आज की बात आपके साथ - विजय निगम

      प्रिय साथियो,
💐राम-राम💐 
💐नमस्कार💐


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का दिनांक 14 फरवरी  2020 शुक्रवार  की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।


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    आज की बात आपके साथ  अंक मे है 


A कुछ रोचक समाचार 
B आज के दिन जन्म लिये सुप्रसिद्ध अभिनेत्री स्व.मधुबाला  का जीवन परिचय  लेख. ।
Cआज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व
E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
F आज का दिवस का नाम ।
 
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         🌷A कुछ रोचक समाचार⚘
 
💐(A/1) वेलेंटाइन डे के बारे मे जानिए कब,क्योक्ंहा
कैसे💐
 💐(A/2)  बैंक में जमा रकम पर बीमा 5 लाख रुपये करने को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कही बड़ी बात🎂
💐(A/3)भगत सिंह पर वायरल मैसेज का ये है सच, जानिए 14 फरवरी से रिश्ता।💐
🎂(A/04)  केरलः 12 करोड़ की लॉटरी लगी, रातोंरात करोड़पति बना दिहाड़ी मजदूर💐


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             💐A कुछ रोचक समाचार💐


💐 वेलेंटाइन डे के बारे मे जानिए कब,  क्यो,  क्ंहा 
  कैसे  💐
तीसरी शताब्दी में आज ही के दिन रोम में क्लाउडियस द्वितीय के शासन के दौरान वैलेंटाइन को फांसी पर चढ़ाया गया था. इसी के बाद से दुनिया में वैलेंटाइन्स डे के नाम इसे मनाया जाता है.
रोम में सम्राट क्लाउडियस के क्रूर शासन के दौरान कई अलोकप्रिय और खूनी अभियान चलाए गए. सम्राट को शक्तिशाली सेना को बनाए रखने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।. क्लाउडियस को लगता था कि रोम के लोग अपनी पत्नी और परिवारों के साथ मजबूत लगाव होने की वजह से सेना में भर्ती नहीं हो रहे हैं.। इस समस्या से निजात पाने के लिए क्लाउडियस ने रोम में शादी और सगाई पर पाबंदी लगा दी।.
लेकिन पादरी वैलेंटाइन ने सम्राट के आदेश को लोगों के साथ नाइंसाफी के तौर पर महसूस किया।. सम्राट के आदेश को चुनौती देते हुए वैलेंटाइन चोरी छिपे युवा प्रेमी जोड़ों की शादी कराते थे. जब वैलेंटाइन के काम के बारे में क्लाउडियस को पता चला तो उसने पादरी की हत्या का आदेश जारी किया.। वैलेंटाइन को गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश किया गया. अदालत ने वैलेंटाइन को मौत की सजा सुनाई.।
14 फरवरी 1270 को वैलेंटाइन को मौत की सजा दी गई।. ऐसा भी कहा जाता है कि संत वैलेंटाइन ने जेल में रहते हुए जेलर की बेटी को खत लिखा था, जिसमें अंत में उन्होंने लिखा था "तुम्हारा वैलेंटाइन." वैलेंटाइन के प्रेम के संदेश को आज भी लोग दुनिया में जिंदा रखे हुए हैं।. वैलेंटाइन को इस महान सेवा के लिए संत की उपाधि दी गई. तब से लेकर हर साल दुनिया भर में 14 फरवरी को वैलेंटाइन्स डे के तौर पर मनाया जा रहा है.। इस दिन लोग एक दूसरे को फूल, चॉकलेट और उपहार देकर अपने स्नेह का इजहार करते हैं.


