भोपाल में नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध





  • धारा 144 लागू होने के बाद जमीअत उलमा-ए-हिंद ने जगह बदल मस्जिद में रखा विरोध

  • शासन के निर्देश पर जियो ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं

  • विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्राइवेट स्कूलों में हुआ अर्द्ध अवकाश


     भोपाल। राजधानी में एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) और सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) के विरोध में जमीअत उलमा-ए-हिंद के तत्वाधान में जुमे की नमाज अदायगी के बाद हजारों की संख्या में लोग इकबाल मैदान में जुट गए। वह नारे लगा रहे हैं और पोस्टर लिए हुए हैं। विरोध प्रदर्शन पहले इकबाल मैदान में होना था, लेकिनधारा 144 में लागू होने की वजह से जगह बदल करतरजुमे वाली मस्जिद में सभा की गई। वहीं प्रशासन के निर्देश पर जियो ने अपनी इंटरनेट सेवाएं अगले आदेश तक के लिए बंद कर दी हैं।




      जुमा की नमाज के बाद बाहर निकले हजारों लोग नारेबाजी करते हुए इकबाल मैदान की तरफ चलने लगे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है, हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्वक किया जा रहा है।इधर विरोध प्रदर्शन को देखते हुएशहर के ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों ने एहतियातन हाफ डे कर दिया गया है। वहीं इकबाल मैदान में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।




      यह जानकारी देते हुए संस्था के महामंत्री साहबजादा अब्दुल रशीद खान ने गुरुवार को चर्चा में कहा कि कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल रज्जाक खान एवं पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी होंगे, जबकि सभी वर्गों की शख्सियतों को भी आमंत्रित किया है। यहां दिल्ली स्थित जामिया मिलिया के विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज की भी भर्त्सना भी की जाएगी। दो दिन पहले ही इकबाल मैदान में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने विरोध प्रदर्शन रखा था, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी पहुंचे थे। यहां पर हजारों लोग एकत्र हुए थे और सभी ने नागरिकता संशोधन कानून को मप्र में लागू नहीं करने की बात कही थी।




      भोपाल में लगी धारा 144 : सीएए के स्थानों पर प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य प्रदेश में भी ऐहतियातन राजधानी भोपाल समेत 40 से ज्यादा जिलों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए भोपाल में दो महीने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है, इससे 5 या उससे ज्यादा लोग एक जगह एकत्र नहीं हो सकेंगे।धारा-144 दो महीने तक 18 फरवरी 2020 तक लागू रहेगी।




      एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भोपाल समेत पूरे राज्य में पुलिस प्रशासन नजर रखे हुए है। संवेदनशील माने जाने वाले जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और ऐहतियातन अन्य उपाय भी किए गए हैं। शुक्रवार दोपहर तक राज्य में कहीं से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।अधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है और आपत्तिजनक पोस्ट डालने तथा अफवाह फैलाने वालों की पहचान की व्यवस्था की गयी है। ऐसा करते हुए पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।