शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर आधार प्रमाणीकरण से राशन का वितरण

      उज्जैन। राज्य सरकार पिछले एक वर्ष के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उज्जैन जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 681 शासकीय उचित मूल्य दुकानों का संचालन किया जा रहा है। जिले के अधिकांश शासकीय उचित मूल्य दुकानों में पॉइन्ट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से आधार प्रमाणीकरण के द्वारा राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक का उपयोग करने से पात्र व्यक्तियों तक  राशन पहुंच रहा है। यही नहीं जिले में पिछले एक वर्ष में 88 दुकानविहीन ग्राम पंचायतों में पात्र संस्थाओं अथवा महिला स्व-सहायता समूह को दुकान आवंटित की गई है। उल्लेखनीय है कि जिले में आधार प्रमाणीकरण से औसतन 80 प्रतिशत राशन सामग्री वितरित की जा रही है। पोर्टेबिलिटी के तहत कोई भी पात्र हितग्राही किसी भी उचित मूल्य दुकान से माह की आवंटित खाद्यान्न सामग्री प्राप्त कर सकता है।


      राज्य शासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए जिला स्तर एवं विकास खण्ड स्तर पर सतर्कता समितियों का गठन कर दिया है। उज्जैन जिले में घट्टिया क्षेत्र के विधायक श्री रामलाल मालवीय इस समिति के अध्यक्ष हैं। श्री मालवीय की अध्यक्षता में बैठकें आयोजित कर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार के कई उपयोगी सुझाव दिये गये हैं। इनमें मैदानी अधिकारियों को नियमित भ्रमण करने, शासकीय उचित मूल्य दुकानों में आवश्यक सूचना प्रदर्शित करने के लिये सूचना पटल लगाये जाने के लिये कहा गया है। ऐसे पात्र हितग्राही जिनको किसी कारणवश पॉइन्ट ऑफ सेल में आधार प्रमाणीकरण नहीं होने की स्थिति में राशन नहीं मिल रहा है, उनको नॉमिनी बनाकर राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है। राज्य शासन के निर्देश अनुसार शासकीय उचित मूल्य दुकानों को आवंटन अनुसार खाद्यान्न सामग्री का भण्डारण प्रत्येक माह की एक से 21 तारीख तक अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है।


गेहूं उपार्जन वर्ष 2019-20


      जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि रबी विपणन वर्ष 2019-20 के तहत राज्य सरकार के निर्देश पर गेहूं उपार्जन के लिये 123 उपार्जन केन्द्र खोले गये थे। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने के लिये 68 हजार 263 कृषकों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से 27 हजार 613 किसानों ने एक लाख 97 हजार 196 मैट्रिक टन समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय किया। समर्थन मूल्य पर विक्रय किये गये गेहूं की राशि 326 करोड़ 92 लाख किसानों को सीधे उनके खातों में की गई है। यही नहीं 77 उपार्जन केन्द्र गोदाम स्तर पर भी खोले गये थे, जहां पर उपार्जन किया गया, जिससे परिवहन तथा भण्डारण में होने वाले व्यय को रोका गया।


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