💐जानिए क्यों होता है प्यार ?क्यों होता है प्यार?
पूर्णता का अहसास💐
 प्यार का दिन, प्यार के इजहार का दिन। अपने जज्बातों को शब्दों में बयां करने के लिए इस दिन का हर धड़कते हुए दिल को बेसब्री से इंतजार होता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं, प्यार के परवानों के दिन की, वेलेंटाइन-डे की...। प्यार भरा यह दिन खुशियों का प्रतीक माना जाता है और हर प्यार करने वाले शख्स के लिए अलग ही अहमियत रखता है। 
14 फरवरी को मनाया जाने वाला यह दिन विभिन्न देशों में अलग-अलग तरह से और अलग-अलग विश्वास के साथ मनाया जाता है। पश्चिमी देशों में तो इस दिन की रौनक अपने शबाब पर ही होती है, मगर पूर्वी देशों में भी इस दिन को मनाने का अपना-अपना अंदाज होता है। 
जहां चीन में यह दिन 'नाइट्स ऑफ सेवेन्स' प्यार में डूबे दिलों के लिए खास होता है, वहीं जापान व कोरिया में इस पर्व को 'वाइट डे' का नाम से जाना जाता है। इतना ही नहीं, इन देशों में इस दिन से पूरे एक महीने तक लोग अपने प्यार का इजहार करते हैं और एक-दूसरे को तोहफे व फूल देकर अपनी भावनाओं का इजहार करते हैं। 
इस पर्व पर पश्चिमी देशों में पारंपरिक रूप से इस पर्व को मनाने के लिए 'वेलेंटाइन-डे' नाम से प्रेम-पत्रों का आदान प्रदान तो किया जाता है ही, साथ में दिल, क्यूपिड, फूलों आदि प्रेम के चिन्हों को उपहार स्वरूप देकर अपनी भावनाओं को भी इजहार किया जाता है। 19वीं सदीं में अमेरिका ने इस दिन पर अधिकारिक तौर पर अवकाश घोषित कर दिया था। 
यू.एस ग्रीटिंग कार्ड के अनुमान के अनुसार पूरे विश्व में प्रति वर्ष करीब एक बिलियन वेलेंटाइन्स एक-दूसरे को कार्ड भेजते हैं, जो क्रिसमस के बाद दूसरे स्थान सबसे अधिक कार्ड के विक्रय वाला पर्व माना जाता है। 
ऐसा माना जाता है कि वेलेंटाइन-डे मूल रूप से संत वेलेंटाइन के नाम पर रखा गया है। परंतु सैंट वेलेंटाइन के विषय में ऐतिहासिक तौर पर विभिन्न मत हैं और कुछ भी सटीक जानकारी नहीं है। 1969 में कैथोलिक चर्च ने कुल ग्यारह सेंट वेलेंटाइन के होने की पुष्टि की और 14 फरवरी को उनके सम्मान में पर्व मनाने की घोषणा की। इनमें सबसे महत्वपूर्ण वेलेंटाइन रोम के सेंट वेलेंटाइन माने जाते हैं। 
1260 में संकलित की गई 'ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन' नामक पुस्तक में सेंट वेलेंटाइन का वर्णन मिलता है। इसके अनुसार रोम में तीसरी शताब्दी में सम्राट क्लॉडियस का शासन था। उसके अनुसार विवाह करने से पुरुषों की शक्ति और बुद्धि कम होती है। उसने आज्ञा जारी की कि उसका कोई सैनिक या अधिकारी विवाह नहीं करेगा। संत वेलेंटाइन ने इस क्रूर आदेश का विरोध किया। 
उन्हीं के आह्वान पर अनेक सैनिकों और अधिकारियों ने विवाह किए। आखिर क्लॉडियस ने 14 फरवरी सन् 269 को संत वेलेंटाइन को फांसी पर चढ़वा दिया। तब से उनकी स्मृति में प्रेम दिवस मनाया जाता है। 
कहा जाता है कि सेंट वेलेंटाइन ने अपनी मृत्यु के समय जेलर की नेत्रहीन बेटी जैकोबस को नेत्रदान किया व जेकोबस को एक पत्र लिखा, जिसमें अंत में उन्होंने लिखा था 'तुम्हारा वेलेंटाइन'। यह दिन था 14 फरवरी, जिसे बाद में इस संत के नाम से मनाया जाने लगा और वेलेंटाइन-डे के बहाने पूरे विश्व में निःस्वार्थ प्रेम का संदेश फैलाया जाता है। 
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🔅🌻(A/2)  बैंक में जमा रकम पर बीमा 5 लाख रुपये करने को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कही बड़ी बात।💐
