शुरुआत की. Emergency Situations यानी
इस फंड के जरिए पीएम मोदी ने जनता से गरीबों की मदद के लिए पैसे जमा करने के लिए आग्रह किया है. ऐसे में कई बॉलीवुड और टीवी स्टार्स सरकार की इस पहल में उनका साथ दे रहे हैं.
कई स्टार्स ने लाखों-करोड़ों रुपये दान करने का फैसला किया है. आइए आपको बताते हैं उनके बारे में:
अक्षय कुमार ने पीएम केयर्स फंड में 25 करोड़ रुपये दान करने का ऐलान किया है. वे कोरोना से लड़ाई के लिए जनता को जागरूक भी कर रहे हैं
अनुष्का शर्मा भले ही पति विराट कोहली संग सेल्फ क्वारनटीन में अपने दिनों को एन्जॉय कर रही हों, लेकिन वे भी चाहती हैं कि कोरोना वायरस जल्द से जल्द चला जाए. गरीबों की मदद के लिए अनुष्का ने पति विराट कोहली संग मिलकर पीएम के फंड को सपोर्ट करने का ऐलान किया है.
उन्होंने अपने अमाउंट के बारे में तो नहीं बताया लेकिन खबर है कि विराट और अनुष्का 3 करोड़ रुपये दान कर रहे हैं.
नागिन एक्टर अर्जुन बिजलानी ने पीएम केयर्स फंड में 5 लाख रुपये दान किए हैं. उन्होंने इस बात का ऐलान करते हुए ट्वीट में लिखा, 'मुझे पता है कि ये समन्दर में एक बूंद जैसा है लेकिन हर बूंद इस समय जरूरी है.'
आयुष्मान खुराना ने भी पिम केयर्स फंड को सपोर्ट करने का ऐलान किया है. उन्होंने अमाउंट बताने के बजाए ये कहा कि वे जितनी मदद हो सकती है करेंगे
बॉलीवुड सिंगर और रैपर बादशाह ने भी पीएम केयर्स फंड में 25 लाख रुपये दान करने का ऐलान किया है. उन्होंने लिखा कि मैंने अपने देश को और ताकतवर बनाने के लिए ये पैसे दे रहा हूं.
म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज के मालिक और फिल्म प्रोड्यूसर भूषण कुमार ने पिमेम केयर्स फंड में 11 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है.
भूषण के अलावा प्रोड्यूसर करण जौहर ने भी पीएम केयर्स फंड में दान करने का ऐलान किया है. लेकिन उन्होंने अमाउंट का खुलासा नहीं किया है.
ऋतिक रोशन भी कोरोना से लड़ाई में आगे आए हैं. उन्होंने मास्क बनाने के लिए 20 लाख रुपये दान किए हैं.
कॉमेडियन कपिल शर्मा भी कोरोना वायरस से जंग में योगदान दे रहे हैं. वे पीएम केयर्स फंड में 50 लाख रुपये दान कर रहे हैं.
एक्टर और होस्ट मनीष पॉल ने पीएम केयर्स फंड में 20 लाख रुपये देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि वे अपनी बचत की हुई कमाई से दान दे रहे हैं.
कार्तिक आर्यन जनता को उन्हीं की भाषा में जागरूक कर रहे हैं. उन्होंने कुछ दिन पहले कोरोना मोनोलॉग बनाया था. अब उन्होंने पीएम केयर्स फंड में 1 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है.
बॉलीवुड और टीवी ही नहीं बल्कि साउथ इंडस्ट्री के स्टार्स भी कोरोना से लड़ने के लिए दान देने का ऐलान कर चुके हैं. बाहुबली प्रभास ने आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के चीफ मिनिस्टर रिलीफ फंड में 50-50 लाख रुपये दान करने का वादा किया है.
