आज की बात आपके साथ - विजय निगम

  प्रिय साथियो,
💐राम-राम 💐
💐नमस्ते।💐


आज की बात आपके साथ मे आप सभी साथीयों का 
दिनांक   07 जनवरी 2020  मंगलवार की प्रातः की बेला में हार्दिक वंदन है अभिनन्दन है।
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आज की बात आपके साथ  अंक मे है 


A कुछ रोचक समाचार 
B आज के दिन जन्मे बॉलीवुड की  प्रसिद्ध अभिनेत्री  रीना रॉय का जीवन परिचय  लेख. ।.
B-1 प्रसिद्ध हास्य कलाकार जॉनी लीवर की कुछ बाते
(C) आज के दिन   की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ
D आज के दिन जन्म लिए महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्व
E आज के निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व।
F आज का दिवस का नाम ।
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              💐 (A) कुछ रोचक समाचार 💐
 💐(A/1)  मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार की खबरों के पीछे ये है असली वजह💐
 💐 (A/2)तनाव के बीच भड़के ट्रंप, कहा- ईरान कभी नहीं हासिल कर पाएगा परमाणु हथियार।💐
💐(A/3) झारखंड की बेटी की यूपी में लग रही थी बोली, मानव तस्कर कलावती समेत 7 गिरफ्तार।💐
(A/4)आमिर खान के चाचा के प्यार में इतनी दीवानी थीं एक्ट्रेस आशा पारेख कि उनके इंतजार में कभी शादी नहीं की।💐
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                 💐 (A) रोचक खबरे 💐
   💐(A/1)  मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार की खबरों के पीछे ये है असली वजह💐
चर्चा है कि जल्द ही मोदी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार होगा. इसमें कुछ मंत्रियों के विभाग बदल सकते हैं और कुछ नई एंट्री हो सकती हैं. क्या है पूरी खबर यहां समझे
पिछले करीब 1 सप्ताह से मोदी मंत्रिमंडल (Modi Cabinet) के विस्तार की चर्चा जोरों पर है. सबसे पहले पटना से खबर आई कि जेडीयू (JDU) मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हो रही है और उसे सरकार में 3 मंत्री पद दिए जा सकते हैं. पटना से आई इस खबर के बाद दिल्ली में भी चर्चा जोरों पर है. मीडिया में आई खबरों की मानें तो सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा के कई पहलू हैं. पहला ये कि आने वाले समय में कई मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, तो कई मंत्रियों के काम का बोझ कम किया जा सकता है साथ ही कई मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है.
दूसरा पहलू ये कि विस्तार में नए सहयोगी दलों को भी जगह मिल सकती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान जैसे बड़े मंत्री जो काम के बोझ से दबे हैं और इनके पास एक से अधिक मंत्रालयों के काम का जिम्मा है, उनसे एक-एक मंत्रालय वापस लिया जा सकता है.
दरअसल, ज्यादा काम का बोझ वरिष्ठ मंत्रियों के काम की रफ्तार पर पड़ रहा है. इन मंत्रियों के पास महत्वपूर्ण मंत्रालय हैं. सरकार इनका काम हल्का कर रुके हुए कामों में तेजी लाना चाहती है. अब जब मीडिया में मंत्रिमंडल विस्तार की इतनी चर्चा है, तो सवाल ये है कि क्या इसकी कोई खास वजह है? और वो भी तब जब सरकार को काम करते हुए अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है.
NDA में क्यों बढ़ रही है सहयोगियों की हैसियत?
2019 के लोकसभा चुनाव को देखें तो बीजेपी भले ही एनडीए का हिस्सा बनकर चुनाव लड़ी थी लेकिन पार्टी को अकेले 303 सीटें मिली जो बहुमत के आंकड़े से करीब 10 फीसदी ज्यादा हैं. बीजेपी चाहती तो अकेले सरकार बना सकती थी लेकिन उसने एनडीए की सरकार बनाई, उसके बाद भी पार्टी के कई सहयोगी दल जैसे शिवसेना, जेडीयू, अकाली दल और लोक जनशक्ति पार्टी को भी उतनी हिस्सेदारी नहीं मिली जिसकी वो उम्मीद कर रहे थे.