बैंक में जमा रकम पर बीमा 5 लाख रुपये करने को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कही बड़ी बात।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को कहा कि रिजर्व बैंक की विस्तृत नियामकीय भूमिका से गलत प्रचलनों पर रोक लगेगी तथा देश की वित्तीय प्रणाली अधिक विश्वसनीय बनेगी। उन्होंने राष्ट्रीय बैंक प्रबंधन संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह में कहा, ''रिजर्व बैंक की नियामकीय निगरानी ने बैंकिंग परिचालन में स्थिरता लाई है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हाल ही में एक नियामक के रूप में रिजर्व बैंक की भूमिका विस्तृत की गई है। उन्होंने कहा, ''हमें भरोसा है कि इससे गलत प्रचलनों पर रोक लगेगी तथा हमारी वित्तीय प्रणाली अधिक विश्वसनीय बनेगी। बैंक देश की आर्थिक प्रणाली के आधार हैं। इन्होंने पिछले कई साल से देश की आर्थिक वृद्धि को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि हमने वित्तीय समावेश के जरिये उन लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने में तेज प्रगति की है, जो अब तक इन सेवाओं से वंचित थे। राष्ट्रपति ने कहा कि जमा पर बीमा की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ा पांच लाख रुपये किया जाना बचतकर्ताओं को आश्वस्त करने की दिशा में उठाया गया एक सकारात्मक कदम है।
 वित्त मंत्री ने निर्मला सीतारमण ने बजट 2020 में  बैंक जमा गांरटी को एक लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया है। अब तक यह एक लाख थी। यानी अब बैंकों के डूबने पर खाते में चाहे कितनी भी रकम हो पर कम से कम लोगों को 5 लाख रुपये मिलेंगे। दरअसल डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (डीआईसीजीसी) बैंकों में जमा राशि की एक सीमा तक सुरक्षा की गारंटी लेता है। यह रिजर्व बैंक की एक सहायक इकाई है। हालांकि, बैंक में जमा कुल राशि की सुरक्षा की गारंटी नहीं होती है।💐
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 💐(A/3)भगत सिंह पर वायरल मैसेज का ये है सच, जानिए 14 फरवरी से रिश्ता।
कहा जाता है कि 14 फरवरी 1931 को महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को लाहौर के एक जेल में फांसी दी गई थी. साथ ही कई मैसेज में इस दिन भगत सिंह को फांसी सुनाए जाने का जिक्र होता है।
हर साल वेलेंटाइन डे के आसपास एक मैसेज वायरल होता है, जिसमें कहा जाता है कि 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के रूप में नहीं, बल्कि भगत सिंह की याद में मनाया जाना चाहिए. कहा जाता है कि 14 फरवरी 1931 को महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को लाहौर के एक जेल में फांसी दी गई थी. साथ ही कई मैसेज में इस दिन भगत सिंह को फांसी सुनाए जाने का जिक्र होता है. 
           💐23 मार्च को हुई थी फांसी💐
ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को 14 फरवरी को फांसी नहीं दी गई थी, बल्कि उन्हें 23 मार्च को फांसी पर लटकाया गया था. 23 मार्च को पूरा देश शहीदी दिवस के रूप में भी मनाया है. कई रिपोर्ट्स में यह जिक्र जरूर है कि इन तीन महान क्रांतिकारियों को फांसी देने की तारीख 24 मार्च 1931 तय की गई थी, लेकिन अचानक ही उनकी फांसी का समय बदल कर 11 घंटे पहले कर दिया गया और 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में शाम 7:30 बजे उन्हें फांसी दे दी गई.
💐फांसी से पहले जेल में ये किताबें पढ़ रहे थे भगत सिंह💐
             💐 इस दिन सुनाई गई सजा 💐
कई मैसेज में फांसी पर चढ़ाने का दावा नहीं, बल्कि फांसी सुनाए जाने की बात कही जाती है. हालांकि यह दावा भी गलत है, क्योंकि 7 अक्टूबर 1930 को ब्रिटिश कोर्ट ने अपने 300 पेज का जजमेंट सुनाया, जिसमें भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को सांडर्स मर्डर और एसेंबली बम कांड में दोषी करार दिया गया और उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई.।
           💐क्या है 14 फरवरी से रिश्ता💐
कई इतिहास के जानकारों का कहना है कि 14 फरवरी से भगत सिंह का रिश्ता ये है कि 14 फरवरी 1931 को मदन मोहन मालवीय जी ने फांसी से ठीक 41 दिन पहले एक मर्सी पिटीशन ब्रिटिश भारत के वायसराय लॉर्ड इरविन के दफ्तर में डाली थी, जिसको इरविन ने खारिज कर दिया था. हालांकि कई रिपोर्ट्स का कहना है कि इतिहास में ऐसे भी किसी दावे की पुष्टि नहीं होती