राजकुमार राव ने पीएम केयर्स फंड, जोमेंटो फीडिंग इंडिया और चीफ मिनिस्टर रिलीफ फंड में पैसे दान किए हैं. हालांकि उन्होंने अमाउंट का खुलासा नहीं किया है
रवि किशन अपनी तरफ से बड़ी कोशिशें कर रहे हैं. उन्होंने पीएम केयर्स फंड में अपनी एक महीने की सैलरी का दान किया है. इसी के साथ उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के तकनीशियनों को राशन भी बांटा
टीवी एक्ट्रेस रुबीना दिलैक ने पीएम केयर्स फंड में 4 लाख रुपये का दान दिया है.
 (FWICE) के मुताबिक, सलमान खान ने इंडस्ट्री के 25000 दिहाड़ी मजदूरों को आर्थिक रूप से मदद करने का प्रण लिया है. सलमान खान का बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन दिहाड़ी मजदूरों की मदद को आगे आया है. बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन ने कहा कि वे उन सभी मजदूरों का ख्याल रखेंगे. उन्होंने इन 25000 मजदूरों की अकाउंट डिटेल्स मांगीं हैं, क्योंकि वे चाहते हैं कि मदद के पैसे सीधा मजदूरों के पास पहुंचे.
वरुण धवन ने कोरोना ने लड़ाई के लिए पीएम केयर्स फंड को 30 लाख रुपये देने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा देश है तो हम हैं.
साउथ सुपरस्टार महेश बाबू ने कोरोना से लड़ने वाली चैरिटी को दिहाड़ी मजदूरों की मदद करने के लिए 25 लाख रुपये दान करने का ऐलान किया है. साथ ही उन्होंने अपने साथियों से भी दान करने का आग्रह किया.|
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 🌻(A/2)कमलनाथ सरकार में अधूरा रहा सिंधिया का अरमान,क्या शिवराज सरकार में होगा साकार💐?


ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने चहेते तुलसी सिलावट को कांग्रेस सरकार में उप-मुख्यमंत्री बनवाना चाहते थे, लेकिन सत्ता की कमान कमलनाथ के हाथों में होने के चलते यह अरमान पूरा नहीं हो सका है. अब मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह सरकार में सिंधिया अपने करीबी तुलसी सिलावट को डिप्टी सीएम बनाने में कामयाब रहते हैं या नहीं|.
💐ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान
कोरोना लॉकडाउन के बाद शिवराज कैबिनेट का होगा गठन💐
सिंधिया अपने करीबी तुलसीराम को डिप्टी सीएम बनवा पाएंगे?
मध्य प्रदेश में सियासी इतिहास खुद को दोहरा रहा है. 52 साल पहले द्वारिका प्रसाद मिश्र की कांग्रेसी सरकार गिराने के बाद राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने गोविंद नारायण सिंह की सरकार में जिस तरह अपना असर कायम किया था, क्या कमलनाथ सरकार गिराकर शिवराज सिंह चौरान सरकार की इबारत लिखने वाले राजमाता के पौत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया वैसा ही असर दिखा पाएंगे?
ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने चहेते तुलसी सिलावट को कांग्रेस सरकार में उप-मुख्यमंत्री बनवाना चाहते थे, लेकिन सत्ता की कमान कमलनाथ के हाथों में होने के चलते यह अरमान पूरा नहीं हो सका. अब मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह सरकार में सिंधिया के पसंदीदा अफसर की तैनाती तो उनके मर्जी के जिलों में होने लगी है. वहीं, सिंधिया चाहते हैं कि जो कमलनाथ सरकार में नहीं हुआ, वह शिवराज सरकार में हो जाए और तुलसी सिलावट को शिवराज कैबिनेट में डिप्टी सीएम पद से नवाजा जाए.
बता दें कि कमलनाथ सरकार गिराने में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ नरोत्तम मिश्रा की भी बेहद अहम भूमिका रही है. इसी के चलते नरोत्तम मिश्रा भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में थे, लेकिन शिवराज की ताजपोशी के बाद अब कैबिनेट में जगह मिलना तय है. हालांकि, देखने वाली बात यह होगी कि वह डिप्टी सीएम के पद से नवाजे जाएंगे या फिर नहीं है.
मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार की सत्ता से विदाई की इबारत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिखी थी, जिसके चलते छह मंत्रियों समेत 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद मध्य प्रदेश में शिवराज को सरकार बनाने का अवसर मिला. अब सिंधिया चाहते हैं कि जो कमलनाथ सरकार में नहीं हुआ, वह शिवराज सरकार में हो जाए.
सूत्रों की मानें तो सिंधिया को खुश करने के लिए बीजेपी तुलसी सिलावट को डिप्टी सीएम बनाने का दांव चल सकती है. कमलनाथ सरकार से बगावत ही सिंधिया समर्थक विधायकों और मंत्रियों ने इसीलिए की थी कि उनके समर्थकों को कैबिनेट में खास तवज्जो मिले.
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने खुद भी इस बात को स्वीकारा था कि 2018 में सरकार गठन के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्य प्रदेश में डिप्टी सीएम के पद का ऑफर मिला था, लेकिन सिंधिया खुद उपमुख्यमंत्री बनने के बजाय अपने करीबी तुलसीराम सिलावट को बनाना चाहते थे. इस बात को तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वीकार नहीं किया था, लेकिन उनके करीबियों को कैबिनेट में जगह दी गई थी.
कोरोना संकट के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कह दिया है कि अभी मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं होगा. पर जब भी मंत्रिमंडल का गठन होगा तो कांग्रेस से बगावत कर शिवराज सरकार के गठन में सहयोग करने वाले पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों की किस्मत का भी ताला जरूर खुलेगा. हालांकि, इनकी किस्मत की चाबी सिंधिया के ही हाथ में होगी.
इस लिहाज से तुलसी सिलावट के अलावा पिछली सरकार में मंत्री रहे गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रभुराम चौधरी और इमरती देवी को शिवराज कैबिनेट में मौका मिल सकता है. सिंधिया समर्थक बागी मंत्री पुराने महकमों से बेहतर विभाग चाह रहे हैं. सिंधिया अपनी 'पसंद-नापसंद' से बीजेपी को पहले ही 'अवगत' करा चुके हैं. हालांकि यह देखना होगा कि नई परिस्थितियों में तुलसीराम सिलावट को डिप्टी सीएम बनाने में कामयाब रहते हैं या फिर नहीं?
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 🌻(A/3) नोएडा पहुंचे थे सीएम योगी 💐
एक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नाराज नजर आए
सीजफायर कंपनी की तालाबंदी नहीं करने पर हुए नाराज
डीएम बीएन सिंह व सीएमओ अनुराग भार्गव को फटकार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना वायरस से निपटने के प्रयास के बीच सोमवार को ग्रेटर नोएडा पहुंचे. इस दौरान उन्होंने ग्रेटर नोएडा में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की. समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नाराज नजर आए और अफसरों को जमकर फटकारा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यवस्था को लेकर गौतमबुद्ध नगर के डीएम बीएन सिंह, सीएमओ अनुराग भार्गव को मीटिंग में जमकर फटकारा. बताया जा रहा है कि सीजफायर कंपनी की तालाबंदी नहीं करने पर जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री ने फटकार लगाई|.
मुख्यमंत्री सीजफायर कंपनी पर कार्रवाई न होने से नाराज थे. उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि वे दो महीने से क्या कर रहे थे? कंट्रोल रूम के सही से काम न करने पर भी मुख्यमंत्री नाराज दिखे और अफसरों को फटकार लगाई. बता दें कि उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में अभी तक कोरोना पॉजिटिव के सबसे ज्यादा केस मिले हैं.
    💐सीजफायर कंपनी का क्या है मामला💐
असल में नोएडा चीफ मेडिकल (CMO) ऑफिसर ने सीजफायर कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत दी थी. शिकायत में कहा गया था कि सीजफायर कंपनी में विदेश से कई व्यक्तियों के आने की वजह से नोएडा के कई सेक्टरों में कोरोना का संक्रमण फैला और फिर महामारी फैल गई. इसलिए कंपनी के खिलाफ एक्शन लिया जाए. इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है.