शिवसेना ने तो महाराष्ट्र चुनाव के बाद बीजेपी का साथ ही छोड़ दिया और अब एनसीपी-कांग्रेस के साथ सरकार चला रही है. शिवसेना और बीजेपी के बीच मतभेद 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल की सीटों की संख्या पर ही पहली बार सामने आया था. 2019 में मंत्रिमंडल में सीटों की संख्या के कारण ही बीजेपी की दूसरी सबसे पुरानी सहयोगी जेडीयू सरकार में शामिल नहीं हुई. लेकिन एक बार फिर जेडीयू को साथ लाने की बात चल रही है चर्चा है कि जेडीयू को मंत्रिमंडल में 3 बर्थ मिल सकती हैं. ऐसे में सवाल उठाना लाजिमी है कि जिस पार्टी को 2019 में मोदी सरकार में एक से ज्यादा मंत्री पद नहीं मिल रहा था उससे अब तीन मंत्री पद क्यों मिल रहे हैं?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह. इसके पीछे के राजनीतिक कारण को देखें तो 303 सीटों से लोकसभा चुनाव जीतने वाली बीजेपी का 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद हुए विधानसभा चुनाव में सफलता का प्रतिशत बहुत खराब रहा है. लोकसभा चुनाव के बाद हुए विधान सभा चुनाव में हरियाणा में जहां बीजेपी की सीटों की संख्या कम हुई और उसे गठबंधन की सरकार बनानी पड़ी, वहीं महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्य में बीजेपी की सरकार चली गई.
महाराष्ट्र में तो सरकार जाने का कारण मतदाताओं से ज्यादा बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टियों में से एक शिवसेना का रवैया रहा. 2014 और 2019 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री पद को लेकर खराब हुए रिश्ते का असर अब देखने को मिल रहा है, जब मौका मिलते ही शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी जैसे विरोधी विचाराधारा के पार्टियों के साथ चली गई. ऐसे में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व नहीं चाहेगा कि बिहार चुनाव से पहले उसके सबसे पुरानी सहयोगी दलों में से एक जेडीयू से भी उसके रिश्ते खराब हो क्योंकि सीटों के बटवारे को लेकर पार्टी के स्थानीय नेता कई बार आमने-सामने आ चुके हैं.
मंत्रिमंडल विस्तार में जेजेपी को शामिल कर पार्टी हरियाणा में नए सहयोगी को भी अपने साथ मजबूती से बांधे रखना चाहेगी. बीजेपी के एक धड़े का मानना है कि सहयोगी दल केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद राज्य की राजनीति में अचनाक बदली परिस्थितियों के कारण हड़बड़ी में कोई फैसला नहीं केरेगे    इसलिए बीजेपी ने बदली रणनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है पिछले करीब 15 महीने में 5 राज्यों में सरकार गंवाने के बाद बीजेपी ने अपनी रणनीति बदल दी है. पार्टी अपने अब अपने सीमा विस्तार की रफ्तार थोड़ा धीमा कर रही है. BJP राज्यों में सरकार में बने रहना चाहती है क्योंकि महाराष्ट्र और झारखंड की सरकार सहयोगियों से रिश्ता खराब होने के नाते ही गई. जबकि हरियाण में नए सहयोगी के कारण ही बीजेपी सत्ता में बनी रह पाई. जानकारों की मानें तो पार्टी के एक बड़े धड़े का मानना है कि विपक्ष में बैठने से जरूरी सत्ता में हिस्सेदारी है और अगर सहयोगी दलों को कुछ केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह देने और राज्यों के चुनाव में कुछ सीटें देने से पार्टी राज्यों की सत्ता में काबिज रह सकती है तो इसमें कोई बुराई नहीं है. बीजेपी की इस रणनीति से एनडीए और मजबूत होगा जिसका दूरगामी फायदा भारतीय जनता पार्टी को ही मिलेगा।.
 राज्यसभा का गणित भी है एक वजह
हालांकि कुछ लोग भारतीय जनता पार्टी के इस बदले हुए नजरिए के पीछे राज्यसभा के गणित को भी एक बड़ा कारण मान रहे हैं. पार्टी को उम्मीद थी 2020 खत्म होते होते बीजेपी राज्यसभा में बहुमत का आंकड़ा पा लेगी. उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में विधानसभा की 325 सीटें होने के बाद भाजपा को 10 में से करीब 8 सीटें मिलने की उम्मीद है. इसके पहले बीजेपी में कई दूसरी पार्टियों के राज्यसभा सदस्य भी शामिल हुए. ऐसे में उम्मीद थी कि उत्तर प्रदेश के राज्यसभा के चुनाव के बाद बीजेपी राज्यसभा में बहुत में आ जाएगी. लेकिन 5 राज्यों की हार ने बीजेपी के राज्य सभा के गणित को उलटा कर दिया.
