विद्युत कर्मियों द्वारा देशभर में कार्य बहिष्कार हड़ताल


      उज्जैन। निजीकरण के विरोध प्रदर्शन को लेकर  देश में समस्त यूनियनों, संघो द्वारा एक दिवसीय कार्य बहिष्कार हड़ताल जारी। मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल अभियंता संघ, यूनाईटेड फोरम उज्जैन एवं अन्य संघठनो के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा काम बंद कर एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया गया। मक्सी रोड़ स्थित विद्युत भवन परिसर में मण्डल एवं कम्पनी के समस्त अधिकारी और कर्मचारी प्रातः 11 बजे से अपने अपने काम बंद कर हड़ताल पर बैठे है, यह देश व्यापी हड़ताल शाम 5 बजे तक जारी रहेगी। जिले के लगभग 600 अधिकारी-कर्मचारी काम बन्द कर धरने पर बैठे है। यदि किसी क्षेत्र में बिजली से सम्बंधित कोई समस्य हो तो विद्युत कर्मी नहीं आएगी। केवल 33 केव्ही और 11 केव्ही उपकेंद्र के कर्मचारी ऑन ड्यूटी रहेंगे। इनके अलावा समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा बिजली सम्बन्धित कोई कार्य नही किया जएगा।



      कार्य बहिष्कार हड़ताल में ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन, विद्युत मण्डल अभियंता संघ, यूनाइटेड फोरम उज्जैन, इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑल इंडिया सहित 6 प्रमुख संगठनों द्वारा हड़ताल। इलेक्ट्रिसिटी एक्ट में निजीकरण को लेकर केंद्र स्तर पर किए जा रहे संशोधन के विरोध में पहली बार देश व्यापी हड़ताल की जा रही है। विद्युत मंडल अभियंता संघ सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारी व अधिकारी तथा कर्मचारी आज शाम 5 बजे तक धरना देंगे। संघ के क्षेत्रीय संयोजक एस.एन.वर्मा ने बताया की बिजली कंपनी के निजीकरण व पुरानी पेंशन बहाली सहित छह मांगों को लेकर आज कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे है। एसई आशीष आचार्य का कहना है की इससे बिजली सप्लाई बाधित नहीं होने दी जाएगी। 



      काम बंद हड़ताल की प्रमुख मांगे : केंद्र सरकार द्वारा इलेक्ट्रिसिटी एक्ट में निजीकरण के लिए संशोधन किया जा रहा है, जिसका बिजली कंपनी के इंजीनियर्स व कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। राज्य विद्युत मंडल के विघटन के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करने, समान कार्य के लिए समान वेतन देने एवं कर्मचारियों के हित को लेकर अन्य मांग की जा रही है।


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