कोविड-19 महामारी को लेकर जिला प्रशासन ने संक्रमण को फैलाने पर एक कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया है. बताया जा रहा है कि कंपनी के प्रबंध निदेशक 1 मार्च को ब्रिटेन से लौटे थे जबकि 7 मार्च को उसी कंपनी के स्टॉफ ऑफिसर लौटे थे.
विदेशी ऑडिटर ने कंपनी का ऑडिट किया था. लेकिन कंपनी ने ये सारी बातें छिपाई थीं. इसी कंपनी और उनकी फैमिली के 13 लोगों में संक्रमण हुआ था. ये सब जानकारी स्वास्थ्य विभाग से छिपाने के कारण जिला अधिकारी ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे
 🌻💐🌸💮🏵🌹🌺🌲🌱⚘ 🌻💐🌸💮🌷🌻💐(A/4)मंदिर न आएं भक्तमंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष गोवर्धन शर्मा ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे अपने घर पर ही रहकर आरती करें।💐
  अब तक देश भर में लॉकडाउन की स्थिति है, तब तक मंदिर में दर्शन करने भी न आएं। कोरोना के मद्देनजर मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार भक्तों के लिए बंद रखा गया है। इन दिनों नवरात्रि में मात्र पुजारी ही पूजा की परंपरा निभा रहे हैं।
    💐अष्टमी हवन में भक्त नहीं दे सकेंगे आहुति💐
राजधानी के सभी देवी मंदिरों में इस बार अष्टमी हवन पर आहुति देने भक्तों की भीड़ नहीं उमड़ेगी। आचार्य और मुख्य यजमान ही हवन करेंगे। हवन के दौरान भी भक्तों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
        💐नहीं निकलेगी जोत-जंवारा यात्रा💐
हर साल नवमीं तिथि पर शहर के मंदिरों और घर-घर में प्रज्वलित भक्तों की आस्था जोत का विसर्जन कंकाली तालाब में किया जाता है। धूमधाम से जंवारा यात्रा निकाली जाती है, मन्नतधारी भक्तगण अपने गालों, हाथों, सीने को तीरों, भालों से छिदवाकर सांग-बाणा धारण कर निकलते हैं। इस बार नवमीं तिथि पर जंवारा यात्रा भी नहीं निकाली जाएगी।
    💐कन्या पूजन में नहीं बुलाएंगे कन्याओं को💐
मंदिरों और घर-घर में नवमीं पर माता को भोग अवश्य लगेगा लेकिन इस बार ऐहतियात के तौर पर कन्याओं को भोजन करवाने नहीं बुलाया जाएगा। परिवार के सदस्यों को ही माता का प्रसाद अर्पित किया जाएगा।
               💐अष्टमी हवन मुहूर्त💐
💐रात्रि 11.30 से पूर्णाहूति रात्रि 3.40 बजे तक💐
    💐घर में पूजन-हवन में करें इस्तेमाल💐
पुजारी चंद्र मोहन शुक्ला के अनुसार घर में पूजा करने के लिए चावल, सुपारी, रोली, मौली, जौ, सुगंधित पुष्प, केसर, सिंदूर, लौंग, इलायची, पान, सिंगार सामग्री, दूध-दही,गंगाजल, शहद, शक्कर, शुद्घ घी, वस्त्र, आभूषण, विल्बपत्र, जनेऊ, मिट्टी का कलश, मिट्टी का पात्र, दूर्वा, इत्र, चंदन, चौकी, लाल वस्त्र, धूप- दीप, फूल, नैवेद्य, अबीर, गुलाल, स्वच्छ मिट्टी, थाली, कटोरी, जल, ताम्र कलश, रुई, नारियल आदि रखें।
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      🌻(B)आज के दिन जन्मी शीलादीक्षितका जीवन परिचय 🌻
 भारतीय राजनीतिज्ञ एवं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री
शीला दीक्षित (31 मार्च 1938–20 जुलाई 2010) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थीं, जो 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही। इसके अतिरिक्त 11 मार्च 2014 से25अगस्त 2014 तक वह भारत
 के केरल राज्य की राज्यपाल, 1984 से 1989 तक कन्नौज से सांसद, और 10 जनवरी 2019 से अपनी मृत्यु तक दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष रही।
            🌻 शीला दीक्षित🌻
           🌻राज्यपाल, केरल🌻
कार्यकाल:-11 मार्च 2014 -25 अगस्त
 2014 पूर्व अधिकारी निखिल कुमार
          🌻 मुख्यमंत्री, दिल्ली🌻
कार्यकाल:-1998-2013पूर्व अधिकारी
श्रीमती सुषमा स्वराज
उत्तराधिकारी:-अरविंद केजरीवाल
जन्म:-31 मार्च 1938