साल 2020 में जिन 73 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं उनमें 69 सीटें ऐसी है जो सदस्यों के कार्यकाल पूरा होने से खाली हो रही हैं. जबकि 4 सीटों पहले से खाली हैं. हरदीप पुरी, रामदास आठवले और विजय गोयल का कार्यकाल भी 2020 में खत्म हो रहा है. जिन 73 सीटों पर 2020 में चुनाव होने हैं उनमेंबीजेपी
 अपनी संख्या बढ़ाते हुए नहीं दिख रही है. बिहार की जिन 5 सीटों पर चुनाव होने हैं फिलहाल वहराज्यसभा
 में एनडीए के पास ही हैं।लेकिन विधानसभा का जो
 गणित है वह साफ कर रहा है कि कम से कम 2 सीटें आरजेडी के खाते में जाएंगी. इसी तरह राजस्थान में बीजेपी को 1 सीट का नुकसान हो रहा है।.
अलग-अलग राज्यों के गणित को देखें तो साफ है बीजेपी को उत्तर प्रदेश से फायदा हो रहा है उतना ही 5 राज्यों की हार के बाद नुकसान।. साफ है कि 2020 में बीजेपी अपनी राज्य सभा की वर्तामान सीटों में 83 में एक-दो सीट ही जोड़ पाएगी।. जबकि पार्टी 2014 में पार्टी के रणनीतिकारों को उम्मीद थी कि BJP 2020 में राज्यसभा में 100 का आंकड़ा पार कर जाएगी। जिससे राजसभा में बहुमत का आंकड़ा एनडीए के पास हो जाएगा.। हालांकि वर्तमान आंकड़े के सहारे ही बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने, तीन तलाक, सीएए जैसे बिल पास कराए हैं, लेकिन इन आंकड़ों में उनके सहयोगी दलों का साथ थोड़ा सख्त रहा है।. ऐसे में एक वजह ये भी है कि मंत्रिमंडल के बहाने BJP अपने सहयोगियों को साथ रखे।
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💐 (A/2)तनाव के बीच भड़के ट्रंप, कहा- ईरान कभी नहीं हासिल कर पाएगा परमाणु हथियार।💐
वाशिंगटन;-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा।. इससे पहले ईरान ने कहा था कि वह अब 2015 के अपने परमाणु समझौते का किसी भी सूरत में पालन नहीं करेगा . साथ ही अपना परमाणु कार्यक्रम भी फिर से शुरू करने की बात कही थी।.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा।
ईरान के सैन्य कमांडर के मारे जाने के बाद दोनों देशों में जारी है तनाव।
अमेरिका और ईरान में जारी तनाव को देखते हुए दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध की चर्चा हो रही है.।ईरान के मेजर जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद से ही दोनों देश एक दूसरे को धमकी दे रहे हैं।. एक ओर जहां ईरान अपने सैन्य अधिकारी के मारे जाने का बदला लेने की फिराक में है  तो वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से चेतावनी देना भी जारी है.। उन्होंने सोमवार को ट्वीट करते हुए कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा।
अमेरिका से जारी तनातनी के बीच ही ईरान के सरकारी टीवी में कहा गया था कि ईरान अब 2015 के अपने परमाणु समझौते का किसी भी सूरत में पालन नहीं करेगा ।. साथ ही ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम भी फिर से शुरू करेगा. ईरान के ऐलान के बाद ही डोनाल्ड ट्रंप ने यह बयान दिया है।.
      💐  'बड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा अमेरिका' 💐
ईरान के इस ऐलान के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान अपने शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने की कोशिश करता है तो अमेरिका बड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा और ईरानी सांस्कृतिक स्थलों पर बमबारी की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि इराक अपने देश में अमेरिकी सैन्य बलों को बाहर निकालने को लेकर संसद में पारित प्रस्ताव का पालन करता है तो अमेरिका इराक पर बहुत कड़े प्रतिबंध लगाएगा.
डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी धमकी दी थी कि यदि ईरान अमेरिकी बलों या हितों पर हमला करता है तो उस पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा था कि अमेरिका ईरान में सांस्कृतिक स्थलों को भी निशाना बना सकता है.