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💐🎂(A/04)  केरलः 12 करोड़ की लॉटरी लगी, रातोंरात करोड़पति बना दिहाड़ी मजदूर💐


हाड़ी मजदूरी करने वाले केरल के राजन की 12 करोड़ की लॉटरी लग गई। टैक्स कटने के बाद भी उनके खाते में तकरीबन 7 करोड़ रुपये आएंगे। राजन ने बताया कि उन्हें अब भी यह किसी सपने की तरह लगता है कि वह रातोरात करोड़पति हो गए।
                   💐  हाइलाइट्स:💐
रातोंरात करोड़पति बने कन्नूर के रहने वाले दिहाड़ी मजदूर राजन, लगी 12 करोड़ की लॉटरी।
टैक्स कटने के बाद राजन को मिलेंगे 7 करोड़ रुपये, बोले, पैसों से जरूरतमंदों की करेंगे मदद।
रातोंरात किस्मत बदलने से खुश है परिवार, गरीबी में भी लॉटरी टिकट खरीदना नहीं भूलते थे ।
                          💐  कन्नूर। 💐
केरल के कन्नूर के रहने वाले पेरून्नन राजन मजदूरी का काम करते हैं।बीती10 फरवरी को उनके साथकुछऐसा
 हुआजिसने उनकी जिंदगी बदल दी।दिहाड़ी मजदूरी करने वाले राजन की 12 करोड़की लॉटरी लग गई। 
टैक्स कटने के बाद भी उनकेखाते मेंतकरीबन 7 करोड़ 
रुपये आएंगे।राजन ने बताया किउन्हेंअब भी यह किसी सपनेकीतरह लगताहै किवह रातोंरातकरोड़पति होगए।
मलूर के थोलांबरा इलाके रहने वाले 58 साल के राजन दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। परिवार की आर्थिक विपन्नता के बावजूद वह लॉटरी का टिकट खरीदना नहीं भूलते थे। उन्हें भरोसा था कि किसी दिन उनकी किस्मत जरूर बदलेगी।
     💐कई बार क्रॉस चेक किए नतीजे💐
लॉटरी लगने के बाद राजन ने कहा कि उन्होंने इतनी बड़ी कामयाबी के बारे में कभी नहीं सोचा था। उन्होंने बताया कि कल जब लॉटरी के नतीजे घोषित किए गए तब उन्होंने उम्मीद नहीं की थी कि वह इसके विजेता बनेंगे लेकिन जब उन्होंने अपने परिवार के साथ नतीजे देखेतोउनकी खुशीका ठिकानानहीं रहा।राजन नेबताया
कि लॉटरी टिकट बैंक में जमा करने से पहले उन्होंने रिजल्ट को कई बार क्रॉस-चेक किया था।
जरूरतमंद लोगों के लिए कुछ करना चाहते हैं राजन
राजननेकहा किउन्होंने पहले थोलांबरा के कोऑपरेटिव
बैंक में संपर्क किया। वहां अधिकारियों ने उन्हें कन्नूर के जिला बैंक जाने के लिए कहा। इसके बाद वह अपनी पत्नी रजनी, बेटे रिगिल और बेटी अक्षरा के साथ बैंक पहुंचेऔर वहांटिकट सबमिट किया।लॉटरी में मिलेपैसों
 के इस्तेमाल के बारे में पूछे जाने पर राजन ने बताया कि सबसे पहले तो उन पर कुछ देनदारियां हैंजिन्हें उन्हें निपटाना है।इसके बाद वहआसपास के जरूतमंदलोगों
के लिएकुछ करना चाहेंगे।राजन ने कहा कि वह पसीने 
की कीमत जानते हैं ₹और यह भी जानते हैं कि पैसे कमाना आसान नहीं है। ऐसे में वह इस धनराशि को बेकार नहीं होने देना चाहते
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   🌻(B)आज के दिन जन्मी सुप्रसिद्ध अभिनेत्री मधुबाला का जीवन परिचय🌻
                🔆मधुबाला🔆


मधुबाला (उर्दू: مدھو بالا ; जन्म: 14 फ़रवरी 1933, दिल्ली - निधन: 23 फ़रवरी 1969, बंबई) भारतीय हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री थी।
 उनके अभिनय में एक आदर्श भारतीय नारी को देखा जा सकता है। चेहरे द्वारा`भावाभियक्ति तथा नज़ाक़त उनकी प्रमुख विशेषतायें थीं। उनके अभिनय, प्रतिभा, व्यक्तित्व और खूबसूरती को देख कर यही कहा जाता है कि वह भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महान अभिनेत्री है। वास्तव मे हिन्दी फ़िल्मों के समीक्षक मधुबाला के अभिनय काल को स्वर्ण युग की संज्ञा से सम्मानित करते हैं।
मधुबाला 
जन्म नाम ;-           मुमताज़ बेग़म जहाँ देहलवी
जन्म दिनांक;-       14 फ़रवरी 1933
जन्म स्थान;-          नई दिल्ली, भारत
मृत्यु दिनांक:-        23 फ़रवरी 1969 (उम्र 36)
मृत्यु स्थल;-           मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
आवास:-               मुंबई, भारत
राष्ट्रीयता;-             भारतीय
व्यवसाय;-            अभिनेत्री
धार्मिक मान्यता:-    मुस्लिम
जीवनसाथी:-         किशोर कुमार (वि॰ 1960–69)


