आज की बात आपके साथ - विजय निगम

           प्रिय साथियो,
💐राम-राम💐
💐नमस्कार💐


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का 
दिनांक 12  फरवरी  2020 बुधवार की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।
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आज की बात आपके साथ  अंक मे है।।
 A कुछ रोचक समाचार 
 B  आज के दिन जन्मे प्रसिद्ध अभिनेता,
 खलनायक,चरित्र अभिनेता प्राण साहब का जीवन 
 परिचय  लेख. ।
 C आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
 D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व
 E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
 F आज का दिवस का नाम ।
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               💐( A) कुछ रोचक समाचार💐
💐(A/1)प्राण की वजह से ही हिट हुए थे अमिताभ बच्चन, राज कपूर पर भी किया था इतना बड़ा एहसान
प्राण💐
💐(A/2)गर्लफ्रेंड से 'डेटिंग' के लिए गुजरात में हर पखवाड़े 60 किमी की दूरी नाप रहा जंगल का राजा शेर।💐
(💐 A/3)ये भी पढ़ें: सरकारी नौकरियों में आरक्षण का दावा मौलिक अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
💐(A/4)LIVE Delhi Election Results 2020 Live: 62 सीटों के साथ केजरीवाल ने लगाई जीत की हैट्रिक, भाजपा 8 पर सिमटी💐
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              💐  (A) कुछ रोचक समाचार💐
💐(A/1)प्राण की वजह से ही हिट हुए थे अमिताभ बच्चन, राज कपूर पर भी किया था इतना बड़ा एहसान
प्राण💐
अपनी कॉमेडी से दर्शकों को हंसाने और विलेन बनकर डराने वाले एक्टर प्राण का 12 फरवरी को 100वां जन्मदिवस है। प्राण का जन्म दिल्ली के बल्लीमारान इलाके में 1920 को हुआ था। बचपन में उनका नाम 'प्राण कृष्ण सिकंद' था। जो फिल्मों में आने के बाद सिर्फ प्राण रह गया था। दिल्ली में उनका परिवार बेहद समृद्ध था। वे बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रहे, खास तौर पर गणित में।
12वीं की परीक्षा उन्होंने रामपुर के राजा हाईस्कूल से पास की। बहुत कम लोग जानते होंगे कि प्राण बड़े होकर एक फोटोग्राफर बनाना चाहते थे और इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने दिल्ली की एक कंपनी 'ए दास & कंपनी' में अप्रेंटिस भी की। 1940 में लेखक मोहम्मद वली ने जब पान की दुकान पर प्राण को खड़े देखा तो पहली नजर में ही उन्होंने अपनी पंजाबी फिल्म 'यमला जट' के लिए उन्हें साइन कर लिया।
यह प्राण की पहली फिल्म बनी और सुपरहिट रही। लौहार फिल्म इंडस्ट्री में एक खलनायक के तौर पर उभरने वाले प्राण को हिंदी फिल्मों में पहला ब्रेक 1942 में फिल्म 'खानदान' से मिला। दलसुख पंचोली की इस फिल्म में उनकी एक्ट्रेस नूरजहां थीं। बंटवारे से पहले प्राण ने 22 फिल्मों में निगेटिव रोल किया। वे उस समय के चर्चित विलेन बन चुके थे। आजादी के बाद उन्होंने लाहौर छोड़ दिया और मुंबई आ गए। यह उनके लिए संघर्ष का समय था।