जन्मस्थल:-कपूरथला,पंजाब,ब्रिटिशभारत
मृत्यु:-20 जुलाई 2019
दिल्ली, भारत
राजनैतिकपार्टी:-भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
जीवन संगी:-विनोद दीक्षित
संतान:- 2
दीक्षित 15 साल केअंतराल के लिए राष्ट्रीय
राजधानी क्षेत्र दिल्ली राज्य की मुख्यमंत्री
थी। वे दिल्ली की दूसरी महिला मुख्य मंत्री थीं,व देश की पहलीऐसी महिला मुख्यमंत्री थीं जिन्होंनेलगातार तीन बार मुख्यमंत्रीपद
संभाला।इनको 17 दिसंबर 2008 में लगा
तार तीसरी बार दिल्ली विधान सभा के लिये चुना गया था। 2013 में हुए विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। केरल के राज्‍यपाल श्री निखिल कुमार के त्‍यागपत्र देने के पश्चात् उनकी नियुक्ति इस पद पर की गई थी, हालाँकि, उन्होंने 25 अगस्त को ही इस पद से त्यागपत्र दे दिया। 2017 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांगेसपार्टी की मुख्यमंत्रीपदलिये उम्मीद
वार घोषित की गई थीं,परन्तु बादमें उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। इसके पश्चात 10 जनवरी 2019 को उन्हें दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष घोषित किया गया। उनका निधन शनिवार 20 जुलाई, 2019 को दिल्ली के एस्कोर्ट अस्पताल में हो गया।
               🌻 जीवनी🌻
         🌻 प्रारम्भिक जीवन🌻
शीला दीक्षित (विवाह पूर्व: कपूर) का जन्म 31 मार्च 1938 
पंजाब के कपूरथला नगर में एक पंजाबी खत्री परिवार में हुआ था। इन्होंने अपनी शिक्षा दिल्ली के कान्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से ली। बाद में स्नातक और कला स्नातकोत्तर की शिक्षा मिरांडा हाउस कालेज से ली।
          💐   राजनीतिक कैरियर💐
1970 के दशक की शुरुआत में, दीक्षित यंग वीमेन एसोसिएशन की अध्यक्ष थीं और तब उन्होंने दिल्ली में कामकाजी महिलाओं के लिए दो बड़े छात्रावासों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थीं। 1978 से1984 के बीच, वह कपड़ा निर्यातकर्ता संघ (गार्मेंट्स एक्स्पोर्टर्स एसोसियेशन) के कार्यपालक सचिव पद पर भी रही।
1984 के आम चुनावों में दीक्षित ने उत्तर प्रदेश के कन्नौज लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, जिसमें उन्होंने लोक दल प्रत्याशी छोटे लाल यादव को 61815 मतों से पराजित किया   कन्नौज में उनके द्वारा किये गए प्रमुख विकास कार्यों में हरदोई को जिले से जोड़ने के लिए गंगा नदी पर पुल का निर्माण, तिर्वा में दूरदर्शन रिले सेंटर की स्थापना, टेलीफोन एक्सचेंज का मैनुअल से आटोमेटिक में परिवर्तन, तथा लाख बहोसी पक्षी विहार एवं मकरंदनगर में विनोद दीक्षित अस्पताल का निर्माण इत्यादि शामिल हैं।
संसद सदस्य के कार्यकाल में, इन्होंने लोक सभा की एस्टीमेट्स समिति के साथ कार्य किया, और भारत की स्वतंत्रता के चालीसवें वर्ष और जवाहरलाल नेहरू शताब्दी के कार्यान्वयन के लिए कार्यान्वयन समिति की अध्यक्षता भी की। उन्होंने पांच साल (1984-1989) के लिए महिलाओं की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र आयोग में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके अतिरिक्त 1986-1989 के दौरान वे तत्कालीन राजीव गांधी मंत्रिपरिषद का हिस्सा भी रहीं - उन्होंने पहले संसदीय मामलों की राज्य मंत्री और बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया।