                  💐  प्रारम्भिक जीवन 💐
मधुबाला का जन्म 14 फ़रवरी 1933 को दिल्ली में एक पश्तून मुस्लिम परिवार मे हुआ था। मधुबाला अपने माता-पिता की 5 वीं सन्तान थी। उनके माता-पिता के कुल 11 बच्चे थे। मधुबाला का बचपन का नाम 'मुमताज़ बेग़म जहाँ देहलवी' था। ऐसा कहा जाता है कि एक भविष्यवक्ता ने उनके माता-पिता से ये कहा था कि मुमताज़ अत्यधिक ख्याति तथा सम्पत्ति अर्जित करेगी परन्तु उसका जीवन दुखःमय होगा। उनके पिता अयातुल्लाह खान ये भविष्यवाणी सुन कर दिल्ली से मुम्बई एक बेहतर जीवन की तलाश मे आ गये। मुम्बई मे उन्होने बेहतर जीवन के लिए काफ़ी संघर्ष किया।
                 💐 बॉलीवुड में प्रवेश 💐
बालीवुड में उनका प्रवेश 'बेबी मुमताज़' के नाम से हुआ।उनकी पहली फ़िल्म बसन्त (1942) थी। देविका रानी बसन्त में उनके अभिनय से बहुत प्रभावित हुयीं, तथा उनकानाम मुमताज़ से बदल कर  मधुबाला' रख दिया।उन्हेबालीवुड में अभिनय केसाथ-साथ अन्य तरह केप्रशिक्षणभी दिये गये।(12 वर्ष कीआयु मे उन्हे वाहन
चलाना आता था)।
                 💐  अभिनय यात्रा💐
उन्हें मुख्यभूमिका निभाने का पहला मौका केदार शर्मा 
नेअपनी फ़िल्म नील कमल(1947) में दिया।इसफ़िल्म
मे उन्होने राज कपूर के साथ अभिनय किया।इसफ़िल्म
मे उनकेअभिनय के बाद उन्हे सिनेमा की सौन्दर्य देवी' 
(Venus Of The Screen) कहा जाने लगा। इसके 2 साल बाद बाम्बे टॉकीज़ की फ़िल्म महल में उन्होने अभिनय किया।महलफ़िल्म का गानाआयेगा आनेवाला
'लोगों ने बहुत पसन्द किया। इस फ़िल्म का यह गाना पार्श्व गायिका लता मंगेश्कर, इस फ़िल्म की सफलता तथा मधुबाला के कैरियर में,बहुत सहायक सिद्ध हुआ।
महल की सफलता के बाद उन्होने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। उस समय के स्थापित पुरूष कलाकारों के साथ उनकी एक के बाद एक फ़िल्म आती गयीं तथा सफल होती गयीं।उन्होंनेअशोककुमार, रहमान, दिलीप कुमार, देवानन्दआदि सभी के साथ काम किया।1950
के दशक में उनकी कुछ फ़िल्मे असफल भी हुयी। जब उनकी फ़िल्मेअसफल हो रही थी तो आलोचक येकहने 
लगेकीमधुबाला मेंप्रतिभा नही है तथाउनकी कुछफ़िल्में 
उनकीसुन्दरताकीवज़ह सेहिटहुयीं,नाकिउनकाअभिनय 
से। लेकिन ऐसा नहीं था। उनकी फ़िल्मे फ़्लाप होने का कारण था-सही फ़िल्मों का चुनावन कर पाना मधुबाला
के पिता ही उनके मैनेजर थेऔर वही फ़िल्मों का चुनाव करते थे।मधुबालापरिवार की एक मात्र ऐसी सदस्या थीं जिनकी आय पर ये बड़ा परिवार टिका था। अतः इनके पिता परिवार के पालन-पोषण के लिये किसी भी तरह के फ़िल्म का चुनाव कर लेते थे। चाहेभले हीउस फ़िल्म मे मधुबाला को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले याना मिले और यही उनकी कुछ फ़िल्मे असफल होने का कारण बना। इन सब के बावजूद वह कभी निराश नही हुयीं।1958 मे उन्होने अपने प्रतिभाकोपुनःसाबित 
किया।इस साल आयी उनकीचार फ़िल्मे(फ़ागुन,हावरा
ब्रिज, काला पानी और चलती का नाम गाडी) सुपरहिट हुयीं।
           💐दिलीप कुमार से सम्बन्ध💐
ज्वार भाटा (1944) के सेट पर वह पहली बार दिलीप कुमार से मिली। उनके मन मे दिलीप कुमार के प्रति आकर्षण पैदा हुआ तथा वह उनसे प्रेम करने लगीं। उस समय वह 18 साल की थींतथा दिलीप कुमार 29 साल के थे। उन्होने 1951 मे तराना मे पुनः साथ-साथ काम किया।उनका प्रेम मुग़ल-ए-आज़म की9सालों कीशूटिंग 
शुरू होने केसमय और भी गहरा हो गया था।वहदिलीप 
कुमार से विवाह करना चाहती थीं पर दिलीप कुमार ने इन्कार करदिया।ऐसाभी कहा जाता हैकी दिलीपकुमार
तैयार थेलेकिन मधुबाला के लालचीरिश्तेदारों ने येशादी 
नही होनेदी।1958मेअयातुल्लाह खान ने कोर्टमेदिलीप 
कुमारके खिलाफ़एक केस दायर कर केदोनोको परस्पर प्रेम खत्म करने पर बाध्य भी किया।
                            💐 विवाह 💐
मधुबाला को विवाह के लिये तीन अलग - अलग लोगों से प्रस्ताव मिले। वह सुझाव के लिये अपनी मित्र नर्गिस
के पास गयी। नर्गिस ने भारत भूषण से विवाह करनेका 
सुझाव दियाजोकि एकविधुर थे।नर्गिस केअनुसारभारत
भूषण, प्रदीप कुमार एवं किशोर कुमार से बेहतर थे। लेकिन मधुबाला ने अपनी इच्छा से किशोर कुमार को चुना।किशोर कुमार एक तलाकशुदा व्यक्ति थे मधुबाला 