मुंबई आने के बाद प्राण को फिल्म 'जिद्दी' में काम मिला था। इस फिल्म के लीड रोल में देवआनंद और कामिनी कौशल थे। 'जिद्दी' के बाद इस दशक की सभी फिल्मों में प्राण खलनायक के रोल में नजर आए। 1955 में दिलीप कुमार के साथ 'आजाद', 'मधुमती', 'देवदास', 'दिल दिया दर्द लिया', 'राम और श्याम' और 'आदमी' नामक फिल्मों के किरदार महत्वपूर्ण रहे तो देव आनंद के साथ 'मुनीमजी' (1955), 'अमरदीप'
(1958) जैसी फिल्में पसंद की गईं।फिल्म 'जंजीर' के किरदार विजय के लिए प्राण ने निर्देशक प्रकाश मेहरा को अमिताभ बच्चन का नाम सुझाया था। इस फिल्म ने अमिताभ का करियर पलट कर रख दिया था। इस किरदार को पहले देव आनंद और धर्मेन्द्र ने नकार दिया था।प्राण नेअमिताभ की दोस्ती के चलते इसमें शेरखान का किरदार भी निभाया। इसके बाद अमिताभ बच्चन के साथ 'ज़ंजीर','डान',अमर अकबर अन्थोनी','मजबूर',
 दोस्ताना', 'नसीब', 'कालिया' और 'शराबी' जैसी फिल्में महत्वपूर्ण हैं।
प्राण को तीनबार फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठसहायकअभिनेता
का पुरस्कार मिला। 1997 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया। प्राण कोहिन्दी
सिनेमा में उनकेयोगदान के लिए 2001 मेंभारत सरकार के पद्म भूषण और इसी साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। प्राण ने तकरीबन 350 से अधिक फिल्मों में काम किया। कापते पैरों की वजह से वह 1997 से व्हील चेयर पर जीवन गुजार रहे थे।
प्राण की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने 18 अप्रैल 1945 को शुक्ला आहलुवालिया से शादी की थी। उनके तीन बच्चे हैं। अरविंद, सुनील और एक बेटी पिंकी। 1998 में प्राण को दिल का दौरा पड़ा था। उस समय वह 78 साल के थे। साल 2013 में 93 साल की उम्र में प्राण ने अंतिम सांस ली थी।प्राण जब तक जिए दूसरों की मदद को हमेशा आगे रहेअमिताभ बच्चन के अलावाप्राण नेएक बार राज कपूर की भी मदद की थी।
प्राणहर फिल्म के लिए भारी फीस लिया करते थेउनकी
फीस हीरो से भी ज्यादा हुआ करती थी लेकिन उन्होंने राजकपूर कीफिल्म ‘बॉबी’ मात्र एक रुपए में साइन की थी। उस दौरान राज कपूर आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। इसको देखते हुए प्राण ने फीस नहीं ली। प्राण जितना बिग स्क्रीन पर खतरनाक नजर आते थे, वह असल जिंदगी में उतने ही नरम दिल थे।
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💐(A/2)गर्लफ्रेंड से 'डेटिंग' के लिए गुजरात में हर पखवाड़े 60 किमी की दूरी नाप रहा जंगल का राजा शेर।💐
गुजरात का यह युवा शेर अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए प्रत्‍येक 15 दिन में एक बार अपने 3 दोस्‍तों के साथ राजूला इलाके से सावरकुंडला के लिए रवाना होता है। शेर की यह मोहब्‍बत इलाके में चर्चा का व‍िषय बनी हुई है।
                    💐राजकोट💐
पंछी, नदिया, पवन के झोंके..कोई सरहद न इन्हें रोके...प्यार की कोई सीमा नहीं होती। कुछ इसी तर्ज पर जंगल के राजा कहे जाने वाले शेर की एक दिलचस्प प्रेम कहानी सामने आई है। शेर का प्रेम कुछ ऐसा है कि वह 60 किलोमीटर से ज्यादा चलकर अपनी प्रेमिका शेरनी से 'डेटिंग' कर रहा है। गुजरात का यह युवा शेर अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए प्रत्‍येक 15 दिन में एक बार 3 दोस्‍तों के साथ राजूला इलाके से सावरकुंडला के लिए रवाना होता है। मजेदार बात यह है कि शेर और शेरनी के इस प्‍यार में बाकी शेर 'कबाब में हड्डी' नहीं बनते हैं।