            💐  अमेरिका ने दी थी चेतावनी💐
अमेरिका ने पिछले साल खुद को परमाण समझौते से अलग करने बाद तेहरान पर से हटाए गए प्रतिबंधों को फिर से लागू करने की चेतावनी दी थी. वहीं, ईरान के साथ इस परमाण समझौते में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी के अलावा चीन और रूस भी शामिल है
💐🎂💐@🎂💐🎂💐🎂#💐🎂💐#🎂💐💐(A/3) झारखंड की बेटी की यूपी में लग रही थी बोली, मानव तस्कर कलावती समेत 7 गिरफ्तार।💐
रांची : झारखंड की राजधानी रांची से 15 किलोमीटर दूर स्थित पिस्का नगड़ी की एक बेटी की उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में खुलेआम बोली लगायी जा रही थी।. 20 साल से 80 साल तक की उम्र के लोग 16 वर्ष की किशोरी की कीमत लगान के लिए जुटे थे।. 50 हजार रुपये से बोली शुरू हुई, जो 80 हजार रुपये तक पहुंची . जो भी बोली लगाता, वह उस किशोरी को छूता. छूते ही वह रोने लगती . रो-रोकर उसकी आंखें लाल हो गयी.।
इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दी. जैसे ही पुलिस वहां पहुंची, मौजूद लोगों में भगदड़ मच गयी. सारे खरीदार भाग गये. 2 महिला समेत 7 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. किशोरी को भी पुलिस अपने साथ ले गयी. महिला सेल में वह अपने परिजनों का इंतजार कर रही है. बुलंदशहर के अहमदगढ़ के थाना प्रभारी धनेंद्र यादव ने बताया कि 16 साल की इस किशोरी को उसकी सौतेली मां ने पिस्का नगड़ी की महिला कलावती के हाथों 50 हजार रुपये में बेच दिया.
कलावती उसे लेकर नौरंगाबाद गांव पहुंची।. यहीं उसने उसकी बोली लगवायी।. किशोरी की कीमत जब 80 हजार रुपये तक लग गयी,। तब पुलिस वहां पहुंची. पुलिस ने यहां से कलावती, खुर्जा की रहने वाली राजेश देवी समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।. इसमें धीरेंद्र, औरंगाबाद के गांव गंगाहारी निवासी जितेंद्र, इंद्र सिंह, अहमदगढ़ के नौरंगाबाद निवासी महेंद्र शामिल हैं. यहां से 12 हजार रुपये भी पुलिस ने बरामद किये.।
      दरोगा रामगोपाल की तहरीर पर सभी 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है ।. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कलावती नौरंगाबाद के महेंद्र के घर लड़की लेकर पहुंची ।. आसपास खबर भेजी गयी, तो लड़की देखने और खरीदने वालों की भीड़ जुट गयी.। लाइन लगी, जिसका नंबर आता, वह रुपये बोलता और लड़की से बात करता ।. लड़की को जब पता चला कि उसकी बोली लगायी जा रही है, तो उसकी आंखों से आंसुओं की धार बहने लगी।. लेकिन, किसी को उस पर तरस नहीं आया।. 
रांची की रहने वाली यह कलावती कई लड़कियों को उत्तर प्रदेश में बेच चुकी है.। वह झारखंड के अलग-अलग इलाकों से 30-50 हजार रुपये में लड़कियां खरीदती है । और उत्तर प्रदेश के बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ और बुलंदशहर जैसे इलाकों में एक लाख रुपये तक में बेच देती है।.
कलावती को झारखंड पुलिस ने वर्ष 2018 में ऐसे ही एक मामले में गिरफ्तार किया था।. उसे रांची महिला थाना के हवाले कर दिया गया था . तब उसने जिस नाबालिग को शिकार बनाया था, वह नगड़ी की रहने वाली नहीं थी . वहां किराये के एक मकान में रहती थी.