1989 में हुए आम चुनावों में दीक्षित को अब जनता पार्टी के प्रत्याशी छोटे लाल यादव के हाथों 53833 मतों से हार का सामना करना पड़ा था। तत्प्श्चात, अगस्त 1990 में, दीक्षित और उनके 82 सहयोगियों को उत्तर प्रदेश में 23 दिनों के लिए राज्य सरकार द्वारा जेल में डाल दिया गया, जब उन्होंने महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ एक आंदोलन का नेतृत्व किया। 1998 में दीक्षित को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। उसी वर्ष हुए आम चुनावों में, उन्होंने पूर्वी दिल्ली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से एक बार फिर चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें भारतीय जनता पार्टी के लाल बिहारी तिवारी के हाथों 45652 मतों से पराजय का सामना करना पड़ा था।
आम चुनावों में हार के बाद, दीक्षित ने 1998 में दिल्ली के विधान सभा चुनावों की ओर रुख किया, और गोल मार्किट निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा, जहाँ उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी, कीर्ति आज़ाद को 5663 मतों से पराजित किया। कांग्रेस ने उस वर्ष दिल्ली में 70 में से 52 सीटें जीती थी, और तब शीला दीक्षित ने मदन लाल खुराना की उत्तराधिकारी के रूप में दिल्ली की छठी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। सुषमा स्वराज के बाद वह दिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री थी 2003 के विधानसभा चुनावों में भी दीक्षित ने गोल बाजार विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, और भाजपा प्रत्याशी, पूनम आज़ाद को 12935 मतों से पराजित कर दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल जारी रखा।
2008 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में दीक्षित ने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी, विजय जौली को13982 मतों से पराजित किया। इन चुनावों में दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस ने दिल्ली की 70 में से 43 सीटें जीती, और इस बदौलत दीक्षित लगातार तीसरी बार दिल्ली की मुख्यमंत्री बनी। 2013 के दिल्ली विधान सभा चुनाव में उनकी पार्टी का सफाया हो गया और आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में25864 मतों के अंतर से चुनाव जीता। उन्होंने 8 दिसंबर 2013 को मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया, लेकिन 28 दिसंबर 2013 को नई सरकार के शपथ ग्रहण तक दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनी रही।
मार्च 2014   में केरल के राज्‍यपाल श्री निखिल कुमार के त्‍यागपत्र देने के पश्चात दीक्षित को केरल के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया था, लेकिन पांच महीने बाद 25 अगस्त को ही उन्होंने इस पद से त्यागपत्र दे दिया 2017 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में पहले दीक्षित को कांगेस पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार के तौर पर घोषित किया गया था, परन्तु बाद में कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के गठबंधन के बाद उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। इसके पश्चात 10 जनवरी 2019 समिति की अध्यक्ष घोषित किया गया। 2019 के आम चुनावों में उन्होंने दिल्ली के उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें भाजपा प्रत्याशी मनोज तिवारी के हाथों 3.66 लाख मतों से पराजय का सामना करना पड़ा।
                   💐अन्य कार्य💐
दीक्षित इंदिरा गाँधी स्मारक ट्रस्ट की सचिव भी थी, जो शांति, निशस्त्रीकरण एवं विकास के लिये इंदिरा गाँधी पुरस्कार प्रदान करता है, व विश्वव्यापी विषयों पर सम्मेलन आयोजित करता है। इनके संरक्षण में ही, इस ट्रस्ट ने एक पर्यावरण केन्द्र भी खोला। वह हस्तकला व ग्रामीण कलाकारों व कारीगरों के उत्थान में भी विशेष रुचि लेतीं थी। ग्रामीण रंगशाला व नाट्यशालाओं का विकास, उनका विशेष कार्य रहा।
                 💐व्यक्तिगत जीवन💐