         💐एक साल से जारी है डेटिंग💐
बताया जा रहा है कि आश्‍चर्यजनक तरीके से गर्लफ्रेंड से मिलने का यह सिलसिला पिछले एक साल से जारी है। युवा शेर का अपनी महबूबा के प्रति यह प्‍यार उसके शरीर पर लगे ट्रैकर और अमरेली जिले के राजुला और सावरकुंडला तालुका गांव के लोग बताते हैं। यही नहीं ये चारों शेर 4-5 साल के हैं और इन्‍होंने इतने विशाल इलाके में अपना आधिपत्‍य स्‍थापित कर लिया है। इनके इस इलाके में भावनगर जिले का भी कुछ हिस्‍सा शामिल है।
        💐'कबाब में हड्डी' नहीं बनते साथी शेर💐
ये चारों शेर दुंगार गांव से शुरू होकर लगातार एक जगह से दूसरी जगह पर जाते रहते हैं लेकिन सावरकुंडला पहुंचने पर चौथा शेर वहां रहने वाली एक शेरनी के साथ रुक जाता है। अमरेली में शेर पर नजर रखने वाले वन विभाग में काम कर चुके एक व्‍यक्ति ने कहा, 'मजेदार बात यह है कि बाकी तीन शेर कबाब में हड्डी नहीं बनते हैं और अपने मित्र को उसकी महबूबा के प्‍यार के निजी पल बिताने का पूरा मौका देते हैं।
          💐चारों शेरों के बीच अच्‍छी दोस्‍ती💐
शेत्रुंजी रेंज के उप वन संरक्षक संदीप कुमार ने कहा, 'यह सामान्‍य रूप से देखा गया है कि तीन से चार शेरों के बीच उस समय अच्‍छी दोस्‍ती हो गई जब वे यायावर जीवन बिता रहे थे। वे नए क्षेत्रों में गए और बड़े क्षेत्रों में घूमे। लेकिन यह अल्‍पकालिक जुड़ाव है और इसी दौरान उन्‍हें एक शेरनी भी मिल गई है।' बताया जा रहा है कि शेरनी गिर जंगल के धारी रेंज की रहने वाली है। एक साल पहले शेरनी राजुला के नजदीक दुंगार में रहने लगी।
💐चारों दोस्‍तों को देख फरार हो जाते हैं अन्‍य शेर💐
वन विभाग के ट्रैकर ने भी चारों शेरों के व्‍यवहार की पुष्टि की है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन चारों शेरों का खौफ इलाके में इतना ज्‍यादा है कि अन्‍य शेर उन्‍हें अपने इलाके में देखते ही फरार हो जाते हैं। इन चारों शेरों ने अपने इलाके का विस्‍तार भावनगर जिले के तटीय इलाके महुआ तक कर लिया है। उनकी उग्रता को देखकर इलाके के अन्‍य शेर डरे हुए हैं। एक अन्‍य ट्रैकर ने कहा, 'वडाल इलाके में एक शेर है लेकिन वह इन चारों शेरों को आता देखकर बहुत तेजी से सुरक्षित स्‍थान पर भाग जाता है।'
200 वर्ग किमी इलाके पर चारों शेरों का कब्‍जासूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को राजुला के धारेश्‍वर गांव में चारों शेरों को देखा गया था। सावरकुंडला के रहने वाले और शेर संरक्षण कार्यक्रम के हिस्‍सा रहे हिंमाशु भट्ट कहते हैं, 'ऐसा हमने पहली बार देखा है कि शेरों का एक समूह 200 वर्ग किलोमीटर के इलाके में घूम रहा है।' बता दें कि गुजरात के गिर जंगल एशियाई शेरों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। गिर के जंगलों में करीब 600 शेर रहते हैं
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(💐 A/3)ये भी पढ़ें: सरकारी नौकरियों में आरक्षण का दावा मौलिक अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट


सबसे पहले साल 1973 में उत्तर प्रदेश सरकार ने पद्दोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लागू की थी जिसके बाद 1992 में इंदिरा साहनी केस में सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को रद्द कर दिया था. साथ ही सभी राज्यों को पांच साल के भीतर इस आरक्षण को खत्म करने के निर्देश दिए थे. फिर दो साल बाद यूपी में मुलायम सरकार ने इस आरक्षण को कोर्ट के अगले आदेश तक के लिए बढ़ा दिया था.।
       💐केंद्र ने किया संविधान संशोधन💐
हालांकि इस दिशा में 1995 का साल सबसे अहम रहा और 17 जून 1995 को केंद्र सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए 82वां संविधान संशोधन कर दिया. इस संशोधन के बाद राज्य सरकारों को प्रमोशन में आरक्षण देने का कानून अधिकार हासिल हो गया. इस फैसले के कुछ साल बाद 2002 में केंद्र की एनडीए सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण के लिए संविधान में 85वां संशोधन किया और एससी-एसटी आरक्षण के लिए कोटे के साथ वरिष्ठता भी लागू कर दी.
उत्तर प्रदेश में 2005 की मुलायम सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था को ही रद्द कर दिया. फिर दो साल बाद जब राज्य में मायावती की सरकार बनी तो उन्होंने वरिष्ठता की शर्त के साथ पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को फिर से लागू कर दिया. हालांकि हाई कोर्ट में चुनौती मिलने के बाद 2011 में इस फैसले को रद्द कर दिया गया.।
साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराया जिसके बाद यूपी की अखिलेश यादव सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था और वरिष्ठता को रद्द कर दिया. साल 2017 में केंद्र सरकार की अपील के बाद सुप्रीम कोर्ट ने नागराज मामले का फैसला संवैधानिक पीठ के हवाले कर दिया. 2018 में इस पीठ का फैसला आने तक सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि प्रमोशन में आरक्षण पर कोई रोक नहीं है और राज्य इसे अपने विवेक के आधार पर लागू कर सकते हैं./
          💐क्या है नागराज मामला?💐
सुप्रीम कोर्ट अपने पूर्व के फैसले में कह चुका है कि संविधान में आरक्षण सिर्फ नियुक्ति के लिए है इसे पद्दोन्नति के लिए लागू नहीं किया जाना चाहिए. कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ कई राज्यों ने अपने यहां पद्दोन्नति में आरक्षण लागू किया और केंद्र में भी कोर्ट के फैसले के पलटने के लिए संविधान संशोधन किए गए. साल 2002 में एम नागराज केस के तहत इन संशोधन को चुनौती भी दी गई. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में 2006 में फैसला देते हुए कहा ये सारे संशोधन वैध ठहराया था.।
सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले में कहा था कि राज्य सरकार प्रमोशन में आरक्षण दे सकती हैं. लेकिन इसके लिए उसे तीन बातें जरूर ध्यान में रखनी चाहिए. वो तीन बिन्दु जिस समुदाय को ये लाभ दिया जा रहा है उसका प्रतिनिधित्व क्या वाकई बहुत कम है?, क्या उम्मीदवार को नियुक्ति में आरक्षण का लाभ लेने के बाद भी आरक्षण की ज़रूरत है?, एक जूनियर अफसर को सीनियर बनाने से काम पर कितना फर्क पड़ेगा? थीं। 🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔆🔅🔅🔅🔅🔆
💐(A/4)LIVE Delhi Election Results 2020 Live: 62 सीटों के साथ केजरीवाल ने लगाई जीत की हैट्रिक, भाजपा 8 पर सिमटी
                   💐 खास बातें।💐
विकास के एजेंडे पर दिल्ली चुनाव में उतरे आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हैट्रिक लगाई है। आप की आंधी में भाजपा औंधे मुंह गिर गई। जबकि कांग्रेस का लगातार दूसरी बार सूपड़ा साफ हो गया।अरविंद केजरीवाल का जादू एक बार फिर दिल्लीवालों के सर चढ़कर बोला। 70 में से 62 सीटों पर जीत दर्ज कर पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है।
कांग्रेस की हार के लिए मैं जिम्मेदार: सुभाष चोपड़ा 