 झारखंड से हर साल हजारों बच्चियों और महिलाओं की तस्करी होती है.। आमतौर पर यहां की लड़कियों और महिलाओं को दिल्ली में बड़े घरों में काम करने के लिए बेचा जाता है।, लेकिन यह अपनी तरह का अलग ही मामला है।. सरकार और पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद झारखंड में मानव तस्करों का यह खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
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💐(A/4)Aamir Khan के चाचा के प्यार में इतनी दीवानी थीं एक्ट्रेस Asha Parekh कि उनके इंतजार में कभी शादी नहीं की।💐
70 और 80 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस आशा पारेख के आज भी लाखों दीवाने हैं, भले ही आज वो फिल्मों से दूर हैं लेकिन अक्सर अवार्ड फंक्शन और इवेंट में स्पॉट की जाती हैं।
Bollywood में अपनी अदाकारी और खूबसूरती से हर किसी को अपना दीवाना बनाने वाली मशहूर एक्ट्रेस आशा पारेख (Asha Parekh)  के आज भी लाखों फैंस हैं। 60 और 70 के दशक में आशा जी इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रे्स में से एक थीं। हर कोई उनके पीछे दीवाना था और वो किसी एक के प्यार में पागल थीं। आज की इस स्पेशल स्टोरी में हम आशा पारेख की प्रेम कहानी के बारे में बात करेंगे।
बॉलीवुड हसीना आशा पारेख ने बॉलीवुड में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर अपना फिल्मी सफर शुरू किया। फिल्म का नाम था 'आसमान' जो साल 1952 से की थी। जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने लगभग 80 से ज्यादा फिल्मों में लीड एक्ट्रेस के तौर पर काम किया। उनकी सभी फिल्मों को दर्शकों ने झोली भर-भरके प्यार दिया।
वहीं बात करें उनकी पर्सनल लाइफ की तो उन्होंने आज तक शादी नहीं की। लेकिन उनके और डायरेक्टर नासिर हुसैन (Nasir Hussain) के अफेयर के चर्चे फिल्मी गलियों में खूब हुए। आपको बता दें कि निर्देशक नासिर हुसैन आमिर खान (Aamir Khan) के चाचा हैं। नासिर हुसैन और आशा पारेख एक-दूसरे से बेहद प्यार करते थे लेकिन दोनों का रिश्ता शादी तक नहीं पहुंच पाया। आशा जी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि- मैं ऐसा कभी नहीं चाहती थीं कि नासिर कभी भी अपनी फेमिली से दूर हों और इसी वजह से हम शादी नहीं कर पाए। नासिर हुसैन से अलग होने के बाद आशा जी ने कभी शादी नहीं की। इसके पीछे एक और बात ये थी कि आशा पारेख अपने दौर में ऐसे मुकाम पर पहुंच गई थी जहां तक पहुंचना हर किसी के बस्की बात नहीं थी शायद इसीलिए लोग उनके पास आने और उनका हाथ मांगने से घबराते थे।
आशा पारेख ने कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया वहीं फिल्म 'कटी पतंग' के रिलीज के 10 साल के बाद साल 1971 में इसी फिल्म के लिए आशा पारेख को बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था। इसके अलावा फिल्मों में उनक योगदान के लिए साल 2002 में उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया।
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   💐आज के दिन जन्मी प्रसिद्ध भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री रीना रॉय का जीवन परिचय एवम लेख💐