के पितानेकिशोर कुमार से बतायाकि वहशल्यचिकित्सा
के लिये लंदन जा रही है तथा उसके लौटने पर ही वे
विवाह कर  सकते है। मधुबाला मृत्यु से पहले  विवाह करना चाहती थीं ये बात किशोर कुमार को पता था।
1960 में उन्होने विवाह किया। परन्तु किशोर कुमार के माता-पिता नेकभी भी मधुबाला को स्वीकार नही किया
 उनका विचार था कि मधुबाला ही उनके बेटे की पहली शादी टूटने की वज़ह थीं। किशोर कुमार ने माता-पिता को खुश करने के लिये हिन्दू रीति-रिवाज से पुनः शादी की, लेकिन वे उन्हे मना न सके।
                      💐 विशेष अभिनय 💐
मुगल-ए-आज़म में उनका अभिनय विशेष उल्लेखनीय है। इस फ़िल्म मे सिर्फ़ उनका अभिनय ही नही बल्कि 'कला के प्रति समर्पण' भी देखने को मिलता है। इसमें 'अनारकली'कीभूमिकाउनके जीवन  की  5   सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनका लगातार गिरता हुआ स्वास्थ्य उन्हें अभिनय करने से रोक रहा था लेकिन वो नहींं रूकीं। उन्होने इस फ़िल्म को पूरा करने का दृढ निश्चय कर लिया था। फ़िल्म के निर्देशक के. आशिफ़
 फ़िल्म मे वास्तविकता लाना चाहते थे। वे मधुबाला की बीमारी से भी अन्जान थे।उन्होने शूटिंग के लियेअसली 
जंज़ीरों का प्रयोग किया। मधुबाला से स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद भारी जंज़ीरो के साथ अभिनय किया। इन जंज़ीरों से उनके हाथ की त्वचा छिल गयी लेकिन फ़िर भी उन्होने अभिनय जारी रखा। मधुबाला को उस समय न केवल शारीरिक अपितु मानसिक कष्ट भी थे। दिलीप कुमार से विवाह न हो पाने की वजह से वह अवसाद (Depression) से पीड़ित हो गयीं थीं। इतना कष्ट होने के बाद भी इतना समर्पण बहुत ही कम कलाकारों मे देखने को मिलता है।
5 अगस्त 1960 को जब मुगले-ए-आज़म प्रदर्शित हुई तो फ़िल्म समीक्षकों तथा दर्शकों को भी ये मेहनत और लगन साफ़-साफ़ दिखाई पड़ी। असल मे यह मधुबाला की मेहनत ही थी जिसने इस फ़िल्म को सफ़लता के चरम तक पँहुचाया।इस फ़िल्म के लियेउन्हें फ़िल्मफ़ेयर
पुरस्कार के लिये नामित किया गया था। हालांकि यह पुरस्कार उन्हें नहीं मिल पाया। कुछ लोग सन्देह व्यक्त करते है कि मधुबाला को यह पुरस्कार इसलिये नहीं मिल पाया क्योंकि वह घूस देने के लिये तैयार नहीं थी।
इस फ़िल्म की लोकप्रियता के वजह से ही इस फ़िल्म को 2004 मे पुनः रंग भर के पूरी दुनिया मे प्रदर्शित किया गया।
                      💐स्वर्गवास💐
मधुबाला, हृदय रोग से पीड़ित थीं जिसका पता 19503 था। परन्तु यह तथ्य फ़िल्म उद्योग से छुपाया रखा गया। लेकिन जब हालात बदतर हो गये तो ये छुप ना सका। कभी - कभी फ़िल्मो के सेट पर ही उनकी तबीयत बुरी तरह खराब हो जाती थी। चिकित्सा के लिये जब वह लंदन गयी तो डाक्टरों ने उनकी सर्जरी करने से मना कर दिया क्योंकि उन्हे डर था कि वो सर्जरी के दौरान ही मर जायेंगीं। जिन्दगी के अन्तिम ९ साल उन्हे बिस्तर पर ही बिताने पड़े। 23 फ़रवरी 1969 को बीमारी की वजह से उनका स्वर्गवास हो गया। उनके मृत्यु के 2 साल बाद यानि 1971 मे उनकी एक फ़िल्म जिसका नाम जलवा था प्रदर्शित हो पायी थी।
                     💐प्रमुख फिल्में💐 
वर्ष        फ़िल्म।                  चरित्र।           टिप्पणी
1971      ज्वाला
1964     शराबी।                कमला
1962     हाफ टिकट।         रजनी देवी/आशा       1961     बॉयफ्रैंड               संगीता
1960     झुमरू।                अंजना
1961     पासपोर्ट।             रीटा भगवानदास
1960     जाली नोट।            रेनू
1960      महलों के ख़्वाब।    आशा
1960      मुगल-ए-आज़म।    अनारकली
1960      बरसात की रात।     शबनम
1959      दो उस्ताद।     मधुशर्मा/अब्दुल रहमान खाँ
1959      इंसान जाग उठा।     गौरी..
1959      कल हमारा है।         मधु/बेला
1958      बागी।                    सिपाही
1958      हावड़ा ब्रिज।          एदना.
1958     पुलिस।
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 🌻(C) आज के दिन की  की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ🌻