कांग्रेस की हार के लिए मैं जिम्मेदार: सुभाष चोपड़ा 


दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा, हम हार के पीछे कारणों की समीक्षा करेंगे। हमारे वोटों में गिरावट भाजपा और आप की ध्रुवीकरण की राजनीति के कारण हुई। तीन महीने पहले ही मैंने प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाला था और अपनी क्षमता से बढ़कर काम किया। अगर कोई हार का जिम्मेदार है तो मैं हूं। चोपड़ा ने कहा, कांग्रेस हमेशा सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ खड़ी रही है और हम अंत तक भाजपा के खिलाफ लड़ते रहेंगे।
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 🔆(B)आज के दिन जन्मेप्रसिद्धअभिनेता,खलनायक
  चरित्रअभिनेता प्राण साहब का जीवन परिचय 🔆


  प्राण (जन्म: 12 फ़रवरी 1920;
 मृत्यु: 12 जुलाई 2013) 
हिन्दी फ़िल्मों के एक प्रमुख चरित्र अभिनेता थे जो मुख्यतः अपनी खलनायक की भूमिका के लिये जाने जाते हैं। कई बार फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार तथा बंगाली फ़िल्म जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन अवार्ड्स जीतने वाले इस भारतीय अभिनेता ने हिन्दी सिनेमा में 1940 से 1990 के दशक तक दमदार खलनायक और नायक का अभिनय किया।उन्होंने प्रारम्भ में 1940 से 1947 तक नायक के रूप में फ़िल्मों में अभिनय किया। इसके अलावा खलनायक की भूमिका में अभिनय 1942 से 1991 तक जारी रखा। उन्होंने 1948 से 2007 तक सहायक अभिनेता की तर्ज पर भी काम किया।
प्राण
जन्म:-                  12 फ़रवरी 1920
जन्म स्थान:-          पुरानी दिल्ली, ब्रिटिश भारत
मृत्यु:---                12 जुलाई 2013 (उम्र 93)
मृत्यस्थल:-            7मुम्बई, महाराष्ट्र, भारत
आवास:---             व्व्व्व्ं-मुम्बई, महाराष्ट्र, भारत7
व्यवसाय:-              चरित्र अभिनेता
जीवनसाथी:---       शुक्ला सिकन्द (1945–2013, 
                             निधन तक)
बच्चे:-                    अरविन्द सिकन्द
                             सुनील सिकन्द
                             पिंकी सिकन्द
वेबसाइट:-              www.pransikand.com
कार्य:-                    अपने उर्वर अभिनय काल के  
                             दौरान उन्होंने 350 से अधिक 
                             फ़िल्मों में काम किया। 
                             उन्होंने खानदान (1942),
                             पिलपिली साहेब (1954) 
                             और हलाकू (1956) जैसी 
                             फ़िल्मों में मुख्य अभिनेता की   
                             भूमिका निभायी। 
उनका सर्वश्रेष्ठ कार्य:- 
                           अभिनय मधुमती (1958), 
                           जिस देश में गंगा बहतीहै(1960), 
                           उपकार (1967), 
                            शहीद (1965), 
                           आँसू बन गये फूल (1969), 
                           जॉनी मेरा नाम (1970),
                           विक्टोरिया नम्बर203 (1972), 
                            बे-ईमान (1972), 
                           ज़ंजीर (1973), डॉन (1978)  
                          और दुनिया (1984) 
फ़िल्मों में माना जाता है।की प्राण ने अपने कैरियर के दौरान विभिन्न पुरस्कार और सम्मान अपने नाम किये। उन्होंने 1967, 1969 और 1972 में फ़िल्मफ़ेयर
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता  पुरस्कार और 1997 में   
फ़िल्मफेयर लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड जीता। उन्हें    सन् 2000 में स्टारडस्ट द्वारा मिलेनियम केखलनायक' द्वारा पुरस्कृत किया गया। 
2001 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण सेसम्मानित
किया और भारतीय सिनेमा में योगदान के लिये 2013 में दादा साहब फाल्के सम्मान से नवाजा गया। 2010 में सीएनएन की सर्वश्रेष्ठ  25 सर्वकालिक एशियाई   
अभिनेताओं में चुना गया।
               💐    व्यक्तिगत जीवन। 💐
12 फ़रवरी 1920 को दिल्ली में जन्मे प्राण ने सैकड़ों फ़िल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं। प्राण के पिता लाला केवल कृष्ण सिकन्द एक सरकारी ठेकेदार थे, जो आम तौर पर सड़क और पुल का निर्माण करते थे। देहरादून के पास कलसी पुल उनका ही बनाया हुआ है। अपने काम के सिलसिले में इधर-उधर रहने वाले लाला केवल कृष्ण सिकन्द के बेटे प्राण की शिक्षा कपूर
-थला, उन्नाव, मेरठ, देहरादून और रामपुर में हुई बतौरफोटोग्राफर लाहौर में अपना कैरियर शुरु करने वालेप्राण को1940 में‘यमलाजट नामक फ़िल्ममेंपहली 
बार काम करने का अवसर मिला। उसके बाद तो प्राण ने फिर पलट कर नहीं देखा।
रवी-राव के अनुसार उन्होंने लगभग 400 फ़िल्मों में काम किया। एक तरफ उनके नाम ‘राम और श्याम’ के खलनायक की ऐसी तस्वीर रही है,जिससे लोगों ने परदे के बाहरभीघृणा शुरु कर दी थी,वहीं उनके नामउपकार’
के मंगल चाचा की भूमिका भी है,जिसे दर्शकों का बेइन्तहा प्यार और सम्मान मिला।1968 मेंउपकार,
1970आँसू बन गये फूल और 1973 में प्राण को
बेईमान
              फ़िल्म में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिये
फ़िल्म फेयर अवार्ड दिया गया।इसके बाद मिले सम्मान और अवार्ड की संख्या सैकड़ों में है।1945 में शुक्ला से 
विवाहित प्राण भारत-पाकिस्तान बँटवारे के बाद बेटे अरविन्द, सुनील और एक बेटी पिंकी के साथ मुम्बई आ गये।आज की तारीख में उनके परिवार में 5 पोते-
पोतियाँ और 2पड़पोते भी शामिल हैं।खेलों के प्रति प्राणका प्रेम भी जगजाहिर है।50 केदशक में उनकी
 अपनी फुटबॉल टीम ‘डायनॉमोस फुटबाल क्लब’ बहुचर्चित रहा है।.
इस महान कलाकार ने 12 जुलाई 2013 कोमुम्बई के लीलावतीअस्पताल में अन्तिम साँस ली। उल्लेखनीय बात यह भी है कि उनके जन्म और मृत्यु की तिथि की संख्या एक ही थी- 12 (बारह)।


