आज की बात आपके साथ - विजय निगम

  प्रिय साथियो,
💐राम-राम 💐
💐 नमस्ते💐🌿


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का 
दिनांक 21फरवरी  2020 शुक्रवार महाशिवरात्रि पर्व की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।
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आज की बात आपके साथ  अंक मे है 


A कुछ रोचक समाचार 
B आज के दिन जन्मे प्रसिद्ध हिंदी के महाकवि
 सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' का जीवन परिचय💐
(C) आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व
E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
F आज का दिवस का नाम ।
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               A कुछ रोचक समाचार
💐(A/1)💐(A/1)क्यों मनाते हैं महाशिवरात्रि का पर्व, इस विशेष दिन पर कैसे करें भगवान शिव की पूजा💐💐
🎂(A/2)Nirbhaya Case: निर्भया के गुनहगारों का एक और पेच, सुप्रीम कोर्ट के बाद अब चुनाव आयोग में अर्जी।💐
💐(A/3)मोदी सरकार द्वारा खातों में 15-15 लाख जमा करने की उड़ी अफवाह, यहां बैंकों के बाहर लगी भीड़💐
💐(A/4/1)  41वां दिन बॉक्स ऑफिस   कलेक्शन अजय देवगन की 'तान्हाजी' ने विश्व स्तर पर बनाया रिकॉर्ड, कमाए 374  करोड़ रुपये।
 💐(A/4/2)पीएम नरेंद्र मोदी संगम तट से दुनिया को समरसता का संदेश देंगे, दिव्यांगों को बांटेंगे उपकरण।💐