1270- रोम में आज के दिन ही सामाजिक कार्यकर्ता
,पादरी एवम सन्त संत वेलेंटाइन को चोरी छुपे प्रेमी युगल को शादी कराने के आरोप में फांसी की सजा दी गई।
 1537 - गुजरात के बहादुर शाह को पुर्तग़ालियों ने धोखे से गिरफ़्तार करने की कोशिश की और भागने के चक्कर में वह डूब गया ।
 1556 - पंजाब के गुरदासपुर ज़िले के कलानौर में अकबर की ताजपोशी हुई। 1628 - शाहजहाँ आगरा की गद्दी पर बैठा। 
1658 - दिल्ली की सत्ता हथियाने के लिए मुग़ल वंश के आपसी संघर्ष में दारा ने वाराणसी के पास बहादुरपुर की लड़ाई में शुजा को पराजित किया।
 1663 - कनाडा फ़्रांस का एक प्रान्त बना।
 1670 - रोमन कैथोलिक सम्राट लियोपोल्ड प्रथम ने यहूदियाें को वियना से बाहर किया।
 1743 - हेनरी पेलहम ब्रिटेन के वित्त विभाग के पहले प्रमुख बने। 
1846 - क्राको गणराज्य का विद्रोह पूरे पोलैंड में फैल गया। 
1881 - भारत के पहले होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की कोलकाता में स्थापना।
 1899 - अमेरिकी कांग्रेस ने संघीय चुनाव में वोटिंग मशीन के इस्तेमाल को मंजूरी दी। 
1893 - हवाई अमेरिका का हिस्सा बना। 1912 - इंग्लैंड में पहली बार डीजल इंजन वाली पनडुब्बी का जलावतरण किया गया।
 1920 - शिकागो में महिला मतदाता लीग की स्थापना की गयी।
 1931 - महान् क्रान्तिकारी भगत सिंह, राजगुरु तथा सुखदेव को लाहौर के एक जेल में फाँसी दे दी गयी।
 1943 - सोवियत फ़ौजों ने जर्मन फ़ौजों से रोस्तोव पुन: छीन लिया। 
1945 - पेरू, पराग्वे, चिली और इक्वाडोर संयुक्त राष्ट्र के सदस्य बने।
 1958 - ईराक और जार्डन को मिलाकर बने फ़ेडरेशन के मुखिया शाह फ़ैजल बने। 1972 - अमेरिका ने चीन के साथ व्यापार प्रतिबंधों में ढील की घोषणा की।
 1978 - अमेरिका ने मिस्र, सऊदी अरब और इसरायली को अरबों डॉलर के हथियार बेचने की घोषणा की।
 1979 - काबुल में अमेरिकी राजदूत एडोल्फ़ डक्स की मुस्लिम उग्रवादियों द्वारा हत्या।
 1988 - फ़िलिस्तीन मुक्ति संगठन के तीन वरिष्ठ अधिकारी बम विस्फोट से साइप्रस में मारे गए।
 1989 - बेल्जियम के पूर्व प्रधानमंत्री पाल्क वाडेन को एक माह बाद फिरौती देने के बाद छोड़ा गया। उच्चतम न्यायालय ने भोपाल गैस त्रासदी सम्बन्धी याचिका पर सुनवाई बंद की। ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम पर आधारित पहला उपग्रह अंतरिक्ष में पृथ्वी की कक्षा के पास स्थापित किया गया।
 1990 - बंगलौर में इंडियन एयरलाइंस 605 पर सवार 92 लोग विमान दुर्घटना में मारे गये। 
1992 - सोवियत संघ से अलग हुए गणराज्यों में आधे से अधिक ने अलग सेना बनाने की घोषणा की।
 1993 - कपिल देव ने 400 विकेट और 5000 रनों का रिकार्ड बनाया।
 1999 - इम्फाल में पांचवे राष्ट्रीय खेलों की शुरुआत हुई।
 2000 - अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रबंध निदेशक माइकल कैमडेसस ने अपने 13 वर्षीय कार्यकाल के बाद अवकाश ग्रहण किया। 
2001 - अल सल्वाडोर में भूकम्प, 225 मरे। 
2002 - उमर शेख़ ने कहा, पर्ल जीवित नहीं, किन्तु तलाश जारी। 
2003 - श्रीलंका के तेज गेंदबाज चामिंडा वास ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ खेलते हुए आठवें विश्व कप की पहली हैट्रिक बनाई। 2004 - जर्मन निदेशक की 'हेड आन' फ़िल्म को गोल्डन बीयर पुरस्कार मिला।
 2005 - प्रसिद्ध साहित्यकार डाक्टर विद्यानिवास मिश्र की सड़क दुर्घटना में मृत्यु। वीडियो- शेयरिंग वेबसाइट यूट्यूब की शुरूआत हुयी। 
2006 - न्यायाधीशों के विरोध में सद्दाम हुसैन भूख हड़ताल पर गये।
2007 - मध्य प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे श्यामाचरण शुक्ल का निधन हुआ। 2008- नैया मसूद को उनके कहानी संग्रह तऊस चमन की मैना के लिए वर्ष 2007 का 'सरस्वती सम्मान' प्रदान किया गया। सिद्धार्थ सिन्हा की लघु भोजपुरी फ़िल्म उधेड़बुन की प्रतिष्ठित बर्लिन महोत्सव सिल्वरबेयर पुरस्कार प्रदान किया गया। 2009 - सानिया मिर्ज़ा ने पटाया ओपन टेनिस के फाइनल में प्रवेश किया। 
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   💐(D) आज  के दिन जन्मे प्रमुख व्यक्तित्व 💐


