भारतीय आई बी जी सैनिको की पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनाती


सेना का इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (आइबीजी) आदेश के 12 घंटे के भीतर ही दुश्मन को घर में घुसकर ढेर कर देगा। यह इसकी विशेष दक्षता में शामिल है। प्रतिरक्षा हो या आक्रमण, युद्ध जैसी किसी भी स्थिति से तुरंत निबटने में यह दस्ता हर क्षण तत्पर रहेगा।


इस माह के अंत तक जम्मू से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास इसकी तैनाती होने जा रही है। जिसके बाद लद्दाख, पूर्वोतर और राजस्थान में भी चरणबद्ध तैनाती होगी। 


यह महज विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कमांडोज का दस्ता मात्र नहीं, बल्कि पैदल सेना, टैंक, तोपखाना, वायु रक्षा, संचार और युद्धकौशल के तमाम अत्याधुनिक हथियारों से लैस पूरी यूनिट है। दुश्मन की हर चाल को विफल बनाने की हरसंभव क्षमता-योग्यता इसमें निहित है।


इसीलिए इसे इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप यानी एकीकृत युद्धक समूह कहा गया है। आवश्यकता पड़ते ही तुरंत धावा बोल देना इसकी सबसे बड़ी खूबी है। यानी तैयारी या रणनीति बनाने के लिए कोई अतिरिक्त समय की इसे आवश्यकता नहीं पड़ेगी, बस आदेश मिलने की ही देर रहेगी


अधिकारियों के अनुसार जम्मू में तैनात किए जाने वाले पहले बैटल ग्रुप को हिमाचल प्रदेश के योल स्थित सेना की सबसे युवा कोर कोर-9 के अधीन तैयार किया गया है। इस ग्रुप की ऑपरेशनल जिम्मेदारियों का प्रशिक्षण और पुष्टि हो चुकी है। इसका लक्ष्य सेना को बदलती चुनौतियों और सीमापार से बढ़ते खतरों के मुताबिक पूरी तरह समर्थ बनाया जाना है।


बता दें कि इस ग्रुप के गठन को बीते साल सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी। इसे सेना के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। जम्मू से सटी सीमा पार पाकिस्तानी सेना ने करीब छह माह से अपने टी-80यू टैंक के साथ रेजीमेंट और अल-खालिद ब्रिगेड को तैनात रखा हुआ है। उसने यह टैंक अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 50-60 किलोमीटर दूर अलर्ट पर रखे हैं। ऐसे में पाकिस्तान की साजिश के मुकाबले के लिए यह दस्ता तैयार रहेगा