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                A कुछ रोचक समाचार
💐(A/1)क्यों मनाते हैं महाशिवरात्रि का पर्व, इस विशेष दिन पर कैसे करें भगवान शिव की पूजा💐
 (महाशिवरात्रि कब है): एक साल में कुल 12 शिवरात्रि आती हैं यानी कि हर महीने में एक शिवरात्रि। साल में आने वाली सभी शिवरात्रियों में से फाल्गुन मास में आने वाली महाशिवरात्रि का सबसे अधिक महत्व माना जाता है।
💐 शिवरात्रि व्रत हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को रखा जाता है।💐
: महाशिवरात्रि का पर्व शिव भक्तों के लिए बेहद ही खास होता है। क्योंकि इस दिन को शिव भगवान के जन्म के रूप में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि एक बार भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद चल रहा था। तब उनके विवाद को सुलझाने के लिए भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए। एक दूसरी मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए भी ये दिन खास है।
साल में आती है 12 शिवरात्रि: एक साल में कुल 12 शिवरात्रि आती हैं यानी कि हर महीने में एक शिवरात्रि। साल में आने वाली सभी शिवरात्रियों में से फाल्गुन मास में आने वाली महाशिवरात्रि का सबसे अधिक महत्व माना जाता है। इसके बाद सावन में आने वाली बड़ी शिवरात्रि शिव भक्तों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। शिवरात्रि व्रत हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को रखा जाता है। माना जाता है कि शिवरात्रि के दिन मध्य रात्रि में भगवान शिव एक लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। इसलिए शिवरात्रि की पूजा रात को करने का विशेष महत्व होता है।
महाशिवरात्रि का इतिहास: शिव पुराण की कथा के अनुसार एक बार ब्रह्माजी व विष्णुजी में विवाद छिड़ गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है। ब्रह्माजी सृष्टि के रचयिता होने के कारण श्रेष्ठ होने का दावा कर रहे थे और भगवान विष्णु पूरी सृष्टि के पालनकर्ता के रूप में स्वयं को श्रेष्ठ कह रहे थे। तभी वहां एक विराट लिंग प्रकट हुआ। दोनों देवताओं ने सहमति से यह निश्चय किया गया कि जो इस लिंग के छोर का पहले पता लगाएगा उसे ही श्रेष्ठ माना जाएगा।
अत: दोनों विपरीत दिशा में शिवलिंग की छोर ढूढंने निकले। छोर न मिलने के कारण विष्णुजी लौट आए। ब्रह्मा जी भी सफल नहीं हुए परंतु उन्होंने आकर विष्णुजी से कहा कि वे छोर तक पहुँच गए थे। उन्होंने केतकी के फूल को इस बात का साक्षी बताया। ब्रह्मा जी के असत्य कहने पर स्वयं शिव वहाँ प्रकट हुए और उन्होंने ब्रह्माजी की एक सिर काट दिया, और केतकी के फूल को श्राप दिया कि शिव जी की पूजा में कभी भी केतकी के फूलों का इस्तेमाल नहीं होगा।
चूंकि यह फाल्गुन के महीने का 14 वा दिन था जिस दिन शिव ने पहली बार खुद को लिंग रूप में प्रकट किया था। इस दिन को बहुत ही शुभ और विशेष माना जाता है और महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता 
  💐महाशिवरात्रि पर खत्म होंगी सारी परेशानियां💐
महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन की रात है. साथ ही इस रात में आध्यात्मिक शक्तियां जागृत होती हैं. शास्त्रों में इस दिन ज्योतिष उपाय करने से जीवन में सभी प्रकार के तनाव खत्म होते हैं और सकारात्मक प्रमाण दिखने लगते हैं. 
                  💐पूजा का मंत्र💐
महाशिवरात्रि के दिन शिव पुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंचाक्षर मंत्र "ॐ नमः शिवाय" का जाप करना चाहिए.
       💐महाशिवरात्रि – जागृति की रात💐
महाशिवरात्रि एक अवसर और संभावना है, जब आप स्वयं को, हर मनुष्य के भीतर बसी असीम रिक्तता के अनुभव से जोड़ सकते हैं, जो कि सारे सृजन का स्त्रोत है। एक ओर शिव संहारक कहलाते हैं और दूसरी ओर वे सबसे अधिक करुणामयी भी हैं। वे बहुत ही उदार दाता हैं। यौगिक गाथाओं में वे, अनेक स्थानों पर महाकरुणामयी के रूप में सामने आते हैं। उनकी करुणा के रूप विलक्षण और अद्भुत रहे हैं। इस प्रकार महाशिवरात्रि 2019 कुछ ग्रहण करने के लिए भी एक विशेष रात्रि है। यह हमारी इच्छा तथा आशीर्वाद है कि आप इस रात में कम से कम एक क्षण के लिए उस असीम विस्तार का अनुभव करें, जिसे हम शिव कहते हैं। यह केवल एक नींद से जागते रहने की रात भर न रह जाए, यह आपके लिए जागरण की रात्रि होनी चाहिए, चेतना व जागरूकता से भरी एक रात!
         💐 क्षति से बचाएगा अक्षत💐
भगवान शिव ने अपनी पूजा में अक्षत के प्रयोग को महत्वपूर्ण बताया है। शिवलिंग के ऊपर अटूट चावल जरूर चढाएं। अगर संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र में अटूट चावल सवा मुट्ठी रखकर शिवजी का अभिषेक करने के बाद शिवलिंग के पास रख दें। इसके बाद महामृत्युंजय मंत्र अथवा ओम नमः शिवाय मंत्र का जितना अधिक संभव हो जप करें। इस विधि से शिवलिंग की पूजा गृहस्थों के लिए शुभ माना गया है इससे आर्थिक समस्या दूर होतीहै।
💐 💐🎂💐^🎂💐@🎂💐🎂^💐🎂💐^🎂(A/2)Nirbhaya Case: निर्भया के गुनहगारों का एक और पेच, सुप्रीम कोर्ट के बाद अब चुनाव आयोग में अर्जी।💐
Nirbhaya Case दोषी विनय शर्मा की ओर से दायर अर्जी में कहा गया है कि जब दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने 29 जनवरी को राष्ट्रपति के पास विनय की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की तो वो ना तो मंत्री थे और ना ही विधायक.
दया याचिका खारिज को बताया असंवैधानिक
चुनाव आयोग से कानून संज्ञान लेने की मांग
Nirbhaya Case फांसी से बचने के लिए निर्भया के गुनहगार हर हथकंडे अपना रहा है. अब दोषी विनय शर्मा ने एक और दांव चला है. उसके वकील एपी सिंह ने चुनाव आयोग में अर्जी दाखिल की है. इस अर्जी में कहा गया है कि जब दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने 29 जनवरी को राष्ट्रपति के पास विनय की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की तो वो ना तो मंत्री थे और ना ही विधायक.
दोषी विनय शर्मा के वकील एपी सिंह ने कहा कि सत्येंद्र जैन ने 30 जनवरी को अपना साइन व्हाट्स ऐप के जरिए भेजा. अर्जी में कहा गया है कि ऐसे में दया याचिका खारिज करना गैरकानूनी और असंवैधानिक है, क्योंकि उस समय दिल्ली में चुनाव के लिए आदर्श चुनाव संहिता चल रही थी. अर्जी में चुनाव आयोग से कानूनी संज्ञान लेने की मांग की गई है.
          💐गुनहगार ने खुद को किया चोटिल💐
इस बीच तिहाड़ जेल में बंद दोषी विनय कुमार ने खुद को चोटिल करने की नाकाम कोशिश की. विनय कुमार ने खुद का सिर दीवार पर दे मारा. जेल प्रशासन के मुताबिक, 16 फरवरी को हुई इस घटना में विनय को कुछ हल्की चोटें भी आई हैं।
        💐3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी💐