शीला दीक्षित का विवाह प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी तथा पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल उमा शंकर दीक्षित के पुत्र विनोद दीक्षित से हुआ था। विनोद मूलतः उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के उगु गाँव से थे, और भारतीय प्रशासनिक सेवा में एक अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। एक रेल यात्रा के दौरान हृदयाघात से उनका निधन हो गया।
दीक्षित की दो संतानें हैं, एक पुत्र व एक पुत्री। उनके पुत्र संदीप दीक्षित पूर्वी दिल्ली से 15 वीं लोकसभा के पूर्व सदस्य हैं। दीक्षित की नवंबर 2012 में एंजियोप्लास्टी हुई थी, और उनका नियमित रूप से फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में इलाज चलता था। 2018 में भी फ्रांस के लिले में स्थित यूनिवर्सिटी अस्पताल में उनकी हृदय की सर्जरी हुई थी।
                 💐   मृत्यु 💐
19 जुलाई 2019 की सुबह दीक्षित ने सांस में परेशानी की शिकायत की, और उनका दिल भी सामान्य से तेज़ धड़क रहा था। उन्हें तुरंत एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट ले जाया गया, लेकिन बीच रास्ते में ही हृदयाघात होने के कारण उनकी धड़कनें रुक गयी - भर्ती होने के बाद कुछ ही क्षणों में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।उनकी स्थिति थोड़े समय के लिए स्थिर हो गई थी, हालांकि वह कई दौरों से उबर नहीं पाई। शीला दीक्षित का निधन 81 वर्ष की आयु में 20 जुलाई 2019 को 03.55 बजे हुआ। शीला दीक्षित की पार्थिव देह को पूर्वी निजामुद्दीन स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। दिल्ली सरकार ने उनकी मृत्यु पर दिल्ली में दो दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया।
                 💐 विवाद💐
2009 में, दिल्ली के लोकायुक्त (भ्रष्टाचार-विरोधी लोकपाल) ने एक भाजपा कार्यकर्ता, अधिवक्ता सुनीता भारद्वाज द्वारा दायर एक शिकायत की जांच की - कि दीक्षित ने जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के तहत केंद्र सरकार से राजीव रतन अवास योजना के लिए प्राप्त 3.5 करोड़ रुपये का राजनीतिक विज्ञापन देने के लिए दुरुपयोग किया। हालाँकि, लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के दावों को खारिज कर दिया।18 नवंबर 2009 में ही, दिल्ली में नाइट क्लबों में हत्या के दोषी मनु शर्मा के देखे जाने की मीडिया रिपोर्टों के सामने आने के बाद उसे पैरोल देने के कारण दीक्षित की काफी आलोचना हुई। शर्मा को जेसिका लाल की हत्या के लिए जेल में डाल दिया गया था और वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।
दीक्षित पर 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के संबंध में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया गया था। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने कथित तौर पर खेलों के दौरान शहर में स्ट्रीट लाइटिंग के लिए आयातित उपकरणों में अनियमितताओं के लिए उन्हें दोषी ठहराया। हालाँकि दिल्ली के मुख्य सचिव पी के त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान दिल्ली में स्ट्रीट लाइटिंग के ठेके देने में कोई भूमिका नहीं निभाई। अगस्त 2013 में लोकपाल अदालत ने 2008 के विधानसभा चुनावों से पहले एक विज्ञापन अभियान के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग करने के लिए उनके और अन्य लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया, लेकिन उन पर कोई धाराएं नहीं लगायी गयी।
        💐 पुरस्कार तथा सम्मान💐
2010 में भारत-ईरान सोसायटी द्वारा दारा शिकोह पुरस्कार।
2013 में उत्कृष्ट सार्वजनिक सेवा के लिए ऑल लेडीज लीग द्वारा दिल्ली वीमेन ऑफ द डिकेड अचीवर्स पुरस्कार  