        💐 नामांकन और पुरस्कार💐
       💐  फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार💐
1973 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक 
            अभिनेता पुरस्कार - बेईमान
1970 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक     
           अभिनेता पुरस्कार - 
           आँसू बन गये फूल
1968 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक     
           अभिनेता पुरस्कार - उपकार
              🔅पद्म-भूषण🔅
प्राण सिकंद को सन 2001 में भारत सरकार ने कला क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
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💐(C)आज के दिनकी प्रमुख एतिहासिक घटनाएँ💐


1502 - वास्को दा गामा भारत की दूसरी यात्रा के लिए अपने जहाज में लिस्बन से रवाना हुआ।
1541 - वर्तमान चिली की राजधानी सेंटियागो की स्थापना पेड्रो दा वॉल्दिविया ने की।
1912 - चीनी गणराज्य ने ग्रेगोरियन कैलेंडर को अपनाया।
2010-गूगल ने जीमेल में बदलाव कर इसे सोशल नेटवर्किंग साइट के फीचर देते हुए जीमेल बज़की शुरुआत की। इसके तहत मेसेजों के फौरन अपडेट तो मिलेंगे ही इसके अलावा फोटो व विडियो शेयरिंग समेत कई और फीचर्स भी जोड़ दिए गए हैं। 
2010 केंद्र सरकार ने तेलंगाना पर गठित सेवानिवृत न्यायाधीश बी. एन. श्रीकृष्ण की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यिय उच्च स्तरिय समिति की जांच का दायरा तय करते हुए समिति से अलग तेलंगाना के साथ ही अखंड आंध्र प्रदेश के विकल्प पर भी विचार करने को कहा गया। समिति को रिपोर्ट सौंपने के लिए 31 दिसम्बर 2010 तक का समय दिया गया।
2010 हरिद्वार महाकुंभ में सात अखाडों के करीब पचास हजार संन्यासियों और विभिन्न अखाडों के लगभग चार हजार नागा अवधूतों सहित लगभग 55 लाख श्रद्धालुओं ने पहले शाही स्नान पर गंगा में डुबकी लगाई।
2011  ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने इस्लामी क्रांति की 31वीं वर्षगांठ पर उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम की पहली खेप तैयार करने और ईरान के परमाणु संपन्न देश होने की घोषणा कर दी।


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    💐(D )आज के दिन जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व 💐


1809 - अब्राहम लिंकन, अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति
1920 - प्राण, भारतीय अभिनेता
1922- तन् हुसैन ऑन,मलेशिया के तीसरे प्रधानमंत्री 
1980 - हुआन कार्लोस फरेरो - स्पेन के क्ले कोर्ट के मशहूर टेनिस खिलाड़ी।


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💐(E)आज के दिन निधनहुवे प्रमुख व्यक्तित्व💐
 
 1804 - इमानुएल कैंट, जर्मन विचारक


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     आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।
💐।जय चित्रांश।💐
💐जय महाकाल,बोले सो निहाल।💐
💐जय हिंद जय भारत💐


 💐 निवेदक;💐-


            चित्रांश - विजय निगम


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