चारों दोषियों को तीन मार्च सुबह छह बजे फांसी दी जाएगी. पटियाला हाइस कोर्ट ने 17 फरवरी को नया डेथ वारंट जारी किए जाने की मांग वाली याचिका पर यह फैसला दिया. यह मामला दिसंबर 2012 में राष्ट्रीय राजधानी में 23 वर्षीय एक महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा हुआ है.।
     💐मां बोलीं- कोर्ट के फैसले से खुश💐
कोर्ट के हालिया आदेश पर संतोष जाहिर करते हुए निर्भया की मां ने कहा कि मैं संतुष्ट और खुश हूं. मुझे उम्मीद है कि दोषियों को आखिरकार तीन मार्च को फांसी दी जाएगी. यह मामला दिसंबर 2012 में राष्ट्रीय राजधानी में एक 23 साल की लड़की के सामूहिक दुष्कर्म व हत्या से जुड़ा है.।
💐31 जनवरी को फांसी पर लगी थी रोक💐
31 जनवरी को निचली अदालत ने चार दोषियों - मुकेश कुमार सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार (31)- की फांसी की सजा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी।
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💐(A/3)मोदी सरकार द्वारा खातों में 15-15 लाख जमा करने की उड़ी अफवाह, यहां बैंकों के बाहर लगी भीड़💐
मोदी सरकार द्वारा बैंक खातों में 15-15 लाख रुपए डालेजाने की अफवाह के बाद बैंकों के बाहर भीडजमा 
हो गई। यह घटना केरल के मुन्नार में घटी। सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हुआ कि मोदी सरकार द्वारा बैंक खाताधारकों के अकाउंट में 15-15 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए गए हैं,ऐसे में लोग काम
धंधा छोड़कर बैंकों के बाहर असलियत जानने के लिए पहुंच गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस अफवाह के फैलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। आर्थिक तौर पर कमजोर लोग बैंकों में नया खाता खुलाने भी पहुंच गए जिससे मोदी सरकार उनके बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर सके।
यह पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी इस तरह की अफवाह केरल में फैल चुकी है।।  सोशल मीडिया पर खबर फैलने के बाद बैंकों में भीड़ लगना शुरू हो गई। लोगों ने अपना रुटीन काम छोड़कर सबसे पहले इस बात सच्चाईजानने के लिए बैंक पहुंचना शुरू करदिया।
       💐झूठी खबर होने पर निराश हुए लोग💐
सामने आई खबरों के मुताबिक आग की तरह यह अफवाह फैल गई कि उनके बैंक अकाउंट में बड़ी राशि जमा हो गई है। इसके बाद लोग रात में ही बैंकों को खुलवाने के लिए पहुंच गए। जब बात नहीं बनी तो कुछ लोग तो बिस्तर भी साथ लेकर रात गुजराने की तैयारी करनेलगे।हालांकि जब इस घटना कीअसलियत
सामने आई कियह पूरी तरह झूठ हैऔर सोशलमीडिया
पर इसकी अफवाह उड़ी है तो लोग निराश हो गए। बतातें है कि इस अफवाह के फैलने के बाद बीते तीन दिनों में इलाके में 1050 से ज्यादा नए अकाउंट खुल गए हैं।
            💐मोदी सरकार ने किया था वादा💐
2014 में हुएलोकसभाचुनाव के दौरान भाजपा नेलोगों
 से वादा किया था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो विदेशोंसे काला धन लाया जाएगाऔर हरभारतीय
के बैंक खाते में 15-15 लाख रुपए जमा किए जाएंगे।इसे लेकर विपक्ष भी कई बार सरकार पर हमलाहोचुका
है।वहींइसी घोषणा कोआधार बनाते हुए किसीनेसोशल 
मीडिया पर अफवाह फैलाने का काम किया।
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💐(A/4/1)  41वां दिन बॉक्स ऑफिस   कलेक्शन अजय देवगन की 'तान्हाजी' ने विश्व स्तर पर बनाया रिकॉर्ड, कमाए 374  करोड़ रुपये।
: अजय देवगन (Ajay Devgn), काजोल (Kajol), और सैफ अली खान (Saif Ali Khan) की 'तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर' को रिलीज हुए 41 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसकी धूम अभी भी जारी है।इस फ़िल्म ने 41 वे दिन तक रिकॉर्ड कमाई। रुपये  374 करोड़ .की की है।यह अभी तक कि सबसे  सुपर डुपर फ़िल्म है।
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💐(A/4/2)पीएम नरेंद्र मोदी संगम तट से दुनिया को समरसता का संदेश देंगे, दिव्यांगों को बांटेंगे उपकरण।💐
प्रयागराज, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी त्रिवेणी के तट से पूरी दुनिया को समरसता का संदेश देंगे। वह 29 फरवरी को उन 15 दिव्यांगों और बुजुर्गों को कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण प्रदान करेंगे, जिन्होंने अंतिम पायदान पर खड़े होते हुए भी समाज को दिशा दी है। इसमें दिव्यांग छात्र, 80 वर्ष से ज्यादा के बुजुर्ग, पुरुष व महिलाएं भी शामिल होंगी।
कुंभ में पीएम मोदी ने स्वच्छाग्रहियों के पांव पखार विश्व को संदेश दिया था
पिछले साल दिव्य कुंभ भव्य कुंभ के समापन अवसर पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छाग्रहियों केपांव पखार कर पूरे विश्व कोसंदेशदिया 
था। इस बार भी वह दिव्यांगों व बुजुर्गों को उपकरण वितरण समारोह के माध्यम से बड़ा संदेश देने जा रहे हैैं। प्रधानमंत्री 29 फरवरी को पूर्वाह्न लगभग 11 बजे आएंगे। शहर में लगभग दो घंटे रहेंगे। दिल्ली से विशेष वायुयान से बमरौली एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से वह परेड मैदान में प्रस्तावित हेलीपैड पर पहुंचेंगे। परेड मैदान में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सिस्टम के सामने काली और लाल सड़क के बीच में स्थित ग्राउंड में ही हेलीपैड प्रस्तावित है।
                 💐#खास बातें##💐
02 घंटे शहर में रहेंगे पीएम मोदी, सीएम व कई केंद्रीय मंत्री
03 हेलीकॉप्टरों की लैैंडिंग के लिए परेड मैदान में हेलीपैड का प्रस्ताव
24 फरवरी तक कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा को आएगी एसपीजी।
24 फरवरी तक एसपीजी के अफसर व पीएमओ की टीम यहां पहुंचेगी
जानकारी के अनुसार 24 फरवरी तक एसपीजी के अफसर और पीएमओ की टीम यहां पहुंच जाएगी। हेलीकॉप्टरों की लैैंडिंग का दूसरा विकल्प दिल्ली पब्लिक स्कूल भी है। वैसे परेड में हेलीपैड के निर्माण की तैयारी के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैैं।
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  💐(B)आज के दिन जन्मे प्रसिद्ध हिंदी के महाकवि
     सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' का जीवन परिचय💐
                   💐 हिन्दी के महाकवि💐
     सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' (21 फरवरी 1896) से - 15 अक्टूबर, 1961) हिन्दी कविता के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों[क] में से एक माने जाते हैं। वे जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा के साथ हिन्दी साहित्य में छायावाद के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं। उन्होंने कहानियाँ, उपन्यास और निबंध भी लिखे हैं किन्तु उनकी ख्याति विशेषरुप से कविता के कारण ही है।
                 💐 जीवन परिचय💐


सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' का जन्म बंगाल की महिषा
दल रियासत (जिला मेदिनीपुर) में माघ शुक्ल 11, संवत् 1955 तदनुसार 21 फ़रवरी, सन् 1896 में हुआ था।वसंत पंचमी पर उनका जन्मदिन मनाने की परंपरा 1931 में प्रारंभ हुई। उनका जन्म मंगलवार को हुआ था। जन्म-कुण्डली बनाने वाले पंडित के कहने से उनका नाम सुर्जकुमार रखा गया। उनके पिता पंडित रामसहाय तिवारी उन्नाव (बैसवाड़ा) के रहने वाले थे और महिषादल में सिपाही की नौकरी करते थे। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के गढ़ाकोला नामक गाँव के निवासी थे।
निराला की शिक्षा हाई स्कूल तक हुई। बाद में हिन्दी संस्कृत और बाङ्ला का स्वतंत्र अध्ययन किया। पिता की छोटी-सी नौकरी की असुविधाओं और मान-अपमान का परिचय निराला को आरम्भ में ही प्राप्त हुआ। उन्होंने दलित-शोषित किसान के साथ हमदर्दी का संस्कार अपने अबोध मन से ही अर्जित किया। तीन वर्ष की अवस्था में माता का और बीस वर्ष का होते-होते पिता का देहांत हो गया। अपने बच्चों के अलावा संयुक्त परिवार का भी बोझ निराला पर पड़ा। पहले महायुद्ध के बाद जो महामारी फैली उसमें न सिर्फ पत्नी मनोहरा देवी का, बल्कि चाचा, भाई और भाभी का भी देहांत हो गया। शेष कुनबे का बोझ उठाने में महिषादल की नौकरी अपर्याप्त थी। इसके बाद का उनका सारा जीवन आर्थिक-संघर्ष में बीता। निराला के जीवन की सबसे विशेष बात यह है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने सिद्धांत त्यागकर समझौते का रास्ता नहीं अपनाया, संघर्ष का साहस नहीं गंवाया। जीवन का उत्तरार्द्ध इलाहाबाद में बीता। वहीं दारागंज मुहल्ले में स्थित रायसाहब की विशाल कोठी के ठीक पीछे बने एक कमरे में 15 अक्टूबर 1961 को उन्होंने अपनी इहलीला समाप्त की।
                          💐कार्यक्षेत्र💐


सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की पहली नियुक्ति महिषादल राज्य में ही हुई। उन्होंने 1918 से1922 तक यह नौकरी की। उसके बाद संपादन, स्वतंत्र लेखन और अनुवाद कार्य की ओर प्रवृत्त हुए। 1922 से 1923 के दौरान कोलकाता से प्रकाशित 'समन्वय' का संपादन किया, 1923 के अगस्त से मतवाला के संपादक मंडल में कार्य किया। इसके बाद लखनऊ में गंगा पुस्तक माला कार्यालय में उनकी नियुक्ति हुई जहाँ वे संस्था की मासिक पत्रिका सुधा से 1935 के मध्य तक संबद्ध रहे। 1935 से 1940 तक का कुछ समय उन्होंने लखनऊ में भी बिताया। इसके बाद 1942 से मृत्यु पर्यन्त इलाहाबाद में रह कर स्वतंत्र लेखन और अनुवाद कार्य किया। उनकी पहली कविता जन्मभूमि प्रभा नामक मासिक पत्र में जून 1920 में, पहला कविता संग्रह 1923 में अनामिका नाम से, तथा पहला निबंध बंग भाषा का उच्चारण अक्टूबर 1920 में मासिक पत्रिका सरस्वती में प्रकाशित हुआ।


अपने समकालीन अन्य कवियों से अलग उन्होंने कविता में कल्पना का सहारा बहुत कम लिया है और यथार्थ को प्रमुखता से चित्रित किया है। वे हिन्दी में मुक्तछंद के प्रवर्तक भी माने जाते हैं। 1930 में प्रकाशित अपने काव्य संग्रह परिमल की भूमिका में वे लिखते हैं-
मनुष्यों की मुक्ति की तरह कविता की भी मुक्ति होती है। मनुष्यों की मुक्ति कर्म के बंधन से छुटकारा पाना है और कविता की मुक्ति छन्दों के शासन से अलग हो जाना है। जिस तरह मुक्त मनुष्य कभी किसी तरह दूसरों के प्रतिकूल आचरण नहीं करता, उसके तमाम कार्य औरों को प्रसन्न करने के लिए होते हैं फिर भी स्वतंत्र। इसी तरह कविता का भी हाल है।
                        💐 लेखनकार्य💐
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की काव्यकला की सबसे बड़ी विशेषता है चित्रण-कौशल। आंतरिक भाव हो या बाह्य जगत के दृश्य-रूप, संगीतात्मक ध्वनियां हो या रंग और गंध, सजीव चरित्र हों या प्राकृतिक दृश्य, सभी अलग-अलग लगनेवाले तत्त्वों को घुला-मिलाकर निराला ऐसा जीवंत चित्र उपस्थित करते हैं कि पढ़ने वाला उन चित्रों के माध्यम से ही निराला के मर्म तक पहुँच सकता है। निराला के चित्रों में उनका भावबोध ही नहीं, उनका चिंतन भी समाहित रहता है। इसलिए उनकी बहुत-सी कविताओं में दार्शनिक गहराई उत्पन्न हो जाती है। इस नए चित्रण-कौशल और दार्शनिक गहराई के कारण अक्सर निराला की कविताऐं कुछ जटिल हो जाती हैं, जिसे न समझने के नाते विचारक लोग उन पर दुरूहता आदि का आरोप लगाते हैं। उनके किसान-बोध ने ही उन्हें छायावाद की भूमि से आगे बढ़कर यथार्थवाद की नई भूमि निर्मित करने की प्रेरणा दी। विशेष स्थितियों, चरित्रों और दृश्यों को देखते हुए उनके मर्म को पहचानना और उन विशिष्ट वस्तुओं को ही चित्रण का विषय बनाना, निराला के यथार्थवाद की एक उल्लेखनीय विशेषता है। निराला पर अध्यात्मवाद और रहस्यवाद जैसी जीवन-विमुख प्रवृत्तियों का भी असर है। इस असर के चलते वे बहुत बार चमत्कारों से विजय प्राप्त करने और संघर्षों का अंत करने का सपना देखते हैं। निराला की शक्ति यह है कि वे चमत्कार के भरोसे अकर्मण्य नहीं बैठ जाते और संघर्ष की वास्तविक चुनौती से आँखें नहीं चुराते। कहीं-कहीं रहस्यवाद के फेर में निराला वास्तविक जीवन-अनुभवों के विपरीत चलते हैं। हर ओर प्रकाश फैला है, जीवन आलोकमय महासागर में डूब गया है, इत्यादि ऐसी ही बातें हैं। लेकिन यह रहस्यवाद निराला के भावबोध में स्थायी नहीं रहता, वह क्षणभंगुर ही साबित होता है। अनेक बार निराला शब्दों, ध्वनियों आदि को लेकर खिलवाड़ करते हैं। इन खिलवाड़ों को कला की संज्ञा देना कठिन काम है। लेकिन सामान्यत: वे इन खिलवाड़ों के माध्यम से बड़े चमत्कारपूर्ण कलात्मक प्रयोग करते हैं। इन प्रयोगों की विशेषता यह है कि वे विषय या भाव को अधिक प्रभावशाली रूप में व्यक्त करने में सहायक होते हैं। निराला के प्रयोगों में एक विशेष प्रकार के साहस और सजगता के दर्शन होते हैं। यह साहस और सजगता ही निराला को अपने युग के कवियों में अलग और विशिष्ट बनाती है।
₹हिंदी साहित्य
छायावादी युग
हिन्दी कवि
आधुनिक हिंदी पद्य का इतिहास
आधुनिक हिंदी गद्य का इतिहास
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  💐 (C)  आज के दिन की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ💐 –