1483 - बाबर - मुग़ल सम्राट (मृत्यु- 1530)
1875 - अलेक्जेन्डर मडीमैन - राज्य परिषद के अध्यक्ष थे। 
1885 - सैयद ज़फ़रुल हसन - प्रमुख मुस्लिम दार्शनिक (भारतीय/पाकिस्तानी) (मृत्यु- 1949)
 1925 - मोहन धारिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सामाजिक कार्यकर्ता 
1933 - मधुबाला - भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री (मृत्यु- 1969) 
1952 - सुषमा स्वराज - भारतीय जनता पार्टी की शीर्ष महिला राजनीतिज्ञ।
1962 - सकीना जाफ़री - भारतीय अभिनेत्री 
1938 -कमला प्रसाद-हिन्दी के जाने माने साहित्यकार  
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   💐(E) आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व💐


    सन 1270- में रोम में आज के दिन सामाजिक     
    कार्यकर्ता ,पादरी एवम सन्त संत वेलेंटाइन को चोरी    
    छुपे प्रेमी युगल को शादी कराने के आरोप में फांसी 
   की सजा दी गई।तभी से उनकी याद में वेलेंटाइन डे 
    मनाया जाता है।
    सन 2005  में 14 फऱवरी  के दिन हिन्दी के प्रसिद्ध     
   साहित्यकार और जाने-माने भाषाविद डा.      
   विद्यानिवास मिश्र का भी निधन हुआ था
   सन 2007 में 14 फरवरी के दिन ही मध्य प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे श्यामाचरण शुक्ल का निधन हुआ था। शुक्ल का देश की आजादी में अहम योगदान रहा था। 
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        💐  (F)आज के दिवस का नाम💐


   (1) आज के दिन को वेलेंटाइन डे के रूप में जाना    
        जाता है।
    (2) यु ट्यूब स्थापना दिवस( यु ट्यूब की स्थापना    
         14 फरवरी 2005 में हुई थी)।
    (3) प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेत्री  स्व.मधुबाला जयंती     
         दिवस ।
    (4)प्रसिद्ध भूतपूर्व विदेशमंत्री एवम राजनेत्री 
         स्व.सुषमा स्वराज जयंती दिवस
    (5) मध्यप्रदेश के भूतपूर्व मुख्य मंत्री स्व.श्यामाचरण    
         शुक्ल की पुण्यतिथि दिवस।
   (6)हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध साहित्यकार जाने माने भाषा विद डॉ. विद्यानिवास मिश्र पुण्यतिथि दिवस।
   (7)महान् क्रान्तिकारी भगत सिंह, राजगुरु तथा     
       सुखदेव को लाहौर के एक जेल में फाँसी दे दी 
      गयी थी! उनकी याद में आज के दिवस को शहीद 
      दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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     आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।
💐जय चित्रांश💐
💐जय महाकाल, बोले सो निहाल💐
💐जय हिंद जय भारत💐