रीना रॉय (जन्म: 7 जनवरी, 1957) हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री हैं। उन्होंने 1972 से 1985 तक कई फिल्मों में प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं और उस युग की एक प्रमुख अभिनेत्री थीं। वह अपने समय की सबसे अधिक कमाई वाली अभिनेत्री में से एक थीं। उन्हें हिन्दी सिनेमा में उनके योगदान के लिए शर्मिला टैगोर के साथ 1998 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। वह सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार की प्राप्तकर्ता हैं, जो उन्हें फिल्म अपनापन (1977) में उनके प्रदर्शन के लिए दिया गया थाउन्हें नागिन1976) 
और आशा(1980) के लिए फिल्म फेयर  सर्वश्रेष्ठ
 अभिनेत्री पुरस्कार के लिए नामांकन मिला था।
                        💐 रीना रॉय💐
व्यक्तिगत जीवन:-उनकी दो और बहनें हैं, बरखा और अंजू और एक भाई राजा है।1983 में, अपनी प्रसिद्धि की ऊँचाई पर,रीना रॉय ने पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी
 मोहसिन खान से शादी करने के लिए फिल्म उद्योग छोड़ने का फैसला किया। बाद में दोनों ने तलाक ले लिया। रीना ने शुरू में तलाक में अपनी बेटी सनम की कस्टडी खो दी थी। उनके पूर्व पति के पुनर्विवाह करने के बाद, रीना को उनकी बेटी की कस्टडी मिल गई।[1]
                          💐  करियर💐
फिल्मों में रीना रॉय के करियर की शुरुआत नई दुनिया नये लोग से एक और नवागंतुक डैनी डेन्जोंगपा केसाथ
हुई।लेकिन इस फिल्म कोअस्थायी रूप से बंद करदिया 
गया। दोनों अभिनेताओं को फिर से जरूरत (1972) में, एक और नवागंतुक विजय अरोड़ा के साथ लिया गया। इसअवधि के दौरानउनको जैसे कोतैसा (1973) से पहचान मिली।
         💐 1976 वह वर्ष था जिसने रीना💐 को नागिन और कालीचरण (1976) के साथ प्रमुख सफलता दिलाई।[2] सुभाष घई, असफल अभिनेता, अपने निर्देशनकी शुरुआत कर रहे थे,और शत्रुघ्नसिन्हा
वह अभिनेता जो अपनी खलनायक भूमिकाओं केलिए 
जाने जाते थे, नायक के रूप में अपनी पहली पहचान बना रहे थे।लेकिन फिल्म ने सभी की उम्मीदों पर पानी 
फेर दिया और आश्चर्यजनक रूप से हिट बन गई। रीना और शत्रुघ्न ने अपने अच्छे प्रदर्शन के लिए दर्शकों का ध्यानगGआकर्षित कियाऔर उन्होंने सुभाष घई की
 विश्वनाथ (1978), जैसी कई फिल्मों को एक साथ किया। प्रेस ने उनके रिश्ते को भी प्रचारित किया, जो तब समाप्त हुआ जब 1981 में शत्रुघ्न ने पूनम सिन्हा नाम की एक पूर्व अभिनेत्री से शादी की। V
                     💐  प्रमुख फिल्में💐
वर्ष         फ़िल्म          चरित्र।                     टिप्पणी।
2000   रिफ्युज़ी
1999  गैर।             शारदाओबेरॉय
1996  अजय।            दुर्गा
1996  राजकुमार
1995  कलयुग के अवतार    रीना   व          
1999  जनमकुंडली          रीटामेहरा
1993  आदमी खिलौना है   गंगा वर्मा
1993  बेदर्दी               प्रीति सक्सेना
1988  दो वक्त की रोटी
1986  मंगल दादा             लक्ष्मी
1985 काली बस्ती
1985 एक चिट्ठी प्यार भरी आरती सक्सेना
1985 हम दोनों             रानी
1985 गुलामी।           
1985 नया बकरा।     
1984 यादों की ज़ंजीर     ऊषा
1984आशा ज्योति।       आशा
1984 माटी माँगे खून।   शारदा
1984 राज तिलक।        मधुमती
1983 अर्पण                 शोभा
1983 नौकर बीवी का    संध्या
1983 प्रेम तपस्या।        देवी
1983अंधा कानून     मीना श्रीवास्तव।
1982 सनम तेरीकसम।  निशा
1982 हथकड़ी।           रोज़ी
1982 दर्द का रिश्ताआशा
1982 मैं इन्तकाम लूँगी।   माला बाजपेयी 
1982 जीओ और जीने दो   रेनू
1982 कच्चे हीरे।            रानी
1982 इंसान।                सोना
1982 भागवत।           
1982  बदले की आग।   गीता
1982 धर्म काँटा।         बिजली