1613 में  रूस के रोमानोव वंश का शासन  में स्थापित हुआ।
1795 में डचों ने  श्रीलंका, सीलोन अंग्रेज़ों को सौंप दिया।
1842 में अमेरिका में सिलाई मशीन का  पेटेंट कराया गया।
1848 में फ्रेडरिक एंगेल्स और कार्ल मार्क्स कम्युनिस्ट
ने घोषणापत्र प्रकाशित किया।
1878 में अमेरिका के कनेक्टिकट में  पहली टेलीफोन डायरेक्टरी जारी की गई।
1878 में पुड्डुचेरी में स्थित अरविंदो आश्रम की मां मीरा अलफासा का  पेरिस में जन्म।
1896 में महान कवि एवं लेखक सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला का  जन्म।
1907 में   अंग्रेज़ी भाषा के कवि आडेन का  जन्म।
1914 से  बर्दुन का युद्ध  प्रारम्भ।
1916 में फ़्रांस में  प्रथम विश्व युद्ध में बर्डन की लड़ाई भड़की।
1919 मे बावारेवा के प्रधानमंत्री कुर्तरिजनर की  म्यूनिख में हत्या हुई।
1925 में  न्यूयॉर्कर मैगजीन के प्रथम संस्करण का  प्रकाशन।
1943  में ब्रिटेन नरेश जार्ज षष्ठ ने  रूसियों को सम्मानित किया।
1946 में  मिस्र में ब्रिटेन के ख़िलाफ़  विरोध प्रदर्शन.
1952 में  पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान में ढाका) स्थित ढाका विश्वविद्यालय में  बंगाली भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने के लिए प्रदर्शन किया गया।
1959 में  नयी दिल्ली में प्रेस क्लब आफ इंडिया की  स्थापना।
1963 में  सोवियत संघ ने  अमेरिका को चेतावनी दी कि क्यूबा पर हमला विश्वयुद्ध में बदल सकता है।
1972 अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन  में चीन की यात्रा पर गए थे।
1974 में  युगोस्लाविया ने  संविधान स्वीकार किया।
1975 में  राष्ट्रसंघ मानवाधिकार आयोग ने अधिकृत अरब क्षेत्रों में दमनात्मक कार्रवाई के लिए इस्रायल की कड़ी निंदा की।
1981 में नासा ने  सेटेलाइट कोमस्टर-4 का प्रक्षेपण किया।
1986 में  दक्षिण अफ्रीका सरकार ने  जोहान्सबर्ग और डरबन अश्वेतों के लिए खोल दिए।


         कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन ने  राजकुमार सिंहानुक से बैंकाक में शांतिवार्ता की।


 1991 में अल्बानिया में राष्ट्रपति ने पुलिस विद्रोह के बाद नई सरकार के गठन की घोषणा की।
1992 में चीन ने शंघाई शेयर बाज़ार में विदेशियों को कामकाज की अनुमति दी।
1998 में भारतीय चरित्र अभिनेता ओम प्रकाश का निधन।
1999 मेंपूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ़ ने  लाहौर घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए।
2001 में सहस्रशताब्दी के महाकुंभ का समापन।
2005 में  स्पेन के निवासियों ने  जनमत संग्रह में यूरोपियन संघ के संविधान का व्यापक समर्थन किया।
2004 में   लॉन टेनिस में सानिया मिर्ज़ा डब्ल्यू.टी.ए. खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी।
2008 में  भारत के बड़े उद्योगपति अनिल अंबानी की ‘रिलायंस कम्यूनिकेशन’ ने 21 फरवरी साल  ही यूंगांडा की कंपनी ‘अनुपम ग्लोबल सॉफ्ट’ का अधिग्रहण किया था।
2008 में  प्राइवेट एयरलाइंस जेट एयरवेज ने 21 फरवरी  के दिन ही एयर कनाडा के साथ स्ट्रेटिजी गठजोड़ किया।
2009 में  हिन्दुस्तान मोटर्स ने  अपने प्रबन्धकों की तनख़्वाह घटाई।
2010 में सऊदी अरब की सरकार ने  महिलाओं को वकालत करने की इजाजत देने से संबंधित कानून लाने का निर्णय लिया था।
2010 में बैडमिंटन की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक साइना नेहवाल ने आज के दिन ही जानी मानी खिलाड़ी झोउ मिको को 14-21, 21-10, 23-21 से महज 50 मिनट में ही हरा दिया था। 
2010 में आज के दिन ही थाइलैंड के नार्कोनराचशिमा में खेले जा रहे उबेर कप में भारतीय टीम ने अपने पहले मैच में ही हॉन्गकांग को 3-2 से हराकर बेहतर प्रदर्शन किया।
2013 में  हैदराबाद में आज के दिन ही सिलसिलेवार 
बम धमाके हुए जिसमें करीब 17 लोगों की मौत हो गई और 119 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए।
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 💐(D) आज के दिन जन्मे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व 💐  