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    💐(C)आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ 💐
1959- 14 वें दलाई लामा, तेनज़िन ग्यातसो, भारत की सीमा पार करी और राजनीतिक में शरण ली। 
1997 - वासलेव क्लार्क को नया नाटो सैनिक कमांडर नियुक्त किया गया।
 1998 - भारत और चीन इंटर गवर्नमेंटल कांफ़्रेस आन कल्चरल पॉलिसीज के लिए गठित यूनेस्को की मसौदा समिति के सदस्य निर्वाचित।
 2000 - 22 वर्ष बाद जापान के उत्तरी धोकाइडु द्वीप में दाते के निकट उसू ज्वालामुखी फिर सक्रिय।
 2001 - यूगोस्लाविया के पूर्व राष्ट्रपति मिलोसेविच की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस का धावा, अपने ही घर में नजरबंद, यूरोपीय मंत्रियों ने क्योटो संधि को जीवित घोषित किया।
 2005 - संयुक्त राष्ट्र संघ ने उत्तर कोरिया को अनाज की आपूर्ति रोकी।
 2007 - विश्व तैराकी चैम्पियनशिप में माइकल फ़ेल्प्स ने छह स्वर्ण हासिल किये। 2008 - कृष्णा सोबती को के.के.बिड़ला फाउण्डेशन का वर्ष 2007 का 'व्यास सम्मान' देने की घोषणा की गई। रेवती मेनन को 'दयावती मोदी स्त्री शक्ति सम्मान, 2007' प्रदान किया गया। पाक वायुसेना की बस के पास बम विस्फोट में 12 लोग मारे गए।
 2011- जनगणना के ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत की आबादी बढ़ कर 121 करोड़ (1 अरब 21 करोड़) हो गई है। दस साल पहले हुई गणना के मुकाबले यह 17.64 फ़ीसदी ज़्यादा है।
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    (D)आज के दिन जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व  


1504 - गुरु अंगद देव, सिक्खों के दूसरे गुरु 
1865 - आनंदी गोपाल जोशी - भारत की प्रथम महिला डॉक्टर
1860 - रमा शंकर व्यास - हिन्दी के उत्कृष्ट लेखकों में से एक। 
1938 - शीला दीक्षित - भारत की प्रसिद्ध महिला राजनीतिज्ञ तथा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री।
1945 - मीरा कुमार, प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ, पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष। 
1987 - कोनेरू हंपी, भारतीय ग्रैंडमास्टर शतरंज। 
1934 - कमला दास - अंग्रेज़ी और मलयालम की प्रसिद्ध लेखिका।
1912 - राजेंद्र नारायण सिंह देव - उड़ीसा राज्य के 6वें मुख्यमंत्री रहे थे।
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 💐(E)आज के दिन निधन.  हुवे प्रमुख व्यक्तित्व 💐
1930 - श्यामजी कृष्ण वर्मा, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं लेखक
1931 - पूर्णसिंह - भारत के विशिष्ठ निबंधकारों में से एक
1972 - मीना कुमारी, भारतीय अभिनेत्री।
2002 - मोतुरु उदयन, भारतीय महिला कार्यकर्ता।
2009 - रॉल अलफोन्सिन - अर्जेंटीना के राष्ट्रपति थे
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      🌻(F)आज के दिन/ उत्सव का नाम🌻
 1 गुरु अंगद देव, सिक्खों के दूसरे गुरु का जयन्ति दिवस
 2आनंदी गोपाल जोशी - भारत की प्रथम महिला डॉक्टर का जयंती दिवस
3 -रमा शंकर व्यास - हिन्दी के उत्कृष्ट लेखकों में से एक रहे है उनका जयंती दिवस
4  शीला दीक्षित - भारत की प्रसिद्ध महिला राज्यपाल एवम मुख्यमंत्री का जयंती दिवस
5.श्यामजी कृष्ण वर्मा, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं लेखक का पुण्य तिथि दिवस
6.मीना कुमारी, भारतीय अभिनेत्री पुण्यतिथि दिवस
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       आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।
💐।जय चित्रांश।💐
💐जय महाकाल,बोले सो निहाल💐
💐।जय हिंद जय भारत💐


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