1982       दीदार-ए-यार
1981     बेज़ुबान।          कल्पना
1981    लेडीज़ टेलर
1981    धनवान             आशा
1981   प्यासा सावन    मनोरमा
1981    रॉकी।             लाजवंती (लच्छी)
1981     जय यात्रा
1981    विलायती बाबू।   बिल्लो
1981     नसीब।              जूली
1980     ख़ंजर।             निशा/प्रीती
1980     आशा।              आशा
1980     यारी दुश्मनी
1980    गंगा और सूरज।     पूनम
1980    बेरहम।             किरन
1980    ज्वालामुखी       अंजू
1980   सौ दिन सास के    दुर्गा
1979    मुकाबला।
1979   गौतम गोविन्दा   नर्तकी
1979   जानी दुश्मन।
1978   डाकू और जवान  गंगा।
1978    विश्वनाथ          सोनी
1978   चोर हो तो ऐसा    चंपा
1978   बदलते रिश्ते     सावित्री
1978  आखिरी डाकू
1978   कर्मयोगी।          किरन।
1977  सत श्री अकाल।
1977    जय विजय।
1977      ज़मानत।।
1977  जाग्रति।              बर्खा
1977    जादू टोना।       वर्षा।
1977   टैक्सी टैक्सी         नीलम।
1977    अपनापन।        कामिनी अग्रवाल
1977   पापी                 आशा
1976   गुमराह।            रीना
1976  उधार का सिंदूर      रेखा
1976  बारूद                सपना।
1976  नागिन।                ।
1975  अपने दुश्मन
1975   ज़ख्मी।       निशा गाँगुली
1975    उमर कैद
1975   रानी और  लालपरी
1974   मदहोश
1973   जैसे को तैसा।       रूपा
1972    जंगल में मंगल।   लीला
               नामांकन और पुरस्कार
              फ़िल्मफ़ेयर  पुरस्कार
1979 - फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कार - अपनापन
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   💐(B/2) प्रसिद्ध हास्य कलाकार कॉमेडियन जॉनी लीवर का जीवन परिचय ,एव विवरण 
एक समय था जब जोनी लिवर तिरंगे का अपमान करने पर  को हुई थी जेल💐
कॉमेडियन जॉनी लीवर का बचपन बेहद तंगी में बीता. उनके हालात इतने खराब थे कि फीस न भर पाने के कारण उन्‍हें स्‍कूल से निकाल दिया गया था. इसके बाद उन्होंने कई स्तर पर संघर्ष किया. उनका असली नाम जॉन प्रकाश राव जानूमला था।.गोविंदा जैसे कलाकारों के साथ बेहतरीन कॉमिक जोड़ी बनाने वाले कॉमेडियन जॉनी लीवर का 14 अगस्त को जन्मदिन है. जॉनी का बचपन बेहद तंगी में बीता. उनके हालात इतने खराब थे कि फीस न भर पाने के कारण उन्‍हें स्‍कूल से निकाल दिया गया था. इसके बाद उन्होंने कई स्तर पर संघर्ष किया. उनका असली नाम जॉन प्रकाश राव जानूमला था. हिंदुस्तान लीवर में काम करने के कारण उनका नाम जॉनी लीवर पड़ गया.1999 में एक निजी समारोह में तिरंगे झंडे का अपमान करने के कारण जॉनी लीवर को सात दिन की सजा सुनाई गई थी. इसके बाद जॉनी ने माफी मांगी और उनकी सजा घटाकर एक दिन कर दी गई.एक दौर ऐसा भी था जब जॉनी की लाइफ पूरी तरह बदल गई थी. जॉनी लीवर ने अपने अंदर आए इस बदलाव की वजह बताते हुए कहा था, मैं रोमन कैथोलिक हूं और हमेशा से एक धार्मिक इंसान रहा हूं पर एक घटना ने मुझे बदल डाला था. मेरे बेटे को थ्रोट ट्यूमर था. जिसके चलते मैं अपना पूरा समय ईश्‍वर की प्रार्थना में लगाने लगा था. फिर दस दिन बाद मैं बेटे को डॉक्‍टर के पास टेस्‍ट के लिए ले गया. डॉक्‍टर ने बताया कि मेरे बेटे का ट्यूमर खत्म हो गया है. यही से मेरे जीवन में ईश्वर के प्रति आस्था काफी गहरी हो गई थी.गौरतलब है कि जब जॉनी के बेटे को कैंसर था तो टेंशन की वजह से उन्हें फिल्में भी छोड़ दी थीं।.