1896 में आज के दिन ही  हिन्दी साहित्य के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला समेत कई ऐसे व्यक्तियों ने जन्म लिया, जिन्होंने दुनिया में आकर अपना बड़ा नाम किया, उनके बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं।
    
 1878 में भारतीय आध्यात्मिक नेता दा मदर मिर्रा अलफ़ासा का  जन्म।
1894 में  भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक शान्ति स्वरूप भटनागर का  जन्म।
 1896 में एक कवि, उपन्यासकार, निबन्धकार और कहानीकार सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला का  जन्म।
1952 में भारतीय राजनीतिज्ञ टी.आर.जेलियांग का   जन्म।
1980 में भारतीय रेसिंग ड्राइवर प्रतिभा सुरेशवारन का  जन्म।
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💐(E)आज के दिन निधन हुए महत्वपूर्ण व्यक्तित्व💐 


21 फरवरी के दिन दुनिया के कई महान लोग यह दुनिया छोड़कर हमेशा के लिए चले गए जिनके बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं।
1991 में भारतीय अभिनेत्री और गायिका नूतन का निधन।
1998 में भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध चरित्र अभिनेता ओम प्रकाश का निधन।
1970 में भारतीय राजनीतिज्ञ तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल हरि विनायक पाटस्कर का निधन।
1829 में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के समान कर्नाटक की वीरांगना और स्वतंत्रता सेनानी रानी चेन्नम्मा का निधन।


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💐(F)आज के दिन के महत्त्वपूर्ण अवसर  उत्सव💐 


  1. कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जयंती एवम
      अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस
  2. प्रसिद्ध वैज्ञानिक शान्ति स्वरूप भटनागर जयंती
  3. भारतीय राजनीतिज्ञ तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व 
      राज्यपाल हरि विनायक पाटस्कर पुण्यतिथिदिवस
 4. भारतीय अभिनेत्री और गायिका नूतन की      
      पुण्यतिथि दिवस ।
 5  तिथि से आज शिव- पार्वती विवाह के रूप में 
     महाशिवरात्रि पर्व है जो की पूरे देश मे बड़ी धूमधाम     
     से मनाया जा रहा है।
 6 सिलाई मशीन अविष्कार दिवस
 7 यूगोस्लाविया का संविधान स्वीकार दिवस /गणतंत्र दिवस।
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     आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन महाशिवरात्रि पर्व  की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई। आज आप सभी को  भगवान शिव,बाबा महाकाल   का दर्शन लाभ प्राप्त हो ,भगवान की भक्ति में लीन रहकर मन के मानसिक तनाव को दूरकर  मन में शांति प्राप्त करे,प्रसाद में  फलहारी  *व्यंजन प्राप्त हो मेरे  बाबा महाकाल    से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।आप सभी पर सपरिवार बाबा महाकाल की कृपा दृष्टि बनी रहे 🌹
🌹ॐ नमः शिवायॐ नमः शिवाय🌹
।🌹जय चित्रांश🌹।
🌹जय महाकाल,बोले सो निहाल🌹🌹।जय हिंद जय भारत🌹


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