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    💐(C) आज के दिन 7 जनवरी की महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएँ💐


1761 - पानीपत की तीसरी लड़ाई में अफ़ग़ान शासक अहमद शाह अब्दाली ने मराठों को हराया।
1789 - अमेरिकी जनता ने जाॅर्ज वाशिंगटन को देश का पहला राष्ट्रपति चुनने के लिए मतदान किया।
1859 - सिपाही विद्रोह में संलिप्तता के मामले में मुग़ल सम्राट बहादुरशाह ज़फर (द्वितीय) के ख़िलाफ़ सुनवाई शुरू।
1929 - मदर टेरेसा ने कलकत्ता पहुंचकर ग़रीब और बीमार लोगों के लिए चिकित्सा कार्य शुरु किया।
1953 - अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने हाइड्रोजन बम बनाने की घोषणा की।
1959 - संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्यूबा में फिदेल कास्त्रो की नई सरकार को मान्यता प्रदान की।
1972 - स्पेन के इबीसा क्षेत्र में विमान दुर्घटना में चालक दल के छह सदस्यों समेत 108 यात्रियों की मौत।
1980 - भारी बहुमत के साथ इंदिरा गांधी की सत्ता में वापसी।
1987 - कपिल देव ने टेस्ट क्रिकेट में तीन सौ विकेट पूरे किये।
1989 - जापान के सम्राट हिरोहितो का देहावसान, आकिहितो नये सम्राट घोषित।
1999 - अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के विरुद्ध महाभियोग की कार्रवाही शुरू।
2000 - जकार्ता (इंडोनेशिया) में 10 हज़ार मुसलमानों ने मोलुकस द्वीप समूह में ईसाईयों के विरुद्ध जेहाद की घोषणा की।
2003 - जापान ने विकास कार्यों में मदद के लिए भारत को 90 करोड़ डालर की मदद की घोषणा की।
2008 -
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने विनोद राय को नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक के पद की शपथ दिलाई। भारत व मलेशिया वायुसेना के पायलटों और युद्धपोतों के कर्मियों के प्रशिक्षण समेत रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए।
जार्जिया में नेल मिखै साकाश विली को पुन: देश का राष्ट्रपति चुना गया।
2009 - आई टी कम्पनी सत्यम के चेयरमैन रामालेंगम राजू ने अपेन पद से इस्तीफ़ा दिया।
2010 - जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर एक होटल में छिपे आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच लगभग 22 घंटे लंबी मुठभेड़ दो आतंकवादियों के मारे जाने के साथ ख़त्म हो गयी।
2015 - पेरिस में दो बंदूकधारियों ने ‘चार्ली आब्दो’ पत्रिका के कार्यालय पर हमला किया जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य लोग घायल हो गए।
यमन की राजधानी सना में एक पुलिस कॉलेज के बाहर हुए कार बम धमाके में 38 लोगों की मौत और 63 से अधिक लोग घायल।
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       💐(D)आज के दिन 7 जनवरी को जन्मे  प्रसिद्ध महत्वपूर्ण व्यक्तित्व💐


1981 - कृष्णन शशिकिरण - भारत के जानेमाने शतरंज खिलाड़ी हैं।
1979 - बिपाशा बसु - हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री
1961 - सुप्रिया पाठक, भारतीय अभिनेत्री
1957 - रीना रॉय - हिन्दी फ़िल्मों की अभिनेत्री
1950 - शांता सिन्हा - अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बालश्रम विरोधी भारतीय कार्यकर्ता हैं।
1950 - जॉनी लीवर - हिन्दी फ़िल्मों के हास्य अभिनेता
1947 - शोभा डे, भारतीय लेखक
1922 - पियरे रामपाल, फ्रांसीसी बाँसुरी वादक
1893 - जानकी देवी बजाज - गाँधीवादी जीवन शैली की कट्टर समर्थक थीं।
1851 - जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन - प्रसिद्ध इतिहासकार, अंग्रेज़ी साहित्यकार तथा अन्वेषक।
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       💐 (E)आज के दिन 7  जनवरी को  निधन हुवे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व 💐
      
2017 - मारियो सोरेस - पुर्तग़ाल के पूर्व राष्ट्रपति
1966 - बिमल राय - हिन्दी फ़िल्मों के एक महान् फ़िल्म निर्देशक।
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           ( F) आज के दिवस का नाम
     1.   स्व.बिमलरोय पुण्यतिथि दिवस
     2.   रीना रॉय जन्म दिवस
     3    जानकीदेवी बजाज जयंती
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    आज की बात -आपके साथ" मे आज इतना ही।कल पुन:मुलाकात होगी तब तक के लिये इजाजत दिजीये।
      आज जन्म लिये  सभी  व्यक्तियोंको आज के दिन की बधाई। आज जिनका परिणय दिवस हो उनको भी हार्दिक बधाई।  बाबा महाकाल से निवेदन है की बाबा आप सभी को स्वस्थ्य,व्यस्त मस्त रखे।
💐।जय चित्रांश।💐
💐जय महाकाल,बोले सो निहाल।💐6जय हिंद जय भारत


   💐 निवेदक;💐-


  💐 चित्रांश -विजय निगम💐


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